राजधानी के महानगरीय विस्तार को रफ्तार, भोपाल-विदिशा फोरलेन सड़क को आज कैबिनेट की मिल सकती है मंजूरी। Capital Moves Toward Metropolitan Expansion: Bhopal–Vidisha Four-Lane Road Likely to Get Cabinet Approval Today। महानगरीय-विकासस्य दिशि राजधानी, भोपाल-विदिशा चतुर्मार्गीय-मार्गस्य अद्य मन्त्रिमण्डलेन अनुमोदनं सम्भाव्यते।

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राजधानी भोपाल को महानगरीय स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी योजना के तहत भोपाल-विदिशा के मौजूदा दो लेन मार्ग को अब चार लेन में तब्दील किया जाएगा।

भोपाल। राजधानी भोपाल को महानगरीय स्वरूप देने की दिशा में सरकार एक और अहम कदम उठाने जा रही है। भोपाल-विदिशा के मौजूदा दो लेन मार्ग को अब चार लेन में विकसित किया जाएगा। करीब 1,757 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

इस परियोजना के तहत मार्ग पर तीन नए बायपास भी विकसित किए जाएंगे। इनके निर्माण से सूखी सेवनिया, बेरखेड़ी और सलामतपुर इलाकों में वाहनों का दबाव घटाने में मदद मिलेगी। भोपाल महानगरीय क्षेत्र के विस्तार और आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस योजना को प्राथमिकता दी है। सरकार के रोडमैप के अनुसार 2031 तक प्रदेश में करीब 88,634 करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य किए जाएंगे।

29,682 किलोमीटर लंबे मार्गों का होगा विकास और उन्नयन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, मौजूदा और प्रस्तावित सड़क ढांचे, कनेक्टिविटी की कमियों तथा संभावित विकास क्षेत्रों का इंटीग्रेटेड जीआईएस आधारित अध्ययन कर सड़क परियोजनाओं की प्राथमिकताएं निर्धारित की जा रही हैं। 2026-27 से 2030-31 तक लागू होने वाले रोड नेटवर्क मास्टर प्लान के तहत 1,226 मार्गों, जिनकी कुल लंबाई 29,682 किलोमीटर है, के विकास और उन्नयन का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं पर करीब 88,634 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 29,693 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन किया गया है। वहीं, 18,166 करोड़ रुपये की लागत से कुल 444 किलोमीटर लंबाई वाली सात बड़ी सड़क परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से होगा सड़क निर्माण, परियोजना में तीन नए बायपास भी शामिल

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस सड़क परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा। प्रस्तावित चार लेन सड़क में पक्के शोल्डर की सुविधा भी रहेगी। यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-46 के सांची-सलामतपुर जंक्शन तक पहुंचेगा। रास्ते में सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर प्रमुख क्षेत्र होंगे। यह सड़क भोपाल, रायसेन और विदिशा जिलों को आपस में जोड़ने वाले अहम क्षेत्रीय संपर्क मार्ग के रूप में विकसित की जाएगी।

परियोजना के तहत सूखी सेवनिया में 1.80 किमी, बेरखेड़ी में 1.35 किमी और सलामतपुर में 5.10 किमी लंबे बायपास का निर्माण प्रस्तावित है। इन बायपास के बनने से घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले यातायात का भार कम होगा, दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और स्थानीय लोगों को अधिक सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। साथ ही, यह मार्ग भोपाल-कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए एक अहम फीडर रूट के रूप में भी उपयोगी साबित होगा।

धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाला अहम मार्ग

भोपाल-विदिशा मार्ग की अहमियत केवल बेहतर आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। इस रूट के आसपास विश्वप्रसिद्ध सांची स्तूप, संग्रहालय, अशोक स्तंभ, उदयगिरि की गुफाएं सहित अनेक पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरें मौजूद हैं। इसके अलावा, यह मार्ग कर्क रेखा से भी होकर गुजरता है, जिससे इसका भौगोलिक महत्व और बढ़ जाता है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा रायसेन, सांची और विदिशा शहरों को बायपास करते हुए एक नए चार लेन हाईवे का निर्माण भी किया जा रहा है। प्रस्तावित परियोजना के इस मार्ग से जुड़ने पर भोपाल, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना सहित कई क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क और बेहतर होगा। इससे इन इलाकों में आवागमन तेज होने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।

उज्जैन-इंदौर महानगरीय क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को मिल रही नई मजबूती

