बालोद में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, सरपंच पति के ठिकाने से सागौन-खम्हार की लकड़ी और कीमती फर्नीचर बरामद। Major Forest Department Action in Balod: Teak and Khammar Wood, Expensive Furniture Seized from Sarpanch’s Husband’s Premises। बालोदे वनविभागस्य बृहद् कार्यवाही, सरपञ्चपत्युः परिसरेभ्यः सागौन-खम्हारकाष्ठं मूल्यवानि च आसनानि अधिगृहीतानि।
बालोद के ग्राम अंगारी में वन, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने सरपंच पति अश्विनी डड़सेना के ठिकाने पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में सागौन और खम्हार की लकड़ी, महंगे फर्नीचर समेत एक मेटाडोर वाहन बरामद कर जब्त किया गया। बताया जा रहा है कि आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। फिलहाल वन विभाग जब्त लकड़ी की मात्रा और अन्य सामान का आकलन करते हुए मामले की जांच कर रहा है।

बालोद: वन परिक्षेत्र बालोद के ग्राम अंगारी में मंगलवार को वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी छापेमार कार्रवाई की। टीम ने सरपंच पति अश्विनी डड़सेना के ठिकाने पर दबिश देकर सागौन और खम्हार की लकड़ी से तैयार फर्नीचर, कटी हुई सागौन की लकड़ियां, दीवार पर लगा सागौन का टीवी फ्रेम और एक मेटाडोर वाहन बरामद कर जब्त किया।
कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बताया गया है कि वन विभाग को काफी समय से अवैध रूप से लकड़ी रखने और उसके इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी सूचना के आधार पर मंगलवार को वन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम अंगारी निवासी अश्विनी डड़सेना, पिता गंभीर डड़सेना के परिसर में छापा मारकर जांच शुरू की।
तलाशी के दौरान परिसर से सागौन की लकड़ी से तैयार बड़ी मात्रा में महंगे फर्नीचर, दीवार पर लगा सागौन का टीवी फ्रेम, चिरान किए गए सागौन के पल्ले, ताजा कटी और गीली सागौन की लकड़ियां तथा खम्हार की लकड़ी से बने फर्नीचर मिले। टीम ने मौके से एक मेटाडोर वाहन भी जब्त किया है। अब विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि वाहन का इस्तेमाल लकड़ी के परिवहन में किया गया था या नहीं।
माप-तौल और विस्तृत मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही जब्त की गई लकड़ी की वास्तविक मात्रा सामने आएगी।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जब्त लकड़ी की गिनती, माप और कीमत का आकलन फिलहाल किया जा रहा है। लकड़ी की प्रजाति, वास्तविक मात्रा और उससे जुड़े वैध दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही जब्ती की कुल मात्रा और अनुमानित मूल्य सामने आएगा। जांच के निष्कर्षों के आधार पर वन अधिनियम सहित अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सरपंच पति के ठिकाने पर कार्रवाई से इलाके में चर्चा तेज
यह कार्रवाई इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि अश्विनी डड़सेना की पत्नी ग्राम अंगारी की मौजूदा निर्वाचित सरपंच हैं। एक जनप्रतिनिधि के परिवार से जुड़े व्यक्ति के परिसर में हुई इस कार्रवाई ने पूरे जिले में लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, ग्रामीणों के बीच भी दिनभर इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
अश्विनी डड़सेना का नाम पहले भी विवादों से जुड़ चुका है।
अश्विनी डड़सेना का नाम इससे पहले भी कई मामलों में सामने आने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह धोखाधड़ी समेत अन्य प्रकरणों में जेल जा चुके हैं। इसके अलावा एक राजनीतिक दल के नेता की कार में आगजनी से जुड़े चर्चित मामले में भी उनकी गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। इसी मामले में उनकी पत्नी, जो वर्तमान में ग्राम अंगारी की सरपंच हैं, को भी न्यायिक अभिरक्षा में रहना पड़ा था।
अवैध लकड़ी के कारोबार पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
वन विभाग की इस कार्रवाई को जिले में अवैध लकड़ी के कारोबार पर की गई अहम कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद जब्त लकड़ी और अन्य सामग्री की वास्तविक मात्रा, अनुमानित कीमत तथा उसके स्रोत से जुड़ी जानकारी सामने आएगी। यदि जांच में वन अपराध की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ वन अधिनियम और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर जब्त सामान का पंचनामा तैयार करने के साथ उसकी माप-जोख और जरूरी दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर रही है। पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद विभाग विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
English
In Angari village of Balod district, a joint team of the Forest, Revenue and Police departments raided the premises of Sarpanch’s husband Ashwini Dadseena. During the operation, a large quantity of teak and Khammar wood, expensive furniture, and a Matador vehicle were seized. The accused reportedly has a previous criminal record. The Forest Department is currently assessing the seized timber and other items as part of its investigation.
