अमेरिका में महंगाई का बढ़ता प्रकोप: मिडटर्म चुनाव से पहले आम जनता की जेब पर बढ़ा दबाव.Inflation Surges in the US: Rising Cost of Living Puts Pressure on Households Ahead of Midterm Elections. अमेरिकादेशे महङ्गतायाः वर्धमानः प्रभावः: मध्यावधि-निर्वाचनात् पूर्वं सामान्यजनानां व्ययभारः वर्धितः।

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अमेरिका में महंगाई ने बढ़ाई चिंता, मिडटर्म चुनाव से पहले ट्रंप प्रशासन पर दबाव.

अमेरिका में मिडटर्म चुनावों से पहले जारी खुदरा महंगाई के आंकड़ों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन और फेडरल रिजर्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में तेजी दर्ज की गई, जिससे आम नागरिकों के लिए जीवन-यापन का खर्च और बढ़ गया है।

श्रम विभाग के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सालाना महंगाई दर बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त में यह 3.4 प्रतिशत थी। वहीं, मासिक आधार पर उपभोक्ता कीमतों में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

महंगाई में इस बढ़ोतरी से अमेरिकी परिवारों के बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही, फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर भी अनिश्चितता गहरा गई है। इन आंकड़ों के बाद महीने के अंत में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है।

वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट का असर: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता.

वाशिंगटन। अमेरिका में मिडटर्म चुनावों से पहले महंगाई के ताजा आंकड़ों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन और फेडरल रिजर्व की चिंता बढ़ा दी है। सितंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे आम नागरिकों पर जीवन-यापन का आर्थिक दबाव और बढ़ गया। अमेरिकी श्रम विभाग के ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स (BLS) के आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक महंगाई दर अगस्त के 3.4 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 3.7 प्रतिशत हो गई। वहीं, मासिक आधार पर कीमतों में 0.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस स्थिति के बीच फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अमेरिका में महंगाई बढ़ने की प्रमुख वजहों में ईंधन की कीमतों में हुई तेज वृद्धि शामिल है। अमेरिका-ईरान के बीच अनिश्चितता और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव पड़ने की बात सामने आई है। सितंबर में पेट्रोल की कीमतों में मासिक आधार पर 9.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इस वृद्धि का कुल मासिक महंगाई में आधे से अधिक योगदान रहा। सालाना आधार पर पेट्रोल के दाम 34.2 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।

अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के मुताबिक, अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.33 डॉलर प्रति गैलन और डीजल की कीमत 6.29 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। वर्ष 2026 में अब तक 158 दिन ऐसे रहे, जब पेट्रोल के दाम 4 डॉलर प्रति गैलन से अधिक दर्ज किए गए। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया जा रहा है।

ईंधन की कीमतों में इस उछाल से परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च बढ़ने का दबाव बन रहा है। ऐसे में महंगाई का मुद्दा आगामी मिडटर्म चुनावों से पहले अमेरिकी राजनीति और आर्थिक नीति के लिए अहम चुनौती बन सकता है।

खाद्य पदार्थों से लेकर आवास तक महंगाई की मार, आम परिवारों का बढ़ा खर्च.

अमेरिका में ईंधन की बढ़ती कीमतों के साथ मकान के किराए और आवास संबंधी खर्चों ने भी आम लोगों की आर्थिक परेशानी बढ़ा दी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मकान के किराए और शेल्टर कॉस्ट में मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

हालांकि, खाद्य पदार्थों की कुल कीमतों में स्थिरता बनी रही, लेकिन अलग-अलग श्रेणियों में कीमतों का रुख एक जैसा नहीं रहा। रेस्तरां में खाना खाने की लागत 0.2 प्रतिशत बढ़ गई, जबकि घर के राशन यानी ग्रॉसरी की कीमतों में 0.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

ग्रॉसरी श्रेणी में पोल्ट्री उत्पादों के दाम 0.7 प्रतिशत, फल और सब्जियों के दाम 0.5 प्रतिशत तथा जूस की कीमतों में 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर, दूध की कीमतों में 2.1 प्रतिशत और बीफ के दामों में 0.9 प्रतिशत की गिरावट से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिली।

इस तरह, कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में कमी के बावजूद आवास, ईंधन और बाहर भोजन करने पर बढ़ता खर्च अमेरिकी परिवारों के बजट को प्रभावित कर रहा है।

एआई क्रांति और डेटा सेंटरों में बढ़ते निवेश का अर्थव्यवस्था पर असर.

