रायपुर में अपहरण के 6 घंटे बाद बच्चा सुरक्षित बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार.Raipur: Child Rescued Safely Six Hours After Kidnapping, Three Accused Arrested. रायपुरे अपहरणस्य षड्घण्टानन्तरं बालकः सुरक्षितः प्राप्तः, त्रयः अभियुक्ताः निगृहीताः
रायपुर के आरंग क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्चे के अपहरण और उसकी रिहाई के बदले 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की। नाकेबंदी और साइबर सेल की सहायता से पुलिस ने महज छह घंटे के भीतर अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आरंग क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज छह घंटे के भीतर उसे सुरक्षित बरामद कर लिया। इस मामले में दो युवकों और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे बच्चा इंदिरा चौक स्थित अपने पिता की मेडिकल दुकान के पास से साइकिल चलाने के लिए निकला था। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में खोजबीन करने के बावजूद बच्चे का कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने दोपहर करीब 4 बजे आरंग थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और कुछ ही घंटों में बच्चे को सकुशल मुक्त करा लिया।
शिकायत दर्ज होने के बाद अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के परिजनों को फोन कर उसकी सुरक्षित रिहाई के बदले 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इस कॉल के बाद मामला और गंभीर हो गया, जिसके चलते पुलिस ने तेजी से जांच और कार्रवाई शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए इलाके में घेराबंदी की। साथ ही, आसपास के जिलों को अलर्ट जारी कर सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच शुरू की गई। रेंज साइबर सेल की तकनीकी सहायता और सड़कों पर की गई सघन नाकेबंदी के चलते आरोपियों पर दबाव बढ़ गया। इसके बाद आरोपी अपहृत बच्चे को समोदा स्थित एक पेट्रोल पंप के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर मेडिकल जांच कराई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने बलौदाबाजार जिले के गिधपुरी थाना क्षेत्र के दतरेंगी गांव में छापेमारी कर दो वयस्क आरोपियों और एक नाबालिग संदिग्ध को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। मामले में पुलिस ने घटना को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। कार्रवाई के बाद दोनों वयस्क आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है, जबकि नाबालिग के मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
English
A shocking case of kidnapping has emerged from the Arang area of Raipur, where an eight-year-old boy was abducted and a ransom of ₹15 lakh was demanded for his release. Acting swiftly, the police launched an operation and set up checkpoints with the assistance of the cyber cell. Within just six hours, the child was safely rescued, and all three accused were arrested.
Police in Raipur’s Arang area rescued an eight-year-old boy safely within just six hours of his kidnapping. Acting swiftly, the police arrested two young men and a minor in connection with the case.
According to the information received, the child had gone out to ride his bicycle at around 9 a.m. on Friday from near his father’s medical store at Indira Chowk. When he failed to return for a long time, his family members began searching for him. However, their efforts yielded no clues about his whereabouts. The family subsequently lodged a complaint at Arang police station at around 4 p.m. Taking the matter seriously, the police launched an immediate investigation and managed to rescue the child safely within a few hours.
After the complaint was lodged, the kidnappers called the child’s family and demanded a ransom of ₹15 lakh in exchange for his safe release. Following the call, the case took a more serious turn, prompting the police to intensify their investigation and take swift action.
Considering the seriousness of the case, the police immediately launched a coordinated operation, cordoned off the area, alerted neighbouring districts and began examining CCTV footage. With technical assistance from the Range Cyber Cell and intensified checkpoints on the roads, pressure mounted on the accused. They eventually abandoned the kidnapped child near a petrol pump in Samoda and fled the scene. The police safely recovered the child, arranged for a medical examination and handed him over to his family after completing the necessary formalities.
Based on technical inputs, a police team raided Datrengi village under Gidhpuri police station limits in Balodabazar district and detained two adult suspects and one minor. During interrogation, the accused reportedly confessed to their involvement in the crime. Police also seized two motorcycles and mobile phones allegedly used in the incident. The two adult accused are being sent to jail under judicial remand, while further legal proceedings against the minor are underway in accordance with the law.
