उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए लगी कतार में अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान 13 श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।Chaos broke out in the queue of devotees waiting for darshan at the Nagchandreshwar Temple in Ujjain. As many as 13 devotees were injured, with one reportedly in critical condition.उज्जयिन्यां नागचन्द्रेश्वरमन्दिरे दर्शनार्थं स्थितायां भक्तानां पङ्क्तौ सहसा अव्यवस्था उत्पन्ना। अस्यां घटनायां त्रयोदश भक्ताः आहताः, तेषु एकस्य अवस्था गम्भीरा इति कथ्यते।
उज्जैन में बैरिकेडिंग के भीतर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह से दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं में अचानक अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

उज्जैन। महाकाल मंदिर के ऊपरी हिस्से में स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए सोमवार को श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी थी। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास बैरिकेडिंग के भीतर डीपी के नजदीक करंट फैलने की अफवाह से अचानक लोगों में घबराहट फैल गई। देखते ही देखते कतार में भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिससे कुछ श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को तत्काल उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया।
घायलों में उज्जैन के ढांचा भवन निवासी हिंदू बाई और लक्ष्मीबाई, किशनपुरा निवासी 19 वर्षीय सागर पुत्र मनीष, गंजबासौदा निवासी अनसूया और उनकी मां ममता, गुजरात के वापी निवासी हरिश्चंद्र, ग्वालियर निवासी 18 वर्षीय सोनम और खुशी, बिहार के दरभंगा निवासी सुजीत कुमार तथा गुजरात के वलसाड निवासी तुलसी और उनकी मां रेखाबाई शामिल हैं।
पैरों में गंभीर चोटें आईं।
भगदड़ जैसी स्थिति के दौरान बैरिकेड्स से टकराने के कारण हरिश्चंद्र के पैरों में गंभीर चोटें आईं। सभी घायलों का चरक अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के चलते कुछ समय तक दर्शन व्यवस्था प्रभावित रही। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया। फिलहाल दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
घायलों में गुजरात, बिहार और ग्वालियर समेत अलग-अलग क्षेत्रों से उज्जैन पहुंचे श्रद्धालु शामिल हैं। नागचंद्रेश्वर और हरसिद्धि मंदिर आसपास होने के चलते इस मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ का काफी दबाव बना हुआ था। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और कुछ ही देर में हालात सामान्य करते हुए दर्शन व्यवस्था फिर से सुचारू कर दी।
English
Panic broke out among devotees standing in the darshan queue in Ujjain after rumours of an electrical current spreading near a distribution point (DP) inside the barricaded area. The situation quickly turned chaotic, creating a stampede-like situation.
Ujjain: Panic broke out on Monday among devotees waiting for darshan at the Shri Nagchandreshwar Temple, located on the upper floor of the Mahakaleshwar Temple. Near the Harsiddhi Temple intersection, rumours of an electrical current spreading near a distribution point (DP) inside the barricaded area triggered fear among people standing in the queue. The situation soon turned chaotic, with some devotees getting injured. Following the incident, the injured were taken to Charak Hospital for medical treatment.
The injured include Hindu Bai and Laxmibai, residents of Dhancha Bhawan in Ujjain; 19-year-old Sagar, son of Manish, from Kishanpura, Ujjain; Anसूya and her mother Mamta from Ganj Basoda; Harishchandra from Silvassa village in Vapi, Gujarat; 18-year-old Sonam and Khushi from Gwalior; Sujit Kumar from Darbhanga, Bihar; and Tulsi and her mother Rekha Bai from Valsad, Gujarat.
suffered serious injuries to the legs.
Harishchandra sustained serious injuries to his legs after colliding with the barricades during the stampede-like situation. All the injured devotees are currently receiving treatment at Charak Hospital. The incident disrupted the darshan arrangements for some time, but the police and administrative teams quickly brought the situation under control. Darshan arrangements are now running smoothly.
