मध्य प्रदेश में उत्कृष्ट गोपालकों को मिलेगा ₹1 लाख का पुरस्कार, 25 गायों के पालन पर ₹10 लाख तक की सब्सिडी.Madhya Pradesh to Reward Top Cattle Rearers with ₹1 Lakh; Subsidy of up to ₹10 Lakh for Rearing 25 Cows. मध्यप्रदेशे श्रेष्ठेभ्यः गोपालकेभ्यः एकलक्षरूप्यकाणां पुरस्कारः, पञ्चविंशतिगवां पालनाय दश लक्षरूप्यकाणां यावत् अनुदानम्
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार को आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पशुपालन और गौ-संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और गौपालकों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। इन पहलों का उद्देश्य प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को मजबूत करना, पशुपालकों की आय बढ़ाना और गौ-संवर्धन गतिविधियों को विस्तार देना है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और गौ-संवर्धन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल पर जोर दिया है। शनिवार को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में विकसित किए जा रहे ‘वृंदावन ग्रामों’ में गौपालक प्रतियोगिता का आयोजन रहा। इस प्रतियोगिता के माध्यम से पशुपालकों को बेहतर गौपालन के लिए प्रोत्साहित करने और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि को बढ़ावा देने की योजना है।
सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश को ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। इस पहल से गौपालन और डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलने के साथ पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
बेहतरीन गौपालकों को मिलेगा ₹1 लाख का पुरस्कार, पशुपालन को प्रोत्साहित करने की पहल.
मध्य प्रदेश के वृंदावन ग्रामों में आयोजित होने वाली गौपालक प्रतियोगिता के माध्यम से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पशुपालकों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल करने वाले गौपालक को ₹1 लाख, दूसरे स्थान पर रहने वाले को ₹50 हजार और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को ₹25 हजार की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस पहल से ग्रामीण स्तर पर गौपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पशुपालन की बेहतर पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के तहत मिलेगी ₹10 लाख तक की सब्सिडी.
भोपाल। मध्य प्रदेश में गौवंश संरक्षण को बढ़ावा देने और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना का उल्लेख करते हुए इसके तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता की जानकारी दी। योजना के अनुसार, 25 गायों के पालन के लिए ₹40 लाख का ऋण लेने वाले पात्र पशुपालक को सरकार की ओर से ₹10 लाख की सब्सिडी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। नगर निगम सीमा के भीतर स्थित गौशालाओं के लिए प्रति गाय मिलने वाले सरकारी अनुदान को ₹20 से बढ़ाकर ₹40 कर दिया गया है। इस फैसले से गौशालाओं को गौवंश के रखरखाव और चारे की व्यवस्था में आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश की लगभग 3,500 गौशालाओं में पांच लाख से अधिक गौवंश का संरक्षण किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य गौवंश की बेहतर देखभाल के साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और मध्य प्रदेश को देश का सर्वाधिक दुग्ध उत्पादन करने वाला राज्य बनाना है।
English
Chief Minister Mohan Yadav made several important announcements to promote milk production and cattle conservation at the state-level Cattle Rearers’ Conference held in Bhopal, the capital of Madhya Pradesh, on Saturday.
The announcements focused on encouraging dairy farming, supporting cattle rearers and strengthening the state’s dairy sector. The initiatives aim to increase milk production, improve the income of livestock farmers and promote cattle development across Madhya Pradesh.
Bhopal: The Madhya Pradesh government is stepping up efforts to increase milk production and promote cattle conservation. At the state-level Cattle Rearers’ Conference held in Bhopal on Saturday, Chief Minister Mohan Yadav made several important announcements aimed at strengthening the dairy sector.
The main highlight of the conference was the proposed organisation of cattle rearers’ competitions in ‘Vrindavan Villages’ being developed across all 313 development blocks of the state. The initiative aims to motivate livestock farmers to adopt better cattle-rearing practices and contribute to higher milk production.
The government seeks to position Madhya Pradesh as a leading state in ‘White Revolution 2.0’. The initiative is expected to encourage cattle rearing, strengthen dairy farming and support improvements in the livelihoods of livestock farmers.
