पीएम के संदेश पर सियासी घमासान, संजय सिंह का तंज— “क्या आपकी मां ही मां हैं, हमारी नहीं?”। Political row erupts over the PM’s message; Sanjay Singh asks, “Is only your mother a mother, and not ours?”। प्रधानमन्त्रिणः सन्देशं लेकर राजनीतिकः संघर्षः तीव्रः, संजयसिंहस्य प्रश्नः— “किं भवतः माता एव माता, अस्माकं माता न?”।
शुक्रवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘Gen Z’ के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उनके इस संदेश के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी तेज हो गई है।

पीएम के वीडियो संदेश पर भड़के संजय सिंह ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार रात करीब 11 बजे इंस्टाग्राम पर एक वीडियो संदेश साझा कर ‘Gen-Z’ से संवाद किया। वीडियो में पीएम मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ बच्चों ने उनके और उनकी दिवंगत मां के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसे उन्होंने “सांस्कृतिक आघात” बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह गुमराह बच्चों से नाराज होने का नहीं, बल्कि उन्हें गले लगाकर सही राह दिखाने का समय है। उन्होंने यह भी कहा कि वह बच्चों को माफ करना चाहते हैं।
पीएम मोदी के इस वीडियो संदेश के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार किया है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
“मुझे गालियां देने वाले बच्चों को भी मैं माफ करता हूं।”
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री के संदेश को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मां के लिए अपमानजनक या अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना गलत है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने भाजपा नेताओं पर भी इसी तरह की भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।संजय सिंह ने दावा किया कि भाजपा के कुछ नेता उनके, महात्मा गांधी और यहां तक कि भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं।वहीं, सत्ता पक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक और संवेदनशील पहल बताया। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि यह समय बच्चों को अपनाकर उन्हें सही दिशा देने का है। उन्होंने कहा, “गुमराह बच्चों को सही राह दिखाना हमारी जिम्मेदारी है।”केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि असहमति लोकतंत्र की खूबसूरती है, लेकिन इसके नाम पर मर्यादा की सीमाओं का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, “बच्चों से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें दंड देने के बजाय सही मार्ग दिखाना अधिक उचित है।”
English
Prime Minister Narendra Modi released a video message addressing Gen Z on Friday night. The video has since sparked a fresh political debate, with reactions pouring in from across the political spectrum.
Prime Minister Narendra Modi shared a video message on Instagram at around 11 p.m. on Friday, addressing the Gen-Z generation. In the video, he referred to the protest held at Jantar Mantar and said that some youngsters had used objectionable language against him and his late mother. He described the incident as a “cultural shock.”
The Prime Minister said that this was not the time to be angry with misguided youngsters, but to embrace them and guide them in the right direction. He also said that he wanted to forgive the children.
The video message has since triggered a major political row. The Congress, the Aam Aadmi Party and several other opposition parties have strongly reacted to the Prime Minister’s remarks. AAP MP Sanjay Singh also hit back at the PM, further intensifying the political confrontation between the ruling side and the opposition.
“I forgive the children who used abusive language against me.”
Aam Aadmi Party Rajya Sabha MP Sanjay Singh took a swipe at the Prime Minister’s message in a post on X. He said that using abusive or disrespectful language against anyone’s mother is wrong and should never be justified. However, he also accused BJP leaders of engaging in similar conduct.
Sanjay Singh alleged that some BJP leaders had used objectionable language against him, Mahatma Gandhi and even the Chief Justice of India (CJI).
Meanwhile, leaders from the ruling side welcomed Prime Minister Narendra Modi’s message and described it as positive and compassionate. Union Minister Manohar Lal Khattar said that this was the time to embrace children and guide them in the right direction. “It is our responsibility to show misguided children the right path,” he said.
Union Minister Giriraj Singh stressed that disagreement is an essential beauty of democracy, but it should not cross the boundaries of dignity and decorum. He said, “Children can make mistakes, but guiding them towards the right path is better than punishing them.”
