सिर्फ फोन कॉल के जरिए ठगों ने भोपाल में एक व्यक्ति के क्रेडिट कार्ड से 1.54 लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ित ने न कोई संदिग्ध लिंक खोला और न ही OTP साझा किया, फिर भी उसके खाते से रकम निकाल ली गई।A Bhopal resident lost ₹1.54 lakh from a credit card through a phone-based cyber fraud. The victim neither opened any suspicious link nor shared an OTP, yet the fraudsters managed to withdraw the money.भोपालनगरे एकस्य व्यक्तेः क्रेडिट्-कार्डतः केवलं दूरभाष-सम्पर्कस्य माध्यमेन १.५४ लक्षरूप्यकाणि अपहृतानि। पीडितेन न कश्चित् सन्दिग्ध-संयोजकः उद्घाटितः, न च एकवार-गोप्यसङ्केतः (OTP) कथितः, तथापि साइबर-अपराधिभिः धनम् अपहृतम्।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक किए बिना ही पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से रकम निकाल ली गई। वहीं, दूसरे मामले में बिजली कनेक्शन काटने की धमकी देकर ठग ने मोबाइल पर एक प्रक्रिया पूरी कराई और इसी बहाने साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

भोपाल में साइबर धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। पिपलानी इलाके में जालसाजों ने बैंक कर्मचारी बनकर एक ट्रैवल एजेंसी संचालक को अपने जाल में फंसाया। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं किया, फिर भी उसके क्रेडिट कार्ड से 1.54 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई।
अवधपुरी इलाके में साइबर ठगों ने बिजली मीटर अपडेट कराने का झांसा देकर 47 वर्षीय व्यक्ति को अपना शिकार बनाया। आरोपी ने प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उससे संपर्क किया और देखते ही देखते उसके खाते से 99 हजार रुपये की रकम ठग ली।
बैंक अधिकारी होने का झांसा देकर फोन किया।
पिपलानी पुलिस के मुताबिक, 37 वर्षीय तजिन्दर सिंह सैनी ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। उनके मोबाइल पर एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को एक्सिस बैंक की प्रतिनिधि बताते हुए क्रेडिट कार्ड पर मुफ्त रिवार्ड पॉइंट मिलने की बात कही। इसके बाद महिला ने रिवार्ड पॉइंट हासिल करने की पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से समझाने का झांसा दिया।
बातचीत के दौरान महिला ने तजिन्दर के WhatsApp पर एक लिंक भेजा। लिंक की प्रकृति संदिग्ध लगने पर तजिन्दर ने उसे खोलने से साफ इनकार कर दिया। उन्हें पहले ही अंदेशा हो गया था कि यह साइबर फ्रॉड के जरिए ठगी करने की कोशिश हो सकती है।
संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने के बावजूद कॉल खत्म होने के कुछ ही समय बाद तजिन्दर के मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से 1.54 लाख रुपये की राशि कटने का संदेश पहुंचा। शिकायत मिलने के बाद पिपलानी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बिजली मीटर अपडेट कराने का झांसा देकर 99 हजार रुपये ठगे
अवधपुरी इलाके में साइबर ठगी का दूसरा मामला सामने आया है। यहां 47 वर्षीय जितेन्द्र सिंह भदौरिया को बिजली मीटर अपडेट कराने का झांसा देकर निशाना बनाया गया। 24 जून को उनके मोबाइल पर संदेश भेजकर चेतावनी दी गई कि मीटर अपडेट नहीं कराने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा।
संदेश में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद सामने वाले व्यक्ति ने बिजली मीटर अपडेट की प्रक्रिया मोबाइल के जरिए पूरी कराने की बात कही। इसी बहाने उसने पीड़ित को अपने झांसे में लेने की कोशिश की।
बातचीत के बीच जितेन्द्र का मोबाइल अचानक हैंग हो गया। करीब 10 से 15 मिनट बाद उनके फोन पर क्रेडिट कार्ड से 99 हजार रुपये की रकम निकाले जाने का संदेश आया। मोबाइल में आई इस तकनीकी दिक्कत के तुरंत बाद हुई रकम निकासी से उन्हें ठगी का पता चला।
ठगी के बाद जालसाजों ने क्रेडिट कार्ड से और पैसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन जितेन्द्र ने तुरंत कार्ड ब्लॉक करा दिया। इससे आगे होने वाली संभावित आर्थिक क्षति टल गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
English
In one case, money was withdrawn from a credit card even though the victim did not click on any suspicious link. In another incident, the fraudster threatened to disconnect the electricity connection and persuaded the victim to complete a process on the mobile phone, leading to a cyber fraud.
