छत्तीसगढ़ में पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को बड़ी राहत, मकान बनाने के लिए सरकार देगी 15 घनमीटर मुफ्त सामग्री.Major Relief for PM Awas Yojana Beneficiaries in Chhattisgarh, Government to Provide 15 Cubic Metres Free for House Construction. छत्तीसगढे प्रधानमन्त्रि-आवास-योजनायाः लाभार्थिभ्यः महती राहत्, गृह-निर्माणाय सर्वकारः 15 घनमीटर् निःशुल्कं प्रदास्यति।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के हितग्राहियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अब पात्र परिवारों को पक्के मकान के निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से मुफ्त रेत उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से आवास निर्माण में आने वाली आर्थिक बाधाएं कम होंगी और जरूरतमंद परिवारों का अपने घर का सपना जल्द साकार हो सकेगा।
शासन की ‘ई-रेत संगवारी’ व्यवस्था के तहत पात्र आवास हितग्राहियों को उनकी आवास निर्माण की स्थिति और जरूरत के आधार पर कुल पांच ट्रिप यानी 15 घन मीटर रेत मुफ्त दी जाएगी। प्रत्येक ट्रिप में तीन घन मीटर रेत उपलब्ध कराई जाएगी। इस सुविधा का लाभ आसानी से पात्र परिवारों तक पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। ये कर्मचारी हितग्राहियों को रेत उत्खनन की अनुमति प्राप्त करने सहित पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग दे रहे हैं।
पारदर्शिता के साथ रेत वितरण की व्यवस्था, ऑनलाइन पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया.
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्र हितग्राहियों तक मुफ्त रेत की सुविधा आसानी से पहुंचाने के लिए शासन ने ‘ई-रेत संगवारी’ ऐप और पोर्टल के माध्यम से विशेष व्यवस्था लागू की है। वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि जनपद पंचायत स्तर पर सहायक प्रोग्रामर को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, जनपद पंचायतों के तकनीकी सहायकों, ग्राम पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को ऐप एवं पोर्टल के संचालन का विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
अवैध रेत उत्खनन पर कसेगा शिकंजा, प्रशासन की बढ़ेगी निगरानी.
‘ई-रेत संगवारी’ ऐप और पोर्टल के जरिए रेत वितरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के पात्र हितग्राहियों को मकान निर्माण के लिए समय पर जरूरत के मुताबिक रेत मिल सकेगी। साथ ही, डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू होने से क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और अनधिकृत उपयोग पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। शासन की इस पहल से गरीब परिवारों को पक्का मकान बनाने में आर्थिक राहत मिलने के साथ निर्माण कार्यों को भी गति मिलेगी।
संगठन अपने हर वादे और संकल्प को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित.
योजना को लेकर जिला सहकारी बैंक के उपाध्यक्ष भरत वर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक आवासहीन परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित डबल इंजन सरकार इस लक्ष्य को पूरी प्रतिबद्धता के साथ हासिल करेगी। वर्मा के अनुसार, सभी पात्र और जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान का लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार और संगठन दोनों मिलकर प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि हर आवासहीन परिवार का अपने घर का सपना पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है।
जिले में 41 हजार से अधिक आवासों का होगा निर्माण.
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2024 से 2026 के बीच कुल 41 हजार 256 पक्के मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य के मुकाबले अब तक 40 हजार 476 आवासों को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 35 हजार 60 मकानों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इस तरह स्वीकृत आवासों में करीब 86.6 प्रतिशत निर्माण पूरा होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं, शेष 5 हजार 416 मकानों का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। प्रशासन का प्रयास है कि सभी स्वीकृत आवासों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए।
English
Big Relief for PMAY-G Beneficiaries in Rajnandgaon: The district administration of Rajnandgaon, Chhattisgarh, will provide free sand to eligible beneficiaries under the Pradhan Mantri Awas Yojana-Gramin for house construction. The initiative aims to reduce construction costs, accelerate housing work and help economically weaker families fulfil their dream of owning a permanent home.
Under the government’s ‘E-Ret Sangwari’ initiative, eligible beneficiaries of the rural housing scheme will receive five trips of free sand, amounting to a total of 15 cubic metres, depending on the progress of their house construction and actual requirements. Each trip will provide three cubic metres of sand. To ensure smooth implementation, specially designated officers and staff have been deployed at the panchayat level to assist beneficiaries throughout the process, including obtaining sand excavation permits.