Top Cattle Rearers to Receive a Prize of ₹1 Lakh.
Outstanding cattle rearers participating in competitions to be organised in Vrindavan Villages across Madhya Pradesh will be honoured with cash prizes. The participant securing first place will receive ₹1 lakh, while the second-place winner will be awarded ₹50,000 and the third-place winner ₹25,000.
Chief Minister Mohan Yadav said the initiative would encourage healthy competition among cattle rearers at the local level. It is also expected to promote improved cattle-rearing practices and bring qualitative improvements in milk production across the state.
The Dr. Bhimrao Ambedkar Kamdhenu Yojana aims to promote cattle rearing and boost milk production in Madhya Pradesh. Eligible beneficiaries may receive a subsidy of up to ₹10 lakh under the scheme, subject to the applicable conditions.
The initiative aims to provide financial assistance to cattle rearers, encourage dairy farming and improve the income of livestock farmers. Applicants should check the official guidelines for eligibility criteria and subsidy terms.
Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav highlighted the Dr. Bhimrao Ambedkar Kamdhenu Yojana as part of the state’s efforts to protect cattle and strengthen the financial position of livestock farmers. Under the scheme, eligible cattle rearers taking a loan of ₹40 lakh to rear 25 cows are being provided a government subsidy of ₹10 lakh.
The Chief Minister also highlighted an increase in financial assistance for gaushalas operating within municipal corporation limits. The government grant has been doubled from ₹20 to ₹40 per cow, with the aim of helping urban gaushalas become more financially self-reliant and meet cattle-care expenses.
According to the Chief Minister, more than five lakh cattle are currently being protected in approximately 3,500 gaushalas across Madhya Pradesh. The state government aims to improve cattle welfare, expand dairy farming and make Madhya Pradesh the country’s leading state in milk production.
संस्कृत
मध्यप्रदेशस्य राजधानी भोपालनगरे शनिवासरे आयोजिते राज्यस्तरीयगोपालकसम्मेलने मुख्यमन्त्रिणा मोहनयादवेन दुग्धोत्पादनस्य गौसंवर्धनस्य च प्रोत्साहनार्थं अनेकाः महत्त्वपूर्णघोषणाः कृताः।
ताभिः घोषणाभिः दुग्धव्यवसायस्य विकासः, गोपालकानां आयवृद्धिः तथा पशुपालनक्षेत्रस्य सुदृढीकरणं च लक्ष्यीकृतम् अस्ति। एतासां योजनानां माध्यमेन मध्यप्रदेशे दुग्धोत्पादनं वर्धयितुं गौसंवर्धनकार्याणि च विस्तारितुं प्रयत्नः क्रियते।
