रायपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, कॉकरोच और फंगस वाली मिठाइयां बेचने पर 4 दुकानों के लाइसेंस निलंबित.Raipur: Licenses of Four Shops Suspended for Selling Sweets Contaminated with Cockroaches and Fungus. रायपुरे कीटयुक्ताः कवकदूषिताश्च मिष्टान्नानि विक्रीणतां चतुर्णां विक्रयापणानां अनुज्ञापत्राणि निलम्बितानि।
त्योहारी सीजन से पहले रायपुर में FDA का बड़ा एक्शन, दूषित मिठाइयां और कीड़े मिलने पर 4 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित; संदिग्ध पनीर जब्त.

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में त्योहारी सीजन के बीच लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने अचानक कार्रवाई करते हुए तेलीबांधा स्थित तीन प्रमुख मिठाई दुकानों और पचपेड़ी नाका के एक ढाबे पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना और उपभोक्ताओं को दूषित खाद्य सामग्री से बचाना है।
निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। मिठाइयों में मरे हुए कॉकरोच, अन्य कीड़े-मकोड़े और बाल पाए गए। वहीं, चाशनी में फफूंद और मकड़ी के जाले भी मिले, जिससे खाद्य स्वच्छता और लोगों की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताओं और गंदगी का खुलासा होने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई की। विभाग ने चारों प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए। कार्रवाई के दौरान करीब 150 किलोग्राम दूषित मिठाइयों और 10 किलोग्राम खराब पनीर को मौके पर ही नष्ट कराया गया। वहीं, गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर ढाबे से लगभग 50 किलोग्राम पनीर अलग से जब्त किया गया।
रायपुर में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले चार प्रतिष्ठानों पर FDA ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान गंदगी और गंभीर खामियां मिलने पर सभी चारों के खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। टीम ने मौके पर लगभग 150 किलोग्राम दूषित मिठाइयां और 10 किलोग्राम खराब पनीर नष्ट कराया। इसके अलावा, गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर ढाबे से 50 किलोग्राम पनीर भी जब्त किया गया।
निरीक्षण रिपोर्ट में खाद्य प्रतिष्ठानों की स्वच्छता व्यवस्था में कई गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। दुकानों के निर्माण क्षेत्र में गंदगी का अंबार, दीवारों से उखड़ता पेंट, फ्रीजर में ठूंसकर रखी गई पुरानी मिठाइयां और खुले में रखी खाद्य सामग्री पाई गई। एक दुकान के कोल्ड स्टोरेज और सीढ़ियों पर तंबाकू थूकने के निशान भी मिले। वहीं, ढाबे की रसोई, बर्तन धोने की जगह और इडली तैयार करने वाली मशीनों की हालत बेहद खराब मिली, जिससे खाद्य स्वच्छता के मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
खाद्य सुरक्षा जांच के तहत FDA की टीम ने विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 12 नमूने एकत्र कर उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा है। इनमें मावा (खोया), कुंदा, पनीर, बूंदी, बेसन के लड्डू, कलाकंद और छेना से बनी मिठाइयां समेत अन्य खाद्य सामग्री शामिल हैं। प्रयोगशाला की रिपोर्ट से इन उत्पादों की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट अगले 14 दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन ने चारों प्रतिष्ठानों को कम से कम तीन दिनों तक पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, स्वच्छता मानकों में सुधार करने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के बाद अनुपालन रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है।
English
Major FDA Action in Raipur Ahead of Festive Season: Licenses of Four Establishments Suspended Over Contaminated Sweets and Insects; Suspected Paneer Seized
The administration has taken strict action against food business operators allegedly compromising public health during the festive season in Raipur, the capital of Chhattisgarh. The Food and Drug Administration (FDA) team conducted surprise raids at three prominent sweet shops in the Telibandha area and a roadside eatery near Pachpedi Naka. The operation aims to inspect food quality and protect consumers from contaminated food products.
The inspection revealed serious lapses in food hygiene and quality. Dead cockroaches, insects and hair were found in sweets, while fungus and spider webs were observed in the sugar syrup. The findings have raised serious concerns about food safety and the potential risks to public health.
