734 करोड़ के GST घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, झारखंड और कोलकाता के चार ठिकानों पर छापेमारी.Major ED Action in ₹734 Crore GST Scam Case, Raids Conducted at Four Locations in Jharkhand and Kolkata. ७३४ कोटिरूप्यकाणां जीएसटी-काण्डे ईडी-संस्थायाः महती कार्यवाही, झारखण्ड-कोलकातायां चतुर्षु स्थानेषु अन्वेषणम्.

0

रांची। 734 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की। ईडी रांची की टीम ने झारखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें जमशेदपुर के तीन और कोलकाता का एक ठिकाना शामिल है।

जिन स्थानों पर ईडी की छापेमारी चल रही है, वे ज्ञान चंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल, उनके अकाउंटेंट संजय पारेख और अन्य संबंधित लोगों से जुड़े बताए जा रहे हैं। जांच के दौरान ईडी को कथित तौर पर पता चला कि ज्ञानचंद जायसवाल ने बिना वास्तविक रूप से माल की आपूर्ति किए ऐसी कंपनियों से इनवाइस हासिल किए, जिनका अस्तित्व ही नहीं था। इन फर्जी इनवाइस के आधार पर कथित रूप से नकली जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया गया। मामले में ईडी की कार्रवाई और जांच फिलहाल जारी है।

ईडी ने जुलाई 2025 में जीएसटी घोटाले से जुड़े मामले में जमशेदपुर निवासी विक्की भालोटिया, कोलकाता के कारोबारी शिव कुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा और अमित गुप्ता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर कथित घोटाले से जुड़ी जानकारी सामने रखी थी। जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में अब तक 29 लाख रुपये की नकदी जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा 135 कथित फर्जी कंपनियों के बैंक खातों में जमा करीब 63 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज कराई गई थी। मामले में ईडी की जांच आगे भी जारी है।

ईडी की जांच में सामने आया था कि कथित फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल कर आरोपितों ने करीब 5.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति अर्जित की थी। एजेंसी ने उस समय इस संपत्ति को भी जब्त कर लिया था। जांच के मुताबिक, पूरा मामला 135 कागजी कंपनियों के जरिए करीब 5,000 करोड़ रुपये के कथित फर्जी चालान जारी करने और उनके आधार पर लगभग 734 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हासिल करने से जुड़ा है।

8 मई 2025 को जमशेदपुर और कोलकाता के चार कारोबारी गिरफ्तार किए गए थे.

जीएसटी घोटाले की जांच के दौरान ईडी ने 8 मई 2025 को छापेमारी के बाद जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी कारोबारी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया तथा कोलकाता के शिवकुमार देवड़ा, मोहित देवड़ा और अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने इन सभी को मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया था।इसके बाद अक्टूबर 2025 में ईडी ने अमित गुप्ता से जुड़ी पश्चिम बंगाल के हावड़ा और कोलकाता स्थित 15.41 करोड़ रुपये मूल्य की 10 संपत्तियां जब्त की थीं।छापेमारी के दौरान ईडी ने आरोपितों के ठिकानों से 29 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। साथ ही, विभिन्न राज्यों में बनाई गई 135 कथित फर्जी कागजी कंपनियों के बैंक खातों में जमा राशि को फ्रीज कराया गया था। जांच में फर्जी तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर खरीदी गई 5.30 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति भी ईडी द्वारा जब्त किए जाने की बात सामने आई थी।

ईडी की कार्रवाई से पहले जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (DGGI), जमशेदपुर ने कई शिकायतें दर्ज कर बड़े स्तर पर कथित जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले एक सिंडिकेट का पता लगाया था। इन्हीं शिकायतों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने ECIR दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की।DGGI की वर्ष 2023 में हुई छापेमारी के दौरान भी कथित फर्जी बिलों के जरिए करीब 734 करोड़ रुपये के GST घोटाले से जुड़े सुराग सामने आए थे। इसके बाद जांच आगे बढ़ी और सबसे पहले जमशेदपुर के कारोबारी अमित अग्रवाल उर्फ विक्की भालोटिया को गिरफ्तार किया गया। बाद में कोलकाता के कारोबारी शिवकुमार देवड़ा, अमित गुप्ता और सुमित गुप्ता को भी गिरफ्तार किया गया।

(English)

Ranchi: The Enforcement Directorate (ED) launched a major operation on Wednesday morning in connection with the alleged ₹734-crore GST scam. The ED’s Ranchi team began simultaneous searches at four locations linked to Jharkhand and West Bengal. Three of the locations are in Jamshedpur, while one is in Kolkata.The searches are reportedly linked to Kolkata businessman Shiv Kumar Devra and other accused persons who were previously arrested in the case. During the operation, ED officials are examining documents and other material that may be relevant to the investigation.

The locations being searched by the Enforcement Directorate are reportedly linked to Gyan Chand Jaiswal, also known as Bablu Jaiswal, his accountant Sanjay Parekh, and others associated with the case. During its investigation, the ED allegedly found that Gyan Chand Jaiswal obtained invoices from companies that did not actually exist, without any genuine supply of goods taking place. These invoices were allegedly used to claim fraudulent GST input tax credit. The ED’s searches and investigation are currently underway.

