फेसबुक पर ऑनलाइन बिजनेस का झांसा देकर प्रॉपर्टी डीलर से 7.90 लाख रुपये की ठगी, साइबर अपराधियों ने बनाया शिकार.Property Dealer Duped of ₹7.90 Lakh After Falling for an Online Business Advertisement on Facebook. फेसबुक-माध्यमेन ऑनलाइन-व्यापारस्य विज्ञापनं दृष्ट्वा सम्पत्तिव्यापारी साइबर-छलस्य शिकारः, ७ लक्ष ९० सहस्ररूप्यकाणां धोखाधड़ी।

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ऑनलाइन कमाई और निवेश के नाम पर साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ के गौरेला से धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है। यहां फेसबुक पर ऑनलाइन कारोबार से जुड़ा विज्ञापन देखकर एक प्रॉपर्टी डीलर साइबर अपराधियों के जाल में फंस गया। ठगों ने उसे निशाना बनाकर कथित तौर पर 7 लाख 90 हजार रुपये की ठगी कर ली। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश और कारोबार से जुड़े विज्ञापनों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फेसबुक पर विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का पूरा खेल.

छत्तीसगढ़ के गौरेला में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां ऑनलाइन कारोबार के जरिए मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर एक प्रॉपर्टी डीलर को लाखों रुपये का चूना लगा दिया गया। गौरेला के वार्ड क्रमांक 09, पुराना गौरेला निवासी विशाल जसवाल प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।

जानकारी के मुताबिक, मार्च 2026 में फेसबुक स्क्रॉल करते समय विशाल जसवाल की नजर esellerstorebuy.cc और esellerstorebuy.xyz वेबसाइटों के विज्ञापनों पर पड़ी। इन विज्ञापनों में आकर्षक मुनाफे का लालच दिया गया था। इसके बाद आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क किया और ऑनलाइन सामान बेचकर अच्छी कमाई होने का भरोसा दिलाया।

ठगों के झांसे में आकर पीड़ित ने शुरुआत में पांच लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद उन्हें एक वर्चुअल खाते में डॉलर के रूप में कमाई होती दिखाई गई, जिससे उन्हें निवेश पर मुनाफा मिलने का विश्वास हो गया। लेकिन जब उन्होंने वर्चुअल खाते में दिखाई जा रही रकम अपने वास्तविक बैंक खाते में निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने अतिरिक्त शुल्क जमा करने की मांग कर दी।

मुनाफा प्राप्त करने की उम्मीद में विशाल जसवाल लगातार पैसे जमा करते रहे। इस तरह ऑनलाइन कमाई के लालच में वह कुल 7 लाख 90 हजार रुपये गंवा बैठे। यह घटना ऑनलाइन निवेश और कारोबार के नाम पर सक्रिय साइबर ठगों से सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।

शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच, मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों की तलाश.

ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित विशाल जसवाल ने अपनी रकम वापस पाने के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन जब उन्हें कहीं से भी राहत नहीं मिली, तो उन्होंने 11 अक्टूबर को गौरेला थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबरों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित की शिकायत पर गौरेला पुलिस ने अपराध क्रमांक 0460/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) में मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है और ऑनलाइन कारोबार के नाम पर हुई ठगी से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है।

इन मोबाइल नंबरों के जरिए प्रॉपर्टी डीलर से साधा गया संपर्क.

गौरेला पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित मोबाइल नंबरों 9121239631, 9118475430 और 343-577-2536 के धारकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब इन नंबरों से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। ऑनलाइन कारोबार के नाम पर हुई इस कथित साइबर ठगी के मामले में जांच जारी है।

जीपीएम एसपी ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील.

पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने लोगों को साइबर ठगी के प्रति आगाह करते हुए कहा कि कम समय में ज्यादा मुनाफा कमाने की चाह लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बना रही है। फेसबुक पर आकर्षक विज्ञापन देखकर कई लोग बिना सत्यापन किए अनजान व्यक्तियों पर भरोसा कर लेते हैं। इसी लापरवाही के कारण उन्हें अपनी मेहनत की कमाई गंवानी पड़ती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी ऑनलाइन कारोबार या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी विश्वसनीयता की अच्छी तरह जांच जरूर करें।

पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन निवेश या कारोबार का लालच देकर संपर्क करने वाले किसी भी अनजान व्यक्ति को बिना सत्यापन के पैसे न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी वर्चुअल खाते में डॉलर या मुनाफे की रकम दिखाई देना वास्तविक कमाई का प्रमाण नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पैसे निकालने के नाम पर अतिरिक्त शुल्क जमा करने का दबाव बनाता है, तो ऐसे प्रस्तावों से सावधान रहें। एसपी ने अपील की कि साइबर ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

English

Cases of cyber fraud in the name of online earnings and investments are on the rise. A fresh case has emerged from Gaurela in Chhattisgarh, where a property dealer allegedly lost ₹7.90 lakh after coming across an online business advertisement on Facebook. The victim reportedly fell into the trap of cybercriminals, who cheated him of the amount. The incident once again highlights the risks associated with online business and investment offers.

Fraud Scheme Began with an Advertisement on Facebook.

A cyber fraud case has come to light in Gaurela, Chhattisgarh, where a property dealer allegedly lost ₹7.90 lakh after being lured by promises of high returns through online selling. Vishal Jaswal, a resident of Ward No. 09 in Old Gaurela, works in property dealing.

According to the details, in March 2026, Jaswal came across advertisements for the websites esellerstorebuy.cc and esellerstorebuy.xyz while scrolling through Facebook. The advertisements promised attractive profits. He was subsequently contacted through WhatsApp and assured that he could earn money by selling products online.

Trusting the offer, Jaswal initially deposited ₹5 lakh as instructed. He was then shown earnings in US dollars in a virtual account, creating the impression that his investment was generating profits. However, when he tried to transfer the displayed amount to his actual bank account, the individuals involved demanded additional fees.

Hoping to receive his promised profits, Jaswal continued making payments. Eventually, he allegedly lost a total of ₹7.90 lakh. The incident highlights the risks of fraudulent online business and investment schemes that lure people with promises of high returns.

Police Launch Probe into Online Fraud, Investigate Mobile Numbers of Suspects.

After being cheated, victim Vishal Jaswal made several attempts on his own to recover the money but failed to get any relief. With his efforts proving unsuccessful, he approached Gaurela Police Station on October 11 and lodged a formal complaint.

Acting on the complaint, the police have initiated an investigation based on the mobile numbers linked to the case. Gaurela police have registered a case under Crime No. 0460/26 under Section 318(4) of the Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS). The investigation is underway to establish the facts surrounding the alleged online business fraud.

Property Dealer Contacted Through These Mobile Numbers.

Gaurela police have registered a criminal case against the holders of mobile numbers 9121239631, 9118475430, and 343-577-2536 in connection with the alleged fraud. The police are investigating the individuals associated with these numbers and examining their possible involvement in the online business scam. Further investigation is underway.

GPM SP Appeals to People to Stay Alert.

Superintendent of Police Manoj Kumar Khilari has warned people against cyber fraud, stating that the desire to earn high profits in a short period is becoming a major reason behind such scams. He pointed out that many people trust strangers without proper verification after seeing attractive advertisements on Facebook, ultimately losing their hard-earned money. He urged the public to thoroughly verify the authenticity of any online business or investment scheme before putting their money into it.

The Superintendent of Police has urged citizens to remain vigilant against cybercrime. He advised people not to transfer money to unknown individuals offering online investment or business opportunities without verifying their authenticity. He clarified that seeing dollar balances or profits in a virtual account does not prove that the earnings are genuine. People should be cautious of anyone demanding additional fees to release their money. The SP also appealed to victims of cyber fraud to inform the police immediately so that prompt action can be taken.

