₹3,200 करोड़ के कथित शराब घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, EOW के बाद कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार। Major ED Action in ₹3,200-Crore Liquor Scam Case; Senior Congress Leader Ramgopal Agrawal Arrested After EOW Probe। त्रिंशदधिक-द्विसहस्र-कोटिरूप्यकाणां मद्यघोटालाप्रकरणे प्रवर्तननिदेशालयस्य महती कार्यवाही, कांग्रेसनेता रामगोपाल अग्रवालः गृहीतः।

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी वर्ष 2019 से 2022 के दौरान सामने आए करीब 3,200 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में शराब सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है। गिरफ्तारी के बाद ED मंगलवार को रामगोपाल अग्रवाल को अदालत के समक्ष पेश करेगी और पूछताछ के लिए रिमांड की मांग रखेगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है।

यह गिरफ्तारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत की गई है। गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल को स्थानीय अदालत में पेश करेगी और मामले से जुड़े तथ्यों की विस्तृत पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी।

ईडी की जांच में सामने आए दावों के मुताबिक, कथित शराब घोटाले का यह मामला वर्ष 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों की कथित भूमिका थी। एजेंसी के अनुसार, आबकारी व्यवस्था पर नियंत्रण के जरिए इस नेटवर्क ने सरकारी राजस्व को प्रभावित किया, जिससे राज्य के खजाने को करीब 3,200 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।

अब तक जांच में 6 आरोपपत्र दाखिल, 81 आरोपी जांच के दायरे में

इस चर्चित शराब घोटाला मामले की जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया है। अब तक इस प्रकरण में छह आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि जांच में 81 आरोपियों के नाम सामने आने की बात कही गई है। ईडी की जांच के दायरे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, तत्कालीन आबकारी आयुक्त निरंजन दास, तत्कालीन संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित कई अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं।

सियासी हलकों में बढ़ी हलचल

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। EOW की कार्रवाई के बाद अब ED की गिरफ्तारी ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। माना जा रहा है कि आगे की पूछताछ में कथित शराब घोटाले से जुड़े कई अहम पहलू सामने आ सकते हैं। ED अदालत से रिमांड हासिल कर अग्रवाल से मामले से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत पूछताछ करेगी।

जांच एजेंसी अब इस बात की पड़ताल करेगी कि कथित शराब घोटाले से जुड़े अवैध वित्तीय लेनदेन में उनकी कथित भूमिका क्या थी और इस लेनदेन से प्राप्त धन किन-किन लोगों तक पहुंचा।

English

The Enforcement Directorate (ED) has taken major action in the high-profile Chhattisgarh liquor scam case by arresting former Congress treasurer Ramgopal Agrawal. The agency is investigating the alleged ₹3,200-crore scam linked to the period between 2019 and 2022, with a focus on the alleged liquor syndicate and money-laundering network. Following his arrest, the ED is expected to produce Agrawal before the court on Tuesday and seek his remand for further interrogation.

Raipur: The Enforcement Directorate (ED) has intensified its investigation into the high-profile Chhattisgarh liquor scam case. The central agency has arrested senior Congress leader and former party treasurer Ramgopal Agrawal. The development is expected to further intensify the ongoing probe into the alleged scam.

The arrest has been carried out under the provisions of the Prevention of Money Laundering Act (PMLA). Following the arrest, the agency will produce Ramgopal Agrawal before the local court and seek his remand for detailed questioning in connection with the case.

According to the ED’s investigation, the alleged liquor scam dates back to the period between 2019 and 2022, when the Congress government was in power. The agency alleges that an organised network was operating during this period, allegedly involving senior bureaucrats and politically influential individuals. According to the probe, the network allegedly exercised control over the excise system, resulting in an estimated loss of around ₹3,200 crore to the state exchequer.

Six Charge Sheets Filed So Far, 81 Accused Named in the Case

The investigation into the high-profile Chhattisgarh liquor scam has expanded considerably. So far, six charge sheets have been filed, with the names of 81 accused reportedly emerging during the probe. The ED investigation has reportedly included former Chief Minister Bhupesh Baghel’s son Chaitanya Baghel, then Excise Commissioner Niranjan Das, then Joint Secretary Anil Tuteja, former Excise Minister Kawasi Lakhma, and then Deputy Secretary in the Chief Minister’s Office, Saumya Chaurasia, among others.

Political Circles Abuzz After the Latest Development

The arrest of Ramgopal Agrawal has intensified political activity across Chhattisgarh. Following the EOW’s action, the latest move by the ED has once again brought the alleged liquor scam into the spotlight. The agency’s further questioning is expected to shed light on several key aspects of the case. The ED will seek custody from the court to question Agrawal in detail regarding the matter.

The investigating agency will now examine Agrawal’s alleged role in the suspected illegal financial transactions linked to the liquor scam and trace the individuals who allegedly received the funds.

