रायपुर की लूट से ओडिशा में मोबाइल अनलॉक तक, कोटा में बदली पहचान; तीन राज्यों के नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार, 100 वारदातों का खुलासा.From a Robbery in Raipur to Unlocking Phones in Odisha and Changing Identities in Kota; Three-State Syndicate Busted, 5 Arrested, 100 Cases Solved. रायपुरे लुण्ठनात् ओडिशायां चलदूरभाषयन्त्रस्य उद्घाटनपर्यन्तम्, कोटायां परिवर्तिता परिचितिः; त्रिराज्यव्यापिनः गिरोहस्य भेदनम्, पञ्च जनाः गृहीताः, शतं घटनानां रहस्योद्घाटनम्।
कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन राज्यों में सक्रिय इस नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने रायपुर, ओडिशा और राजस्थान में दबिश देकर गिरोह से जुड़े पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया।

रायपुर। शहर में लूट और चोरी के बाद मोबाइल फोन सीधे बाजार में नहीं बेचे जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इन मोबाइलों को पहले ओडिशा भेजा जाता था, जहां उनका लॉक हटाकर पहचान बदलने का प्रयास किया जाता था। आईफोन और सैमसंग के कुछ मॉडलों को सॉफ्टवेयर के जरिए अनलॉक करना संभव नहीं होने पर उनके मदरबोर्ड तक बदल दिए जाते थे।
इसके बावजूद अगर मोबाइल को इस्तेमाल के लायक तैयार नहीं किया जा सका, तो उसे राजस्थान के कोटा भेज दिया जाता था। वहां तकनीकी सहायता के जरिए फोन का लॉक खोलने के बाद उसकी पहचान बदलकर उसे सेकंड-हैंड मोबाइल के रूप में बाजार में बेच दिया जाता था।
मोबाइल चोरी-लूट के 100 मामलों से उठा पर्दा, पुलिस ने किया नेटवर्क का खुलासा.
कबीर नगर पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन राज्यों में फैले मोबाइल चोरी-लूट के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। टीम ने रायपुर, ओडिशा और राजस्थान से पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया। जांच में अब तक करीब 100 मोबाइल चोरी और लूट की वारदातों का पता चला है। आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने 14 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप भी बरामद किए हैं।
सीसीटीवी की एक तस्वीर बनी सुराग, खुलता चला गया पूरे नेटवर्क का राज.
मोबाइल लूट की वारदातों की पड़ताल के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। जांच के दौरान एक फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति नजर आया। फुटेज की बारीकी से जांच और पड़ताल के बाद उसकी पहचान रावाभाटा निवासी शहजाद अली उर्फ भिंडी के तौर पर की गई।
पुलिस ने शहजाद अली को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि वह पहले भी मोबाइल लूट के एक मामले में जेल जा चुका है। पूछताछ का सिलसिला आगे बढ़ने के साथ पुलिस को रायपुर में मोबाइल लूटने वाले आरोपितों से लेकर चोरी के फोन दूसरे राज्यों में खपाने वाले लोगों तक की कड़ियों की जानकारी मिलने लगी।
जेल में हुई मुलाकातों से जुड़ी कड़ियां, बाहर निकलकर खड़ा किया मोबाइल लूट का नेटवर्क.
शहजाद से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कैलाशपुरी और भाटागांव इलाके में कार्रवाई कर उसके दो कथित साथियों गौरव मझखंड और कृष दीप को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि रायपुर में लूट और चोरी किए गए मोबाइल फोन को स्थानीय बाजार में बेचने के बजाय दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जाता था।
रायपुर से लूटे और चोरी किए गए मोबाइल बस समेत दूसरे माध्यमों से ओडिशा के राजखरीयार क्षेत्र के तुकला गांव निवासी भोदेव मेहर तक पहुंचाए जाते थे। उसके पास पहुंचने के बाद इन मोबाइलों को बाजार में बिक्री के लिए तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होती थी।
दुकान की आड़ में चोरी-लूट के मोबाइल अनलॉक करने का खेल, बदल देते थे फोन की पहचान.