महंगाई के मौजूदा दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र में तेजी से बढ़ता निवेश भी एक नया आर्थिक पहलू बनकर उभरा है। डेटा सेंटरों, एआई कंपनियों और अत्याधुनिक एआई मॉडल विकसित करने पर अरबों डॉलर खर्च किए जा रहे हैं। इस बढ़ते निवेश और तकनीकी संसाधनों की मांग का असर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर तथा एक्सेसरीज की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और एक्सेसरीज के दामों में 28 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे तकनीकी उत्पादों और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी लागत बढ़ने की चिंता भी सामने आई है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की बढ़ती प्रतिस्पर्धा कीमतों पर दबाव डाल रही है। डेटा सेंटरों के विस्तार और एआई तकनीक में बड़े निवेश के कारण संसाधनों की मांग बढ़ रही है, जिसका प्रभाव विभिन्न तकनीकी उत्पादों की लागत पर पड़ सकता है।

English

US Inflation Raises Concerns Ahead of Midterm Elections, Adding Pressure on Trump Administration

The latest retail inflation report released just ahead of the US midterm elections has heightened concerns for President Donald Trump’s administration and the Federal Reserve. The Consumer Price Index (CPI) recorded a sharp increase in September, further intensifying the cost-of-living burden on ordinary Americans.

According to the latest figures released by the Bureau of Labor Statistics (BLS) under the US Department of Labor, the annual inflation rate climbed to 3.7%, up from 3.4% in August. On a month-on-month basis, consumer prices rose by 0.6%.

The increase is expected to put additional pressure on household budgets and intensify concerns over the economic outlook. The latest figures have also fueled speculation about a possible interest-rate hike by the Federal Reserve at the end of the month.

Global Tensions and Energy Crisis Fuel Concerns Over Rising Petrol and Diesel Prices.

Washington: Fresh inflation figures released ahead of the US midterm elections have intensified concerns for President Donald Trump’s administration and the Federal Reserve. The Consumer Price Index (CPI) recorded a significant increase in September, adding to the cost-of-living pressures faced by American households.

According to data from the US Department of Labor’s Bureau of Labor Statistics (BLS), the annual inflation rate rose to 3.7% in September, compared with 3.4% in August. Consumer prices also increased by 0.6% on a month-on-month basis. The latest figures have fueled discussions about the Federal Reserve’s interest-rate policy.

A sharp rise in fuel costs has emerged as one of the key factors behind the latest inflation increase. Uncertainty surrounding US-Iran relations and the ongoing Russia-Ukraine war have added pressure to global energy supplies.

Petrol prices rose by 9.1% in September compared with the previous month, accounting for more than half of the overall monthly inflation increase. On an annual basis, petrol prices have climbed by 34.2%.

According to the American Automobile Association (AAA), the average price of petrol in the United States reached $4.33 per gallon, while diesel averaged $6.29 per gallon. So far in 2026, petrol prices have remained above $4 per gallon on 158 days, reportedly the highest number on record.

Rising fuel costs are increasing pressure on household budgets and transportation expenses. With the midterm elections approaching, inflation could become a significant economic and political challenge for the Trump administration.

Rising Costs Hit Food and Housing, Adding to the Financial Burden on Households.

Rising fuel prices are not the only financial concern for American households. Rent and other housing-related expenses have also increased, adding further pressure to household budgets. According to the latest figures, rent and shelter costs rose by 0.4% on a month-on-month basis.

Overall food prices remained stable, although individual categories recorded mixed movements. The cost of dining out increased by 0.2%, while grocery prices edged down by 0.1%.

Within the grocery basket, poultry products became 0.7% more expensive, fruit and vegetables rose by 0.5%, and juice prices increased by 1.1%. In contrast, milk prices fell by 2.1%, while beef prices declined by 0.9%, offering some relief to consumers.

Despite the easing of prices for certain food items, rising housing and fuel expenses, along with higher dining costs, continue to put pressure on American household budgets.

The Impact of the AI Boom and Rising Investments in Data Centers on the Economy.

The rapid expansion of the artificial intelligence (AI) sector has emerged as another factor in the broader inflation landscape. Billions of dollars are being invested in data centers, AI companies and the development of advanced AI models. This surge in investment and demand for technological resources is also affecting the prices of computer software and accessories.

According to the available figures, prices for computer software and accessories have increased by as much as 28% compared with the same period last year. The rise has raised concerns about growing costs across technology-related products and digital services.

Market experts believe that intensifying competition to build AI infrastructure is playing an important role in pushing costs higher. The expansion of data centers and large-scale investments in AI are increasing demand for technological resources, potentially adding further pressure to prices across the technology sector.