Balod: A joint team of the Forest, Revenue and Police departments conducted a major raid on Tuesday at Angari village under the Balod forest range. The team searched the premises of Sarpanch’s husband Ashwini Dadseena and seized furniture made from teak and Khammar wood, cut teak timber, a teak TV frame installed on the wall, and a Matador vehicle.
The action created a stir across the area, with a large number of villagers gathering at the spot. According to the information available, the Forest Department had been receiving inputs for some time about the alleged illegal storage and use of timber. Acting on the information, a joint team of the Forest, Revenue and Police departments conducted a raid on Tuesday at the premises of Ashwini Dadseena, son of Gambhir Dadseena, a resident of Angari village.
During the search, the team recovered a large quantity of expensive furniture made from teak wood, a teak TV frame fixed to the wall, sawn teak panels, freshly cut and wet teak timber, and furniture made from Khammar wood. A Matador vehicle was also seized from the premises. The department is now investigating whether the vehicle was used for transporting the timber.
The exact quantity of the seized timber will be determined after measurement and detailed assessment.
Forest Department officials said that the seized timber is currently being counted, measured and assessed. The total quantity and estimated value of the seized wood will be determined only after verifying its species, actual volume and the relevant legal documents. Further action will be taken under the Forest Act and other applicable legal provisions based on the findings of the investigation.
Action Against Sarpanch’s Husband Sparks Buzz in the Area
The action has drawn attention as Ashwini Dadseena’s wife is the currently elected Sarpanch of Angari village. The raid at the premises of a person connected to the family of an elected representative has attracted attention across the district. The action also remained a topic of discussion among villagers throughout the day.
Ashwini Dadseena’s name has been linked to controversies in the past as well.
Ashwini Dadseena has reportedly been named in several cases in the past. According to available information, he has previously been jailed in connection with fraud and other cases. He was also arrested in a widely discussed case involving the alleged setting of fire to a political party leader’s car and was subsequently sent to judicial custody. His wife, who is currently the Sarpanch of Angari village, was also placed in judicial custody in connection with the same case.
Major Forest Department Action Against Illegal Timber Trade
The Forest Department’s action is being viewed as a significant step against the illegal timber trade in the district. Officials said that the actual quantity and estimated value of the seized timber and other materials, along with information about their source, will be established after the investigation is completed. If a forest offence is confirmed, strict action will be taken against those concerned under the Forest Act and other applicable legal provisions.
At present, the Forest Department team is preparing the seizure report at the spot and completing the measurement and required documentation of the seized materials. Once the procedure is completed, the department will prepare a detailed report and initiate further legal proceedings based on its findings.