Two cases of cyber fraud have been reported in Bhopal. In the Piplani area, fraudsters impersonated bank representatives and targeted a travel agency operator. Surprisingly, the victim did not click on any suspicious link, yet ₹1.54 lakh was withdrawn from his credit card.
In the Awadhpuri area, a 47-year-old man was allegedly duped of ₹99,000 by a cyber fraudster on the pretext of updating his electricity meter. The accused contacted him claiming that a procedure had to be completed, after which the victim lost the money.
Made a call while posing as a bank representative.
According to Piplani police, 37-year-old Tajinder Singh Saini runs a travel agency. He received a call from a woman who claimed to be an Axis Bank representative and informed him about free reward points available on his credit card. She then offered to guide him through the process of redeeming the reward points using a mobile app.
During the conversation, the woman sent a link to Tajinder’s WhatsApp. Finding the link suspicious, he chose not to open it. He suspected that the message could be part of an attempt to carry out a cyber fraud.
Despite not clicking on the suspicious link, Tajinder received a message on his mobile shortly after the call ended, informing him that ₹1.54 lakh had been deducted from his credit card. Police have begun investigating the case based on his complaint.
Title: ₹99,000 Fraud on the Pretext of Updating Electricity Meter
A second cyber fraud case has been reported from the Awadhpuri area. A 47-year-old man, Jitendra Singh Bhadoria, was allegedly targeted on the pretext of updating his electricity meter. On June 24, he received a message warning that his power connection would be disconnected if the meter was not updated.
After contacting the number mentioned in the message, the person on the other end instructed the victim to complete the electricity meter update process through his mobile phone. This was allegedly used as a pretext to carry out the fraud.
During the conversation, Jitendra’s mobile phone suddenly became unresponsive. Around 10 to 15 minutes later, he received a message stating that ₹99,000 had been withdrawn from his credit card. The transaction revealed the alleged cyber fraud.
After the initial fraud, the accused allegedly attempted to make another withdrawal from Jitendra’s credit card. However, he promptly got the card blocked, preventing further financial loss. Police have started investigating the case.
संस्कृत
एकस्मिन् प्रकरणे पीडितेन सन्दिग्ध-संयोजकं न उद्घाटितम्, तथापि तस्य क्रेडिट्-कार्डतः धनराशिः अपहृता। अन्यस्मिन् प्रकरणे साइबर-ठगेन विद्युत्-सम्बन्धं विच्छेदयिष्यामि इति भयम् उत्पाद्य पीडितं दूरभाष-यन्त्रे प्रक्रिया कर्तुं प्रेरितम्, ततः धनसम्बन्धी छलः कृतः।
