छत्तीसगढ़ में विभाग का नाम बदला, आदिम जाति विकास विभाग अब कहलाएगा जनजाति कार्य विभाग.Chhattisgarh Renames Tribal Development Department as Tribal Affairs Department. छत्तीसगढे आदिमजातिविकासविभागस्य नाम परिवर्तितम्, अधुना जनजातिकार्यविभागः इति नाम भविष्यति.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, राज्योत्सव और राष्ट्रपति के बस्तर दौरे की तैयारियों की समीक्षा.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित बस्तर प्रवास की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में तीन दिवसीय राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा धान और गन्ना खरीदी, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों तथा प्रधानमंत्री के ऐतिहासिक कार्यकाल की सराहना से संबंधित प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक में राज्य के महत्वपूर्ण आयोजनों और विभिन्न प्रशासनिक विषयों पर चर्चा की गई।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ के आदिम जाति विकास विभाग का नाम बदलकर जनजाति कार्य विभाग करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनजातीय समाज के विकास और देश की राजनीति में उसकी भूमिका पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में 12 करोड़ से अधिक जनजातीय समुदाय के लोग रहते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस को समर्थन देने के बावजूद जनजातीय समाज को अपेक्षित लाभ नहीं मिला।
साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने जनजातीय समुदाय के विकास के लिए अलग मंत्रालय की स्थापना की थी। उनके अनुसार, यह कदम जनजातीय समाज के विकास और उससे जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण था।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह के आयोजन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर प्रवास की तैयारियों और जनहित से जुड़े विभिन्न नीतिगत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के बाद इन विषयों पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
इस संबंध में प्रस्तावित रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह के आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष राज्योत्सव तीन दिनों तक आयोजित किया जाएगा। समारोह के उद्घाटन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
इसके अलावा, 22 और 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर प्रवास को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। राष्ट्रपति के ऐतिहासिक बस्तर दशहरा में शामिल होने के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
धान-गन्ना खरीदी और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर कैबिनेट में चर्चा.
कैबिनेट की बैठक में किसानों और आम नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। आगामी खरीफ विपणन सत्र में धान खरीदी की तैयारियों और कार्ययोजना की समीक्षा की गई। साथ ही, हाल ही में हुई अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गन्ना खरीदी का मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा, उच्च शिक्षा विभाग तथा शासकीय अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों की रोकी गई पेंशन एवं लंबित पेंशन विवाद के समाधान को लेकर भी सकारात्मक चर्चा की गई। बैठक में इन विषयों से जुड़े व्यावहारिक समाधान तलाशने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व और जनसेवा की यात्रा की सराहना.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सरकार के प्रमुख के रूप में सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने उनके योगदान की सराहना की। बैठक में उनके नेतृत्व, जनकल्याणकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों को रेखांकित करते हुए विशेष प्रस्ताव पारित किया गया।
प्रस्ताव में छत्तीसगढ़ समेत देशभर में केंद्र सरकार की ओर से संचालित जनहितकारी योजनाओं के प्रभाव का उल्लेख किया गया। साथ ही, सेवा पखवाड़ा, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण कार्यक्रम और डिजिटल प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों के माध्यम से जनसेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को भी प्रमुखता दी गई।गई।
English
Chhattisgarh Cabinet Reviews State Foundation Day Preparations and President Droupadi Murmu’s Bastar Visit.
A cabinet meeting was held on Sunday under the chairmanship of Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai. The meeting reviewed preparations for the State Foundation Day celebrations and arrangements for President Droupadi Murmu’s visit to Bastar.
The cabinet decided to invite Union Home Minister Amit Shah to inaugurate the three-day Rajyotsav celebrations. Proposals concerning paddy and sugarcane procurement, flood relief measures, and appreciation of the Prime Minister’s historic tenure were also passed. The meeting discussed key state events and various administrative matters.
Raipur: A cabinet meeting was held on Sunday at the Chief Minister’s residence office in Civil Lines, Raipur, under the chairmanship of Chief Minister Vishnu Deo Sai. During the meeting, the cabinet decided to rename the Adivasi Development Department as the Tribal Affairs Department.