In July 2025, the Enforcement Directorate (ED) filed a charge sheet in connection with the GST scam case against Jamshedpur-based Vicky Bhalotia, Kolkata businessman Shiv Kumar Devra, Mohit Devra and Amit Gupta. According to the agency, ₹29 lakh in cash had been seized in the case so far. The ED had also frozen around ₹63 crore lying in the bank accounts of 135 alleged fake companies. The investigation into the case is continuing.

The ED’s investigation had revealed that the accused allegedly acquired immovable properties worth around ₹5.30 crore by fraudulently claiming input tax credit (ITC). The agency had also seized these properties at the time. According to the investigation, the case involves the alleged issuance of fake invoices worth around ₹5,000 crore through 135 paper companies, which were allegedly used to claim approximately ₹734 crore in input tax credit (ITC).

Four Businessmen from Jamshedpur and Kolkata Were Arrested on May 8, 2025.

During its investigation into the GST scam, the Enforcement Directorate (ED) conducted searches on May 8, 2025, and arrested Jamshedpur’s Jugsalai-based businessman Amit Agrawal alias Vicky Bhalotia, along with Kolkata-based Shiv Kumar Devra, Mohit Devra and Amit Gupta. The agency had described all four as the alleged masterminds of the case.In October 2025, the ED seized 10 properties worth ₹15.41 crore belonging to Amit Gupta in Howrah and Kolkata, West Bengal.During the searches, the agency also seized ₹29 lakh in cash from the accused persons’ premises. It further froze funds held in the bank accounts of 135 alleged fake paper companies set up across several states. The ED had also seized immovable property worth ₹5.30 crore, allegedly purchased using proceeds linked to fraudulent claims of input tax credit.

Before the Enforcement Directorate (ED) stepped in, the Directorate General of GST Intelligence (DGGI), Jamshedpur, had filed several complaints and uncovered a syndicate allegedly involved in large-scale GST fraud. Based on these complaints, the ED registered an Enforcement Case Information Report (ECIR) and initiated a money-laundering investigation.During searches conducted by the DGGI in 2023, investigators also gathered information about an alleged ₹734-crore GST fraud carried out through fake invoices. As the investigation progressed, Jamshedpur businessman Amit Agrawal alias Vicky Bhalotia was arrested first. Later, Kolkata-based businessmen Shiv Kumar Devra, Amit Gupta and Sumit Gupta were also arrested.

(संस्कृत)

राञ्ची। ७३४ कोटिरूप्यकाणां कथित-जीएसटी-काण्डस्य अन्वेषणे प्रवर्तननिदेशालयस्य (ईडी) राञ्ची-दलेन बुधवासरे प्रातःकालात् महती कार्यवाही प्रारब्धा। ईडी-दलेन झारखण्ड-पश्चिमबङ्गयोः सम्बद्धेषु चतुर्षु स्थानेषु एककालिकं अन्वेषणं प्रारब्धम्। तेषु त्रयः स्थानानि जमशेदपुरे, एकं च स्थानं कोलकातायां वर्तते।एषा कार्यवाही कोलकातानगरस्य व्यवसायी शिवकुमारदेवडस्य तथा पूर्वं अस्मिन् प्रकरणे गृहीतानां अन्येषां अभियुक्तानां सम्बन्धानां परीक्षणार्थं क्रियमाणा इति कथ्यते। अन्वेषणकाले ईडी-अधिकारिभिः दस्तावेजाः अन्यानि च महत्त्वपूर्णानि साक्ष्याणि परीक्ष्यन्ते।

येषु स्थलेषु प्रवर्तननिदेशालयेन (ईडी) अन्वेषणकार्यवाही क्रियते, तानि स्थानानि ज्ञानचन्द्रजायसवालस्य उर्फ बबलूजायसवालस्य, तस्य लेखापालस्य सञ्जयपारेखस्य तथा अन्येषां सम्बद्धानां जनानां सम्बन्धीनि सन्ति इति कथ्यते। अन्वेषणस्य समये ईडी-संस्थया ज्ञातं यत् ज्ञानचन्द्रजायसवालेन वस्तूनां वास्तविक-आपूर्तिं विना ताभ्यः संस्थाभ्यः बीजकानि प्राप्तानि, याः संस्थाः वस्तुतः विद्यमानाः एव न आसन्। एतैः कूट-बीजकैः कथितरूपेण मिथ्या जीएसटी-इनपुट-टैक्स-क्रेडिटस्य लाभः प्राप्तः। अस्मिन् प्रकरणे ईडी-संस्थायाः अन्वेषणकार्यवाही अद्यापि प्रचलति।

