छत्तीसगढ़ में राजस्व रिकॉर्ड का होगा डिजिटलीकरण, वसुंधरा प्रोजेक्ट से 33 जिलों में ऑनलाइन मिलेगी दस्तावेजों की कॉपी.Chhattisgarh to Digitize Old Revenue Records, Vasundhara Project to Provide Online Copies Across 33 Districts. छत्तीसगढे प्राचीनराजस्व-अभिलेखानां डिजिटलीकरणं भविष्यति, वसुन्धरा-परियोजनया ३३ जनपदेषु ऑनलाइन माध्यमेन अभिलेखप्रतिलिपिः प्राप्स्यते।

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छत्तीसगढ़ सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 90 दिनों की कार्ययोजना तैयार की है।

छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में सरकार ने अहम पहल की है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए 90 दिनों की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक्ट के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

राजस्व अभिलेखों का होगा डिजिटलीकरण, वसुंधरा प्रोजेक्ट के तहत 33 जिलों में शुरू होगी ऑनलाइन व्यवस्था.

बैठक में एक्ट के दायरे में शामिल 43 सेवाओं, 9 सरकारी अधिनियमों और 8 विभागों की चरणबद्ध तरीके से समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। खास तौर पर यह व्यवस्था तय की गई कि निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रमाणपत्र जारी नहीं होने पर उसे डीम्ड अप्रूवल यानी स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।

समयसीमा में सेवाएं पूरी नहीं होने पर निर्धारित नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा। प्रत्येक विभाग की सेवाओं की दैनिक समीक्षा की जाएगी, जबकि हर तीन महीने में इसकी व्यापक निगरानी होगी। 27 अगस्त से शुरू हुई इस कार्ययोजना के तहत नोडल विभाग निर्धारित करने और कार्यप्रणाली के लिए एसओपी जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एक्ट के क्रियान्वयन पर तीन स्तरों से रखी जाएगी नजर.

एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन-स्तरीय निगरानी तंत्र तैयार किया गया है। राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली एपेक्स काउंसिल व्यवस्था की निगरानी करेगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति कार्यों की प्रगति पर नजर रखेगी, जबकि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता वाली जिला सशक्त समिति क्रियान्वयन की निगरानी करेगी।

राजस्व रिकॉर्ड का होगा डिजिटल रूपांतरण, 33 जिलों तक पहुंचेगा प्रोजेक्ट.

नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक सरल, पारदर्शी और तेज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वसुंधरा प्रोजेक्ट के तहत व्यापक डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है। पहले चरण में चयनित जिलों के राजस्व अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप दिया जाएगा। इसके बाद इस व्यवस्था का विस्तार प्रदेश के सभी 33 जिलों तक किया जाएगा। मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि नामांतरण सहित राजस्व से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं में एकरूपता बनाए रखना और दस्तावेजों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करना आवश्यक है।

वसुंधरा प्रोजेक्ट के तहत पुराने राजस्व दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप देने की व्यापक प्रक्रिया होगी। इसमें अधिकार अभिलेख पंजी, मिसल, निस्तार पत्रक, खसरा, राजस्व न्यायालय के आदेश, ग्राम नक्शे, संशोधन पंजी, वर्ष 2020 से पहले के खसरा पंचशाला रिकॉर्ड और किश्तबंदी खतौनी की स्कैनिंग के साथ डाटा एंट्री की जाएगी। तैयार डिजिटल रिकॉर्ड को सेवा सेतु पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इसके बाद नागरिक ऑनलाइन आवेदन, शुल्क भुगतान और प्रमाणित डिजिटल प्रतिलिपि प्राप्त करने के साथ आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देख सकेंगे। बारकोड, OCR और AI आधारित सर्च तकनीक की मदद से पुराने हस्तलिखित दस्तावेजों को भी आसानी से खोजा जा सकेगा।

(English)

Chhattisgarh Government Prepares a 90-Day Action Plan to Implement the Ease of Doing Business Act-2026.

The Chhattisgarh government has taken a significant step toward simplifying procedures for businesses and industries in the state. Officials have been directed to prepare a 90-day action plan for the effective implementation of the Ease of Doing Business Act-2026. A meeting chaired by Chief Secretary Vikasheel at the Mantralaya discussed key measures for better implementation, monitoring and streamlining of procedures under the Act.

