आय-जाति प्रमाण पत्र से आयुष्मान कार्ड तक, सेवा सेतु बना लोगों की पहली पसंद; रायपुर में सबसे ज्यादा भरोसा। From Income and Caste Certificates to Ayushman and Ration Cards, Seva Setu Gains Public Trust; Raipur Leads the Way. आय-जातिप्रमाणपत्रात् आयुष्मान्-राशनपत्रपर्यन्तम्, सेवासेतौ जनविश्वासः वर्धितः; रायपुरं सर्वाग्रे
छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं को आसान और ऑनलाइन तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में शुरू किए गए सेवा सेतु पोर्टल को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पोर्टल के माध्यम से अब तक 52.25 लाख आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। ऑनलाइन सुविधा के कारण नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। इससे सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक एवं पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है।

छत्तीसगढ़ में सेवा सेतु पोर्टल का बढ़ा क्रेज, अब तक 52.25 लाख आवेदन दर्ज ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी सेवाओं और विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत अब कम हो रही है। राज्य सरकार की ओर से अप्रैल में शुरू किए गए सेवा सेतु ऑनलाइन पोर्टल को नागरिकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
पोर्टल के माध्यम से अब तक प्रदेशभर से करीब 52.25 लाख आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 46.62 लाख आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। यानी कुल आवेदनों में से लगभग 89 प्रतिशत मामलों में कार्रवाई पूरी हो चुकी है। ऑनलाइन व्यवस्था के चलते नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल रही है और आवेदन प्रक्रिया भी अधिक सरल हो रही है।
प्रमाण पत्र से राशन कार्ड तक, एक ही पोर्टल पर मिल रहीं कई सरकारी सुविधाएं।
सेवा सेतु पोर्टल के जरिए नागरिक अब आय, जाति और मूल निवासी प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं। इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और विवाह प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं का लाभ लेने के लिए भी पोर्टल का उपयोग बढ़ रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया ने सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाया है और लोगों को आवेदन के लिए संबंधित कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी से काफी राहत मिल रही है।
सेवा सेतु पर रायपुर सबसे आगे, सबसे ज्यादा आवेदन यहीं से दर्ज।
प्रदेश में सेवा सेतु पोर्टल पर दर्ज आवेदनों की संख्या के मामले में रायपुर जिला सबसे आगे है। जिले में अब तक 3 लाख 66 हजार 60 आवेदन ऑनलाइन दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 3 लाख 21 हजार 276 आवेदनों को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, दस्तावेजों की कमी और अन्य कारणों के चलते 34 हजार 856 आवेदन निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा 7,444 आवेदन अभी लंबित हैं, जबकि 47 आवेदन निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय से लंबित हैं।
सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदनों की संख्या के मामले में रायपुर के बाद दुर्ग जिला दूसरे स्थान पर है। दुर्ग में अब तक 3 लाख 25 हजार 478 आवेदन दर्ज किए गए हैं। इसके बाद बिलासपुर में 2 लाख 67 हजार 175, बलौदाबाजार-भाटापारा में 2 लाख 54 हजार 317, राजनांदगांव में 2 लाख 44 हजार 751 और जांजगीर-चांपा में 2 लाख 44 हजार 367 आवेदन दर्ज किए जा चुके हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के इन जिलों में भी ऑनलाइन सरकारी सेवाओं के प्रति नागरिकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
हफ्तों का इंतजार खत्म, सरकारी सेवाओं का काम अब तेजी से।
पहले आय, जाति और मूल निवासी प्रमाण पत्र सहित कई जरूरी सेवाओं के लिए लोगों को संबंधित सरकारी कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने में आमतौर पर दो से चार सप्ताह तक का समय लगता था, जबकि कुछ मामलों में यह अवधि और भी बढ़ जाती थी। अब ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू होने से नागरिकों के लिए पूरी प्रक्रिया काफी सरल हो गई है। घर बैठे आवेदन करने से समय की बचत हो रही है और सरकारी सेवाओं तक पहुंच भी आसान हुई है।
आवेदनों की प्रगति पर कलेक्टरों की सीधी नजर।
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों की स्थिति पर जिला स्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। कलेक्टर नियमित रूप से पोर्टल की प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। विभिन्न विभागों की स्थिति जानने के लिए सप्ताह में दो बार रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसमें प्राप्त, स्वीकृत और लंबित आवेदनों का पूरा विवरण शामिल रहता है। इस व्यवस्था के जरिए लंबित प्रकरणों की पहचान कर उनके जल्द निराकरण पर अधिकारियों का विशेष फोकस रखा जा रहा है।
(English)
The Seva Setu portal, launched in Chhattisgarh to provide government services online, is receiving a strong response from citizens. So far, 5.225 million applications have been registered through the portal. The online platform is making it easier for people to access various government services without having to make repeated visits to government offices. The initiative is aimed at making public services more accessible, convenient and transparent.
