खरगोन में तीज का जश्न पड़ा फीका: होटल की रबड़ी खाने से 40 लोग बीमार, अस्पताल में मचा हड़कंप.Festival Turns Sour in Khargone: 40 Hospitalized After Consuming Rabri on Hartalika Teej. खरगोननगरे हरतालिकातीजपर्वणि विषाक्तं रसकन्दं (रबड़ी) खादित्वा चत्वारिंशत् जनाः रुग्णाः, चिकित्सालये प्रविष्टाः
खरगोन ब्रेकिंग: टांडा बरुड़ गांव में फूड पॉइजनिंग का कहर, तीज की रबड़ी खाते ही 40 लोग पहुंचे अस्पताल.

- अस्पताल में मची अफरातफरी: हरतालिका तीज के पावन पर्व पर खरगोन जिले के टांडा बरुड़ ग्राम में दूषित रबड़ी खाने के बाद करीब 40 लोग खाद्य विषाक्तता (Food Poisoning) का शिकार हो गए। उल्टी, दस्त और पेट दर्द से तड़पते मरीजों के एक साथ स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से वहां अफरातफरी का माहौल बन गया।
- मेडिकल टीम तुरंत मुस्तैद: स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने बिना समय गंवाए सभी पीड़ितों का आपातकालीन उपचार शुरू किया।
- जिला अस्पताल रेफर:मरीजों में शामिल एक गर्भवती महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की हालत लगातार बिगड़ती देख, डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। प्रशासन खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर अब सख्त रवैया अपना रहा है।
बस स्टैंड स्थित होटल की रबड़ी खाने से तबीयत बिगड़ी, ग्राहक की हालत खराब.
उपचाररत पीड़ितों में शामिल लक्ष्मी बाई ने बताया कि उन्होंने गांव के बस स्टैंड पर पवन कैशव श्रीवास्तव द्वारा संचालित होटल से रबड़ी खरीदी थी। रबड़ी खाने के कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त और तेज पेट दर्द की शिकायत होने पर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामला केवल लक्ष्मी बाई तक सीमित नहीं रहा। मदन कुमरावत, सुनीता भावसार, मोनिका कुंदन राठौर और संजय कुमरावत समेत कई अन्य लोगों ने भी इसी होटल से खरीदी गई रबड़ी का सेवन करने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने की शिकायत की है। पीड़ितों के अनुसार, रबड़ी खाने के बाद उन्हें भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों के मुताबिक, रबड़ी खाने के बाद तबीयत बिगड़ने पर करीब 15 लोगों को उपचार के लिए खरगोन के निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। वहीं, त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य विभाग की टीम ने गांव-गांव पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाया था। इसके बावजूद गांव में रबड़ी खाने से लोगों के बीमार पड़ने का मामला सामने आने से विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे मामलों के बाद विभाग की पूर्व कार्रवाई महज औपचारिकता नजर आती है।
चिकित्सक ने बताई मरीजों की स्थिति, दो की हालत गंभीर होने पर किया रेफर.
चिकित्सक जय पाटीदार के अनुसार फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद करीब 40 ग्रामीण उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। इनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे। एक साथ बड़ी संख्या में मरीजों के पहुंचने से स्वास्थ्य केंद्र में देर रात तक अफरा-तफरी और गहमागहमी का माहौल बना रहा। चिकित्सकों ने एक गर्भवती महिला और एक बुजुर्ग मरीज की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए खरगोन रेफर किया। मामले की सूचना खाद्य विभाग को भी दे दी गई है।
(English)
Khargone Food Crisis: 40 Fall Victim to Food Poisoning in Tanda Barud Village on Hartalika Teej.
- Chaos at Health Center:In a shocking turn of events during Hartalika Teej in Tanda Barud village, around 40 locals fell severely ill after eating contaminated Rabri. The local health post witnessed scenes of sheer panic as dozens of patients arrived simultaneously complaining of relentless vomiting, severe diarrhea, and abdominal pain.
- Emergency Medical Intervention: : The medical staff immediately jumped into action to stabilize the victims.
- Critical Referrals:Due to rapidly deteriorating vitals, a pregnant woman and an elderly citizen were critically affected and immediately referred to the Khargone District Hospital for advanced intensive care. Authorities are currently investigating local sweets vendors for safety violations.
Customer Falls Ill After Eating Rabri at Bus Stand Hotel, Condition Worsens.
Laxmi Bai, who is among those undergoing treatment, said that she had purchased rabri from a hotel run by Pawan Kaishav Srivastava at the village bus stand. Shortly after consuming the rabri, her health began to deteriorate. She developed vomiting, diarrhea and severe stomach pain, following which she was admitted to a hospital for treatment.
The incident was not limited to Laxmi Bai. Several other people, including Madan Kumarawat, Sunita Bhavsar, Monika Kundan Rathore and Sanjay Kumarawat, also complained of falling ill after consuming rabri purchased from the same hotel. According to the affected individuals, they too experienced various health problems after eating the rabri.
According to villagers, around 15 people had to seek treatment at private hospitals in Khargone after falling ill following the consumption of rabri. Meanwhile, in view of the festive season, the Food Department team had conducted inspections and a sampling drive in villages to check the quality of food products. Despite these efforts, the reported illness after consuming rabri in the village has raised questions over the department’s monitoring and enforcement. Villagers claim that such incidents make the department’s earlier inspections and actions appear merely formal.
Doctor Updates on Patients’ Condition, Two Critically Ill Patients Referred for Further Treatment.