Speaking about the development of tribal communities and their role in Indian politics, Chief Minister Sai stated that more than 120 million people in India belong to tribal communities. He alleged that despite the community’s support for the Congress party for a long period after independence, it did not receive the benefits it deserved.
Sai further stated that the government led by former Prime Minister Atal Bihari Vajpayee had established a separate ministry for tribal development. According to the Chief Minister, this was an important step towards prioritising the development and concerns of tribal communities.
The cabinet meeting also held detailed discussions on the celebrations marking the foundation day of Chhattisgarh, preparations for President Droupadi Murmu’s visit to Bastar, and several key policy matters related to public welfare. Following the deliberations, important decisions were taken on these issues.
अस्य सम्बन्धे प्रस्तावितायाः रूपरेखायाः विषये विस्तृतः विचारविमर्शः कृतः।
The Chhattisgarh cabinet meeting held detailed discussions on the programme framework for the state’s Foundation Day celebrations. It was decided that this year’s Chhattisgarh Rajyotsav would be organised over three days, with Union Home Minister Amit Shah attending the inaugural ceremony as the chief guest.
The meeting also reviewed administrative arrangements and security preparations for President Droupadi Murmu’s visit to Bastar on October 22 and 23. In view of her participation in the historic Bastar Dussehra celebrations, the concerned authorities reviewed the necessary arrangements to ensure the smooth conduct of the visit and the event.
Cabinet Discusses Paddy and Sugarcane Procurement, Public Welfare Measures.
The cabinet meeting held detailed discussions on key issues concerning farmers and the general public. Preparations and the action plan for paddy procurement during the upcoming Kharif marketing season were reviewed. The meeting also assessed relief and rescue measures in areas affected by recent heavy rainfall and flooding.
With the aim of supporting farmers financially, the proposal to increase the sugarcane procurement price to ₹425 per quintal was discussed. In addition, the meeting considered possible solutions to pending pension disputes and withheld pension payments involving teachers and employees of the Higher Education Department and government-aided educational institutions. Emphasis was placed on exploring constructive solutions to these issues.
Appreciation for PM Modi’s 25-Year Leadership and Public Service Journey.
On the occasion of Prime Minister Narendra Modi completing 25 years as the head of a government, the Chhattisgarh Cabinet acknowledged his contributions to public life. A special resolution was passed during the meeting, appreciating his leadership, public welfare policies and achievements across various sectors.
