छत्तीसगढ़ के कंडोरा में खुलेगा फिजियोथेरेपी कॉलेज, 50 सीटों पर इसी सत्र से दाखिले की तैयारी.Physiotherapy College to Open in Kandora, Chhattisgarh; Admissions for 50 Seats Planned from the Current Academic Session. छत्तीसगढस्य कण्डोरायां भौतिकचिकित्सामहाविद्यालयस्य स्थापना, पञ्चाशत् आसनेषु अस्मिन्नेव शैक्षणिकसत्रे प्रवेशस्य सज्जता.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की जा रही है। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम कंडोरा में फिजियोथेरेपी कॉलेज शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित हाईस्कूल भवन का उपयोग प्रारंभिक तौर पर किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र के विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी की पढ़ाई के लिए नया अवसर मिलने की उम्मीद है।
कॉलेज में 50 सीटों के लिए इसी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस संस्थान के शुरू होने से जशपुर जिले के विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने का अवसर अपने ही क्षेत्र में मिल सकेगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भर रहने की जरूरत भी कम होगी।
कंडोरा में निर्मित हाईस्कूल भवन में विद्यालय संचालन की अनुमति नहीं मिलने के बाद शासन ने उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने की दिशा में कदम उठाया है। इसी क्रम में भवन में फिजियोथेरेपी कॉलेज संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस पहल से पहले से निर्मित भवन का सदुपयोग हो सकेगा और क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
50 सीटों पर इसी सत्र से दाखिले की तैयारी.
फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना से जशपुर और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने के नए रास्ते खुलेंगे। कॉलेज का संचालन शुरुआती तौर पर 50 सीटों के साथ शुरू करने की तैयारी है। इससे विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी में व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने के लिए दूसरे शहरों का रुख कम करना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही अध्ययन का अवसर मिल सकेगा।
कॉलेज के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में भी मदद मिलेगी। यहां विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी विषय की सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जा सकेगा। इससे भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों में रोजगार पाने के साथ-साथ स्वरोजगार शुरू करने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
फिजियोथेरेपी कॉलेज से मरीजों को भी मिलेगी बेहतर उपचार सुविधा.
जशपुर जिले में फिजियोथेरेपी कॉलेज की शुरुआत से विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिलने के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। वर्तमान में जिले के कई मरीजों को फिजियोथेरेपी से जुड़ा उपचार कराने के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर इस सुविधा का विस्तार मरीजों के लिए राहतकारी साबित हो सकता है।
कॉलेज के संचालन से फिजियोथेरेपी की पढ़ाई और विशेषज्ञ सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रशिक्षित पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे भविष्य में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा मरीजों को उपचार की सुविधाएं करीब उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
चराईडांड में 13.93 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगा आधुनिक स्थायी हाईटेक कैंपस.
फिजियोथेरेपी कॉलेज के लिए चराईडांड के समीप लगभग 13 करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से आधुनिक हाईटेक स्थायी परिसर विकसित करने की योजना बनाई गई है। स्थायी कैंपस का निर्माण पूरा होने तक कंडोरा में पहले से निर्मित भवन में कॉलेज का संचालन किया जाएगा। इससे संस्थान की गतिविधियां प्रारंभ करने के लिए उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग किया जा सकेगा।
स्थायी परिसर तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं और बेहतर प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इस परियोजना से जशपुर जिले में स्वास्थ्य शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की संभावनाओं का विस्तार होगा।
English
Under the leadership of Chief Minister Vishnu Deo Sai, preparations are underway to establish a physiotherapy college in Kandora village of the Kunkuri development block in Chhattisgarh’s Jashpur district. Initially, the college will operate from a high school building constructed at a cost of approximately ₹1.10 crore. The initiative is expected to create new opportunities for students in the region to pursue physiotherapy education.
After permission to operate a high school in the newly constructed building in Kandora was not granted, the state government decided to make better use of the available infrastructure by starting a physiotherapy college there. This initiative will ensure the effective utilization of the existing building while also creating opportunities to expand healthcare education in the region.
Admissions Planned for 50 Seats from the Current Academic Session.