संस्कृत:
बालोद-मण्डलस्य अङ्गारी-ग्रामे वन-विभागस्य, राजस्व-विभागस्य तथा पुलिस-विभागस्य संयुक्तदलम् सरपञ्चपतेः अश्विनी डड़सेनस्य परिसरे आकस्मिकं निरीक्षणम् अकरोत्। तस्मिन् समये बहुमात्रायां सागौन-काष्ठं खम्हार-काष्ठं च, मूल्यवानि काष्ठनिर्मितानि उपकरणानि तथा एकं मेटाडोर-यानं च अधिगृहीतम्। अभियुक्तस्य पूर्वमपि आपराधिकः इतिहासः अस्ति इति कथ्यते। सम्प्रति वनविभागः अधिगृहीत-काष्ठस्य परिमाणं निर्धारयन् अन्यसामग्रीणां च परीक्षणं कृत्वा अन्वेषणं करोति।
बालोदः: बालोदस्य वनपरिक्षेत्रान्तर्गत अङ्गारी-ग्रामे मङ्गलवासरे वन-विभागस्य, राजस्व-विभागस्य तथा पुलिस-विभागस्य संयुक्तदलस्य महती कार्यवाही अभवत्। संयुक्तदलेन सरपञ्चपतेः अश्विनी डड़सेनस्य परिसरे छापाकार्यवाही कृत्वा सागौन-काष्ठेन खम्हार-काष्ठेन च निर्मितानि फर्नीचर-वस्तूनि, छिन्नानि सागौन-काष्ठानि, भित्तौ स्थापितं सागौन-काष्ठनिर्मितं दूरदर्शन-यन्त्रस्य आवरणं तथा एकं मेटाडोर-यानं च अधिगृहीतम्।
कार्यवाहीस्य सूचना प्रसृतेन सम्पूर्णे क्षेत्रे हलचलः अभवत् तथा च बहवः ग्रामवासिनः घटनास्थले समागताः। प्राप्तसूचनानुसारं वनविभागाय दीर्घकालात् अवैधरूपेण काष्ठस्य संग्रहणस्य उपयोगस्य च सूचना प्राप्यते स्म। तस्याः सूचनायाः आधारेण मङ्गलवासरे वनविभागस्य, राजस्वविभागस्य तथा पुलिसविभागस्य संयुक्तदलम् अङ्गारी-ग्रामनिवासिनः गम्भीर-डड़सेनस्य पुत्रस्य अश्विनी डड़सेनस्य परिसरे छापां कृत्वा परीक्षणम् आरब्धवान्।
तलाशीसमये परिसरात् सागौन-काष्ठेन निर्मितानि बहूनि मूल्यवानि फर्नीचर-वस्तूनि, भित्तौ स्थापितं सागौन-काष्ठनिर्मितं दूरदर्शन-यन्त्रस्य आवरणं, चिरितानि सागौन-काष्ठपट्टानि, आर्द्रावस्थायां छिन्नानि सागौन-काष्ठानि तथा खम्हार-काष्ठेन निर्मितानि फर्नीचर-वस्तूनि च प्राप्तानि। घटनास्थलात् एकं मेटाडोर-यानमपि अधिगृहीतम्। तस्य यानस्य काष्ठपरिवहने उपयोगः अभवत् वा न वा इति विभागेन अन्वेषणं क्रियते।
मापनस्य मूल्याङ्कनस्य च पूर्णतया सम्पन्नतायाः अनन्तरमेव अधिगृहीत-काष्ठस्य वास्तविकं परिमाणं स्पष्टं भविष्यति।
वनविभागस्य अधिकारिभिः उक्तं यत् अधिगृहीत-काष्ठस्य गणना, मापनं मूल्याङ्कनं च सम्प्रति प्रचलति। काष्ठस्य प्रजातिः, वास्तविकं परिमाणं तथा सम्बन्धितानि वैधानिकानि दस्तावेजानि परीक्षितानि अनन्तरमेव अधिगृहीत-काष्ठस्य कुलं परिमाणं अनुमानितं मूल्यं च स्पष्टं भविष्यति। अन्वेषणस्य निष्कर्षाणाम् आधारेण वनाधिनियमस्य अन्येषां सम्बन्धितानां विधिक-प्रावधानानां च अन्तर्गतं अग्रे कार्यवाही करिष्यते।
सरपञ्चपत्युः परिसरे कृतया कार्यवाहितया क्षेत्रे चर्चा तीव्रा जाता।
एषा कार्यवाही विशेषरूपेण चर्चिता अस्ति, यतः अश्विनी डड़सेनस्य पत्नी अङ्गारी-ग्रामस्य वर्तमान-निर्वाचिता सरपञ्चा अस्ति। निर्वाचित-जनप्रतिनिधेः परिवारसम्बद्धस्य व्यक्तेः परिसरे कृता एषा कार्यवाही सम्पूर्णे जनपदे जनानां ध्यानम् आकर्षितवती। ग्रामवासिनां मध्ये अपि दिवसभरम् एतस्याः कार्यवाहितायाः विषये विविधाः चर्चाः प्रवृत्ताः।