भोपालम्। मध्यप्रदेशे दुग्धोत्पादनस्य वृद्ध्यर्थं गौसंवर्धनस्य प्रोत्साहनार्थं च राज्यसर्वकारेण महत्त्वपूर्णाः पहलाः आरब्धाः। शनिवासरे भोपालनगरे आयोजिते राज्यस्तरीयगोपालकसम्मेलने मुख्यमन्त्री मोहनयादवेन अस्मिन् विषये अनेकाः महत्त्वपूर्णघोषणाः कृताः।
सम्मेलनस्य प्रमुखम् आकर्षणं राज्यस्य सर्वेषु ३१३ विकासखण्डेषु विकसित्यमानेषु ‘वृन्दावनग्रामेषु’ गोपालकप्रतियोगितायाः आयोजनम् आसीत्। अस्याः प्रतियोगितायाः उद्देश्यं पशुपालकानां प्रोत्साहनम्, उत्तमगोपालनपद्धतीनां प्रचारः तथा दुग्धोत्पादनस्य वृद्धिः अस्ति।
मध्यप्रदेशं ‘श्वेतक्रान्तिः २.०’ इत्यस्य क्षेत्रे अग्रणीं राज्यं कर्तुं सर्वकारः प्रयतते। अस्याः पहलायाः माध्यमेन गोपालनस्य दुग्धव्यवसायस्य च विकासः भविष्यति तथा पशुपालकानां आर्थिकस्थितिः सुदृढा भविष्यति इति अपेक्षा अस्ति।
श्रेष्ठेभ्यः गोपालकेभ्यः एकलक्षरूप्यकाणां पुरस्कारः प्रदास्यते।
मध्यप्रदेशस्य वृन्दावनग्रामेषु आयोज्यमानायां गोपालकप्रतियोगितायां उत्कृष्टप्रदर्शनं कुर्वन्तः पशुपालकाः नगदपुरस्कारैः सम्मानिताः भविष्यन्ति। प्रतियोगितायां प्रथमस्थानं प्राप्तवते गोपालकाय एकलक्षरूप्यकाणि, द्वितीयस्थानं प्राप्तवते पञ्चाशत्सहस्ररूप्यकाणि, तृतीयस्थानं प्राप्तवते च पञ्चविंशतिसहस्ररूप्यकाणि पुरस्काररूपेण प्रदास्यन्ते।
मुख्यमन्त्री मोहनयादवः अवदत् यत् अस्याः पहलायाः माध्यमेन स्थानीयस्तरे गोपालकेषु स्वस्थप्रतिस्पर्धायाः भावना वर्धिष्यते। उत्तमगोपालनपद्धतीनां स्वीकरणाय प्रोत्साहनं मिलिष्यति तथा च प्रदेशे दुग्धोत्पादनस्य गुणवत्तायां सुधारः भविष्यति।
मध्यप्रदेशे गोपालनस्य दुग्धोत्पादनस्य च प्रोत्साहनार्थं डॉ. भीमराव-आम्बेडकर-कामधेनुयोजनायाः अन्तर्गतं पात्रेभ्यः लाभार्थिभ्यः दश लक्षरूप्यकाणां यावत् अनुदानं प्रदातुं प्रावधानम् अस्ति।
अस्याः योजनायाः प्रमुखम् उद्देश्यम् गोपालकेभ्यः आर्थिकसहाय्यं प्रदानम्, दुग्धव्यवसायस्य प्रोत्साहनम् तथा पशुपालकानाम् आयवृद्धिः अस्ति। अनुदानस्य पात्रतायाः नियमाणां च विषये आधिकारिकनिर्देशाः अवलोकनीयाः।
मध्यप्रदेशे गोवंशस्य संरक्षणाय पशुपालकानां आर्थिकस्थितेः सुदृढीकरणाय च मुख्यमन्त्री मोहनयादवः डॉ. भीमराव-आम्बेडकर-कामधेनुयोजनायाः उल्लेखं कृतवान्। अस्याः योजनायाः अन्तर्गतं पञ्चविंशतिगवां पालनाय चत्वारिंशत् लक्षरूप्यकाणां ऋणं गृह्णतः पात्रस्य पशुपालकस्य कृते दश लक्षरूप्यकाणाम् अनुदानं प्रदीयते।
मुख्यमन्त्रिणा नगरीयक्षेत्रेषु स्थितानां गोशालानां आर्थिकसहायतायाम् अपि वृद्धिः सूचिता। नगरनिगमसीमायाः अन्तर्गतं स्थितानां गोशालानां कृते प्रतिगवं प्रदीयमानं शासकीयानुदानं विंशतिरूप्यकेभ्यः चत्वारिंशत् रूप्यकाणि यावत् वर्धितम् अस्ति। अनेन गोशालानां स्वावलम्बनं वर्धयितुं गोवंशस्य पालनपोषणं च सुकरं भविष्यति।
मुख्यमन्त्रिणः अनुसारं वर्तमानकाले मध्यप्रदेशस्य प्रायः त्रिसहस्रपञ्चशतसु गोशालासु पञ्चलक्षाधिकाः गावः संरक्ष्यन्ते। राज्यसर्वकारस्य सङ्कल्पः गोवंशस्य समुचितसंरक्षणं दुग्धोत्पादनस्य वृद्धिः तथा भारतदेशे मध्यप्रदेशं सर्वाधिकदुग्धोत्पादकं राज्यम् इति प्रतिष्ठापयितुं च अस्ति।