प्रदेशभर में सड़क नेटवर्क के विस्तार और मजबूती का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उज्जैन-इंदौर महानगरीय क्षेत्र में कई बड़ी सड़क परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें इंदौर-उज्जैन छह लेन मार्ग, इंदौर-उज्जैन चार लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, उज्जैन-जावरा चार लेन ग्रीनफील्ड मार्ग, उज्जैन-मक्सी मार्ग का चौड़ीकरण, उज्जैन सिंहस्थ बायपास और हरिफाटक पुल का विस्तार शामिल है।

इंदौर के बाहरी हिस्से में रिंग रोड विकसित करने की जिम्मेदारी एनएचएआई संभाल रहा है। वहीं, उज्जैन-झालावाड़ चार लेन सड़क परियोजना की स्वीकृति फिलहाल भारत सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। इसके साथ ही उज्जैन-जावरा मार्ग के जरिए उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का कार्य भी प्रगति पर है।

भोपाल महानगरीय क्षेत्र के लिए भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार हो रहा सड़क नेटवर्क

भोपाल महानगरीय क्षेत्र को व्यवस्थित और मजबूत परिवहन ढांचा देने के उद्देश्य से क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। इसके जरिए आसपास के कस्बों, औद्योगिक क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों और प्रमुख आर्थिक केंद्रों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ा जाएगा। योजना में भोपाल पश्चिमी बायपास, भोपाल पूर्वी बायपास, भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और भोपाल-विदिशा चार लेन मार्ग प्रमुख रूप से शामिल हैं। भोपाल पश्चिमी बायपास को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि पूर्वी बायपास की प्रक्रिया जारी है। वहीं, भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे दोनों प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों के बीच तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी का मार्ग तैयार करेगा।

English

A major step is being taken to give the state capital Bhopal a metropolitan character. As part of this plan, the existing two-lane Bhopal–Vidisha road will be upgraded to a four-lane highway.

Bhopal: The government is set to take another significant step toward giving the state capital Bhopal a metropolitan character. The existing two-lane Bhopal–Vidisha road will now be upgraded into a four-lane route. The ambitious project, estimated to cost around ₹1,757 crore, will be presented for approval at the Cabinet meeting scheduled for Tuesday under the chairmanship of Chief Minister Dr. Mohan Yadav.

Under this project, three new bypasses will also be developed along the route. Their construction is expected to ease traffic congestion in the areas of Sukhi Sewaniya, Berkhedi and Salamatpur. Keeping in mind the expansion of the Bhopal Metropolitan Region and the anticipated rise in traffic over the coming years, the government has accorded priority to this project.

29,682 Kilometres of Roads to Be Developed and Upgraded: Chief Minister Dr. Mohan Yadav

According to Chief Minister Dr. Mohan Yadav, priorities for road projects are being determined through an integrated GIS-based assessment of the existing and proposed road infrastructure, connectivity gaps and potential growth areas. Under the Road Network Master Plan to be implemented from 2026-27 to 2030-31, the government has set a target to develop and upgrade 1,226 roads with a combined length of 29,682 kilometres. The projects are estimated to require an investment of around ₹88,634 crore.

Chief Minister Dr. Mohan Yadav said that, keeping Prime Minister Narendra Modi’s vision of ‘Viksit Bharat 2047’ in mind, Madhya Pradesh is developing modern, safe and well-planned road infrastructure to meet future requirements. Over the past two and a half years, 29,693 kilometres of roads have been constructed and upgraded across the state. Meanwhile, work is underway on seven major road projects with a combined length of 444 kilometres and an estimated cost of ₹18,166 crore.

Road Construction to Be Carried Out Under the Hybrid Annuity Model; Project Also Includes Three New Bypasses

According to Public Works Department officials, the road project will be executed under the Hybrid Annuity Model (HAM). The proposed four-lane road will also feature paved shoulders. The route will begin at the Bhanpur T-Junction on Bhopal’s Ayodhya Bypass and extend up to the Sanchi–Salamatpur Junction on National Highway-46. Sukhi Sewaniya, Diwanganj and Salamatpur will be among the key areas along the route. The road will be developed as an important regional connectivity corridor linking Bhopal, Raisen and Vidisha districts.

Under the project, bypasses measuring 1.80 km in Sukhi Sewaniya, 1.35 km in Berkhedi and 5.10 km in Salamatpur have been proposed. The construction of these bypasses will reduce traffic pressure in densely populated areas, lower the risk of accidents and provide local residents with safer and smoother transportation. The route will also serve as an important feeder corridor for the Bhopal–Kanpur High-Speed Corridor.