पुलिस के मुताबिक, ओडिशा में मोबाइल की दुकान चलाने वाला भोदेव मेहर चोरी और लूट के फोन को अनलॉक करने का काम करता था। इसके लिए वह GSM Rex.com Unlock Tool जैसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करता था। लॉक खुलने के बाद इन मोबाइलों को सेकंड हैंड फोन के तौर पर ग्राहकों को बेच दिया जाता था।
यानी रायपुर में किसी व्यक्ति से छीना गया मोबाइल कुछ ही समय में अपनी मूल पहचान खो देता था। उसकी पहचान बदलने के बाद उसे इस्तेमाल किया हुआ सामान्य फोन बताकर बाजार में बिक्री के लिए उतार दिया जाता था।
अनलॉक नहीं हुआ मोबाइल तो बदल देते थे मदरबोर्ड, फिर बेच देते थे इस्तेमाल किया हुआ फोन.
गिरोह के लिए सबसे बड़ी चुनौती आईफोन और सैमसंग के कुछ चुनिंदा मॉडलों को अनलॉक करना था, क्योंकि इनका लॉक सामान्य तरीके से नहीं खुलता था। ऐसे में आरोपितों ने दूसरा तरीका अपनाया। पुलिस के अनुसार, इन फोन में स्क्रैप से हासिल किए गए स्पेयर मदरबोर्ड लगाए जाते थे। इसके जरिए मोबाइल की मूल पहचान में बदलाव करने की कोशिश की जाती थी, ताकि लूटे गए फोन को उसके असली स्वरूप से जोड़कर पहचानना मुश्किल हो जाए।
मोबाइल लूट नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई, पांच आरोपित गिरफ्तार.
पुलिस ने मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान शहजाद अली उर्फ भिंडी (32), गौरव मझखंड (26), कृष दीप (20), ओडिशा निवासी भोदेव मेहर (20) और राजस्थान के कोटा निवासी आकाश परेटा (27) के रूप में हुई है।
(English)
In a joint operation, Kabir Nagar Police and the cyber team have busted a network operating across three states. Five accused linked to the syndicate were arrested during raids in Raipur, Odisha and Rajasthan.
Raipur: Mobile phones stolen or looted from the city were not sold directly in the market. According to police, the devices were first sent to Odisha, where attempts were made to unlock them and alter their identity. When certain iPhone and Samsung models could not be unlocked through software, their motherboards were reportedly replaced.
If the phone still could not be made ready for use, it was sent to Kota in Rajasthan. With technical assistance, the device was unlocked, its identity was altered, and it was then sold in the market as a second-hand phone.
Mystery Behind 100 Mobile Theft and Robbery Cases Solved, Police Uncover the Network.
Kabir Nagar Police, along with the cyber team, has busted a mobile theft and robbery network spread across three states. Five accused were arrested from Raipur, Odisha and Rajasthan. The investigation has so far uncovered around 100 cases of mobile theft and robbery. Based on the accused persons’ information, police also recovered 14 mobile phones and two laptops.
A Single CCTV Frame Became the Breakthrough, Unraveling the Entire Network.
While investigating the mobile robbery cases, police examined CCTV footage from the crime scenes and nearby areas. During the investigation, a suspected person was spotted in one of the recordings. Further scrutiny and verification led police to identify him as Shahzad Ali, alias Bhindi, a resident of Ravabhata.
Police detained Shahzad Ali and questioned him. The investigation revealed that he had previously been jailed in connection with a mobile robbery case. As the questioning continued, police began uncovering details about the network—from those involved in snatching mobile phones in Raipur to those allegedly helping dispose of the stolen devices in other states.
Connections Forged in Jail, Then Used to Build a Mobile Robbery Network.
Based on information obtained during Shahzad’s questioning, police conducted searches in the Kailashpuri and Bhatagaon areas and arrested his alleged associates, Gaurav Majhkhand and Krish Deep. The investigation revealed that mobile phones stolen or looted in Raipur were allegedly sent to other states instead of being sold in the local market.
The mobile phones looted or stolen in Raipur were transported by bus and other means to Bhodev Meher, a resident of Tukla village in Odisha’s Rajkhariyar area. Once the devices reached him, the process of preparing them for sale in the market would begin.
Stolen and Looted Phones Unlocked Under the Cover of a Shop, Their Identities Altered
According to police, Bhodev Meher, who operated a mobile phone shop in Odisha, was involved in unlocking stolen and looted devices. He allegedly used software tools such as GSM Rex.com Unlock Tool for the process. Once unlocked, the phones were sold to customers as second-hand devices.
In other words, a mobile phone snatched from a person in Raipur could lose its original identity within a short time. After its identification details were altered, it was put on the market as an ordinary used phone.
When Phones Couldn’t Be Unlocked, Their Motherboards Were Replaced Before Being Sold as Used Devices.
