शीर्षक: ग्वालियर में बच्चे का वीडियो वायरल, भीख में रोज 100 से 300 रुपये मिलने का दावा, बदले में सिर्फ खाना!Headline: Child’s Video Goes Viral in Gwalior: Claims of ₹100–₹300 in Daily Alms in Exchange for Food. शीर्षकम्: ग्वालियरनगरे बालकस्य चलचित्रं सामाजिकमाध्यमेषु प्रसारितम्, भिक्षायाः स्थाने केवलं भोजनं लभ्यते इति कथनम्।
ग्वालियर में वायरल हुए वीडियो ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और बाल भिक्षावृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदार विभागों के प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बच्चों को भिक्षावृत्ति से दूर रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान जमीनी स्तर पर कितने प्रभावी साबित हो रहे हैं।

ग्वालियर। शहर में बाल भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में बैजाताल के पास बैठे एक बच्चे से एक युवक बातचीत करता दिखाई दे रहा है। बातचीत के दौरान बच्चा कथित तौर पर बताता है कि उसे प्रतिदिन 100 से 300 रुपये तक भीख मिलती है। वह यह रकम अपने मुखिया को सौंप देता है और इसके बदले उसे केवल खाना दिया जाता है। वीडियो सामने आने के बाद बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम और बच्चों के संभावित शोषण को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
ग्वालियर में सामने आए वीडियो के अनुसार, बच्चे के साथ ऐसे कई अन्य साथी भी हैं। बच्चे ने खुद के फूलबाग इलाके में रहने की बात बताई है। इस खुलासे के बाद प्रशासन और बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले शहर के तिराहों, चौराहों और ट्रैफिक सिग्नलों पर भीख मांगने वाले बच्चों को रेस्क्यू करने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया था। इसके बावजूद बच्चों के भिक्षावृत्ति में शामिल होने से अभियान की प्रभावशीलता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्वालियर जिले में बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने और इस पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष अभियान संचालित किया था। इस अभियान में महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, विशेष किशोर पुलिस इकाई, नेहरू युवा केंद्र तथा सेंटर फॉर डेवलपमेंट के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई थी। अभियान का उद्देश्य भीख मांगने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और बाल भिक्षावृत्ति की समस्या पर अंकुश लगाना था।
ग्वालियर में बाल भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए चलाया गया अभियान अब पहले की तरह सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। बीच-बीच में कार्रवाई होने के बावजूद इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। मौजूदा स्थिति यह है कि शहर के मंदिरों, चौराहों, तिराहों और ट्रैफिक सिग्नलों पर बच्चे आसानी से भीख मांगते दिखाई देते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से नियमित कार्रवाई होती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में बाल भिक्षावृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए अभियान की निरंतरता और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।
मालगाड़ी की चपेट में आने से 25 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत.
बिरलानगर और रायरू रेलवे स्टेशन के बीच सोमवार सुबह मालगाड़ी की चपेट में आने से 25 वर्षीय दीपक चौरसिया की मौत हो गई। सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान उसके चचेरे भाई शिवदत्त ने की। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से युवक के पास कोई यात्रा टिकट या पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। पंचनामा की कार्रवाई के बाद सुबह करीब 10:30 बजे शव को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
English
The video that has surfaced in Gwalior has raised serious questions about the administration’s functioning and the efforts of departments responsible for curbing child begging. The incident has prompted concerns over how effectively campaigns aimed at protecting children from begging are being implemented on the ground.
A video that has raised questions about the effectiveness of the campaign against child begging in the city went viral on social media on Monday. In the video, a young man is seen speaking to a child sitting near Baijatal. During the conversation, the child reportedly says that he receives between ₹100 and ₹300 a day through begging. He claims to hand over the money to a group leader and receives only food in return. The video has renewed concerns about the prevention of child begging and the possible exploitation of children. However, the claims made in the video have yet to be independently verified.
According to the video that surfaced in Gwalior, the child has several other companions who may also be involved in similar circumstances. The child reportedly stated that he lives in the Phoolbagh area. The disclosure has raised questions about the administration and the departments responsible for preventing child begging.Earlier, extensive rescue drives were conducted to identify and rescue children begging at road junctions, intersections and traffic signals across the city. However, the latest video has renewed concerns about the effectiveness of these initiatives and the monitoring mechanisms in place to protect vulnerable children.
The Gwalior district administration had launched a special drive aimed at curbing child begging and helping children move away from the practice. Members of the Women and Child Development Department, Labour Department, Special Juvenile Police Unit, Nehru Yuva Kendra and the Centre for Development actively participated in the campaign. The initiative aimed to identify children engaged in begging, ensure their safety and strengthen efforts to prevent child exploitation.
The campaign launched to curb child begging in Gwalior no longer appears to be as active as it once was. Although occasional enforcement drives have taken place, the problem remains largely unresolved. Children can still be seen begging at temples, road intersections, junctions and traffic signals across the city. However, regular action by the concerned departments appears to be lacking. The situation has raised questions about the continuity of the campaign and the effectiveness of administrative monitoring to prevent child begging.
25-Year-Old Man Dies After Being Hit by a Goods Train.