The resolution highlighted the impact of central government welfare schemes implemented across the country, including in Chhattisgarh. It also recognised initiatives such as Seva Pakhwada, cleanliness drives, tree plantation programmes and digital exhibitions, which were organised to promote public service, sanitation and environmental awareness.
संस्कृत
छत्तीसगढराज्यस्य मुख्यमन्त्रिणः विष्णुदेवसायस्य अध्यक्षतायां रविवासरे मन्त्रिमण्डलस्य सभा आयोजिता। सभायां राज्यस्थापनादिवससमारोहस्य सज्जतायाः तथा राष्ट्रपतिनः द्रौपदीमुर्मूवर्यायाः बस्तरप्रवासस्य व्यवस्थायाः च समीक्षा कृता।
त्रिदिवसीयराज्योत्सवस्य उद्घाटनसमारोहे भागं ग्रहीतुं केन्द्रीयगृहमन्त्री अमितशाहः आमन्त्रयितुं निर्णयः कृतः। तदतिरिक्तं धान्यक्रयणस्य, इक्षुक्रयणस्य, बाढपीडितानां साहाय्यकार्याणां तथा प्रधानमन्त्रिणः ऐतिहासिककार्यकालस्य प्रशंसासम्बद्धाः प्रस्तावाः अपि पारिताः। सभायां राज्यस्य प्रमुखकार्यक्रमाणां विविधप्रशासनिकविषयाणां च चर्चा कृता।
रायपुरम्। छत्तीसगढराज्यस्य मुख्यमन्त्रिणः विष्णुदेवसायस्य अध्यक्षतायां रविवासरे रायपुरनगरस्य सिविललाइनक्षेत्रे स्थिते मुख्यमन्त्रिनिवासकार्यालये मन्त्रिमण्डलस्य सभा आयोजिता। सभायां आदिमजातिविकासविभागस्य नाम परिवर्त्य जनजातिकार्यविभागः इति कर्तुं निर्णयः स्वीकृतः।
जनजातीयसमाजस्य विकासविषये तस्य च भारतीयराजनीत्यां भूमिकाविषये मुख्यमन्त्री विष्णुदेवसायः स्वविचारान् प्रकटितवान्। सः अवदत् यत् भारते द्वादशकोट्यधिकाः जनाः जनजातीयसमुदायेषु निवसन्ति। स्वातन्त्र्यप्राप्तेः अनन्तरं दीर्घकालं यावत् जनजातीयसमाजः कांग्रेसदलं समर्थितवान्, तथापि तस्मै समाजाय अपेक्षिताः लाभाः न प्राप्ताः इति मुख्यमन्त्रिणा आरोपितम्।
सः अपि अवदत् यत् पूर्वप्रधानमन्त्रिणः अटलबिहारीवाजपेयीवर्यस्य नेतृत्वे जनजातीयसमाजस्य विकासाय पृथक् मन्त्रालयः स्थापितः आसीत्। मुख्यमन्त्रिणः मते, एषः निर्णयः जनजातीयसमाजस्य विकासस्य तस्य समस्यासु च विशेषं ध्यानं दातुं महत्त्वपूर्णं पदक्षेपम् आसीत्।
सभायां छत्तीसगढराज्यस्य स्थापनादिवससमारोहस्य आयोजनविषये, राष्ट्रपतिनः द्रौपदीमुर्मूवर्यायाः बस्तरप्रवासस्य सज्जताविषये तथा जनहितसम्बद्धेषु विविधेषु महत्त्वपूर्णनीतिविषयेषु विस्तृतचर्चा कृता। विचारविमर्शानन्तरं एतेषु विषयेषु महत्त्वपूर्णाः निर्णयाः स्वीकृताः।
अस्य सम्बन्धे प्रस्तावितायाः रूपरेखायाः विषये विस्तृतः विचारविमर्शः कृतः।
मन्त्रिमण्डलस्य सभायां छत्तीसगढराज्यस्य स्थापनादिवससमारोहस्य आयोजनरूपरेखायाः विषये विस्तृतचर्चा कृता। अस्मिन् वर्षे छत्तीसगढराज्योत्सवः त्रिदिवसीयः आयोजयितुं निर्णयः स्वीकृतः। उद्घाटनसमारोहे केन्द्रीयगृहमन्त्री अमितशाहः मुख्यातिथिरूपेण भागं ग्रहीष्यति।
तदतिरिक्तं अक्टोबरमासस्य २२ तथा २३ दिनाङ्कयोः राष्ट्रपतिनः द्रौपदीमुर्मूवर्यायाः बस्तरप्रवासस्य प्रशासनिकव्यवस्थानां सुरक्षासज्जतानां च विस्तृतसमीक्षा कृता। ऐतिहासिके बस्तरदशहरामहोत्सवे राष्ट्रपतेः सहभागितां दृष्ट्वा यात्रायाः कार्यक्रमस्य च सुचारुसञ्चालनाय आवश्यकव्यवस्थाः सुनिश्चितुं सम्बन्धिताधिकारिणः निर्देशिताः।
धान्येक्षुक्रयणस्य जनकल्याणसम्बद्धविषयाणां च मन्त्रिमण्डले चर्चा.
मन्त्रिमण्डलस्य सभायां कृषकाणां सामान्यजनानां च हितसम्बद्धेषु महत्त्वपूर्णविषयेषु विस्तृतः विचारविमर्शः अभवत्। आगामीखरीफविपणनसत्रे धान्यक्रयणस्य सज्जतायाः कार्ययोजनायाश्च समीक्षा कृता। अतीववृष्ट्या प्रभावितक्षेत्रेषु साहाय्यकार्याणां तथा उद्धारकार्याणां स्थितिः अपि समीक्षिता।