According to Dr. Jai Patidar, around 40 villagers reached the health center for treatment after complaining of food poisoning. Both men and women were among those affected. With a large number of patients arriving at the facility at the same time, the health center remained crowded and hectic until late at night. Considering the condition of a pregnant woman and an elderly patient, doctors referred both of them to Khargone for better treatment. The Food Department has also been informed about the incident.
(संस्कृत)
खरगोन-वार्ता: टांडा बरुड़ ग्रामे हरतालिकातीजपर्वणि रसकन्दं (रबड़ी) खादित्वा चत्वारिंशत् जनाः खाद्यविषाक्ततायाः ग्रस्ताः
- चिकित्सालये कोलाहलः: मध्यप्रदेशस्य खरगोनमण्डलस्य टांडा बरुड़ ग्रामे हरतालिकातीजपर्वणि दूषितरसकन्दस्य भक्षणेन चत्वारिंशत् (40) ग्रामवासिनः खाद्यविषाक्ततायाः ग्रस्ताः अभवन्। युगपत् सर्वेषां रुग्णानां छर्दन-तीव्रोदरवेदना-अतिसारलक्षणैः स्थानीयस्वास्थ्यकेन्द्रे तीव्रः कोलाहलः (अफरातफरी) सञ्जातः।
- त्वरितोपचारः: सूचनां प्राप्यैव वैद्याः स्वास्थ्यकर्मचारिणः च पीडितानां सद्यः उपचारं प्रारभन्त।
- मुख्यस्थानांतरणम्: रोगिणां मध्ये एकस्याः गर्भिण्याः नार्याः एकस्य वृद्धपुरुषस्य च स्थितिं अतिचिन्ताजनिकां दृष्ट्वा वैद्याः तौ तत्कालमेव मण्डल-चिकित्सालयं (District Hospital) प्रति प्रेषितवन्तः।
बसस्थानकस्थिते होटले रबडिकां भुक्त्वा ग्राहकस्य स्वास्थ्यं विक्षिप्तम्, अवस्था गम्भीरा.
उपचाराधीनपीडितेषु लक्ष्मीबाई इत्याख्यया उक्तं यत् सा ग्रामस्य बसस्थानके पवनेन कैशवश्रीवास्तवेन सञ्चालितात् होटलेभ्यः रबडिकां क्रीतवती। रबडिकां भुक्त्वा किञ्चित्कालानन्तरमेव तस्याः स्वास्थ्यं विक्षिप्तम् अभवत्। तस्याः वमनं, अतिसारः, तीव्रः उदरशूलश्च अभवत्। ततः उपचारार्थं सा चिकित्सालये प्रवेशिता।
एषः विषयः केवलं लक्ष्मीबाईपर्यन्तं सीमितः न अभवत्। मदनकुमारावतः, सुनीताभावसारः, मोनिकाकुन्दनराठौरः, सञ्जयकुमारावतः इत्यादयः अन्ये बहवः जनाः अपि तस्मादेव होटले क्रीतां रबडिकां भुक्त्वा स्वास्थ्यविषयकसमस्याभिः पीडिताः इति शिकायतवन्तः। पीडितानां कथनानुसारं रबडिकां भुक्त्वा तेभ्यः अपि विविधाः स्वास्थ्यसमस्याः उत्पन्नाः।
ग्रामीणानां कथनानुसारं रबडिकां भुक्त्वा स्वास्थ्यं विक्षिप्तानां प्रायः पञ्चदश जनानां उपचारार्थं खरगोननगरस्य निजचिकित्सालयेषु गन्तव्यम् अभवत्। अपरतः उत्सवकालं दृष्ट्वा खाद्यविभागस्य दलं ग्रामे ग्रामे गत्वा खाद्यपदार्थानां गुणवत्तां परीक्षितुं निरीक्षणं नमूनासंग्रह-अभियानं च अकरोत्। तथापि ग्रामे रबडिकां भुक्त्वा जनानां रोगग्रस्तत्वस्य घटना प्रकाशे आगता, येन विभागस्य निरीक्षणव्यवस्थायाः कार्यवाहीयाश्च विषये प्रश्नाः उत्पन्नाः। ग्रामीणानां कथनमस्ति यत् एतादृशानां घटनानां अनन्तरं विभागस्य पूर्वकार्यवाही केवलं औपचारिकता इव दृश्यते।
चिकित्सकेन रोगिणां स्थितिः कथिता, द्वयोः गम्भीरावस्थायां अग्रिमोपचारार्थं स्थानान्तरणम्.
चिकित्सकस्य जयपाटीदारस्य अनुसारं खाद्यविषाक्ततायाः शिकायतया पीडिताः प्रायः चत्वारिंशत् ग्रामीणाः उपचारार्थं स्वास्थ्यकेन्द्रं प्राप्तवन्तः। पीडितेषु महिलाः पुरुषाश्च उभे अपि सम्मिलिताः आसन्। एकस्मिन् समये बहूनां रोगिणां स्वास्थ्यकेन्द्रे आगमनेन रात्रेः विलम्बपर्यन्तं तत्र व्यस्ततायाः अव्यवस्थायाश्च वातावरणं जातम्। गर्भवतीमहिलायाः वृद्धरोगिणश्च स्थितिं दृष्ट्वा चिकित्सकैः उत्तमोपचारार्थं तौ द्वावपि खरगोननगरं प्रति प्रेषितौ। घटनायाः सूचना खाद्यविभागाय अपि प्रदत्ता।