A 25-year-old man, identified as Deepak Chaurasia, died after being hit by a goods train between Birlanagar and Rairu railway stations on Monday morning. Railway Protection Force (RPF) personnel and the Government Railway Police (GRP) reached the spot after receiving information about the incident. His cousin, Shivdutt, identified the body. No travel ticket or identity documents were found on the deceased. After completing the necessary formalities, the body was sent for further procedures at around 10:30 a.m. Police are investigating the circumstances of the incident.
संस्कृति
ग्वालियरनगरे प्रसारितेन चलचित्रेण प्रशासनस्य कार्यप्रणाल्याः तथा बालभिक्षावृत्तिं निवारयितुं उत्तरदायिनां विभागानां प्रयासानां विषये गम्भीराः प्रश्नाः उत्पन्नाः सन्ति। अनेन घटनाक्रमेण बालकान् भिक्षावृत्तेः निवारयितुं सञ्चालितानां अभियानानां वास्तविकप्रभावकारितायाः विषये चिन्ता प्रकटिता अस्ति।
बालभिक्षावृत्तिनिवारण-अभियानस्य प्रभावकारितायाः विषये प्रश्नाः, बालकस्य चलचित्रं प्रसारितम्।
ग्वालियरनगरे प्रसारितस्य चलचित्रस्य अनुसारं, अस्य बालकस्य अन्येऽपि बहवः साथीदाराः सन्ति। बालकः स्वस्य निवासस्थानं फूलबागक्षेत्रम् इति कथितवान्। अस्य प्रकटीकरणस्य अनन्तरं प्रशासनस्य तथा बालभिक्षावृत्तिं निवारयितुं उत्तरदायिनां विभागानां कार्यप्रणाल्याः विषये प्रश्नाः उत्पन्नाः सन्ति।पूर्वम् अपि नगरे मार्गत्रिसन्धिषु, चतुष्पथेषु तथा यातायातसंकेतेषु भिक्षां याचमानान् बालकान् उद्धर्तुं व्यापकाः अभियानाः सञ्चालिताः आसन्। तथापि इदानीं प्रसारितेन चलचित्रेण एतेषाम् अभियानानां प्रभावकारितायाः तथा बालकानां संरक्षणार्थं क्रियमाणस्य निरीक्षणस्य व्यवस्थायाः विषये पुनः चिन्ता उत्पन्ना अस्ति।
ग्वालियरजनपदे बालभिक्षावृत्तेः नियन्त्रणाय तथा बालकान् भिक्षाटनात् मुक्तान् कर्तुं जिलाप्रशासनेन विशेषाभियानं सञ्चालितम् आसीत्। अस्मिन् अभियाने महिला-बालविकासविभागस्य, श्रमविभागस्य, विशेषकिशोरपुलिसदलस्य, नेहरूयुवकेन्द्रस्य तथा विकासकेन्द्रस्य प्रतिनिधयः सक्रियतया भागं गृहीतवन्तः। अस्य अभियानस्य प्रमुखम् उद्देश्यम् भिक्षाटनं कुर्वतां बालकानां परिचयः, तेषां सुरक्षायाः व्यवस्था तथा बालशोषणस्य निवारणाय प्रभाविणः प्रयासाः करणम् आसीत्।
ग्वालियरनगरे बालभिक्षावृत्तिं निवारयितुं प्रारब्धम् अभियानम् अधुना पूर्ववत् सक्रियं न दृश्यते। समये समये कार्यवाही भवति, तथापि अस्याः समस्यायाः प्रभावी नियन्त्रणं न जातम्। वर्तमानस्थितौ नगरेषु देवालयेषु, मार्गचतुष्पथेषु, त्रिमार्गसङ्गमेषु तथा यातायातसंकेतेषु बालकाः सहजतया भिक्षां याचमानाः दृश्यन्ते। तथापि सम्बन्धितविभागैः नियमितकार्यवाही क्रियमाणा न दृश्यते। अतः बालभिक्षावृत्तिनिवारणाभियानस्य निरन्तरतायाः तथा प्रशासनिकनिरीक्षणव्यवस्थायाः प्रभावकारितायाः विषये प्रश्नाः उत्पन्नाः सन्ति।
मालवाहकरेलयानस्य आघातेन पञ्चविंशतिवर्षीयस्य युवकस्य मृत्युः
सोमवासरे प्रातः बिरलानगर-रायरूरेलस्थानकयोर्मध्ये मालवाहकरेलयानस्य आघातेन पञ्चविंशतिवर्षीयस्य दीपकचौरसियानामकस्य युवकस्य मृत्युः अभवत्। सूचनां प्राप्य रेलसुरक्षाबलस्य तथा राजकीयरेलपुलिसदलस्य सदस्याः घटनास्थलं प्राप्तवन्तः। मृतकस्य परिचयं तस्य चुलतभ्राता शिवदत्तः अकरोत्। मृतकस्य समीपे यात्रापत्रं वा परिचयपत्रं वा न प्राप्तम्। आवश्यककार्यवाहीं कृत्वा प्रातः सार्धदशवादने शवः अग्रिमकार्यवाहीर्थं प्रेषितः। पुलिसदलम् घटनायाः कारणानि अन्विष्यति।