An Important Route to Promote Religious and Cultural Tourism

The significance of the Bhopal–Vidisha route extends far beyond improved connectivity, as it also holds immense importance from the perspective of religious, historical and cultural tourism. The route is surrounded by several archaeological and cultural heritage sites, including the world-famous Sanchi Stupa, museum, Ashoka Pillar and the Udayagiri Caves. Moreover, the route passes through the Tropic of Cancer, further enhancing its geographical significance.

The National Highways Authority of India (NHAI) is also constructing a new four-lane highway that will bypass the cities of Raisen, Sanchi and Vidisha. Once the proposed project is connected to this route, road connectivity between several regions, including Bhopal, Sagar, Damoh, Chhatarpur and Panna, will improve further. The development is expected to make travel faster and strengthen regional connectivity across these areas.

Road Connectivity Gets a Major Boost in the Ujjain–Indore Metropolitan Region

The expansion and strengthening of the road network across the state is progressing rapidly. Several major road projects are underway in the Ujjain–Indore Metropolitan Region. These include the Indore–Ujjain six-lane road, the Indore–Ujjain four-lane greenfield corridor, the Ujjain–Jaora four-lane greenfield route, widening of the Ujjain–Makshi road, the Ujjain Simhastha Bypass and expansion of the Harifatak Bridge.

The National Highways Authority of India (NHAI) is responsible for developing a ring road around the outskirts of Indore. Meanwhile, approval for the Ujjain–Jhalawar four-lane road project is currently under consideration by the Government of India. In addition, work is progressing to connect Ujjain with the Delhi–Mumbai Expressway through the Ujjain–Jaora route

Road Network Being Developed for the Future Needs of the Bhopal Metropolitan Region

The regional road network is being expanded to provide the Bhopal Metropolitan Region with a well-planned and robust transportation infrastructure. The initiative will improve road connectivity between surrounding towns, industrial areas, educational institutions and major economic centres. Key projects under the plan include the Bhopal Western Bypass, Bhopal Eastern Bypass, Bhopal–Indore Greenfield Expressway and Bhopal–Vidisha four-lane road. The Bhopal Western Bypass has already received approval, while the process for the Eastern Bypass is underway. Meanwhile, the Bhopal–Indore Greenfield Expressway will create a fast and seamless connectivity corridor between the two major metropolitan regions.

संस्कृत

राजधानीं भोपालं महानगरीयस्वरूपं प्रदातुं महत्त्वपूर्णं पगं गृह्यते। अस्याः योजनायाः अन्तर्गतं भोपाल-विदिशयोः विद्यमानः द्विपथमार्गः अधुना चतुष्पथमार्गरूपेण विकसितः करिष्यते।

भोपालः। राजधानीं भोपालं महानगरीयस्वरूपं प्रदातुं शासनम् एकम् अन्यत् महत्त्वपूर्णं कदम् अग्रे नेतुं सज्जम् अस्ति। वर्तमानः भोपाल-विदिशयोः द्विपथमार्गः अधुना चतुष्पथमार्गरूपेण विकसितः करिष्यते। प्रायः १,७५७ कोटिरूप्यकाणां व्ययेन प्रस्ताविता एषा महत्त्वाकांक्षी परियोजना मुख्यमन्त्री डॉ. मोहन यादवस्य अध्यक्षतायां मङ्गलवासरे आयोज्यमाने मन्त्रिमण्डलस्य सभायां अनुमोदनार्थं प्रस्तुतः करिष्यते।

अस्याः परियोजनायाः अन्तर्गतं मार्गे त्रयः नवीनाः परिहारमार्गाः अपि विकसिताः करिष्यन्ते। एतेषां निर्माणेन शुष्कीसिवनिया, बेरखेडी तथा सलामतपुर-क्षेत्रेषु वाहनानां भारः यातायातस्य च दबावः न्यूनीकर्तुं साहाय्यं भविष्यति। भोपाल-महानगरीयक्षेत्रस्य विस्तारं तथा आगामीषु वर्षेषु वर्धमानं यातायातं दृष्ट्वा शासनम् अस्याः योजनायाः प्राथमिकतया क्रियान्वयनं निश्चितवान् अस्ति।

शासनस्य मार्गविकास-योजनानुसारं वर्ष २०३१ पर्यन्तं प्रदेशे प्रायः ८८,६३४ कोटिरूप्यकाणां व्ययेन विविधाः मार्गनिर्माणकार्याः करिष्यन्ते।

