शिक्षक दिवस पर पीएम मोदी का खास संवाद: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता महिला टीचर से पूछा जनता से जुड़ने का मंत्र, मिला जवाब— ‘कॉन्फिडेंस ही असली चाबी है'”Confidence is Key”: Award-Winning Female Teacher Gives Public Speaking Tips to PM Modi During Interactive Session. प्रधानमन्त्रिणा मोदिमहोदयेन राष्ट्रियपुरस्कारविजेत्री महिलाशिक्षिका पृष्टा जनसंवादकला; शिक्षिका अवदत्— ‘आत्मविश्वासः एव प्रधानः’

- नई दिल्ली: शिक्षक दिवस के खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बेहद अनोखा रूप देखने को मिला। पीएम मोदी ने शनिवार को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुने गए 48 शिक्षकों से आत्मीय बातचीत की। इस बातचीत का 5 मिनट का एक वीडियो प्रधानमंत्री के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी शेयर किया गया है।
- संवाद का दिलचस्प वाकया: बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाने वाली एक महिला शिक्षिका से चुटकी लेते हुए पूछा, “अगर मैं आपका स्टूडेंट बन जाऊं और मुझे एक अच्छा स्पीकर बनना हो, तो मुझे क्या करना चाहिए? कुछ टिप्स दीजिए।”
- शिक्षिका का गुरुमंत्र: इस पर शिक्षिका ने कहा कि सबसे पहले चेहरे पर ‘कॉन्फिडेंस’ दिखना चाहिए। जब पीएम ने हंसते हुए पूछा कि यह कॉन्फिडेंस आखिर आएगा कैसे, तो शिक्षिका ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “सर, इसकी लगातार प्रैक्टिस (अभ्यास) करनी होती है।”
- आज मिलेगा सम्मान: गौरतलब है कि शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर आज महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देश के इन 48 चुनिंदा स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।
पीएम मोदी का गुरुमंत्र: स्क्रीन टाइम की लत से लेकर ड्रेस कोड और बच्चों के व्यवहार पर कही ये 3 बड़ी बातें।
- नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों और छात्रों से जुड़े तीन बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। पीएम ने इसे आज के दौर की बड़ी चुनौतियां बताया।
- 1. स्क्रीन टाइम है नई लत, मैदानी खेल ही हैं समाधान: पीएम मोदी ने चिंता जताते हुए कहा कि आजकल ‘स्क्रीन टाइम’ (मोबाइल-कंप्यूटर का अत्यधिक इस्तेमाल) एक गंभीर लत बनता जा रहा है। उन्होंने इसका आसान उपाय सुझाते हुए कहा कि अगर बच्चे वीडियो गेम छोड़कर मैदान पर वास्तविक खेल खेलना शुरू कर दें, तो वे धीरे-धीरे डिजिटल लत के जाल से बाहर निकल सकते हैं।2. बिना स्पष्टीकरण नियम थोपना गलत, ड्रेस।
- 2. बिना स्पष्टीकरण नियम थोपना गलत, ड्रेस कोड पर कही बात: बड़े शहरों और यूनिवर्सिटीज में उठने वाले ‘ड्रेस कोड’ के विवाद पर पीएम ने कहा कि अक्सर वहां जागरूकता की कमी होती है। कई बार प्रशासन बिना किसी स्पष्टीकरण या संवाद के सीधे कड़े नियम लागू कर देता है, जिससे असंतोष पैदा होता है।
- 3. बच्चों के बदलते व्यवहार पर नजर रखें शिक्षक: प्रधानमंत्री ने गुरुओं से अपील की कि वे बच्चों के मन में पैदा होने वाली आशंकाओं और उनके बदलते बिहेवियर के प्रति लगातार जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बारीकी से देखना चाहिए कि क्या उनके द्वारा उठाए गए कदम बच्चों के व्यवहार में कोई सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं या नहीं।
( English)
New Delhi: In a heartwarming interaction ahead of Teacher’s Day, Prime Minister Narendra Modi interacted with 48 exceptional teachers selected for this year’s National Award. A 5-minute video highlighting this candid conversation was released on the PM’s official YouTube channel on Saturday.
- The Witty Exchange: Spotting a female teacher who trains children in public speaking, PM Modi jokingly asked, “If I join your class as a student and want to become a great orator, what tips would you give me? What should I do?”
- Practice Wins Confidence: The teacher promptly advised that the first step is displaying absolute ‘confidence’. When a laughing PM countered, “But how does one get that confidence?”, the teacher wisely replied, “Through continuous practice, sir!”
- National Honors Today: On the occasion of Teacher’s Day, President Droupadi Murmu will officially confer the National Awards upon these 48 dedicated school teachers at Vigyan Bhawan, New Delhi today.
PM Modi’s 3 Big Takeaways: Digital Addiction, Dress Code Awareness, and Student Behavior Trait Monitoring.
New Delhi: During a high-level interaction, Prime Minister Narendra Modi highlighted three critical contemporary challenges regarding students and education, providing a fresh perspective on resolving them.