संस्कृत

छत्तीसगढस्य बहुचर्चिते मद्यघोटालाप्रकरणे प्रवर्तननिदेशालयेन महत्त्वपूर्णा कार्यवाही कृता। कांग्रेसदलस्य पूर्वकोषाध्यक्षः रामगोपाल अग्रवालः निगृहीतः। वर्ष २०१९ तः २०२२ पर्यन्तं घटिते कथिते त्रिंशदधिक-द्विसहस्र-कोटिरूप्यकाणां घोटालाप्रकरणे मद्यसिन्डिकेट् तथा धनशोधनसम्बद्धविषयाणां अन्वेषणं प्रवर्तते। प्रवर्तननिदेशालयः मंगलवासरे तम् न्यायालये उपस्थाप्य पृच्छायै रिमाण्ड् याचयिष्यति।

रायपुर। छत्तीसगढस्य चर्चिते मद्यघोटालाप्रकरणे प्रवर्तननिदेशालयेन महत्त्वपूर्णा कार्यवाही कृता। केन्द्रीयान्वेषणसंस्थया कांग्रेसदलस्य वरिष्ठनेता पूर्वकोषाध्यक्षश्च रामगोपाल अग्रवालः निगृहीतः। अस्य ग्रहणस्य अनन्तरं प्रकरणस्य अन्वेषणं अधिकं तीव्रं भविष्यति इति सम्भाव्यते।

एषा गिरफ्तारी धनशोधननिवारण-अधिनियमस्य (PMLA) प्रावधानानुसार कृता अस्ति। गिरफ्तारीनन्तरं अन्वेषणसंस्था रामगोपाल अग्रवालं स्थानीय-न्यायालये उपस्थाप्य प्रकरणसम्बद्धविषयेषु विस्तृत-पृच्छार्थं रिमाण्ड् याचयिष्यति

प्रवर्तननिदेशालयस्य अन्वेषणानुसारं कथितं मद्यघोटालाप्रकरणं वर्ष २०१९ तः २०२२ पर्यन्तं तत्कालीनस्य कांग्रेसशासनस्य कालखण्डेन सम्बद्धम् अस्ति। अन्वेषणसंस्थायाः आरोपः अस्ति यत् तस्मिन् समये एकं संगठितं जालं सक्रियम् आसीत्, यस्मिन् वरिष्ठप्रशासनिकाधिकारिणां राजनैतिकप्रभावयुक्तानां च जनानां कथिता भूमिका आसीत्। अन्वेषणानुसारं आबकारीव्यवस्थायाः नियन्त्रणस्य माध्यमेन राज्यस्य राजकोषे लगभग त्रिंशदधिक-द्विसहस्र-कोटिरूप्यकाणां हानिः अभवत् इति कथ्यते।

अद्यावधि षट् अभियोगपत्राणि प्रस्तुतानि, एकाशीतिः अभियुक्ताः प्रकरणे अन्वेषणस्य परिधौ।

अस्मिन् बहुचर्चिते मद्यघोटालाप्रकरणे अन्वेषणस्य व्याप्तिः निरन्तरं वर्धिता अस्ति। अद्यावधि षट् अभियोगपत्राणि प्रस्तुतानि सन्ति तथा च अन्वेषणक्रमे एकाशीतिः अभियुक्तानां नामानि प्रकाशे आगतानि इति कथ्यते। प्रवर्तननिदेशालयस्य अन्वेषणपरिधौ पूर्वमुख्यमन्त्रिणः भूपेश बघेलस्य पुत्रः चैतन्य बघेलः, तत्कालीनः आबकारी-आयुक्तः निरञ्जन दासः, तत्कालीनः संयुक्तसचिवः अनिल टुटेजा, पूर्वः आबकारीमन्त्री कवासी लखमा, मुख्यमन्त्रिकार्यालयस्य तत्कालीनः उपसचिवा सौम्या चौरसिया इत्यादीनां नामानि समाविष्टानि इति कथ्यते।

राजनैतिकक्षेत्रेषु तीव्रा चहलपहलः

रामगोपाल अग्रवालस्य गिरफ्तारीनन्तरं छत्तीसगढस्य राजनैतिकक्षेत्रेषु चहलपहलः अधिका जाता अस्ति। ईओडब्ल्यू-संस्थायाः कार्यवाहीपश्चात् अधुना प्रवर्तननिदेशालयस्य कार्यवाहीया एतत् प्रकरणं पुनः चर्चायाः केन्द्रे आगतम्। अग्रवालस्य विस्तृत-पृच्छायां कथित-मद्यघोटालासम्बद्धाः अनेकाः महत्त्वपूर्णाः तथ्याः प्रकाशे आगन्तुं शक्नुवन्ति इति अपेक्षा अस्ति। प्रवर्तननिदेशालयः न्यायालयात् रिमाण्ड् प्राप्त्वा अग्रवालस्य प्रकरणसम्बद्धविषयेषु विस्तृतां पृच्छां करिष्यति।

अन्वेषणसंस्था अधुना कथित-मद्यघोटालासम्बद्धेषु अवैध-वित्तीय-व्यवहारेषु तस्य कथितां भूमिकां ज्ञातुं तथा च धनराशिः केषां केषां जनानां समीपं गता इति अन्वेष्टुं प्रयासं करिष्यति।

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