Following the discovery of serious violations and unhygienic conditions, Food and Drug Administration (FDA) officials took immediate action and suspended the food licences of all four establishments. During the operation, approximately 150 kg of contaminated sweets and 10 kg of spoiled paneer were destroyed on the spot. Additionally, around 50 kg of paneer was seized separately from the eatery over suspected quality issues.
The Food and Drug Administration (FDA) has taken strict action against four establishments in Raipur for violating food safety standards. Following the discovery of unhygienic conditions and serious irregularities, the department suspended their food licences. During the inspection, around 150 kg of contaminated sweets and 10 kg of spoiled paneer were destroyed on the spot. An additional 50 kg of paneer was seized from the eatery over concerns about its quality.
The inspection report has revealed several serious hygiene violations at the food establishments. Inspectors found excessive dirt in the preparation areas, peeling paint on the walls, stale sweets crammed into freezers and food items stored without proper covering. Tobacco spit marks were also discovered in the cold storage area and on the stairs of one shop. Meanwhile, the eatery’s kitchen, dishwashing area and idli-making machines were found to be in extremely poor condition, raising serious concerns about compliance with food hygiene standards.
As part of the food safety inspection, the FDA team collected 12 samples of various food products and sent them to a laboratory for testing. The samples included mawa (khoya), kunda, paneer, boondi, besan laddoos, kalakand and chhena-based sweets, along with other food items. The laboratory reports will help determine the quality of these products and whether they comply with food safety standards.
The laboratory test reports are expected within 14 days, following which legal action will be initiated against the operators based on the findings. Meanwhile, the authorities have directed all four establishments to remain completely closed for at least three days. They have also been instructed to improve hygiene standards, ensure compliance with food safety regulations and submit a compliance report.
संस्कृति
उत्सवकालात् पूर्वं रायपुरे खाद्यसुरक्षाविभागस्य महती कार्यवाही, दूषितमिष्टान्नेषु कीटानां च प्राप्तेः अनन्तरं चतुर्णां प्रतिष्ठानानां अनुज्ञापत्राणि निलम्बितानि, सन्दिग्धं पनीरं च जप्तम्।
छत्तीसगढराज्यस्य राजधानी रायपुरनगरे उत्सवकालस्य अवसरे जनस्वास्थ्येन सह खिलवाडं कुर्वतां खाद्यव्यापारिणां विरुद्धं प्रशासनम् कठोरकार्यवाहीम् अकरोत्। खाद्य-औषधि-प्रशासनस्य (FDA) दलं सहसा निरीक्षणार्थं तेलीबान्धाक्षेत्रे स्थितेषु त्रिषु प्रमुखमिष्टान्नविक्रयापणेषु तथा पचपेढीनाकास्थिते एकस्मिन् भोजनालये च छापामारीम् अकरोत्। अस्याः कार्यवाहीयाः उद्देश्यं खाद्यपदार्थानां गुणवत्तायाः परीक्षणं कृत्वा उपभोक्तॄन् दूषितखाद्यपदार्थेभ्यः रक्षितुम् अस्ति।