संस्कृत
शुक्रवासरे रात्रौ प्रधानमन्त्री नरेन्द्रमोदी ‘Gen Z’ इति युववर्गम् उद्दिश्य एकं दृश्यसन्देशं प्रसारितवान्। अस्य सन्देशस्य प्रकाशनानन्तरं राजनैतिकवर्तुलेषु वादविवादः तीव्रः अभवत्।
प्रधानमन्त्री नरेन्द्रमोदी शुक्रवासरे रात्रौ प्रायः एकादशवादने इन्स्टाग्राम-माध्यमेन ‘Gen-Z’ इति युववर्गम् उद्दिश्य एकं दृश्यसन्देशं प्रसारितवान्। तस्मिन् सन्देशे सः जन्तर-मन्तर-स्थले आयोजितस्य विरोधप्रदर्शनस्य उल्लेखं कृत्वा उक्तवान् यत् केचन युवानः तस्य तथा तस्य दिवङ्गतायाः मातुः विषये आपत्तिजनकान् शब्दान् प्रयुक्तवन्तः। एतां घटनां सः “सांस्कृतिक-आघातः” इति अवदत्।
प्रधानमन्त्री उक्तवान् यत् एषः समयः गुमराह-युवकेभ्यः क्रुद्धं भवितुं न, अपितु तान् आलिङ्ग्य सम्यक् मार्गं प्रदर्शयितुम् अस्ति। सः एतदपि उक्तवान् यत् तान् बालकान् क्षन्तुम् इच्छति।
प्रधानमन्त्रिणः अस्य सन्देशस्य अनन्तरं राजनैतिकवर्तुलेषु तीव्रः विवादः आरब्धः। काङ्ग्रेस-दलम्, आम-आदमी-पार्टी तथा अन्ये विपक्षी-दलाः अपि अस्मिन् विषये तीव्राः प्रतिक्रियाः प्रकटितवन्तः। आम-आदमी-पार्टी-दलस्य सांसदः सञ्जयसिंहः अपि प्रधानमन्त्रिणः वक्तव्यस्य प्रत्युत्तरं दत्तवान्। फलतः सत्तापक्षस्य विपक्षस्य च मध्ये वादविवादः अधिकं तीव्रः अभवत्।
“ये बालकाः मां प्रति अपशब्दान् प्रयुक्तवन्तः, तान् अपि अहं क्षमामि।”
आम-आदमी-पार्टी-दलस्य राज्यसभासांसदः सञ्जयसिंहः प्रधानमन्त्रिणः सन्देशम् अधिकृत्य ‘X’ इति सामाजिकमाध्यमे व्यङ्ग्यात्मकं वक्तव्यं प्रकाशितवान्। सः उक्तवान् यत् कस्यापि जनस्य मातुः विषये अपमानजनकानां अथवा अशिष्टशब्दानां प्रयोगः अनुचितः अस्ति तथा च एवं कदापि न करणीयम्। तथापि सः भाजपादलस्य नेतॄन् अपि तथैव भाषायाः प्रयोगस्य आरोपम् अकरोत्।
सञ्जयसिंहः आरोपितवान् यत् भाजपादलस्य केचन नेतारः तस्य, महात्मागान्धेः तथा भारतस्य मुख्यन्यायाधीशस्य अपि विषये आपत्तिजनकभाषायाः प्रयोगं कृतवन्तः।
अपरतः सत्तापक्षस्य नेतारः प्रधानमन्त्रिणः नरेन्द्रमोदिनः सन्देशस्य स्वागतं कृत्वा तम् सकारात्मकं संवेदनशीलं च प्रयत्नम् इति प्रशंसितवन्तः। केन्द्रीयमन्त्री मनोहरलालखट्टरः उक्तवान् यत् एषः समयः बालकान् आलिङ्ग्य तान् सम्यक् मार्गे नेतुम् अस्ति। सः अवदत्— “गुमराहबालकान् सम्यक् मार्गं दर्शयितुं अस्माकं दायित्वम् अस्ति।”
केन्द्रीयमन्त्री गिरिराजसिंहः उक्तवान् यत् मतभेदः लोकतन्त्रस्य सौन्दर्यम् अस्ति, किन्तु तस्य नाम्ना मर्यादायाः सीमाः न उल्लङ्घनीयाः। सः अवदत्— “बालकैः त्रुटयः भवितुं शक्नुवन्ति, किन्तु तान् दण्डयितुं अपेक्षया सम्यक् मार्गं दर्शयितुं श्रेयस्करम् अस्ति।”