संस्कृति

ऑनलाइन-माध्यमेन धनार्जनस्य निवेशस्य च नाम्ना साइबर-धोखाधड्याः घटनाः निरन्तरं वर्धन्ते। एतादृशः एकः नवीनः प्रकरणः छत्तीसगढराज्यस्य गौरेलाक्षेत्रात् समागतः। फेसबुक-माध्यमे ऑनलाइन-व्यापारस्य विज्ञापनं दृष्ट्वा एकः सम्पत्तिव्यापारी साइबर-अपराधिनां प्रपञ्चे पतितः। अस्मिन् प्रकरणे सः कथितरूपेण सप्तलक्ष-नवतिसहस्ररूप्यकाणां हानिम् अन्वभवत्। एषा घटना पुनः ऑनलाइन-व्यापारस्य निवेशस्य च प्रस्तावानां सत्यतां परीक्षितुं सावधानतां च धारयितुं प्रेरयति।

फेसबुक-माध्यमेन विज्ञापनतः आरब्धं धोखाधड्याः प्रकरणम्।

छत्तीसगढराज्यस्य गौरेलाक्षेत्रे साइबर-धोखाधड्याः एकं प्रकरणं प्रकाशम् आगतम्। अत्र ऑनलाइन-वस्तुविक्रयेन अधिकलाभं प्राप्तुं प्रलोभितः एकः सम्पत्तिव्यापारी ७ लक्ष ९० सहस्ररूप्यकाणां हानिम् अन्वभवत्। पुरातन-गौरेलायाः नवम-प्रभागे निवासी विशाल-जसवालः सम्पत्तिक्रयविक्रयस्य कार्यं करोति।

प्राप्तविवरणानुसारं, मार्चमासे २०२६ तमे वर्षे फेसबुक-माध्यमे सञ्चरन् सः esellerstorebuy.cc तथा esellerstorebuy.xyz इति जालस्थलयोः विज्ञापनानि अपश्यत्। तेषु विज्ञापनेषु आकर्षकस्य लाभस्य प्रलोभनं दत्तम् आसीत्। अनन्तरं व्हाट्सएप-माध्यमेन तेन सम्पर्कः कृतः तथा ऑनलाइन-वस्तुविक्रयेन धनार्जनस्य आश्वासनं प्रदत्तम्।

प्रलोभने विश्वासं कृत्वा विशाल-जसवालः प्रारम्भे पञ्चलक्षरूप्यकाणि निक्षिप्तवान्। ततः तस्य आभासी-खाते अमेरिकी-डॉलर-मुद्रायां आयः प्रदर्शितः, येन तस्य निवेशात् लाभः जायमानः इति विश्वासः उत्पन्नः। किन्तु यदा सः तां राशिं स्वस्य वास्तविक-बैंक-खाते स्थानान्तरितुं प्रयत्नम् अकरोत्, तदा आरोपितैः अतिरिक्त-शुल्कस्य निक्षेपणाय आग्रहः कृतः।

लाभप्राप्तेः आशया सः निरन्तरं धनं निक्षिप्तवान्। अन्ततः सः कुलम् ७ लक्ष ९० सहस्ररूप्यकाणि अपि गमितवान्। एषा घटना ऑनलाइन-व्यापारस्य निवेशस्य च नाम्ना प्रचलितेभ्यः साइबर-प्रपञ्चेभ्यः सावधानतायाः आवश्यकतां प्रतिपादयति।

पीडितस्य परिवादानन्तरं पुलिस-अन्वेषणम् आरब्धम्, चलदूरवाणी-सङ्ख्यानाम् आधारेण अन्वेषणम्