जुलाई २०२५ तमे वर्षे प्रवर्तननिदेशालयेन (ईडी) जीएसटी-काण्डसम्बद्धे प्रकरणे जमशेदपुर-निवासिनः विक्कीभालोटियस्य, कोलकातानगरस्य व्यवसायिनः शिवकुमारदेवडस्य, मोहितदेवडस्य अमितगुप्तस्य च विरुद्धम् आरोपपत्रं प्रस्तुतम्। संस्थायाः अनुसारं प्रकरणे अद्यावधि २९ लक्षरूप्यकाणां नगदधनराशिः गृहीता अस्ति। अपि च १३५ कथित-कूटकम्पनीनां बैंक-खातेषु स्थिताः प्रायः ६३ कोटिरूप्यकाणां राशयः स्थगिताः सन्ति। अस्मिन् प्रकरणे ईडी-संस्थायाः अन्वेषणं निरन्तरं प्रचलति।

ईडी-संस्थायाः अन्वेषणे ज्ञातं यत् अभियुक्तैः कथित-कूटप्रकारेण इनपुट-टैक्स-क्रेडिट् (ITC) इत्यस्य लाभं प्राप्य ५.३० कोटिरूप्यकाणां मूल्यस्य अचलसम्पत्तिः अर्जिता आसीत्। तत्समये संस्थया सा अचलसम्पत्तिः अपि गृहीता आसीत्। अन्वेषणानुसारं सम्पूर्णं प्रकरणं १३५ कागदोपस्थित-कम्पनीनां माध्यमेन प्रायः ५००० कोटिरूप्यकाणां कूट-बीजकानि निर्गम्य, तेषां आधारेण ७३४ कोटिरूप्यकाणां इनपुट-टैक्स-क्रेडिट् (ITC) इत्यस्य लाभं प्राप्तुं सम्बन्धितम् अस्ति।

२०२५ तमस्य वर्षस्य मई-मासस्य अष्टमे दिने जमशेदपुर-कोलकातानगरयोः चत्वारः व्यवसायिनः गृहीताः

जीएसटी-काण्डस्य अन्वेषणस्य अन्तर्गतं प्रवर्तननिदेशालयेन (ईडी) २०२५ तमे वर्षे मई-मासस्य अष्टमे दिने छापान्वेषणं कृत्वा जमशेदपुरस्य जुगसलाई-निवासिनं व्यवसायिनम् अमित-अग्रवालम् उर्फ विक्की-भालोटियं तथा कोलकातानगरस्य शिवकुमार-देवडं, मोहित-देवडं, अमित-गुप्तं च गृहीतम्। ईडी-संस्थया एते सर्वे अस्य प्रकरणस्य कथित-मुख्यसूत्रधारिणः इति निर्दिष्टाः आसन्।अनन्तरं २०२५ तमे वर्षे अक्टोबर-मासे ईडी-संस्थया अमितगुप्तेन सम्बद्धाः पश्चिमबङ्गस्य हावडा-कोलकातानगरयोः स्थिताः १५.४१ कोटिरूप्यकाणां मूल्यस्य दश सम्पत्तयः गृहीताः।तत्समये छापान्वेषणस्य अवधौ अभियुक्तानां परिसरेभ्यः २९ लक्षरूप्यकाणां नगदधनराशिः अपि गृहीता। विभिन्नेषु राज्येषु निर्मितानां १३५ कथित-कूट-कागदीय-कम्पनीनां बैंक-खातेषु स्थितां राशिं च स्थगितं कृतम्। अन्वेषणेन कूटप्रकारेण इनपुट-टैक्स-क्रेडिट् इत्यस्य लाभं प्राप्य क्रीतायाः ५.३० कोटिरूप्यकाणां अचलसम्पत्तेः ईडी-संस्थया ग्रहणं कृतमिति अपि ज्ञातम्।

प्रवर्तननिदेशालयस्य (ईडी) कार्यवाहीपूर्वं जीएसटी-खुफिया-महानिदेशालयेन (DGGI), जमशेदपुरेण अनेकाः शिकायताः पञ्जीकृताः। ताभिः शिकायताभिः बृहद्-स्तरीय-जीएसटी-कपटे संलग्नस्य एकस्य समूहस्य विषयः प्रकाशे आगतः। एतासां शिकायतानाम् आधारेण ईडी-संस्थया ECIR पञ्जीकृत्य धनशोधनस्य दिशि अन्वेषणं प्रारब्धम्।वर्षे २०२३ तमे DGGI-संस्थायाः छापान्वेषणस्य समये कूट-बीजकानां माध्यमेन प्रायः ७३४ कोटिरूप्यकाणां कथित-जीएसटी-काण्डस्य सूचनाः अपि प्राप्ताः। ततः अन्वेषणं अग्रे प्रवर्तिते सति सर्वप्रथमं जमशेदपुरस्य व्यवसायी अमित-अग्रवालः उर्फ विक्की-भालोटिया गृहीतः। अनन्तरं कोलकातानगरस्य व्यवसायिनः शिवकुमार-देवडः, अमितगुप्तः, सुमितगुप्तः च अपि गृहीताः।

Health Ads - Advertisement
Health Ads
HEALTH & WEALTH ADS
Health & Wealth Advertisement

Advertisement

GLOBAL ADS
Kripal Industries - Eco Friendly Disposable Solutions
GLOBAL ADS
Aditya Industries - Nature Friendly Disposable Products
ADVERTISEMENT
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सलाहकार - गुरुदेव गोयल
Raja Saw Mill Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed