बिश्रामपुर की बेटी जयश्री को मिली सक्ती जिले की जिम्मेदारी, शिक्षा-स्वास्थ्य और पर्यटन विकास को देंगी नई दिशा। Bishrampur’s Daughter Jayshree Takes Charge of Sakti District, to Give New Direction to Education, Healthcare and Tourism। विश्रामपुरस्य पुत्री जयश्री अधुना शक्तिजिलस्य प्रशासनिकं नेतृत्वं प्राप्नोति, शिक्षा-स्वास्थ्य-पर्यटनक्षेत्राणां विकासाय प्रदास्यति नूतनां दिशाम्।
कोयलानगरी बिश्रामपुर के लिए यह गर्व का क्षण है। 2016 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी जयश्री जैन को सक्ती जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। उनकी इस उपलब्धि से बिश्रामपुर क्षेत्र में खुशी और गौरव का माहौल है। जयश्री जैन अब सक्ती जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन के विकास को प्राथमिकता देते हुए जनहित से जुड़े कार्यों को नई गति देने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगी।

बिश्रामपुर। कोयलानगरी बिश्रामपुर के लिए यह गर्व और खुशी का विशेष अवसर है। नगर की बेटी और 2016 बैच की आईएएस अधिकारी जयश्री जैन को राज्य शासन ने सक्ती जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति की खबर सामने आते ही पूरे बिश्रामपुर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।जयश्री जैन की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर नगरवासियों, शुभचिंतकों और परिचितों ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाई दी है। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता ने न केवल परिवार, बल्कि पूरे बिश्रामपुर का मान बढ़ाया है और प्रदेश में कोयलानगरी की पहचान को भी नई गौरवपूर्ण ऊंचाई दी है।
जयश्री जैन वर्तमान में मंत्रालय, रायपुर में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वर्ष 2005 में राज्य प्रशासनिक सेवा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर के रूप में चयनित होने के बाद उन्होंने प्रशासनिक क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। उत्कृष्ट सेवाओं और अनुभव के आधार पर पदोन्नति के बाद वे भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं। अब राज्य शासन ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें सक्ती जिले की प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंपी है।
जयश्री जैन का शैक्षणिक सफर भी उनकी उपलब्धियों की तरह प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने बिश्रामपुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से गणित संकाय में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए टॉप किया। इसके बाद अंबिकापुर के होलीक्रास कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने टॉपर के रूप में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था। प्रशासनिक सेवा में चयन के बाद भी जयश्री जैन ने अपनी कार्यकुशलता, अनुशासन और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण से प्रशासनिक क्षेत्र में एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाई।
हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना होगी प्राथमिकता
जिला प्रतिनिधि नरेंद्र जैन से विशेष बातचीत में सक्ती की नवपदस्थ कलेक्टर जयश्री जैन ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना और उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सुनिश्चित करना रहेगा। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को जिले की बुनियादी आवश्यकताएं बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में निरंतर सुधार की जरूरत है। सक्ती जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।
जयश्री जैन ने कहा कि प्रशासन की सफलता का सही आकलन तभी संभव है, जब सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे। ग्रामीण क्षेत्रों की जमीनी जरूरतों और मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और परिणामदायी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पर्यटन की संभावनाओं को लेकर जयश्री जैन ने कहा कि जिले में विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
जयश्री जैन ने कहा कि सक्ती जिले की प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों को व्यवस्थित रूप से विकसित कर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। पर्यटन स्थलों के विकास से न केवल जिले को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बिश्रामपुर से आज भी गहरा आत्मीय रिश्ता
जयश्री जैन का बिश्रामपुर से पारिवारिक और आत्मीय जुड़ाव रहा है। वे सीए जयंत भूरा की पत्नी हैं तथा बिश्रामपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी तोलाराम जैन और कमला देवी की पुत्री हैं। उनके भाई सुशील जैन, सुरेंद्र जैन, नरेंद्र जैन, सुनील जैन, राजेश जैन और राजकुमार जैन हैं। बिश्रामपुर से भारतीय प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने वाली जयश्री जैन को नगर की पहली आईएएस अधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। सक्ती कलेक्टर के रूप में उनकी नियुक्ति की जानकारी सामने आते ही बिश्रामपुर में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया।
जयश्री जैन ने बढ़ाया नगर का गौरव, युवाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
बिश्रामपुरवासियों का कहना है कि जयश्री जैन की उपलब्धि नगर की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आगे बढ़ते हुए उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अपनी मेहनत के दम पर प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हासिल कीं। उनका सफर बताता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत, लगन व समर्पण के साथ आगे बढ़ा जाए, तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती।
English
Coal town Bishrampur is celebrating a proud moment as 2016-batch Indian Administrative Service (IAS) officer Jayshree Jain has been appointed as the new Collector of Sakti district. Her achievement has brought immense joy and pride to the region. As Collector, she is expected to focus on strengthening education, healthcare services and tourism while accelerating development and public welfare initiatives across the district.