Transparent Sand Distribution System, Entire Process to Be Managed Through an Online Portal.
To ensure easy access to free sand for eligible beneficiaries under the Pradhan Mantri Awas Yojana-Gramin, the state government has introduced a dedicated arrangement through the ‘E-Ret Sangwari’ app and portal. To maintain transparency and streamline the distribution process, a nodal officer has been appointed at the district level, while assistant programmers at the Janpad Panchayat level have been assigned the role of assistant nodal officers. Additionally, technical assistants, Gram Panchayat secretaries and Gram Rojgar Sahayaks have received comprehensive training on operating the app and portal.
Crackdown on Illegal Sand Mining, Administrative Monitoring to Be Strengthened.
The ‘E-Ret Sangwari’ app and portal will make the entire sand distribution process more transparent and organised. Eligible beneficiaries under the Pradhan Mantri Awas Yojana-Gramin will be able to receive the required quantity of sand on time for house construction. The digital monitoring system is also expected to help curb illegal sand mining and unauthorised use of sand in the region. This government initiative will provide financial relief to economically weaker families and accelerate the construction of permanent houses.
The Organisation Remains Committed to Fulfilling Every Pledge and Resolution.
Commenting on the scheme, District Cooperative Bank Vice-President Bharat Verma said that during the elections, the government had promised to provide permanent houses to every homeless family in the state. Expressing confidence, he stated that under the double-engine government led by Prime Minister Narendra Modi and Chief Minister Vishnu Deo Sai, the dream of owning a permanent house would be fulfilled for all eligible and needy beneficiaries. He added that both the state government and the organisation are firmly committed to achieving this goal.
Construction of Over 41,000 Houses Planned in the District
Under the Pradhan Mantri Awas Yojana-Gramin, Rajnandgaon district has set a target of constructing 41,256 houses during the financial years 2024 to 2026. Of these, administrative approval has already been granted for 40,476 houses. Construction of 35,060 houses has been completed so far, accounting for approximately 86.6% of the approved projects. Meanwhile, construction work on the remaining 5,416 houses is progressing rapidly. The administration is making efforts to ensure that all sanctioned houses are completed within the stipulated timeframe.
संस्कृति
छत्तीसगढराज्यस्य राजनन्दग्रामजनपदे प्रधानमन्त्रि-आवास-ग्रामीण-योजनायाः पात्रलाभार्थिभ्यः पक्कगृहाणां निर्माणार्थं प्रशासनपक्षतः निःशुल्कं सिकताद्रव्यं (वालुकां) प्रदास्यते। अस्याः योजनायाः माध्यमेन निर्माणकार्ये वेगः भविष्यति तथा च आर्थिकरूपेण दुर्बलपरिवाराणां स्वकीयगृहस्य स्वप्नः साकारः भविष्यति।