निरीक्षणकाले खाद्यपदार्थानां स्वच्छतायां गुणवत्तायां च गम्भीराः त्रुटयः प्रकाशं गताः। मिष्टान्नेषु मृताः तिलचट्टाः, विविधाः कीटाः केशाश्च प्राप्ताः। अपरतः पाकद्रवे (चाशनी) कवकः (फफून्दः) मर्कटतन्तवश्च दृष्टाः। एताभिः घटनाभिः खाद्यसुरक्षायाः जनस्वास्थ्यस्य च विषये गम्भीराः चिन्ताः उत्पन्नाः।
निरीक्षणकाले गम्भीरानियमितताः अत्यधिकमशुचित्वं च दृष्ट्वा खाद्य-औषधि-प्रशासनस्य (FDA) अधिकारिभिः तत्कालं कार्यवाही कृता। विभागेन चतुर्णामपि प्रतिष्ठानानां खाद्यविक्रय-अनुज्ञापत्राणि निलम्बितानि। कार्यवाहीकाले प्रायः १५० किलोग्रामपरिमितानि दूषितानि मिष्टान्नानि तथा १० किलोग्रामपरिमितं दूषितं पनीरं च घटनास्थले एव नाशितम्। अपि च, गुणवत्तायां सन्देहस्य कारणात् भोजनालयात् प्रायः ५० किलोग्रामपरिमितं पनीरं पृथक् जप्तम्।
रायपुरनगरे खाद्यसुरक्षामानकानाम् उल्लङ्घनं कुर्वतां चतुर्णां प्रतिष्ठानानां विरुद्धं खाद्य-औषधि-प्रशासनेन (FDA) कठोरा कार्यवाही कृता। निरीक्षणकाले अस्वच्छता गम्भीराः अनियमितताश्च दृष्ट्वा विभागेन सर्वेषां चतुर्णां प्रतिष्ठानानां खाद्यविक्रय-अनुज्ञापत्राणि निलम्बितानि। कार्यवाहीकाले प्रायः १५० किलोग्रामपरिमितानि दूषितानि मिष्टान्नानि तथा १० किलोग्रामपरिमितं दूषितं पनीरं च स्थले एव नाशितम्। अपि च, गुणवत्तायाः विषये सन्देहात् भोजनालयात् ५० किलोग्रामपरिमितं पनीरम् अतिरिक्ततया जप्तम्।
निरीक्षणप्रतिवेदने खाद्यप्रतिष्ठानेषु स्वच्छताव्यवस्थायाः अनेकाः गम्भीराः त्रुटयः उद्घाटिताः। मिष्टान्ननिर्माणक्षेत्रेषु अत्यधिकमलिनता, भित्तिषु उन्मुच्यमानः वर्णलेपः, हिमपेटिकासु सङ्कीर्णतया स्थापितानि बासीनी मिष्टान्नानि तथा अनाच्छादितानि खाद्यवस्तूनि प्राप्तानि। एकस्य विक्रयापणस्य शीतभाण्डारे सोपानेषु च तम्बाकुरसस्य चिह्नानि अपि दृष्टानि। अपरतः भोजनालयस्य पाकशाला, पात्रप्रक्षालनस्थानं तथा इडलीनिर्माणयन्त्राणि च अत्यन्तं दुर्दशायाम् आसन्। एतेन खाद्यस्वच्छतामानकानां पालनस्य विषये गम्भीराः प्रश्नाः उत्पन्नाः।
खाद्यसुरक्षानिरीक्षणस्य अन्तर्गतं FDA-दलेन विविधेभ्यः खाद्यपदार्थेभ्यः द्वादश नमूनाः सङ्गृहीताः तथा प्रयोगशालायां परीक्षणार्थं प्रेषिताः। एतेषु मावा (क्षीरविकारः), कुन्दा, पनीर, बून्दी, बेसनलड्डुकाः, कलाकन्दः, छेननिर्मितानि मिष्टान्नानि च अन्ये खाद्यपदार्थाः अपि अन्तर्भवन्ति। प्रयोगशालायाः परीक्षणप्रतिवेदनेन एतेषां पदार्थानां गुणवत्ता खाद्यसुरक्षामानकानां च अनुरूपता स्पष्टा भविष्यति।
खाद्यपदार्थानां परीक्षणप्रतिवेदनानि चतुर्दशदिनानाम् अन्तः प्राप्तानि भविष्यन्ति। तेषां निष्कर्षाणाम् आधारेण सम्बन्धितप्रतिष्ठानानां सञ्चालकानां विरुद्धं नियमानुसारं विधिककार्यवाही क्रियते। सम्प्रति प्रशासनं चतुर्णामपि प्रतिष्ठानानां न्यूनातिन्यूनं त्रिदिनपर्यन्तं पूर्णतया पिधानस्य निर्देशं दत्तवान्। स्वच्छतामानकेषु सुधारं कृत्वा खाद्यसुरक्षानियमानां पालनं सुनिश्चित्य अनुपालनप्रतिवेदनं समर्पयितुम् अपि निर्देशः प्रदत्तः।


