छत्तीसगढ़ के 31 हजार गन्ना किसानों को राहत, बोनस बढ़कर ₹425 प्रति क्विंटल हुआ; सरकार ने ₹51 करोड़ किए आवंटित.Relief for 31,000 Sugarcane Farmers in Chhattisgarh as Bonus Rises to ₹425 per Quintal; ₹51 Crore Allocated. छत्तीसगढराज्यस्य एकत्रिंशत्सहस्रं इक्षुकृषकाणां लाभः वर्धितः, बोनसधनराशिः प्रतिक्विण्टलं ४२५ रूप्यकाणि अभवत्; ५१ कोटिरूप्यकाणाम् आवण्टनम्।
नवरात्रि से पहले छत्तीसगढ़ के गन्ना किसानों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने गन्ना बोनस की गणना के लिए निर्धारित आधार दर को 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इस फैसले से प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

रायपुर। नवरात्रि से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गन्ना बोनस की गणना के लिए निर्धारित आधार दर को 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है।सरकार के इस फैसले से पेराई सत्र 2025–26 के दौरान प्रदेश के चार सहकारी शक्कर कारखानों को गन्ना आपूर्ति करने वाले 31,022 किसानों को लाभ मिलेगा। इन किसानों को कुल लगभग 51.09 करोड़ रुपये की बोनस राशि प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से गन्ना उत्पादकों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी और उनकी आय को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गन्ना बोनस की राशि बढ़ाए जाने से प्रदेश के किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल मिलेगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें खेती-किसानी में अतिरिक्त सहयोग प्राप्त होगा।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए उनकी आय में वृद्धि करने और कृषि को अधिक लाभदायक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा कृषि क्षेत्र के विकास को गति देना है।
पेराई सत्र 2025–26 के लिए गन्ना बोनस की गणना में उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 329.05 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत 425 रुपये प्रति क्विंटल की निर्धारित आधार दर में से एफआरपी की राशि घटाने के बाद शेष 95.95 रुपये प्रति क्विंटल किसानों को बोनस के रूप में दिए जाएंगे। इस गणना के आधार पर प्रदेश के गन्ना उत्पादकों को उनकी आपूर्ति की गई फसल के अनुपात में बोनस राशि मिलेगी।
छत्तीसगढ़ के 31,022 गन्ना किसानों को मिलेगा ₹51.09 करोड़ का बोनस, चार सहकारी शक्कर कारखानों के किसानों को लाभ.
छत्तीसगढ़ में गन्ना बोनस की राशि चार सहकारी शक्कर कारखानों से जुड़े किसानों को वितरित की जाएगी। इसके तहत भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, कवर्धा से जुड़े 14,961 किसानों को लगभग 24.55 करोड़ रुपये का बोनस मिलेगा। वहीं, सरदार पटेल सहकारी शक्कर कारखाना, पंडरिया के 8,049 किसानों को करीब 11.68 करोड़ रुपये प्रदान किए जाएंगे।इसी क्रम में महामाया सहकारी शक्कर कारखाना, केरता के 7,250 किसानों को लगभग 11.35 करोड़ रुपये की बोनस राशि मिलेगी। दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना, बालोद से जुड़े 762 किसानों को करीब 3.52 करोड़ रुपये का बोनस दिया जाएगा। इस पहल से प्रदेश के हजारों गन्ना उत्पादकों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
English
The Chhattisgarh government has announced significant relief for sugarcane farmers ahead of Navratri. Under the leadership of Chief Minister Vishnu Deo Sai, the state government has increased the benchmark rate used to calculate the sugarcane bonus from ₹355 to ₹425 per quintal. The decision is expected to provide financial benefits to sugarcane growers across the state.
Raipur: In a major relief ahead of Navratri, the Chhattisgarh government, under the leadership of Chief Minister Vishnu Deo Sai, has increased the benchmark rate for calculating the sugarcane bonus from ₹355 to ₹425 per quintal.The decision will benefit 31,022 farmers who supplied sugarcane to the state’s four cooperative sugar mills during the 2025–26 crushing season. The farmers are expected to receive a total bonus of approximately ₹51.09 crore.The move is expected to provide additional financial support to sugarcane growers and strengthen their income.
Cooperation Minister Kedar Kashyap said the increase in the sugarcane bonus would help farmers receive better returns for their hard work and strengthen their financial position. The decision is expected to provide additional support to sugarcane growers across Chhattisgarh.He emphasized that the state government continues to give top priority to farmers’ interests. The government is consistently working to increase farmers’ income, make agriculture more profitable, and strengthen the rural economy.
For the 2025–26 crushing season, the Fair and Remunerative Price (FRP) has been taken as ₹329.05 per quintal for calculating the sugarcane bonus. Under the revised system, the FRP amount will be deducted from the benchmark rate of ₹425 per quintal, leaving ₹95.95 per quintal payable to farmers as a bonus. The bonus will be calculated based on the quantity of sugarcane supplied by each farmer.
₹51.09 Crore Sugarcane Bonus to Be Distributed Among 31,022 Farmers Across Four Cooperative Sugar Mills in Chhattisgarh.
Sugarcane bonus payments will be distributed among farmers associated with four cooperative sugar mills in Chhattisgarh. A total of approximately ₹24.55 crore will be provided to 14,961 farmers linked to the Bhoramdev Cooperative Sugar Mill in Kawardha. Meanwhile, 8,049 farmers associated with the Sardar Patel Cooperative Sugar Mill in Pandariya will receive around ₹11.68 crore.Similarly, approximately ₹11.35 crore will be distributed among 7,250 farmers linked to the Mahamaya Cooperative Sugar Mill in Kerta. The 762 farmers associated with the Danteshwari Maiya Cooperative Sugar Mill in Balod will receive a bonus of around ₹3.52 crore. The initiative is expected to provide financial support to thousands of sugarcane growers across the state.
