बस्तर संभाग को बड़ी सौगात: 200 करोड़ की लागत से बनेंगे 13 नए पुल, चार जिलों में सुधरेगी कनेक्टिविटी। Major Connectivity Boost for Bastar: 13 New Bridges to Be Built at a Cost of ₹200 Crore. बस्तरमण्डले महती सौगात्—द्विशतकोटिरूप्यकैः १३ सेतवः निर्मास्यन्ते, यातायातं सुगमं भविष्यति।

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लोक निर्माण विभाग (सेतु) के जगदलपुर संभाग के तहत आने वाले चार प्रमुख जिलों में कनेक्टिविटी मजबूत करने की तैयारी है। इसके लिए करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 13 नए पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाएगा। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में लोगों का आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए आवागमन से जुड़ी बड़ी राहत मिलने वाली है। लोक निर्माण विभाग (सेतु) के जगदलपुर संभाग द्वारा चार प्रमुख जिलों में करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 13 नए पुल-पुलियों का निर्माण कराया जाएगा। इन निर्माण कार्यों से दुर्गम इलाकों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी और ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

मानसून के दिनों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई अंदरूनी गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों और जिला मुख्यालयों से कट जाता है। प्रस्तावित पुलों के निर्माण से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार और रोजमर्रा के आवागमन के लिए बेहतर एवं सुगम संपर्क उपलब्ध हो सकेगा।

बीजापुर को सबसे बड़ी सौगात, जिले में बनेंगे 5 नए पुल।

बस्तर संभाग के कई इलाके कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण आज भी बारिश के दौरान मुख्यधारा से कट जाते हैं। नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने पर मरीजों को अस्पताल पहुंचाना और बच्चों का स्कूल जाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए स्वीकृत 13 पुलों में सबसे ज्यादा 5 पुल बीजापुर जिले में बनाए जाएंगे। वहीं बस्तर और सुकमा में 3-3 तथा दंतेवाड़ा में 2 पुल निर्माणाधीन योजना में शामिल हैं। इन पुलों के बनने से मानसून के दौरान आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।

निर्माण कार्य में सुस्ती पर कार्यपालन अभियंता ने दिखाई सख्ती।

स्वीकृत परियोजनाओं के बीच निर्माण कार्यों में अपेक्षित तेजी नहीं आने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग, जगदलपुर के कार्यपालन अभियंता करण पंदरीला ने बस्तर जिले के बिन्ता-सतसपुर से धर्माबेड़ा एवं खड़कघाट में चल रहे पुल निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित ठेकेदार को निर्माण की गति बढ़ाने और निर्धारित कार्यों को जल्द पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जैसे दूरस्थ जिलों में सड़क और पुलों का बेहतर नेटवर्क तैयार करना क्षेत्र के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है। कनेक्टिविटी सुधरने से स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं किसानों को अपनी उपज आसानी से बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से जुड़े संसाधनों तक पहुंच भी पहले से आसान हो सकेगी।

(English)

Connectivity across four major districts under the Jagdalpur Division of the Public Works Department (Bridges) is set to receive a major boost. Thirteen new bridges and culverts will be constructed at an estimated cost of around ₹200 crore, making transportation and daily commuting easier and safer for residents.

A major relief is in sight for rural communities living in the remote and difficult-to-reach areas of Chhattisgarh’s Bastar division. The Public Works Department (Bridges), Jagdalpur Division, will undertake the construction of 13 new bridges and culverts across four major districts at an estimated cost of around ₹200 crore. The projects are expected to improve road connectivity in remote areas and make daily travel easier for local residents.

During the monsoon, rising water levels in rivers and streams often cut off remote villages from main roads and district headquarters. The construction of these proposed bridges is expected to significantly address the connectivity problem. It will provide villagers with easier access to education, healthcare, markets and everyday transportation.

Big Infrastructure Boost for Bijapur, Five New Bridges to Be Constructed.

A large part of the Bastar division faces challenging geographical conditions, making transportation particularly difficult during the monsoon. Rising water levels in rivers and streams often create obstacles for taking patients to hospitals and getting children to schools. To address these connectivity issues, five of the 13 approved bridges will be constructed in Bijapur, the highest number among the four districts. Bastar and Sukma will each get three bridges, while two bridges are planned for Dantewada. The projects are expected to improve connectivity, especially during the rainy season.

Executive Engineer Takes Strict Action Over Slow Construction Work.

The administration has adopted a strict approach over the slow progress of ongoing construction projects. Executive Engineer Karan Pandrila of the Public Works Department, Bridge Division, Jagdalpur, expressed strong displeasure over the sluggish pace of bridge construction at Binta-Satspur to Dharmabeda and Khadkghat in Bastar district. He directed the concerned contractor to accelerate the work and complete the projects at the earliest.

Improved Connectivity Expected to Give a Major Boost to Economic Activities.

According to departmental officials, developing a strong network of roads and bridges in remote districts such as Bastar, Dantewada, Sukma and Bijapur is essential for the region’s overall development. Improved connectivity is expected to create more opportunities for local trade and employment while making it easier for farmers to transport their produce to markets. It will also improve access to emergency healthcare services and educational resources for people living in rural areas.