२९,६८२ किलोमीटर-दीर्घाणां मार्गाणां विकासः उन्नयनं च करिष्यते : मुख्यमन्त्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमन्त्री डॉ. मोहन यादवस्य अनुसारं विद्यमानस्य प्रस्तावितस्य च मार्ग-संरचनायाः, सम्पर्कव्यवस्थायाः न्यूनतायाः तथा सम्भावित-विकासक्षेत्राणां समेकितस्य जीआईएस-आधारितस्य अध्ययनस्य माध्यमेन मार्गपरियोजनानां प्राथमिकताः निर्धारिताः क्रियन्ते। २०२६-२७ तः २०३०-३१ पर्यन्तं क्रियान्वितव्यस्य मार्गजाल-मास्टर-प्लानस्य अन्तर्गतं १,२२६ मार्गाणां, येषां समग्रदीर्घता २९,६८२ किलोमीटर् अस्ति, विकासस्य उन्नयनस्य च लक्ष्यं निर्धारितम् अस्ति। एतासु परियोजनासु प्रायः ८८,६३४ कोटिरूप्यकाणां व्ययः अपेक्षितः अस्ति।

मुख्यमन्त्री डॉ. मोहन यादवः उक्तवान् यत् प्रधानमन्त्री नरेन्द्रमोदिनः ‘विकसितभारत-२०४७’ इति दृष्टिकोणं ध्यायित्वा मध्यप्रदेशे भविष्यस्य आवश्यकतानुसारं आधुनिकं, सुरक्षितं सुव्यवस्थितं च मार्ग-अवसंरचनं निर्मीयते। विगतेषु सार्धद्विवर्षेषु प्रदेशे २९,६९३ किलोमीटर्-दीर्घाणां मार्गाणां निर्माणं उन्नयनं च कृतम् अस्ति। अपरतः १८,१६६ कोटिरूप्यकाणां अनुमानितव्ययेन ४४४ किलोमीटर्-समग्रदीर्घतायुक्तासु सप्तसु बृहद्-मार्गपरियोजनासु कार्यं प्रचलति।

हाइब्रिड-वार्षिकी-मॉडलेन मार्गनिर्माणं भविष्यति, परियोजनायां त्रयः नवीनाः परिहारमार्गाः अपि सम्मिलिताः

लोकनिर्माणविभागस्य अधिकारिणां अनुसारम् अस्य मार्गपरियोजनायाः कार्यान्वयनं हाइब्रिड-वार्षिकी-मॉडलस्य (HAM) अन्तर्गतं करिष्यते। प्रस्ताविते चतुष्पथमार्गे पक्के पार्श्वपट्टे अपि भविष्यतः। अयं मार्गः भोपालस्य अयोध्या-बायपासस्थितात् भानपुर-टी-जङ्क्शनतः आरभ्य राष्ट्रिय-राजमार्ग-४६ स्थितं साञ्ची-सलामतपुर-जङ्क्शनं यावत् विस्तरिष्यते। मार्गे शुष्की सेवनिया, दीवानगञ्जः तथा सलामतपुरम् इत्येते प्रमुखाः क्षेत्राः भविष्यन्ति। अयं मार्गः भोपाल-रायसेन-विदिशा-जनपदानां परस्परं संयोजकः महत्त्वपूर्णः प्रादेशिक-सम्पर्कमार्गः रूपेण विकसितः करिष्यते।

परियोजनायाः अन्तर्गतं शुष्की सेवनियायां १.८० किलोमीटर्, बेरखेड्यां १.३५ किलोमीटर् तथा सलामतपुरे ५.१० किलोमीटर् दीर्घाणां परिहारमार्गाणां निर्माणं प्रस्तावितम् अस्ति। एतेषां परिहारमार्गाणां निर्माणेन सघनजनवस्तीयुक्तेषु क्षेत्रेषु यातायातस्य भारः न्यूनीभविष्यति, दुर्घटनानां सम्भावना च ह्रासं गमिष्यति। स्थानीयजनानां कृते अधिकं सुरक्षितं सुगमं च आवागमनं सुनिश्चितं भविष्यति। साथमेव, अयं मार्गः भोपाल-कानपुर-शीघ्रगति-मार्गिकायाः महत्त्वपूर्णः सम्पर्कमार्गः रूपेण अपि उपयोगी भविष्यति।

धार्मिक-सांस्कृतिक-पर्यटनस्य प्रवर्धनाय महत्त्वपूर्णः मार्गः

भोपाल-विदिशा-मार्गस्य महत्त्वं केवलं उत्तमसम्पर्कव्यवस्थायां सीमितं नास्ति, अपितु धार्मिक-ऐतिहासिक-सांस्कृतिक-पर्यटनस्य दृष्ट्यापि अयं मार्गः अत्यन्तं महत्त्वपूर्णः अस्ति। अस्य मार्गस्य समीपे विश्वप्रसिद्धं साञ्ची-स्तूपं, सङ्ग्रहालयः, अशोकस्तम्भः, उदयगिरिगुहाः इत्यादयः अनेकाः पुरातात्त्विकाः सांस्कृतिकाश्च धरोहराः सन्ति। अपि च, अयं मार्गः कर्कटक्रान्तिरेखाम् अपि अतिक्रामति, येन अस्य भौगोलिकं महत्त्वम् अधिकं वर्धते।