The establishment of a physiotherapy college will open up new career opportunities in the healthcare sector for students from Jashpur and neighbouring areas. Preparations are underway to begin operations with an initial intake of 50 seats. The initiative will reduce students’ dependence on other cities for professional physiotherapy education and provide them with an opportunity to study closer to home.
The college will also contribute to developing a skilled and trained workforce for the healthcare sector. Students will have the opportunity to gain both theoretical knowledge and practical training in physiotherapy. This is expected to improve their prospects of securing jobs in healthcare institutions and pursuing self-employment in the future.
Physiotherapy College to Benefit Patients with Improved Treatment Facilities.
The proposed physiotherapy college in Jashpur district is expected to benefit not only students but also the healthcare sector. At present, many patients from the district have to travel to other cities to receive physiotherapy treatment. The expansion of such services locally could make treatment more accessible and convenient for them.
The college is expected to promote physiotherapy education and the development of specialized services. It will also help build a pool of trained professionals, creating opportunities to strengthen healthcare facilities in the district and bring treatment services closer to patients in the future.
Permanent State-of-the-Art High-Tech Campus to Be Built in Charai Dand at a Cost of ₹13.93 Crore.
A modern, permanent high-tech campus for the physiotherapy college is planned near Charai Dand at an estimated cost of ₹13.93 crore. Until construction of the permanent campus is completed, the college will operate from the existing building in Kandora. This arrangement will allow the institution to begin its operations using the infrastructure already available.
Once the permanent campus is developed, students are expected to benefit from modern academic infrastructure and improved training facilities. The project will strengthen healthcare education infrastructure in Jashpur district and expand opportunities for education and professional training in physiotherapy.
संस्कृत
मुख्यमन्त्रिणः विष्णुदेवसायस्य नेतृत्वे छत्तीसगढराज्यस्य जशपुरमण्डले उच्चशिक्षाक्षेत्रे नूतना पहलः क्रियते। कुनकुरीविकासखण्डस्य कण्डोराग्रामे भौतिकचिकित्सामहाविद्यालयस्य प्रारम्भाय सज्जता प्रचलति। प्रारम्भिकरूपेण प्रायः एककोटिदश लक्षरूप्यकाणां व्ययेन निर्मितस्य उच्चविद्यालयभवनस्य उपयोगः महाविद्यालयस्य सञ्चालनाय करिष्यते। अनेन उपक्रमेण क्षेत्रस्य छात्राणां भौतिकचिकित्साविषये उच्चशिक्षां प्राप्तुं नूतनः अवसरः प्राप्स्यते इति अपेक्षा अस्ति।
महाविद्यालये पञ्चाशत् आसनेषु अस्मिन्नेव शैक्षणिकसत्रे प्रवेशप्रक्रियाम् आरब्धुं सज्जता प्रचलति। अस्य संस्थानस्य प्रारम्भेण जशपुरमण्डलस्य छात्राः स्वक्षेत्रे एव भौतिकचिकित्सायाः इत्यस्मिन् महत्त्वपूर्णे स्वास्थ्यविषये व्यावसायिकशिक्षां प्राप्तुं शक्ष्यन्ति। अनेन छात्राणां उच्चशिक्षार्थं दूरस्थानगराणां गमनस्य आवश्यकता अपि न्यूनीभविष्यति।
कण्डोराग्रामे निर्मिते उच्चविद्यालयभवने विद्यालयस्य सञ्चालनाय अनुमतिः न प्राप्ता। अतः शासनं उपलब्धस्य आधारभूतसंरचनायाः समुचितोपयोगं सुनिश्चितुं तत्र भौतिकचिकित्सामहाविद्यालयस्य सञ्चालनस्य निर्णयम् अकरोत्। अनेन पूर्वनिर्मितभवनस्य सदुपयोगः भविष्यति तथा च क्षेत्रे स्वास्थ्यशिक्षायाः विस्तारस्य अवसरः अपि प्राप्स्यते।
पञ्चाशत् आसनेषु अस्मिन् शैक्षणिकसत्रे प्रवेशस्य सज्जता.
