बस्तर के पुजारी कांकेर के जंगलों में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, माओवादी ठिकाने से BGL के 143 राउंड बरामद.Major Security Forces Operation in Bastar’s Pujari Kanker Forests, 143 Barrel Grenade Launcher Rounds Recovered from Maoist Dump. बस्तरस्य पुजारी कांकेर-अरण्ये सुरक्षाबलानां महती सफलता, माओवादिनां गुप्तभण्डारात् बैरल-ग्रेनेड-लॉन्चरस्य १४३ गोलकाः प्राप्ताः

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों को माओवादियों के खिलाफ अभियान में एक और बड़ी सफलता मिली है। उसूर थाना क्षेत्र के पुजारी कांकेर के जंगलों और पहाड़ी इलाके में संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाकर जवानों ने माओवादियों के गुप्त डंप का खुलासा किया है। तलाशी अभियान के दौरान छिपाकर रखी गई सामग्री बरामद की गई है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों को खुफिया तंत्र से इनपुट मिला था कि पामेड़ एरिया कमेटी से जुड़े अज्ञात माओवादियों ने पुजारी कांकेर कैंप से करीब पांच किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित पहाड़ी इलाके में बड़ी मात्रा में हथियार और संदिग्ध सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने इलाके में सुनियोजित तरीके से व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू करने की रणनीति तैयार की।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन में सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के जवानों की टीम भी शामिल रही।
यह संयुक्त अभियान आईजी सेक्टर छत्तीसगढ़ केके कबीब के दिशा-निर्देश और डीआईजी ऑप्स रेंज बीएस नेगी के मार्गदर्शन में चलाया गया। अभियान के दौरान 196वीं वाहिनी सीआरपीएफ और 208वीं कोबरा वाहिनी के जवानों की संयुक्त टीम ने कमांडेंट कुमार मनीष के नेतृत्व में पुजारी कांकेर के आसपास के घने जंगलों में मोर्चा संभाला। सुरक्षा बलों ने पूरी मुस्तैदी और सतर्कता के साथ जंगल के चप्पे-चप्पे की बारीकी से तलाशी ली।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने माओवादी डंप से 143 बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) राउंड और एक सिंटेक्स पानी की टंकी बरामद की
सघन तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल में माओवादियों का एक संदिग्ध डंप मिला। जवानों ने मौके पर पहुंचकर उसकी गहन जांच की, जिसमें बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और अन्य सामान बरामद हुआ। तलाशी के दौरान कुल 143 बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) राउंड और एक सिंटेक्स टंकी मिली। सुरक्षा बलों ने पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ बरामद सभी सामग्रियों को अपने कब्जे में ले लिया।
बरामद सामग्री को आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस थाना उसूर के सुपुर्द कर दिया गया।
अभियान के दौरान जब्त की गई सभी विस्फोटक सामग्रियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए थाना उसूर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस मामले की जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस संयुक्त अभियान की सफलता से इलाके में माओवादी गतिविधियों पर लगाम लगाने और उनके नेटवर्क को कमजोर करने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
English
Security forces have achieved another major success in the anti-Maoist operation in Chhattisgarh’s Bijapur district. During a joint search operation in the forest and hilly terrain of Pujari Kanker under Usur police station limits, personnel uncovered a hidden Maoist dump.
According to available information, security forces received intelligence inputs that unidentified Maoists associated with the Pamed Area Committee had concealed a large quantity of weapons and suspicious materials in a hilly area, approximately five kilometres northwest of Pujari Kanker Camp. Acting on this specific intelligence, security personnel, under the guidance of senior officers, planned and launched an extensive search operation in the area.
Personnel from the CRPF and CoBRA battalion were also part of the joint search operation.
The entire operation was conducted under the directions of IG Sector Chhattisgarh K.K. Kabib and the guidance of DIG Operations Range B.S. Negi. During the mission, a joint team comprising personnel from the 196th Battalion of the CRPF and the 208th CoBRA Battalion took charge of the dense forests surrounding Pujari Kanker under the leadership of Commandant Kumar Manish. Security personnel carried out a thorough search of the area, maintaining strict vigilance throughout the operation.
During the search operation, security forces recovered 143 BGL (Barrel Grenade Launcher) rounds and a Sintex water tank from the Maoist dump.
During the intensive search operation, security personnel discovered a suspected Maoist dump in the forest. A thorough inspection of the site led to the recovery of a large quantity of explosive materials and other items. The recovered items included 143 BGL (Barrel Grenade Launcher) rounds and one Sintex water tank. Security forces carefully secured and took possession of all the recovered materials.
The recovered materials were handed over to Usur Police Station for further legal proceedings.