Revenue records will be digitized across Chhattisgarh, with an online system set to be introduced in all 33 districts under the Vasundhara Project. The initiative aims to modernize land records, improve accessibility and make revenue-related services more convenient for citizens.

During the meeting, it was decided to conduct a phased review of 43 services, 9 government Acts and 8 departments covered under the Act. A key provision was also finalized under which, if a certificate is not issued within the prescribed time limit, it will be treated as deemed approval, meaning it will be considered automatically approved.

If services are not completed within the prescribed time limit, penalties will be imposed as per the applicable rules. The services provided by each department will be reviewed on a daily basis, while comprehensive monitoring will be conducted every three months. Under the action plan launched on August 27, instructions have also been issued to designate nodal departments and prepare and issue SOPs for the implementation process.

Implementation of the Act to Be Monitored at Three Levels.

A three-tier monitoring mechanism has been established for the effective implementation of the Act. At the state level, the Apex Council, chaired by the Chief Minister, will oversee the implementation. The Executive Committee, headed by the Chief Secretary, will monitor the progress of the work, while at the district level, the District Empowered Committee, chaired by the Collector, will supervise the implementation.

Revenue Records to Undergo Digital Transformation, Project to Reach All 33 Districts.

A comprehensive digitization process has been initiated under the Vasundhara Project to make revenue-related services simpler, more transparent and faster for citizens. In the first phase, revenue records of selected districts will be converted into digital format. The system will subsequently be expanded to all 33 districts of the state. Chief Secretary Vikasheel said that maintaining uniformity in all revenue-related processes, including mutation, along with ensuring the safe and systematic preservation of documents, is essential.

Under the Vasundhara Project, a comprehensive process will be undertaken to digitize old revenue documents. This will include scanning and data entry of Record of Rights registers, Misal records, Nistar Patrak, Khasra records, revenue court orders, village maps, correction registers, Khasra Panchshala records from before 2020, and Kishtbandi Khatauni. The digitized records will be linked with the Seva Setu portal. Citizens will then be able to submit applications, pay fees, obtain certified digital copies and track the status of their applications online. With the help of barcodes, OCR and AI-based search technology, even old handwritten documents can be searched more easily.

(संस्कृत)

ईज् ऑफ् डूइङ्ग बिजनेस एक्ट्-२०२६स्य प्रभावीक्रियान्वयनाय छत्तीसगढ़सर्वकारेण ९०-दिनात्मककार्ययोजना सज्जीकृता .

छत्तीसगढ़सर्वकारेण राज्ये व्यापारोद्योगानां प्रक्रियाः सरलीकर्तुं महत्त्वपूर्णः उपक्रमः आरब्धः। ईज् ऑफ् डूइङ्ग बिजनेस एक्ट्-२०२६ इत्यस्य प्रभावी क्रियान्वयनाय नवतिदिनात्मकायाः कार्ययोजनायाः निर्माणस्य निर्देशाः प्रदत्ताः। मन्त्रालये मुख्यसचिवस्य विकासशीलस्य अध्यक्षतायां आयोजितायां सभायां अधिनियमस्य सम्यक् क्रियान्वयनस्य निरीक्षणस्य च विषये महत्त्वपूर्णाः निर्णयाः स्वीकृताः।

राजस्व अभिलेखों का होगा डिजिटलीकरण, वसुंधरा प्रोजेक्ट के तहत 33 जिलों में शुरू होगी ऑनलाइन व्यवस्था.

निर्धारितसमयसीमायां सेवाः पूर्णाः न भवन्ति चेत् नियमानुसारं दण्डः आरोपयिष्यते। प्रत्येकविभागस्य सेवाः प्रतिदिनं समीक्ष्यन्ते, प्रत्येकं त्रिमासे च तस्य व्यापकं निरीक्षणं करिष्यते। अगस्त्-मासस्य २७ दिनाङ्कात् प्रारब्धायाः अस्याः कार्ययोजनायाः अन्तर्गतं नोडल-विभागानां निर्धारणस्य तथा कार्यप्रणाल्यै मानकसञ्चालनप्रक्रियायाः (SOP) निर्गमनस्य निर्देशाः अपि प्रदत्ताः।