वञ्चनायाः शिकारः अभवन् विशाल-जसवालः स्वधनं पुनः प्राप्तुं स्वस्तरे बहुप्रयत्नान् अकरोत्। किन्तु सर्वे प्रयासाः निष्फलाः अभवन्। ततः सः अक्टूबर-मासस्य एकादशे दिने गौरेला-पुलिस-स्थानकं गत्वा परिवादं पञ्जीकृतवान्।

पीडितस्य परिवादस्य आधारेण गौरेला-पुलिसेन प्रकरणस्य अन्वेषणम् आरब्धम्। सम्बन्धितानां चलदूरवाणी-सङ्ख्यानाम् आधारेण पुलिस-अधिकारीणः अन्वेषणं कुर्वन्ति। पुलिसेन अपराध-सङ्ख्या ०४६०/२६ इत्यस्य अन्तर्गतं भारतीय-न्याय-संहितायाः ३१८(४) धारानुसारं प्रकरणं पञ्जीकृतम्। सम्प्रति ऑनलाइन-व्यापारस्य नाम्ना अभवत् इति कथितस्य आर्थिक-छलस्य सम्पूर्णं प्रकरणं अन्विष्यते।

एताभिः चलदूरवाणी-सङ्ख्याभिः सम्पत्तिव्यापारिणा सह सम्पर्कः स्थापितः।

गौरेला-पुलिसेन ९१२१२३९६३१, ९११८४७५४३० तथा ३४३-५७७-२५३६ इति चलदूरवाणी-सङ्ख्याभिः सम्बद्धानां धारकाणां विरुद्धं प्रकरणं पञ्जीकृतम्। पुलिस-अधिकारीणः एताभिः सङ्ख्याभिः सम्बद्धानां व्यक्तीनां भूमिकायाः अन्वेषणं कुर्वन्ति। ऑनलाइन-व्यापारस्य नाम्ना कथितायाः साइबर-वञ्चनायाः अस्मिन् प्रकरणे अन्वेषणं प्रचलति।

जीपीएम-पुलिस-अधीक्षकः जनान् सतर्कान् भवितुं आह्वयति।

पुलिस-अधीक्षकः मनोज-कुमार-खिलारी-महोदयः जनान् साइबर-वञ्चनायाः विषये सावधानान् कुर्वन् अवदत् यत् अल्पकाले अधिकलाभं प्राप्तुं लालसा एतादृशानां वञ्चनानां प्रमुखं कारणं भवति। फेसबुक-माध्यमे आकर्षकाणि विज्ञापनानि दृष्ट्वा बहवः जनाः सम्यक् सत्यापनं विना अपरिचितेषु जनेषु विश्वासं कुर्वन्ति, परिणामतः स्वपरिश्रमेण अर्जितं धनं गमयन्ति। अतः सः जनान् आहूतवान् यत् कस्मिन्नपि ऑनलाइन-व्यापारे निवेशयोजनायां वा धनं निवेशयितुं पूर्वं तस्य विश्वसनीयतायाः सम्यक् परीक्षणं कुर्वन्तु।

पुलिस-अधीक्षकः नागरिकान् साइबर-अपराधेभ्यः रक्षितुं सतर्काः भवितुं परामर्शं दत्तवान्। तेन उक्तं यत् ऑनलाइन-निवेशस्य अथवा व्यापारस्य नाम्ना सम्पर्कं कुर्वतेभ्यः अपरिचितेभ्यः व्यक्तिभ्यः सत्यापनं विना धनं न दातव्यम्। आभासी-खाते डॉलर-मुद्रायां धनराशेः अथवा लाभस्य प्रदर्शनं वास्तविक-आयस्य प्रमाणं न भवति। धनं निष्कासयितुं अतिरिक्त-शुल्कं याचमानान् जनान् प्रति सावधानाः भवन्तु। साइबर-वञ्चनायाः शिकाराः भवन्तः चेत्, विलम्बं विना पुलिस-विभागं सूचयन्तु, येन शीघ्रं आवश्यक-कार्यवाही कर्तुं शक्यते।

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