All explosive materials recovered during the operation have been handed over to Usur Police Station for further legal proceedings. The local police are conducting the necessary investigation and taking appropriate legal action. Security agencies believe that the success of this joint operation will significantly help curb Maoist activities in the region and weaken their operational network.
संस्कृति
छत्तीसगढस्य बीजापुरजनपदे माओवादिविरुद्धाभियाने सुरक्षाबलानां पुनः महती सफलता प्राप्ता। उसूर-आरक्षिकेन्द्रान्तर्गतस्य पुजारी कांकेर-वनपर्वतीयक्षेत्रे संयुक्तान्वेषणाभियानं सञ्चालय्य सुरक्षाकर्मिभिः माओवादिभिः गुप्तरूपेण स्थापितः सामग्रीसञ्चयः अनावृतः।
प्राप्तसूचनानुसारं सुरक्षाबलानां गुप्तचरविभागेन सूचना प्राप्ता यत् पामेड-क्षेत्रसमित्या सम्बद्धाः अज्ञाताः माओवादीजनाः पुजारी कांकेर-शिबिरात् प्रायः पञ्चकिलोमीटरमिते उत्तरपश्चिमदिशि स्थिते पर्वतीयक्षेत्रे बहुसंख्याकानि शस्त्राणि सन्दिग्धसामग्रीश्च गुप्तरूपेण स्थापितवन्तः। अस्याः विश्वसनीयसूचनायाः आधारेण वरिष्ठाधिकारिणां मार्गदर्शने सुरक्षाबलैः तस्मिन् क्षेत्रे सुव्यवस्थितं व्यापकं च अन्वेषणाभियानं सञ्चालयितुं निर्णयः कृतः।
संयुक्तान्वेषणाभियाने केन्द्रीयारक्षितपुलिसबलस्य (CRPF) तथा कोबरा-दलस्य सैनिकाः अपि सम्मिलिताः आसन्।
एतत् सम्पूर्णं सफलम् अभियानं छत्तीसगढक्षेत्रस्य महानिरीक्षकस्य (IG) के.के. कबीबस्य निर्देशानुसारं तथा उपमहानिरीक्षकस्य (DIG) ऑप्स रेञ्ज बी.एस. नेगी-महोदयस्य मार्गदर्शने सञ्चालितम्। अभियानस्य अन्तर्गतं सीआरपीएफ-सङ्घस्य १९६वीं वाहिन्याः तथा २०८वीं कोबरा-वाहिन्याः संयुक्तदलेन सेनानायकस्य कुमार मनीषस्य नेतृत्वे पुजारी कांकेरस्य समीपस्थानि सघनवनानि परिरक्षितानि। सुरक्षाबलस्य सैनिकैः पूर्णसावधानतया वनप्रदेशस्य प्रत्येकं भागं सूक्ष्मतया अन्वेषितम्।
अन्वेषणाभियानस्य समये सुरक्षाबलैः माओवादिनां गुप्तसञ्चयात् १४३ बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लञ्चर) प्रक्षेपास्त्राणि तथा एका सिन्टेक्स् जलटङ्की च प्राप्ता।
सघनान्वेषणाभियानस्य समये सुरक्षाबलैः वने माओवादिनां सन्दिग्धः सामग्रीसञ्चयः दृष्टः। सैनिकैः तस्य सूक्ष्मनिरीक्षणं कृतम्, यस्मात् बहुसंख्यकाः विस्फोटकपदार्थाः अन्यसामग्रीश्च प्राप्ताः। अस्मात् सञ्चयात् कुलम् १४३ बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लञ्चर) प्रक्षेपास्त्राणि तथा एका सिन्टेक्स् जलटङ्की च अधिगृहीताः। सुरक्षाबलैः परमसावधानतया सर्वाः प्राप्तसामग्रीः स्वाधीनतायां गृहीताः।
अधिगृहीताः सामग्रीः अग्रिमविधिककार्यवाहीर्थं उसूर-आरक्षिकेन्द्रस्य अधिकारिणां सुपुर्दाः कृताः।
अभियानकाले अधिगृहीताः सर्वे विस्फोटकपदार्थाः अग्रिमविधिककार्यवाहीर्थं उसूर-आरक्षिकेन्द्रस्य पुलिसकर्मिभ्यः समर्पिताः। स्थानीयपुलिसदलं अस्मिन् विषये अग्रिमान्वेषणं विधिसम्मतकार्यवाहीं च कुर्वत् अस्ति। सुरक्षासंस्थानानां मतानुसारं अस्य संयुक्ताभियानस्य सफलतया क्षेत्रे माओवादीगतिविधीनां नियन्त्रणं कर्तुं तथा तेषां कार्यजालं दुर्बलं कर्तुं च महत्त्वपूर्णं साहाय्यं भविष्यति।