भारतीय-राष्ट्रीय-राजमार्ग-प्राधिकरणेन (NHAI) रायसेनं, साञ्चीं तथा विदिशां नगराणि परिहरन् एकस्य नवीनस्य चतुष्पथ-राजमार्गस्य निर्माणमपि क्रियते। प्रस्तावितायाः परियोजनायाः अस्मिन् मार्गेण सह सम्पर्कं स्थापिते सति भोपाल, सागर, दमोह, छतरपुर तथा पन्ना इत्यादीनां अनेकानां क्षेत्राणां मध्यं मार्गसम्पर्कः अधिकं सुदृढः भविष्यति। अनेन एतेषु क्षेत्रेषु आवागमनं शीघ्रतरं भविष्यति तथा प्रादेशिक-सम्पर्कव्यवस्थायाः अपि सुदृढीकरणं भविष्यति।

उज्जयिनी-इन्दौर-महानगरीयक्षेत्रे मार्गसम्पर्कव्यवस्थायाः नूतनं सुदृढीकरणम्

सम्पूर्णे प्रदेशे मार्गजालस्य विस्तारस्य सुदृढीकरणस्य च कार्यं तीव्रगत्या प्रचलति। उज्जयिनी-इन्दौर-महानगरीयक्षेत्रे अनेकासु बृहतीषु मार्गपरियोजनासु कार्यं क्रियते। तासु इन्दौर-उज्जयिनी षट्पथमार्गः, इन्दौर-उज्जयिनी चतुष्पथ-ग्रीनफील्ड-मार्गिका, उज्जयिनी-जावराया चतुष्पथ-ग्रीनफील्ड-मार्गः, उज्जयिनी-माक्षी-मार्गस्य विस्तारीकरणम्, उज्जयिनी-सिंहस्थ-बायपासः तथा हरिफाटक-सेतुम् विस्तारः प्रमुखाः सन्ति।

इन्दौरस्य बाह्यभागे वलयमार्गस्य निर्माणस्य दायित्वं भारतीय-राष्ट्रीय-राजमार्ग-प्राधिकरणेन (NHAI) वह्यते। अपरतः उज्जयिनी-झालावाड़-चतुष्पथ-मार्गपरियोजनायाः अनुमोदनं सम्प्रति भारतसर्वकारस्य स्तरे विचाराधीनम् अस्ति। तदनन्तरं उज्जयिनी-जावरा-मार्गस्य माध्यमेन उज्जयिनीं दिल्ली-मुम्बई-एक्सप्रेस-मार्गेण सह संयोजयितुं कार्यमपि प्रगतिपथे अस्ति।

भोपाल-महानगरीयक्षेत्रस्य भविष्यस्य आवश्यकतानुसारं मार्गजालस्य विकासः क्रियते

भोपाल-महानगरीयक्षेत्राय सुव्यवस्थितं सुदृढं च परिवहन-अवसंरचनं प्रदातुं प्रादेशिक-मार्गजालस्य विस्तारः क्रियते। अस्य माध्यमेन समीपस्थानां नगराणां, औद्योगिकक्षेत्राणां, शिक्षणसंस्थानां तथा प्रमुखानां आर्थिककेन्द्राणां च उत्तमः मार्गसम्पर्कः स्थापितः भविष्यति। योजनायां भोपाल-पश्चिमी-परिहारमार्गः, भोपाल-पूर्वी-परिहारमार्गः, भोपाल-इन्दौर-ग्रीनफील्ड-एक्सप्रेसमार्गः तथा भोपाल-विदिशा-चतुष्पथमार्गः प्रमुखतया सम्मिलिताः सन्ति। भोपाल-पश्चिमी-परिहारमार्गाय अनुमोदनं प्राप्तम् अस्ति, यदा तु पूर्वी-परिहारमार्गस्य प्रक्रिया प्रचलति। अपरतः भोपाल-इन्दौर-ग्रीनफील्ड-एक्सप्रेसमार्गः उभयोः प्रमुखयोः महानगरीयक्षेत्रयोः मध्ये शीघ्रं निर्बाधं च सम्पर्कं प्रदास्यति।

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