Raipur: The need to make repeated visits to government offices for availing government services and obtaining certificates is gradually reducing in Chhattisgarh. The Seva Setu online portal, launched by the state government in April, has received a positive response from citizens.
So far, around 5.225 million applications have been registered through the portal across the state. Out of these, 4.662 million applications have been approved and disposed of. This means that action has been completed on nearly 89 percent of the total applications. The digital platform is making it more convenient for citizens to access government services and simplifying the overall application process.
From Certificates to Ration Cards, Multiple Government Services Available on a Single Portal.
Citizens are increasingly using the Seva Setu portal to apply online for essential documents such as income, caste and domicile certificates. The portal is also being used for services including Ayushman cards, ration cards and marriage certificates. The online system has made access to government services more convenient while reducing the need for repeated visits to concerned government offices.
Raipur Leads the Way, Records the Highest Number of Seva Setu Applications.
Raipur district is leading the state in terms of applications registered through the Seva Setu portal. So far, 366,060 applications have been submitted online from the district, of which 321,276 applications have been approved. Meanwhile, 34,856 applications were rejected due to incomplete documents or other reasons. As many as 7,444 applications are currently pending, while 47 applications have crossed the prescribed time limit.
After Raipur, Durg ranks second in terms of applications registered on the Seva Setu portal. The district has recorded 325,478 applications so far. It is followed by Bilaspur with 267,175 applications, Balodabazar-Bhatapara with 254,317, Rajnandgaon with 244,751, and Janjgir-Champa with 244,367 applications. The figures indicate growing public participation in accessing government services through the online platform.
Weeks of Waiting Reduced, Government Services Now Processed Faster.
Earlier, people often had to make multiple visits to government offices to obtain essential services such as income, caste and domicile certificates. The process generally took two to four weeks, and in some cases, it could take even longer. The introduction of online applications has significantly simplified the process. Citizens can now apply from home, saving time and making access to government services more convenient.
Collectors Keep a Close Watch on Application Progress.
Applications received through the Seva Setu portal are being continuously monitored at the district level. Collectors regularly review the progress of applications on the portal. Department-wise reports are prepared twice a week, covering details of received, approved and pending applications. The monitoring mechanism is helping authorities identify pending cases and maintain a strong focus on their timely disposal.
(संस्कृत)