- 1. Screen Time is the New Addiction; Real Sports the Remedy: Terming excessive screen time a dangerous addiction, the PM suggested a practical solution. He emphasized that encouraging children to ditch video games for real, on-field outdoor sports can gradually help them break free from digital dependency.
- 2. Lack of Awareness Behind Dress Code Rows: Addressing the dress code issues brewing in major cities and universities, PM Modi pointed out a lack of awareness. He noted that rules are frequently imposed bluntly without any proper explanation or open dialogue, which causes unnecessary friction.
- 3. Teachers Must Track Evolving Behavior Patterns: The Prime Minister urged educators to closely monitor the changing behavior and underlying anxieties of children. He stressed that teachers must be proactive in evaluating whether institutional steps are actually bringing a healthy change in a student’s mindset.
(संस्कृत)
- नवदेहली: शिक्षकदिवसस्य शुभप्रसङ्गे प्रधानमन्त्री नरेन्द्रमोदी शनिवारे राष्ट्रियपुरस्कारार्थं चयनितेन ४८ शिक्षकवृन्देन सह संवादं कृतवान्। अस्य संवादस्य पञ्चनिमेषात्मकं चलच्चित्रं (वीडियो) प्रधानमन्त्रिणः यूट्यूब-वाहिन्यां प्रसारितम्।
- रोचकः जनसंवादः: सम्भाषणकाले जनभाषणकलां (पब्लिक स्पीकिंग) पाठयन्तीं एकाम् शिक्षिकां प्रति प्रधानमन्त्री सहासम् अवदत्, “यदि अहं भवत्याः छात्रः भवेयं तथा च एकाकी उत्तमवक्ता भवितुम् इच्छेयं, तर्हि मह्यम् कानिचन सूत्राणि ददातु, मया किं करणीयम्?”
- शिक्षिकायाः उपदेशः: शिक्षिका प्रत्युवाच यत् प्रथमतः मुखमण्डले ‘आत्मविश्वासः’ दृश्येत। तदा मोदिमहोदयः हसन् अपृच्छत्, “तर्हि एषः आत्मविश्वासः कथम् आगच्छेत्?” शिक्षिका सविनयम् अकथयत्, “श्रीमन्! अस्य निरन्तरं अभ्यासः करणीयः भवति।”
- अद्य भविष्यति सम्माननम्: अस्मिन्नेव क्रमे, अद्य शिक्षकदिवसे माननीया राष्ट्रपतिः द्रौपदी मुर्मू महोदया नवदेहलीस्थे विज्ञानभवने देशस्य एतान् ४८ विद्यालयशिक्षकान् ‘राष्ट्रियपुरस्कारेण’ अलङ्करिष्यति।
प्रधानमन्त्रिणः त्रयः प्रमुखाः उपदेशाः: ‘स्क्रीन टाइम’ इति व्यसनमुक्तिः, वेशभूषा-नियमाः तथा च छात्राणाम् व्यवहारपरिवर्तनम्।
- नवदेहली: प्रधानमन्त्रिणा नरेन्द्रमोदिमहोदयेन अद्यतनशिक्षाजगति छात्राणां जीवने च दृश्यमानानां त्रयाणां प्रमुखाणां विषयाणां गम्भीरतापूर्वकं विश्लेषणं कृतम्।
- १. ”स्क्रीन टाइम’ इति नूतनं व्यसनम्, क्षेत्रक्रीडा एव उपायः: मोदिमहोदयः उक्तवान् यत् सम्प्रति सङ्गणक-दूरभाषयोः अत्यधिकः उपयोगः (स्क्रीन टाइम) एकं गम्भीरं व्यसनं जातम्। यदि बालकाः अन्तर्जालक्रीडां (वीडियो गेम) त्यक्त्वा क्रीडाङ्गणे वास्तविकं खेलं क्रीडेयुः, तर्हि शनैः शनैः एतस्मात् पाशात् मुक्ताः भवितुं शक्नुवन्ति।
- २. वेशभूषा (ड्रेस कोड) विषये जागरूकतायाः अभावः: महानगरेषु विश्वविद्यालयेषु च प्रचलन्तीं वेशभूषा-विवादं चर्चयन् प्रधानमन्त्री अवदत् यत् अत्र जागरूकतायाः न्यूनाधिकता वर्तते। अनेकवारं नियमप्रशासनेन विना किमपि स्पष्टीकरणं नियमाः बलात् आरोप्यन्ते।
- ३. छात्राणां परिवर्तमान-व्यवहारे शिक्षकाणाम् दृष्टिः आवश्यकी: प्रधानमन्त्रिणा शिक्षकाः प्रेरिताः यत् ते बालकानां मनसि जायमानानां शङ्कानां तथा च तेषाम् व्यवहारपरिवर्तनानां प्रति सर्वदा सचेतनाः स्युः। संस्थायाः निर्णयाः छात्रेषु अनुकूलं प्रभावं जनयन्ति वा न वा, इति शिक्षकाः सूक्ष्मरूपेण पश्येयुः।