संस्कृति

अमेरिकादेशे महङ्गतिवृद्ध्या चिन्ता वर्धिता, मध्यावधिनिर्वाचनात् पूर्वं ट्रम्प-प्रशासनस्य दबावः

अमेरिकादेशे मध्यावधिनिर्वाचनात् पूर्वं प्रकाशितेन उपभोक्तृमूल्यवृद्धेः प्रतिवेदनेन राष्ट्रपतिः डोनाल्ड ट्रम्पस्य प्रशासनस्य तथा फेडरल रिजर्व इत्यस्य चिन्ता वर्धिता। सितम्बरमासे उपभोक्तृमूल्यसूचकाङ्के (CPI) तीव्रवृद्धिः अभवत्, येन सामान्यजनानां जीवननिर्वाहव्ययः अधिकः जातः।

श्रमविभागस्य श्रमसांख्यिकीविभागेन (BLS) प्रकाशितानां नवीनतमानाम् आँकडानाम् अनुसारम्, अमेरिकादेशे वार्षिकमहङ्गतिदरः ३.७ प्रतिशतं यावत् वर्धितः, यः अगस्तमासे ३.४ प्रतिशतः आसीत्। मासिकाधारे उपभोक्तृमूल्यानि ०.६ प्रतिशतं वर्धितानि।

महङ्गतिवृद्ध्या अमेरिकीपरिवाराणां व्ययभारः वर्धितुं शक्नोति। एतेन सह फेडरल रिजर्वस्य मौद्रिकनीतेः विषये अनिश्चितता अपि वर्धिता। नवीनतमानाम् आँकडानां प्रकाशनानन्तरं मासस्य अन्ते ब्याजदरवृद्धेः सम्भावनायाः विषये चर्चा तीव्रा जाता।

वैश्विकतनावेन ऊर्जासङ्कटेन च पेट्रोल-डीजलयोः मूल्यवृद्धेः आशङ्का वर्धिता।

वाशिङ्गटनम्। अमेरिकादेशे मध्यावधिनिर्वाचनात् पूर्वं प्रकाशितैः महङ्गतिसम्बद्धैः नवीनतमानैः आँकडैः राष्ट्रपतिः डोनाल्ड ट्रम्पस्य प्रशासनस्य तथा फेडरल रिजर्व इत्यस्य चिन्ता वर्धिता। सितम्बरमासे उपभोक्तृमूल्यसूचकाङ्के (CPI) उल्लेखनीया वृद्धिः अभवत्। एतेन सामान्यनागरिकाणां जीवननिर्वाहव्ययः अधिकः जातः।

अमेरिकादेशस्य श्रमविभागस्य श्रमसांख्यिकीविभागेन (BLS) प्रकाशितानाम् आँकडानाम् अनुसारम्, वार्षिकमहङ्गतिदरः अगस्तमासस्य ३.४ प्रतिशततः वर्धित्वा सितम्बरमासे ३.७ प्रतिशतं प्राप्तः। मासिकाधारे उपभोक्तृमूल्यानि ०.६ प्रतिशतं वर्धितानि। एतेन फेडरल रिजर्व-संस्थायाः व्याजदरनीतेः विषये चर्चा तीव्रा जाता।

अमेरिकादेशे महङ्गतिवृद्धेः प्रमुखकारणेषु इन्धनमूल्यानां तीव्रवृद्धिः अन्यतमम् अस्ति। अमेरिका-ईरानयोः सम्बन्धेषु अनिश्चितता तथा रूस-यूक्रेनयोः युद्धं वैश्विकऊर्जापूर्तौ दबावं जनयतः।

सितम्बरमासे पेट्रोलस्य मूल्यं मासिकाधारे ९.१ प्रतिशतं वर्धितम्। एषा वृद्धिः समग्रस्य मासिकमहङ्गतिवृद्धेः अर्धादपि अधिकं योगदानम् अकरोत्। वार्षिकाधारे पेट्रोलस्य मूल्यं ३४.२ प्रतिशतं वर्धितम्।

अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) इत्यस्य अनुसारम्, अमेरिकादेशे पेट्रोलस्य औसतमूल्यं प्रतिगैलनं ४.३३ डॉलरं तथा डीजलस्य औसतमूल्यं प्रतिगैलनं ६.२९ डॉलरं प्राप्तम्। वर्षे २०२६ अद्यावधि १५८ दिनानि एतानि आसन्, यदा पेट्रोलस्य मूल्यं प्रतिगैलनं ४ डॉलरात् अधिकम् आसीत्। उपलब्धानाम् आँकडानाम् अनुसारम्, एषा संख्या अभिलेखेषु सर्वाधिकत्वेन वर्णिता अस्ति।

इन्धनमूल्यानां वृद्ध्या परिवहनस्य तथा दैनिकोपयोगवस्तूनां व्ययः वर्धितुं शक्नोति। अतः आगामीषु मध्यावधिनिर्वाचनेषु महङ्गतिविषयः अमेरिकीप्रशासनस्य कृते महत्त्वपूर्णा आर्थिक-राजनीतिकचुनौती भवितुम् अर्हति।