The gang faced its biggest challenge with certain iPhone and Samsung models, whose locks could not be opened through conventional methods. The accused then adopted an alternative method. According to police, spare motherboards obtained from scrap sources were installed in such phones in an attempt to alter their original identity, making it harder to trace the devices back to their original form.
Police Crack Down on Mobile Robbery Network, Five Accused Arrested.
Police have arrested five accused in connection with the case. The arrested individuals have been identified as Shahzad Ali, alias Bhindi (32), Gaurav Majhkhand (26), Krish Deep (20), Bhodev Meher (20) from Odisha, and Akash Pareta (27), a resident of Kota, Rajasthan.
(संस्कृत)
कबीरनगर-पुलिसदलस्य साइबर-दलस्य च संयुक्तकार्यवाहीद्वारा त्रिषु राज्येषु सक्रियस्य अस्य जालस्य भेदनं कृतम्। पुलिसदलेन रायपुर-ओडिशा-राजस्थानप्रदेशेषु कार्यवाहीं कृत्वा जालसम्बद्धाः पञ्च आरोपिताः गृहीताः।
रायपुरम्। नगरे लुण्ठितानि च चोरितानि चलदूरभाषयन्त्राणि प्रत्यक्षं विपण्यां न विक्रीयन्ते स्म। पुलिसानुसारं तानि यन्त्राणि प्रथमम् ओडिशाप्रदेशं प्रेष्यन्ते स्म, यत्र तेषां ताला-उद्घाटनं कृत्वा परिचयं परिवर्तयितुं प्रयासः क्रियते स्म। आईफोन-सैमसंग-यन्त्राणां केषाञ्चित् प्रतिरूपाणां सॉफ्टवेयर-माध्यमेन उद्घाटनं न सम्भवति चेत् तेषां मुख्यपट्टिकाः अपि परिवर्त्यन्ते स्म।
तथापि यदि चलदूरभाषयन्त्रं उपयोगाय सज्जीकर्तुं न शक्यते स्म, तर्हि तत् राजस्थानस्य कोटानगरं प्रेष्यते स्म। तत्र तकनीकी-सहाय्येन यन्त्रस्य ताला उद्घाट्य तस्य परिचयः परिवर्त्यते स्म तथा च तत् द्वितीयहस्त-चलदूरभाषयन्त्ररूपेण विपण्यां विक्रीयते स्म।
शतं चलदूरभाषयन्त्र-चौर्य-लुण्ठन-प्रकरणानां रहस्यं प्रकाशितम्, पुलिसदलेन जालस्य उद्घाटनम्।
कबीरनगर-पुलिसदलेन साइबर-दलेन च संयुक्तरूपेण कार्यवाहीं कृत्वा त्रिषु राज्येषु विस्तृतस्य चलदूरभाषयन्त्र-चौर्य-लुण्ठन-जालस्य भेदनं कृतम्। रायपुर-ओडिशा-राजस्थानप्रदेशेभ्यः पञ्च आरोपिताः गृहीताः। अन्वेषणे अधुना पर्यन्तं प्रायः शतं चलदूरभाषयन्त्र-चौर्य-लुण्ठनघटनानां रहस्योद्घाटनं जातम्। आरोपितानां सूचनानुसारं पुलिसदलेन चतुर्दश चलदूरभाषयन्त्राणि द्वे च संगणकयन्त्रे अपि स्वीकृते।
सीसीटीवी-दृश्यस्य एकः अंशः सुरागरूपेण अभवत्, ततः सम्पूर्णस्य जालस्य रहस्यं क्रमशः प्रकाशितम्।
चलदूरभाषयन्त्र-लुण्ठनघटनानां अन्वेषणकाले पुलिसदलेन घटनास्थलस्य समीपस्थानां च सीसीटीवी-कैमरेभ्यः प्राप्तं दृश्यलेखं परीक्षितम्। अन्वेषणस्य मध्ये एकस्मिन् दृश्यलेखे संदिग्धः व्यक्तिः दृष्टः। सूक्ष्मपरीक्षणेन अन्वेषणेन च तस्य परिचयः रावाभाटा-निवासिनः शहजाद-अली इति, उपनामतः भिण्डी इति च निश्चितः।