संस्कृति
रायपुरस्य आरङ्गक्षेत्रे अष्टवर्षीयस्य बालकस्य अपहरणस्य तथा तस्य मुक्त्यर्थं पञ्चदश-लक्षरूप्यकाणां धनराशेः याचनायाः घटना प्रकाशम् आगता। घटनायाः सूचनां प्राप्य पुलिसदलेन शीघ्रमेव कार्यवाही आरब्धा। मार्गेषु नाकाबन्दीं कृत्वा साइबर-दलस्य साहाय्येन पुलिसदलेन षड्घण्टाभ्यन्तरे अपहृतः बालकः सकुशलः उद्धृतः। अस्मिन् प्रकरणे त्रयः अभियुक्ताः अपि निगृहीताः।
रायपुरस्य आरङ्गक्षेत्रे अपहृतः अष्टवर्षीयः बालकः पुलिसदलेन केवलं षड्घण्टाभ्यन्तरे सकुशलः मुक्तः। अस्मिन् प्रकरणे पुलिसदलेन त्वरितकार्यवाही कृत्वा द्वौ युवानौ एकं च नाबालिगं गृहीतम्।
प्राप्तसूचनानुसारं शुक्रवासरे प्रातः प्रायः नववादने बालकः इन्दिराचौकस्थितायाः पितुः औषधविक्रयशालायाः समीपात् साइकिलचालनाय निर्गतः। बहुकालं यावत् तस्य प्रत्यागमनं न अभवत्, अतः परिवारजनाः तस्य अन्वेषणम् आरब्धवन्तः। समीपस्थेषु क्षेत्रेषु अन्वेषणं कृत्वापि तस्य विषये किमपि सूत्रं न प्राप्तम्। ततः परिवारजनाः अपराह्णे प्रायः चतुर्वादने आरङ्ग-पुलिसस्थानके अपहरणस्य शिकायतां पञ्जीकृतवन्तः। घटनायाः गाम्भीर्यं दृष्ट्वा पुलिसदलेन तत्कालमेव अन्वेषणम् आरब्धं तथा कतिपयेषु घण्टेषु बालकः सकुशलः मुक्तः।
शिकायतायाः पञ्जीकरणानन्तरं अपहर्तारः बालकस्य परिवारजनान् दूरभाषेण सम्पर्क्य तस्य सुरक्षितमुक्त्यर्थं पञ्चदशलक्षरूप्यकाणां फिरौतीधनराशिं याचितवन्तः। अस्य दूरभाषसम्पर्कस्य अनन्तरं प्रकरणं गम्भीरतरम् अभवत्, ततः पुलिसदलेन शीघ्रतया अन्वेषणं कार्यवाही च प्रारब्धा।
प्रकरणस्य गाम्भीर्यं दृष्ट्वा पुलिसदलेन तत्कालमेव क्षेत्रे घेराबन्दी कृता। समीपस्थानि जनपदानि अपि सतर्कीकृतानि तथा सीसीटीवी-दृश्यचित्राणां सूक्ष्मपरीक्षणम् आरब्धम्। रेंज-साइबर-दलस्य तकनीकीसाहाय्येन मार्गेषु च सघननाकाबन्द्या अभियुक्तेषु दबावः वर्धितः। ततः अभियुक्ताः अपहृतं बालकं समोदानगरे स्थितस्य एकस्य पेट्रोलपम्पस्य समीपे त्यक्त्वा पलायितवन्तः। पुलिसदलेन बालकः सुरक्षितः उद्धृतः, तस्य चिकित्सकीयपरीक्षणं कारितं तथा आवश्यकप्रक्रियाः पूर्णाः कृत्वा सः परिवारजनानां हस्ते समर्पितः।
तकनीकी-सूचनानाम् आधारेण पुलिसदलेन बलौदाबाजारजनपदस्य गिधपुरी-पुलिसस्थानकक्षेत्रान्तर्गतं दतरेंगीग्रामे छापामारी कृता। अस्मिन् अभियाने द्वौ वयस्कौ संदिग्धौ एकः च नाबालिगः अभिरक्षायां गृहीतः। पुलिसदलेन कृते पृच्छातः अभियुक्ताः अपराधे स्वकीयां संलिप्ततां स्वीकृतवन्तः इति कथ्यते। घटनायाम् उपयुक्ते द्वे मोटरसाइकिले तथा चलदूरभाषयन्त्राणि अपि पुलिसदलेन जप्तानि। उभौ वयस्कौ अभियुक्तौ न्यायिकप्रतिप्रेषणाधारेण कारागारं प्रेषयितुं प्रक्रिया प्रचलति, नाबालिगस्य विषये च नियमानुसारं अग्रे विधिककार्यवाही प्रवर्तते।