भौतिकचिकित्सामहाविद्यालयस्य स्थापनया जशपुरस्य समीपवर्तिक्षेत्राणां च छात्राणां कृते स्वास्थ्यसेवाक्षेत्रे वृत्तिनिर्माणस्य नवीनाः अवसराः उद्घाटिताः भविष्यन्ति। प्रारम्भिकरूपेण पञ्चाशत् आसनैः सह महाविद्यालयस्य सञ्चालनाय सज्जता प्रचलति। अनेन छात्राणां भौतिकचिकित्साविषये व्यावसायिकशिक्षां प्राप्तुं अन्यनगराणां प्रति आश्रयः न्यूनीभविष्यति तथा च ते स्वक्षेत्रे एव अध्ययनस्य अवसरं प्राप्स्यन्ति।
महाविद्यालयस्य सञ्चालनं स्वास्थ्यसेवाक्षेत्राय कुशलानां प्रशिक्षितानां च मानवसंसाधनानां निर्माणे अपि सहायकं भविष्यति। अत्र छात्राः भौतिकचिकित्साविषये सैद्धान्तिकज्ञानं व्यावहारिकप्रशिक्षणं च प्राप्तुं शक्ष्यन्ति। अनेन भविष्ये स्वास्थ्यसेवासंस्थासु रोजगारस्य तथा स्वव्यवसायस्य च सम्भावनाः वर्धिष्यन्ते।
भौतिकचिकित्सामहाविद्यालयेन रोगिणां कृते अपि उत्तमचिकित्सासुविधाः उपलभ्यन्ते.
जशपुरमण्डले भौतिकचिकित्सामहाविद्यालयस्य प्रारम्भेण छात्राणां कृते शिक्षावसराः प्राप्यन्ते, स्वास्थ्यसेवानां सुदृढीकरणे अपि सहायता भविष्यति। सम्प्रति मण्डलस्य अनेकाः रोगिणः भौतिकचिकित्सां प्राप्तुं अन्यनगराणि गन्तुं बाध्यन्ते। अतः स्थानीयस्तरे एतासां सेवाणां विस्तारः रोगिभ्यः सुविधाजनकः भविष्यति।
महाविद्यालयस्य सञ्चालनं भौतिकचिकित्साशिक्षायाः विशेषज्ञसेवानां च विकासं प्रोत्साहयिष्यति इति अपेक्षा अस्ति। प्रशिक्षितविशेषज्ञानां उपलब्धता वर्धयितुमपि एतेन सहायता भविष्यति। फलतः भविष्ये मण्डलस्य स्वास्थ्यसेवाः अधिकं सुदृढाः भविष्यन्ति तथा च रोगिभ्यः समीपे एव चिकित्सासुविधाः उपलब्धाः भवितुं शक्नुवन्ति।
चराईडाण्डे १३ कोटि ९३ लक्षरूप्यकाणां व्ययेन आधुनिकस्य स्थायि-उच्चप्रौद्योगिकी-परिसरस्य निर्माणं भविष्यति।
भौतिकचिकित्सामहाविद्यालयाय चराईडाण्डस्य समीपे प्रायः त्रयोदशकोटि त्रिनवतिलक्षरूप्यकाणां व्ययेन आधुनिकस्य स्थायिनः उच्चप्रौद्योगिकीपरिसरस्य निर्माणस्य योजना अस्ति। स्थायिपरिसरस्य निर्माणकार्यं पूर्णं यावत् कण्डोराग्रामे पूर्वनिर्मिते भवने महाविद्यालयस्य सञ्चालनं भविष्यति। अनेन उपलब्धायाः आधारभूतसंरचनायाः उपयोगेन संस्थानस्य कार्यारम्भः कर्तुं शक्यते।
स्थायिपरिसरस्य निर्माणानन्तरं छात्रेभ्यः आधुनिकाः शैक्षणिकसुविधाः उत्तमं प्रशिक्षणं च उपलब्धं भविष्यति। अनेन परियोजनया जशपुरमण्डले स्वास्थ्यशिक्षायाः आधारभूतसंरचना सुदृढा भविष्यति तथा च भौतिकचिकित्साक्षेत्रे शिक्षायाः प्रशिक्षणस्य च अवसराः विस्तरिष्यन्ते।