शासनस्य ‘ई-रेत-संगवारी’ व्यवस्थायाः अन्तर्गतं पात्रगृहनिर्माण-लाभार्थिभ्यः आवासस्य निर्माणस्थितिं वास्तविकावश्यकतां च आधारीकृत्य पञ्चवारं, अर्थात् कुलं १५ घनमीटरमितं निःशुल्कं सिकताद्रव्यं (वालुकां) प्रदास्यते। प्रत्येकस्मिन् परिवहने त्रयः घनमीटरमिता वालुका उपलब्धा भविष्यति। एतस्याः सुविधायाः सुचारुसञ्चालनाय पञ्चायतस्तरे विशेषरूपेण नियुक्ताः अधिकारी-कर्मचारिणः लाभार्थिभ्यः वालुकाखननस्य अनुमतिप्राप्तिप्रक्रियायां पूर्णं सहयोगं कुर्वन्ति।
पारदर्शिन्या वालुकावितरणव्यवस्थायाः सञ्चालनम्, सम्पूर्णा प्रक्रिया अन्तर्जाल-पटलमाध्यमेन सम्पादयिष्यते।
प्रधानमन्त्रि-आवास-ग्रामीण-योजनायाः पात्रलाभार्थिभ्यः निःशुल्कवालुकां सुगमतया प्रदातुं शासनद्वारा ‘ई-रेत-संगवारी’ इति अनुप्रयोगस्य अन्तर्जाल-पटलस्य च माध्यमेन विशेषव्यवस्था कृता अस्ति। वितरणप्रक्रियायां पारदर्शितां सुव्यवस्थां च सुनिश्चितुं जनपदस्तरे एकस्य नोडल-अधिकारिणः नियुक्तिः कृता अस्ति तथा जनपदपञ्चायतस्तरे सहायक-प्रोग्रामराय सहायक-नोडल-अधिकारिणः दायित्वं प्रदत्तम्। अस्मिन् अतिरिक्तं जनपदपञ्चायतानां तकनीकी-सहायकानां, ग्रामपञ्चायत-सचिवानां तथा ग्राम-रोजगार-सहायकानां च कृते अनुप्रयोगस्य अन्तर्जाल-पटलस्य च सञ्चालनविषये विस्तृतं प्रशिक्षणं प्रदत्तम्।
अवैध-वालुकाखननस्य नियन्त्रणं भविष्यति, प्रशासनस्य निरीक्षणव्यवस्था च सुदृढा भविष्यति।
‘ई-रेत-संगवारी’ इति अनुप्रयोगस्य अन्तर्जाल-पटलस्य च माध्यमेन वालुकावितरणस्य सम्पूर्णा प्रक्रिया पारदर्शिनी सुव्यवस्थिता च भविष्यति। अनेन प्रधानमन्त्रि-आवास-ग्रामीण-योजनायाः पात्रलाभार्थिभ्यः गृहनिर्माणार्थं आवश्यकमात्रायां वालुका समये एव सुलभा भविष्यति। डिजिटल-निरीक्षणव्यवस्थायाः प्रवर्तनेन क्षेत्रे अवैध-वालुकाखननस्य अनधिकृतोपयोगस्य च नियन्त्रणे अपि सहायता भविष्यति। शासनस्य अस्याः दूरदर्शिन्याः योजनायाः माध्यमेन निर्धनपरिवाराणां पक्कगृहनिर्माणे आर्थिकभारः न्यूनीभविष्यति तथा निर्माणकार्येषु गतिः आगमिष्यति।
संगठनं स्वस्य प्रत्येकं सङ्कल्पं पूरयितुं दृढप्रतिज्ञम् अस्ति।
अस्याः योजनायाः विषये जिला-सहकारी-बैङ्कस्य उपाध्यक्षः भरतवर्मा अवदत् यत् निर्वाचनकाले शासनद्वारा प्रदेशस्य प्रत्येकस्मै गृहविहीनपरिवाराय पक्कगृहं प्रदातुं प्रमुखः संकल्पः कृतः आसीत्। सः विश्वासं प्रकटयन् अवदत् यत् प्रधानमन्त्री नरेन्द्रमोदी-मुख्यमन्त्री विष्णुदेवसाययोः नेतृत्वे सञ्चालिता संयुक्तशासनव्यवस्था सर्वेषां पात्राणां आवश्यकतावशात् लाभार्थिनां पक्कगृहस्वप्नं पूर्णतया साकारं करिष्यति। एतदर्थं राज्यशासनं संगठनं च उभे पूर्णतया प्रतिबद्धे स्तः। प्रत्येकस्य गृहविहीनपरिवारस्य स्वकीयगृहस्वप्नस्य पूर्तिः शासनस्य प्रमुखं लक्ष्यम् अस्ति।
जनपदे एकचत्वारिंशत्सहस्राधिकानि गृहाणि निर्मास्यन्ते।
प्रधानमन्त्रि-आवास-ग्रामीण-योजनायाः अन्तर्गतं राजनन्दग्रामजनपदे वित्तीयवर्ष २०२४ तः २०२६ पर्यन्तं कुलम् ४१,२५६ पक्कगृहाणां निर्माणस्य लक्ष्यं निर्धारितम् अस्ति। अस्मिन् लक्ष्ये ४०,४७६ गृहाणां निर्माणार्थं प्रशासनिकस्वीकृतिः प्रदत्ता अस्ति। एतेषु अद्यावधि ३५,०६० गृहाणां निर्माणकार्यं पूर्णतां प्राप्तम्। एवं स्वीकृतगृहाणां लगभग ८६.६ प्रतिशतं निर्माणकार्यं सम्पन्नम्, यत् जनपदस्य महत्त्वपूर्णा उपलब्धिः अस्ति। अवशिष्टानां ५,४१६ गृहाणां निर्माणकार्यमपि तीव्रगत्या प्रचलति। प्रशासनस्य प्रयासः अस्ति यत् सर्वेषां स्वीकृतगृहाणां निर्माणं निर्धारितसमयसीमायां पूर्णं भवेत्।