छत्तीसगढराज्ये सर्वकारीयसेवानां ऑनलाइन-माध्यमेन उपलब्धतां सुलभां कर्तुं प्रारब्धे सेवा सेतु पोर्टले जनानां उत्तमः प्रतिसादः प्राप्यते। अद्यावधि अस्मिन् पोर्टले ५२.२५ लक्षाधिकानि आवेदनानि पञ्जीकृतानि सन्ति। अस्य ऑनलाइन-माध्यमस्य कारणेन नागरिकानां विविधासु सर्वकारीयसेवासु प्रवेशः सुलभः अभवत् तथा च कार्यालयेषु पुनः पुनः गमनस्य आवश्यकता न्यूनीभूता अस्ति। अनेन सर्वकारीयसेवानां सुलभता, पारदर्शिता च वर्धते।
रायपुरम्। छत्तीसगढराज्ये सर्वकारीयसेवानां प्रमाणपत्राणां च प्राप्तये नागरिकानां सर्वकारीयकार्यालयेषु पुनः पुनः गमनस्य आवश्यकता अधुना न्यूनीभवति। राज्यसर्वकारेण अप्रैल-मासे प्रारब्धं सेवा सेतु ऑनलाइन-पोर्टलम् नागरिकैः उत्साहपूर्वकं स्वीकृतम् अस्ति।
अद्यावधि राज्यस्य विभिन्नेभ्यः क्षेत्रेभ्यः अस्मिन् पोर्टले ५२.२५ लक्षाधिकानि आवेदनानि पञ्जीकृतानि सन्ति। तेषु ४६.६२ लक्षाधिकानां आवेदनानां निराकरणं कृतम् अस्ति। अर्थात् कुल-आवेदनानां प्रायः ८९ प्रतिशतस्य कार्यवाही पूर्णा अभवत्। ऑनलाइन-व्यवस्थया नागरिकानां सर्वकारीयसेवानां प्राप्तिः अधिका सुलभा जाता तथा आवेदनप्रक्रिया अपि सरलतरा अभवत्।
प्रमाणपत्रेभ्यः आरभ्य राशनपत्रपर्यन्तं, एकस्मिन्नेव पोर्टले अनेकाः सर्वकारीयसेवाः उपलब्धाः।
नागरिकाः अधुना आय-जाति-मूलनिवासिप्रमाणपत्राणां प्राप्तये सेवा सेतु-पोर्टलस्य माध्यमेन ऑनलाइन आवेदनं कुर्वन्ति। एतदतिरिक्तम् आयुष्मान्-पत्रं, राशनपत्रं, विवाहप्रमाणपत्रं च प्राप्तुं अपि अस्य पोर्टलस्य उपयोगः वर्धते। ऑनलाइन-व्यवस्थया सर्वकारीयसेवानां प्राप्तिः सुलभा जाता तथा नागरिकानां सम्बन्धित-सर्वकारीयकार्यालयेषु पुनः पुनः गमनस्य कष्टं न्यूनं जातम्।
सेवा सेतु-पोर्टले रायपुरं अग्रणी, सर्वाधिकानि आवेदनानि अत्रैव पञ्जीकृतानि।
सेवा सेतु-पोर्टले पञ्जीकृतानां आवेदनानां संख्यायां रायपुरजनपदः प्रदेशे अग्रणी अस्ति। अद्यावधि अस्मात् जनपदात् ३,६६,०६० आवेदनानि ऑनलाइन-माध्यमेन पञ्जीकृतानि सन्ति। तेषु ३,२१,२७६ आवेदनानि स्वीकृतानि सन्ति। दस्तावेजानां न्यूनता-अन्यकारणैः च ३४,८५६ आवेदनानि निरस्तानि कृतानि। अपरं ७,४४४ आवेदनानि लम्बितानि सन्ति, यदा ४७ आवेदनानि निर्धारितसमयसीमाम् अतिक्रान्तानि सन्ति।
सेवा सेतु-पोर्टले पञ्जीकृतानां आवेदनानां संख्यायां रायपुरस्य अनन्तरं दुर्गजनपदः द्वितीयस्थाने अस्ति। दुर्गजनपदे अद्यावधि ३,२५,४७८ आवेदनानि पञ्जीकृतानि सन्ति। तदनन्तरं बिलासपुरे २,६७,१७५, बलौदाबाजार-भाटापारायां २,५४,३१७, राजनांदगांवे २,४४,७५१, जांजगीर-चांपायां २,४४,३६७ आवेदनानि पञ्जीकृतानि सन्ति। एतेषां तथ्याङ्कानां आधारात् ज्ञायते यत् ऑनलाइन-सर्वकारीयसेवानां प्रति नागरिकानां सहभागिता निरन्तरं वर्धते।
सप्ताहानां प्रतीक्षाकालः न्यूनः, सर्वकारीयसेवानां कार्यं शीघ्रतरम्।
पूर्वं नागरिकैः आय-जाति-मूलनिवासिप्रमाणपत्राणां सहितानां अनेकासां आवश्यकसेवानां प्राप्तये सम्बन्धित-सर्वकारीयकार्यालयेषु बहुवारं गन्तव्यम् आसीत्। आवेदनप्रक्रियायाः पूर्णतायै सामान्यतः द्वौ चतुर् सप्ताहपर्यन्तं समयः अपेक्षितः आसीत्, केषुचित् प्रकरणेषु च ततोऽपि अधिकः कालः लगति स्म। अधुना ऑनलाइन-आवेदनव्यवस्थायाः प्रारम्भेन सम्पूर्णा प्रक्रिया सरला जाता। नागरिकाः गृहेभ्यः एव आवेदनं कर्तुं शक्नुवन्ति, येन समयस्य बचतिः भवति तथा सर्वकारीयसेवानां प्राप्तिः अपि सुलभा जाता।
आवेदनानां प्रगतौ जिलाधिकारिणां प्रत्यक्षं निरीक्षणम्।
सेवा सेतु-पोर्टलेन प्राप्तानाम् आवेदनानां प्रगतिः जनपदस्तरे निरन्तरं निरीक्ष्यते। जिलाधिकारिभिः पोर्टलस्य स्थितेः नियमितरूपेण समीक्षा क्रियते। विभागानुसारं सप्ताहे द्विवारं प्रतिवेदनं सज्जीक्रियते, यस्मिन् प्राप्तानाम्, स्वीकृतानाम् तथा लम्बितानाम् आवेदनानां विवरणं समाविष्टं भवति। अनेन लम्बितप्रकरणानां शीघ्रं निराकरणं कर्तुं सम्बन्धिताधिकारिणां ध्यानं निरन्तरं केन्द्रितं भवति।