(संस्कृत)

लोकनिर्माणविभागस्य (सेतुविभागस्य) जगदलपुरमण्डलस्य अन्तर्गतं विद्यमानेषु चतुर्षु प्रमुखजनपदेषु यातायातव्यवस्थां सुदृढीकर्तुं योजना अस्ति। प्रायः द्विशतकोटिरूप्यकाणां अनुमानितव्ययेन त्रयोदश नवीनसेतूनां लघुसेतूनां च निर्माणं कारयिष्यते। एतेषां निर्माणेन क्षेत्रवासिनां आवागमनं अधिकं सुगमं सुरक्षितं च भविष्यति।

छत्तीसगढस्य बस्तरमण्डलस्य दूरस्थेषु दुर्गमेषु च क्षेत्रेषु निवसतां ग्रामीणजनानां कृते महती राहत् वार्ता अस्ति। लोकनिर्माणविभागस्य (सेतुविभागस्य) जगदलपुरमण्डलेन अन्तर्गतचतुर्षु प्रमुखजनपदेषु प्रायः द्विशतकोटिरूप्यकाणां अनुमानितव्ययेन त्रयोदश नवीनसेतूनां लघुसेतूनां च निर्माणं करिष्यते। एतेषां निर्माणेन दुर्गमक्षेत्रेषु मार्गसम्पर्कः सुदृढः भविष्यति तथा ग्रामीणजनानां आवागमनं सुगमं भविष्यति।

वर्षाकाले नदीनां नालानां च जलस्तरवृद्ध्या अनेकानां आन्तरिकग्रामाणां मुख्यमार्गैः जिलामुख्यालयैः च सह सम्पर्कः विच्छिद्यते। प्रस्तावितसेतूनां निर्माणेन एषा समस्या बहुधा समाधास्यते इति अपेक्षा अस्ति। तेन ग्रामीणजनानां शिक्षा, स्वास्थ्यसेवा, विपणि तथा दैनिकयात्रा इत्यादिषु कार्येषु सुगमः सम्पर्कः उपलब्धः भविष्यति।

बीजापुराय महती सौगात्, जनपदे पञ्च नवीनसेतवः निर्मास्यन्ते।

बस्तरमण्डलस्य बह्वंशः जटिलभौगोलिकपरिस्थितिभिः युक्तः अस्ति। वर्षाकाले नदीनां नालानां च जलस्तरवृद्ध्या रोगिणां चिकित्सालयं प्रति नयनं तथा बालानां विद्यालयगमनं च अत्यन्तं कठिनं भवति। एतासां सम्पर्कसम्बद्धानां समस्याना समाधानार्थं स्वीकृतेषु त्रयोदशसेतुषु सर्वाधिकाः पञ्च सेतवः बीजापुरजनपदे निर्मास्यन्ते। बस्तरजनपदे त्रयः, सुकमाजनपदे त्रयः तथा दन्तेवाडाजनपदे द्वौ सेतू निर्मातुं योजना अस्ति। एतेषां सेतूनां निर्माणेन विशेषतः वर्षाकाले जनानाम् आवागमनं सुगमं भविष्यति।

मन्दनिर्माणकार्ये कार्यपालन-अभियन्त्रा कठोरता प्रदर्शिता।

स्वीकृतपरियोजनानां निर्माणकार्येषु अपेक्षितगतिः न दृश्यते इति कारणेन प्रशासनं कठोरं रुखं स्वीकृतवान्। लोकनिर्माणविभागस्य सेतुमण्डलस्य जगदलपुरस्य कार्यपालन-अभियन्ता करण-पन्दरीला इत्यनेन बस्तरजनपदस्य बिन्ता-सतसपुरतः धर्माबेड़ा-खड़कघाटपर्यन्तं प्रचलितस्य सेतुनिर्माणकार्यस्य मन्दगतौ तीव्रा अप्रसन्नता प्रकटिता। तेन सम्बन्धितठेकेदाराय निर्माणकार्यस्य वेगं वर्धयितुं तथा कार्यं शीघ्रमेव पूर्णं कर्तुं स्पष्टनिर्देशाः प्रदत्ताः।

सुदृढसम्पर्कव्यवस्थया क्षेत्रस्य आर्थिकगतिविधीनां विकासः वेगं प्राप्स्यति।

विभागीयाधिकारिणां मते बस्तर-दन्तेवाडा-सुकमा-बीजापुर इत्यादिषु दूरस्थेषु जनपदेषु सुदृढमार्गसेतुसञ्जालस्य निर्माणं क्षेत्रस्य समग्रविकासाय अत्यावश्यकम् अस्ति। सम्पर्कव्यवस्थायाः सुधारेण स्थानीयव्यापारे रोजगारावसरेषु च वृद्धिः भविष्यति। कृषकाः स्वकीयां कृष्युत्पत्तिं सुगमतया विपण्यां प्रति प्रेषयितुं समर्थाः भविष्यन्ति। अपि च ग्रामीणक्षेत्रेषु आपत्कालीनस्वास्थ्यसेवानां शिक्षासम्बद्धसंसाधनानां च उपलब्धिः पूर्वापेक्षया अधिका सुगमा भविष्यति।

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