खाद्यवस्तूनां गृहवासस्य च मूल्यवृद्धिः, सामान्यपरिवाराणां व्ययभारः वर्धितः।

अमेरिकादेशे इन्धनमूल्यानां वृद्ध्या सह गृहभाटकस्य तथा आवाससम्बद्धव्ययानाम् अपि वृद्धिः अभवत्। नवीनतमानाम् आँकडानाम् अनुसारं गृहभाटकस्य आवासव्ययस्य च मासिकाधारे ०.४ प्रतिशतं वृद्धिः अभिलिखिता। एतेन सामान्यपरिवाराणां घरेलुव्ययस्य भारः वर्धितः।

अमेरिकादेशे इन्धनमूल्यानां वृद्ध्या सह गृहभाटकस्य तथा आवाससम्बद्धव्ययानाम् अपि वृद्धिः अभवत्। नवीनतमानाम् आँकडानाम् अनुसारं गृहभाटकस्य आवासव्ययस्य च मासिकाधारे ०.४ प्रतिशतं वृद्धिः अभिलिखिता। एतेन सामान्यपरिवाराणां घरेलुव्ययस्य भारः वर्धितः।

खाद्यवस्तूनां समग्रेषु मूल्येषु स्थिरता आसीत्, किन्तु विभिन्नेषु वर्गेषु मूल्यपरिवर्तनं भिन्नम् आसीत्। भोजनालयेषु भोजनस्य व्ययः ०.२ प्रतिशतं वर्धितः, जबकि गृहस्य खाद्यसामग्रीणां मूल्येषु ०.१ प्रतिशतस्य अल्पा न्यूनता अभवत्।

खाद्यसामग्रीवर्गे पक्षिमांसोत्पादानां मूल्यं ०.७ प्रतिशतं, फलानां शाकानां च मूल्यं ०.५ प्रतिशतं तथा फलरसस्य मूल्यं १.१ प्रतिशतं वर्धितम्। अपरपक्षे दुग्धस्य मूल्यं २.१ प्रतिशतं तथा गोमांसस्य मूल्यं ०.९ प्रतिशतं न्यूनम् अभवत्। एतेन उपभोक्तृभ्यः किञ्चित् आर्थिकं सौकर्यं प्राप्तम्।

एवं कतिपयखाद्यवस्तूनां मूल्येषु न्यूनता अभवत् चेदपि, आवासस्य इन्धनस्य च वर्धमानव्ययः तथा भोजनालयेषु भोजनस्य अधिकव्ययः अमेरिकीपरिवाराणां बजटं प्रभावितं कुर्वन्ति।

कृत्रिमबुद्धिमत्तायाः विकासस्य दत्तांशकेन्द्रेषु वर्धमाननिवेशस्य च अर्थव्यवस्थायाम् प्रभावः।

वर्तमानमहङ्गतिपरिस्थितौ कृत्रिमबुद्धिमत्तायाः (AI) क्षेत्रे तीव्रगत्या वर्धमानः निवेशः अपि आर्थिकचिन्तायाः नूतनं कारणम् अभवत्। दत्तांशकेन्द्रेषु, कृत्रिमबुद्धिमत्तासम्बद्धेषु उद्योगेषु तथा उन्नत-एआई-प्रतिरूपाणां विकासे च अरबशः डॉलरमितधनराशिः निवेश्यते। अस्य वर्धमाननिवेशस्य प्रौद्योगिकीसंसाधनानां च अधिकमागधायाः प्रभावः सङ्गणकसॉफ्टवेयरस्य सहायकप्रौद्योगिकीयन्त्राणां च मूल्येषु दृश्यते।

उपलब्धानाम् आँकडानाम् अनुसारं गतवर्षस्य समानकालावधिना सह तुलनायां सङ्गणकसॉफ्टवेयरस्य उपकरणानां च मूल्येषु २८ प्रतिशतं यावत् वृद्धिः अभिलिखिता। एतेन प्रौद्योगिकीसम्बद्धानां वस्तूनां डिजिटलसेवानां च व्ययवृद्धेः चिन्ता वर्धिता।

बाजारविशेषज्ञाः मन्यन्ते यत् प्रौद्योगिकीक्षेत्रे कृत्रिमबुद्धिमत्तायाः आधारभूतसंरचनायाः निर्माणार्थं वर्धमाना प्रतिस्पर्धा व्ययवृद्धौ महत्त्वपूर्णां भूमिकां निर्वहति। दत्तांशकेन्द्राणां विस्तारः तथा कृत्रिमबुद्धिमत्तायां बृहन्निवेशः प्रौद्योगिकीसंसाधनानां मागं वर्धयतः, येन विविधप्रौद्योगिकीवस्तूनां मूल्येषु प्रभावः भवितुम् अर्हति।

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