अधिनियमस्य प्रभावीक्रियान्वयनाय त्रिस्तरीयं निरीक्षणतन्त्रं निर्मितम् अस्ति। राज्यस्तरे मुख्यमन्त्रिणः अध्यक्षतायां एपेक्स्-काउन्सिल् व्यवस्थायाः निरीक्षणं करिष्यति। मुख्यसचिवस्य अध्यक्षतायां कार्यकारिणी समितिः कार्याणां प्रगतेः पर्यवेक्षणं करिष्यति। जिलास्तरे च कलेक्टरस्य अध्यक्षतायां जिला-सशक्तसमितिः अधिनियमस्य क्रियान्वयनस्य निरीक्षणं करिष्यति।

त्रिस्तरीयस्तरेषु अधिनियमस्य क्रियान्वयनस्य निरीक्षणं भविष्यति।

अधिनियमस्य प्रभावी क्रियान्वयनाय त्रिस्तरीय-निरीक्षणव्यवस्था स्थापिता अस्ति। राज्यस्तरे मुख्यमन्त्रिणा अध्यक्षतया शीर्षपरिषद् अधिनियमस्य क्रियान्वयनस्य पर्यवेक्षणं करिष्यति। मुख्यसचिवस्य अध्यक्षतायां कार्यकारिणीसमितिः कार्यप्रगतिं निरीक्षिष्यति। जिलास्तरे च जिलाधिकारिणा अध्यक्षतायां जिला-सशक्तसमितिः अधिनियमस्य क्रियान्वयनस्य पर्यवेक्षणं करिष्यति।

राजस्वाभिलेखानां डिजिटलरूपान्तरणं भविष्यति, परियोजना ३३ जनपदेषु विस्तरिष्यते।

नागरिकेभ्यः राजस्वसम्बद्धाः सेवाः अधिकसरलाः, पारदर्शकाः शीघ्रतराश्च प्रदातुं वसुन्धरा-परियोजनायाः अन्तर्गतं व्यापकं अंकीकरणकार्यं प्रारब्धम् अस्ति। प्रथमचरणे चयनितजनपदानां राजस्वाभिलेखाः डिजिटलस्वरूपे परिवर्तिताः करिष्यन्ते। ततः अनन्तरं एषा व्यवस्था प्रदेशस्य सर्वेषु ३३ जनपदेषु विस्तारिताः भविष्यति। मुख्यसचिवः विकासशीलः उक्तवान् यत् नामान्तरणं सहितं राजस्वसम्बद्धासु सर्वासु प्रक्रियासु एकरूपता स्थापनीया तथा दस्तावेजानां सुरक्षितं सुव्यवस्थितं च संरक्षणं सुनिश्चितं करणीयम्।

वसुन्धरा-परियोजनायाः अन्तर्गतं प्राचीनराजस्वदस्तावेजानां डिजिटलस्वरूपे रूपान्तरणस्य व्यापकं कार्यं भविष्यति। अस्मिन् अधिकार-अभिलेख-पञ्जिका, मिसल्, निस्तारपत्रकं, खसरा-अभिलेखाः, राजस्वन्यायालयस्य आदेशाः, ग्रामनक्शाः, संशोधनपञ्जिका, वर्ष २०२० पूर्वस्य खसरा-पञ्चशाला-अभिलेखाः तथा किश्तबन्दी-खतौनी इत्येतेषां स्कैनिङ्गं दत्तांशप्रविष्टिश्च करिष्येते। सिद्धाः डिजिटल्-अभिलेखाः सेवा-सेतु-पोर्टलेन सह सम्बद्धाः करिष्यन्ते। ततः नागरिकाः ऑनलाइन-माध्यमेन आवेदनं कर्तुं, शुल्कं दातुं, प्रमाणितां डिजिटल्-प्रतिलिपिं प्राप्तुं तथा आवेदनस्य स्थितिं ज्ञातुं च शक्नुवन्ति। बारकोड्, OCR तथा कृत्रिमबुद्धि-आधारित-शोधन-प्रौद्योगिक्याः साहाय्येन प्राचीनाः हस्तलिखितदस्तावेजाः अपि सुलभतया अन्वेष्टुं शक्यन्ते।

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