पुलिसदलेन शहजाद-अलीं निगृह्य तस्य पृच्छा आरब्धा। अन्वेषणेन ज्ञातं यत् सः पूर्वमपि चलदूरभाषयन्त्र-लुण्ठनस्य एकस्मिन् प्रकरणे कारागारे नीतः आसीत्। पृच्छा अग्रे प्रवर्तमाने पुलिसदलेन रायपुरे चलदूरभाषयन्त्राणि लुण्ठन्तः जनाः तथा च तानि चोरितयन्त्राणि अन्यराज्येषु विक्रयार्थं प्रेषयन्तः जनाः इत्यादीनां सम्पूर्णस्य जालस्य कडीनां विषये सूचनाः प्राप्ताः।
कारागारे निर्मिताः परिचयाः, ततः बहिः आगत्य चलदूरभाषयन्त्र-लुण्ठनस्य जालं निर्मितम्।
शहजादेन प्रदत्तसूचनायाः आधारेण पुलिसदलेन कैलाशपुरी-भाटागांव-क्षेत्रयोः कार्यवाही कृत्वा तस्य कथितौ सहचरौ गौरव-मझखंडं कृष-दीपं च गृहीतवन्तः। पृच्छायां ज्ञातं यत् रायपुरे लुण्ठितानि च चोरितानि चलदूरभाषयन्त्राणि स्थानीय-विपण्यां न विक्रीय, अन्यराज्येषु प्रेष्यन्ते स्म।
रायपुरात् लुण्ठितानि च चोरितानि चलदूरभाषयन्त्राणि बसयानादिभिः माध्यमैः ओडिशायाः राजखरीयार-क्षेत्रस्य तुकला-ग्रामनिवासिनः भोदेव-मेहरस्य समीपं प्राप्यन्ते स्म। तस्य समीपं प्राप्तानां यन्त्राणां विपण्यां विक्रयणयोग्यानि कर्तुं प्रक्रिया ततः आरभ्यते स्म।
आपणस्य आवरणे चोरित-लुण्ठितानां चलदूरभाषयन्त्राणां ताला-उद्घाटनम्, यन्त्राणां परिचयः अपि परिवर्त्यते स्म।
पुलिसानुसारं ओडिशायां चलदूरभाषयन्त्रस्य आपणं चालयन् भोदेव-मेहरः चोरितानि लुण्ठितानि च यन्त्राणि उद्घाटयति स्म। अस्य कार्यस्य कृते सः GSM Rex.com Unlock Tool इत्यादीनां सॉफ्टवेयर-साधनानां प्रयोगं करोति स्म। ताला उद्घाटिते सति तानि चलदूरभाषयन्त्राणि द्वितीयहस्त-यन्त्राणि इति कथयित्वा ग्राहकाणां कृते विक्रीयन्ते स्म।
अर्थात् रायपुरे कस्यचित् व्यक्तेः सकाशात् लुण्ठितं चलदूरभाषयन्त्रं अल्पकालेन स्वस्य मूलपरिचयं त्यजति स्म। तस्य परिचयं परिवर्त्य तत् सामान्यं प्रयुक्त-चलदूरभाषयन्त्रम् इति दर्शयित्वा विपण्यां विक्रयार्थं स्थाप्यते स्म।
ताला न उद्घाटिते चलदूरभाषयन्त्रे मुख्यपट्टिका परिवर्त्यते स्म, ततः प्रयुक्तयन्त्ररूपेण तत् विक्रीयते स्म।
गिरोहस्य कृते आईफोन-सैमसंग-यन्त्राणां केषाञ्चित् प्रतिरूपाणां उद्घाटनं प्रमुखं संकटम् आसीत्, यतः तेषां ताला सामान्यविधिना न उद्घाट्यते स्म। अतः आरोपितैः अन्यः उपायः स्वीकृतः। पुलिसानुसारं एतेषु यन्त्रेषु स्क्रैप-स्रोतात् प्राप्ताः अतिरिक्ताः मुख्यपट्टिकाः स्थाप्यन्ते स्म। एतेन यन्त्रस्य मूलपरिचयं परिवर्तयितुं प्रयासः क्रियते स्म, येन लुण्ठितं यन्त्रं तस्य वास्तविकस्वरूपेण सह सम्बद्धं कृत्वा ज्ञातुं कठिनं भवेत्।
चलदूरभाषयन्त्र-लुण्ठन-जाले पुलिसकार्यवाही, पञ्च आरोपिताः गृहीताः।
अस्मिन् प्रकरणे पुलिसदलेन पञ्च आरोपिताः गृहीताः। गृहीतानां आरोपितानां परिचयः शहजाद-अली उपनामतः भिण्डी (३२), गौरव-मझखंड (२६), कृष-दीप (२०), ओडिशानिवासी भोदेव-मेहर (२०), राजस्थानस्य कोटानगरनिवासी आकाश-परेटा (२७) इति अस्ति।


