25 हजार की रिश्वत लेने के आरोप में पटवारी निलंबित, पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल.Patwari Suspended Over ₹25,000 Bribery Allegation as Old Video Goes Viral on Social Media. पञ्चविंशतिसहस्ररूप्यकाणां घूसग्रहणस्य आरोपे पटवारी निलम्बितः, पुरातनं दृश्यं सामाजिकमाध्यमेषु प्रसारितम्।

बिलासपुर में 25 हजार की रिश्वत लेने वाला पटवारी निलंबित, जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद कलेक्टर की कार्रवाई
पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब लोहर्सी सोन गांव के निवासी ओम प्रकाश साहू द्वारा बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो उस दौर का है, जब ऋषिपुरी गोस्वामी गांव में पटवारी के पद पर तैनात थे।
जानकारी के मुताबिक, कपिल साहू की जमीन का बंटवारा (बटांकन) करने के बदले पटवारी ने 50 हजार रुपये की मांग की थी। रकम सौंपते समय बनाए गए वीडियो में पटवारी पहले पैसे लेने से इनकार करता नजर आता है। इस दौरान वह कहता है, ‘ये पैसा मेरी जेब में जाता तो ठीक रहता।’ हालांकि, बाद में वह 25 हजार रुपये लेते हुए यह हिदायत भी देता सुनाई देता है कि ‘मामला क्लियर ही रखना, कहीं बाद में झुकना न पड़ जाए।’
English
Patwari Suspended in Bilaspur for Accepting ₹25,000 Bribe, Collector Takes Action After Probe Confirms Allegations
The matter came to light after a video recorded by Om Prakash Sahu, a resident of Loharsi Son village, went viral on social media. The footage dates back to the period when Rishipuri Goswami was posted as the village patwari.
According to the allegations, the patwari had demanded ₹50,000 in exchange for carrying out the land partition process for Kapil Sahu. In the video recorded while handing over the money, he initially appears to refuse the payment, remarking, “It would have been better if this money had gone into my pocket.” However, he later accepts ₹25,000 and advises the person to keep the matter clear to avoid facing difficulties later.
संस्कृति
बिलासपुरे २५ सहस्ररूप्यकाणां रिश्वतग्रहणप्रकरणे पटवारी निलम्बितः, अन्वेषणे आरोपाणां पुष्ट्यनन्तरं जिलाधीशस्य कार्यवाही
लोहर्सी सोनग्रामस्य निवासी ओमप्रकाश साहू इत्यनेन निर्मितं दृश्यचित्रं सामाजिकमाध्यमेषु तीव्रगत्या प्रसारितम्। एतत् दृश्यचित्रं तस्मिन् समये निर्मितम् आसीत्, यदा ऋषिपुरी गोस्वामी ग्रामे पटवारीपदे नियुक्तः आसीत्।
प्राप्तविवरणानुसारं कपिल साहू इत्यस्य भूमेः विभाजनकार्यस्य कृते पटवारी ५० सहस्ररूप्यकाणि अयाचत। धनप्रदानसमये निर्मिते दृश्यचित्रे सः प्रारम्भे धनग्रहणं निराकुर्वन् दृश्यते। अनन्तरं सः २५ सहस्ररूप्यकाणि स्वीकृत्य प्रकरणं स्पष्टं स्थापयितुं सूचयति।