संस्कृति
नवरात्रिपर्वणः पूर्वं छत्तीसगढराज्यस्य इक्षुकृषकाणां कृते राज्यसर्वकारेण महत्त्वपूर्णा राहतिः प्रदत्ता। मुख्यमन्त्रिणः विष्णुदेवसायमहोदयस्य नेतृत्वे सर्वकारेण इक्षुबोनसस्य गणनायाः आधारदरः प्रतिक्विण्टलं ३५५ रूप्यकेभ्यः वर्धयित्वा ४२५ रूप्यकाणि कृतः। अस्मात् निर्णयात् राज्यस्य इक्षुकृषकाणां आर्थिकलाभः भविष्यति इति अपेक्षा अस्ति।
रायपुरम्। नवरात्रिपर्वणः पूर्वं छत्तीसगढराज्यसर्वकारेण इक्षुकृषकाणां कृते महत्त्वपूर्णः निर्णयः कृतः। मुख्यमन्त्रिणः विष्णुदेवसायमहोदयस्य नेतृत्वे सर्वकारेण इक्षुबोनसस्य गणनायाः आधारदरः प्रतिक्विण्टलं ३५५ रूप्यकेभ्यः वर्धयित्वा ४२५ रूप्यकाणि कृतानि।अस्य निर्णयस्य लाभः २०२५–२६ इक्षुपेषणसत्रे राज्यस्य चतुर्षु सहकारीशर्कराकारखानेषु इक्षुं प्रदत्तवद्भ्यः ३१,०२२ कृषकेभ्यः भविष्यति। एतेभ्यः कृषकेभ्यः प्रायः ५१.०९ कोटिरूप्यकाणां बोनसधनराशिः प्रदास्यते।अनेन निर्णयेन इक्षुकृषकाणां आर्थिकसहायता वर्धिष्यते तथा तेषाम् आयवृद्धेः सम्भावना अपि वर्धिष्यते।
सहकारितामन्त्री केदारकश्यपः अवदत् यत् इक्षुबोनसस्य राशिवर्धनेन राज्यस्य कृषकाः स्वश्रमस्य उत्तमं प्रतिफलं प्राप्स्यन्ति तथा तेषां आर्थिकस्थितिः सुदृढा भविष्यति। अनेन निर्णयेन इक्षुकृषकाणां आर्थिकसहायता अपि वर्धिष्यते।सः अवदत् यत् छत्तीसगढराज्यसर्वकारः कृषकाणां हितानि सर्वोच्चप्राथमिकतया स्वीकरोति। कृषकाणाम् आयवर्धनाय कृषिकार्यं च अधिकं लाभप्रदं कर्तुं सर्वकारः निरन्तरं प्रयतते। कृषकाणाम् आर्थिकसशक्तीकरणं तथा कृषिक्षेत्रस्य विकासः सर्वकारस्य प्रमुखं लक्ष्यम् अस्ति।
२०२५–२६ इक्षुपेषणसत्रस्य कृते बोनसगणनायां उचितं लाभप्रदं मूल्यं (एफआरपी) प्रतिक्विण्टलं ३२९.०५ रूप्यकाणि आधाररूपेण स्वीकृतम् अस्ति। नूतनव्यवस्थानुसारं प्रतिक्विण्टलं ४२५ रूप्यकाणां निर्धारिताधारदरात् एफआरपीमूल्यं न्यूनीकृत्य अवशिष्टानि ९५.९५ रूप्यकाणि कृषकेभ्यः बोनसस्वरूपेण प्रदास्यन्ते। प्रत्येकस्य कृषकस्य आपूर्तीकृतस्य इक्षोः परिमाणानुसारं बोनसधनराशिः गणयिष्यते।
सहकारीशर्कराकारखानेषु ३१,०२२ इक्षुकृषकेभ्यः ५१.०९ कोटिरूप्यकाणां बोनसधनराशिः वितरिष्यते।
छत्तीसगढराज्ये चतुर्षु सहकारीशर्कराकारखानेषु सम्बद्धेभ्यः कृषकेभ्यः इक्षुबोनसधनराशिः वितरिष्यते। कवर्धास्थितस्य भोरमदेवसहकारीशर्कराकारखानस्य १४,९६१ कृषकेभ्यः प्रायः २४.५५ कोटिरूप्यकाणि प्रदास्यन्ते। पण्डरियास्थितस्य सरदारपटेलसहकारीशर्कराकारखानस्य ८,०४९ कृषकेभ्यः प्रायः ११.६८ कोटिरूप्यकाणि लप्स्यन्ते।एवमेव केरता-स्थितस्य महामायासहकारीशर्कराकारखानस्य ७,२५० कृषकेभ्यः प्रायः ११.३५ कोटिरूप्यकाणि बोनसस्वरूपेण प्रदास्यन्ते। बालोद-स्थितस्य दन्तेश्वरीमैयासहकारीशर्कराकारखानस्य ७६२ कृषकेभ्यः प्रायः ३.५२ कोटिरूप्यकाणि प्राप्स्यन्ति। अनेन उपक्रमेण राज्यस्य सहस्रशः इक्षुकृषकाणां आर्थिकस्थितिः सुदृढा भविष्यति।