भोपाल में साइबर धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। पिपलानी इलाके में जालसाजों ने बैंक कर्मचारी बनकर एक ट्रैवल एजेंसी संचालक को अपने जाल में फंसाया। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं किया, फिर भी उसके क्रेडिट कार्ड से 1.54 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई।
भोपालनगरे साइबर्-छलस्य द्वौ प्रकरणौ प्रकाशे आगतौ। पिपलानीक्षेत्रे छलकारिभिः बैंक-कर्मचारिणः इव परिचयं दत्त्वा यात्रासंस्था-सञ्चालकः लक्ष्यीकृतः। विशेषं यत् पीडितेन कस्यापि सन्दिग्ध-संयोजकस्य उपरि न क्लिक् कृतम्, तथापि तस्य क्रेडिट्-कार्डतः १.५४ लक्षरूप्यकाणि अपहृतानि।
अवधपुरीक्षेत्रे साइबर्-छलेन ४७ वर्षीयः पुरुषः विद्युत्-मापकस्य नवीकरणस्य प्रलोभनं दत्त्वा लक्ष्यीकृतः। प्रक्रियापूर्तेः नाम्ना तेन सह सम्पर्कं कृत्वा छलकारिणा तस्मात् ९९ सहस्ररूप्यकाणि अपहृतानि।
बैंक-प्रतिनिधिरूपेण परिचयं दत्त्वा दूरभाषः कृतः।
पिपलानी पुलिस के मुताबिक, 37 वर्षीय तजिन्दर सिंह सैनी ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं। उनके मोबाइल पर एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को एक्सिस बैंक की प्रतिनिधि बताते हुए क्रेडिट कार्ड पर मुफ्त रिवार्ड पॉइंट मिलने की बात कही। इसके बाद महिला ने रिवार्ड पॉइंट हासिल करने की पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से समझाने का झांसा दिया।
पिपलानी-पुलिसस्य अनुसारं ३७ वर्षीयः तजिन्दर सिंह सैनी यात्रासंस्थां सञ्चालयति। तस्य दूरभाषे एका महिला सम्पर्कं कृत्वा स्वयम् एक्सिस्-बैंकस्य प्रतिनिधिरूपेण परिचयं दत्तवती। सा तस्य क्रेडिट्-कार्डस्य निःशुल्क-पुरस्काराङ्काः (Reward Points) प्राप्तुं शक्यन्ते इति अवदत्। अनन्तरं पुरस्काराङ्कानां प्राप्तेः प्रक्रिया चलदूरभाष-अनुप्रयोगस्य माध्यमेन बोधयिष्यामि इति उक्त्वा सा तं प्रलोभितवती।
सम्भाषणस्य समये महिलया तजिन्दरस्य WhatsApp-सन्देशप्रणाल्यां एकः संयोजकः प्रेषितः। संयोजकः सन्दिग्धः प्रतीतिः इति कारणेन तजिन्दरेण सः न उद्घाटितः। तेन पूर्वमेव आशङ्कितं यत् एषः साइबर्-छलस्य प्रयासः भवितुम् अर्हति
सन्दिग्धं संयोजकं न उद्घाटितवति अपि दूरभाष-सम्भाषणस्य समाप्तेः किञ्चित्कालानन्तरं तजिन्दरस्य चलदूरभाषे सन्देशः प्राप्तः, यस्मिन् क्रेडिट्-कार्डतः १.५४ लक्षरूप्यकाणि अपहृतानि इति सूचितम्। तस्य परिवादस्य आधारेण पुलिस्-अधिकारीणः प्रकरणस्य अन्वेषणं कुर्वन्ति
विद्युत्-मापकस्य नवीकरणस्य बहानेन ९९ सहस्ररूप्यकाणां छलम्
अवधपुरीक्षेत्रे साइबर्-छलस्य द्वितीयं प्रकरणं प्रकाशे आगतम्। अत्र ४७ वर्षीयः जितेन्द्र सिंह भदौरिया विद्युत्-मापकस्य नवीकरणस्य नाम्ना छलस्य लक्ष्यं कृतः। जून-मासस्य २४ दिनाङ्के तस्य चलदूरभाषे सन्देशः प्राप्तः, यस्मिन् विद्युत्-मापकस्य नवीकरणं न कृतं चेत् विद्युत्-सम्बन्धः विच्छिन्नः करिष्यते इति चेतावनी दत्ता।
सन्देशे प्रदत्तायां दूरभाष-सङ्ख्यायां सम्पर्कं कृत्वा अपरः व्यक्तिः विद्युत्-मापकस्य नवीकरण-प्रक्रियां चलदूरभाषस्य माध्यमेन पूर्णीकर्तुं पीडितं निर्दिष्टवान्। अस्यैव बहानेन तेन पीडितं छलस्य जाले पतितुं प्रेरितम्।