The injured devotees included people who had arrived in Ujjain from different places, including Gujarat, Bihar and Gwalior. Since the Nagchandreshwar and Harsiddhi temples are located close to each other, the route was under considerable crowd pressure. Police and administrative teams promptly took charge of the situation and restored the darshan arrangements to normal after a short while.
संस्कृत
उज्जयिन्यां अवरोधकवेष्टितक्षेत्रे विद्युत्-वितरणकेन्द्रस्य समीपे विद्युत्प्रवाहस्य अफवाहः प्रसृता। तेन दर्शनार्थं पङ्क्तौ स्थितेषु भक्तेषु सहसा अव्यवस्था उत्पन्ना तथा च भगदडसदृशी स्थितिः जाता।
उज्जयिनी। महाकालमन्दिरस्य उपरितले स्थितस्य श्रीनागचन्द्रेश्वरमन्दिरस्य दर्शनार्थं सोमवासरे भक्तानां दीर्घा पङ्क्तिः आसीत्। हरसिद्धिमन्दिरचतुष्पथे अवरोधकवेष्टितक्षेत्रे विद्युत्-वितरणकेन्द्रस्य समीपे विद्युत्प्रवाहस्य अफवाहः प्रसृता। तेन पङ्क्तौ स्थितेषु भक्तेषु सहसा भयम् उत्पन्नम्, भगदडसदृशी स्थितिश्च अभवत्। अस्यां घटनायां केचन भक्ताः आहताः। ततः घायितान् भक्तान् चिकित्सार्थं शीघ्रं चरक-चिकित्सालयं नीतवन्तः।
आहतानां भक्तानां मध्ये उज्जयिन्याः ढाञ्चाभवननिवासिन्यौ हिन्दुबाई-लक्ष्मीबाई च, किशनपुरनिवासी मनीषस्य पुत्रः एकोनविंशतिवर्षीयः सागरश्च सन्ति। गञ्जबासौदानिवासिन्यौ अनुसूया तस्याः माता ममता च, गुजरातस्य वापीनगरस्य सिल्वासाग्रामनिवासी हरिश्चन्द्रश्च आहताः। ग्वालियरनिवासिनी अष्टादशवर्षीया सोनम तथा खुशी, बिहारस्य दरभङ्गानिवासी सुजीतकुमारः, गुजरातस्य वलसाडनिवासिन्यौ तुलसी तस्याः माता रेखाबाई च घायितेषु सम्मिलिताः सन्ति।
पादयोः गम्भीराः क्षताः अभवन्।
भगदडसदृशस्थितौ अवरोधकैः सह सङ्घट्टनात् हरिश्चन्द्रस्य पादयोः गम्भीराः क्षताः अभवन्। सर्वेषां आहतभक्तानां चरक-चिकित्सालये उपचारः प्रचलति। घटनया किञ्चित्कालं दर्शनव्यवस्था प्रभाविताभवत्। घटनास्थले उपस्थितैः पुलिस-प्रशासनदलैः स्थितिः नियन्त्रिता। सम्प्रति दर्शनव्यवस्था पुनः सुचारुरूपेण प्रचलति।
आहतभक्तेषु गुजरात-बिहार-ग्वालियरादिभ्यः विभिन्नेभ्यः प्रदेशेभ्यः उज्जयिनीं प्राप्ताः श्रद्धालवः अपि सम्मिलिताः सन्ति। नागचन्द्रेश्वरमन्दिरस्य हरसिद्धिमन्दिरस्य च समीपस्थितेः कारणात् अस्मिन् मार्गे भक्तानां जनसमूहेन अत्यधिकः दबावः आसीत्। स्थितिं दृष्ट्वा पुलिस-प्रशासनदलैः तत्क्षणं व्यवस्थां स्वीकृत्य परिस्थितिः नियन्त्रिता तथा किञ्चित्कालानन्तरं दर्शनव्यवस्था पुनः सुचारुरूपेण प्रवर्तिता।