Bishrampur। It is a moment of immense pride and joy for the coal town of Bishrampur. Jayshree Jain, a 2016-batch IAS officer and daughter of the town, has been appointed by the state government as the new Collector of Sakti district. The announcement of her appointment has brought a wave of happiness and celebration across Bishrampur.Residents, well-wishers and acquaintances have extended their heartfelt congratulations to Jayshree Jain on this significant achievement. They said that her success has not only brought honour to her family but has also enhanced the prestige of Bishrampur, giving the coal town a new and proud identity at the state level.
Jayshree Jain is presently serving as Joint Secretary in the Forest and Climate Change Department at the Mantralaya in Raipur. After being selected as a Deputy Collector through the State Administrative Service in 2005, she handled several important administrative responsibilities. Following her promotion, she joined the Indian Administrative Service. Recognising her administrative experience and capabilities, the state government has now entrusted her with the responsibility of leading the administration of the important Sakti district.
Jayshree Jain’s academic journey has been as inspiring as her professional achievements. She topped the Class 12 board examination in the Mathematics stream at the Government Girls Higher Secondary School in Bishrampur. She continued her remarkable performance by emerging as a topper in her B.Sc. studies at Holy Cross College in Ambikapur. In recognition of her outstanding academic achievements, she was awarded a gold medal. After entering the administrative service, she established a distinct identity through her efficient working style, discipline and unwavering commitment to her responsibilities.
Ensuring the Benefits of Government Schemes Reach Every Eligible Person Will Be a Key Priority
In an exclusive interaction with district representative Narendra Jain, newly appointed Sakti Collector Jayshree Jain outlined her key priorities. She said her primary focus would be on ensuring the effective implementation of government welfare schemes at the grassroots level and making sure their benefits reach every eligible beneficiary. Describing education and healthcare as fundamental needs, she emphasized that both sectors require continuous improvement. Strengthening these services and making them more effective across Sakti district will therefore remain a key area of focus.
Jayshree Jain said that the true objective of administration can only be achieved when the benefits of government schemes effectively reach the last person in society. She emphasized the need to assess the ground realities and basic facilities in rural areas and undertake necessary improvements accordingly. Better coordination among different departments will also be a key priority to make development initiatives more effective and result-oriented.
Speaking about the tourism potential, Jayshree Jain said that the district has significant opportunities for tourism development.
Jayshree Jain said efforts would be made to systematically develop Sakti district’s natural attractions and historical heritage to promote tourism. Strengthening tourism infrastructure can not only enhance the district’s identity but also create new employment and livelihood opportunities for local communities.
A Deep and Enduring Connection with Bishrampur
Jayshree Jain has a deep familial and emotional connection with Bishrampur. She is the wife of CA Jayant Bhura and the daughter of prominent Bishrampur businessman Tolaram Jain and Kamla Devi. Her brothers are Sushil Jain, Surendra Jain, Narendra Jain, Sunil Jain, Rajesh Jain and Rajkumar Jain. Jayshree Jain is being regarded as the first IAS officer from Bishrampur to reach the Indian Administrative Service. The news of her appointment as Collector of Sakti brought immense joy to the town, with residents and well-wishers coming forward to congratulate her.
Jayshree Jain Brings Pride to the Town and Becomes an Inspiration for Young Aspirants
Residents of Bishrampur believe that Jayshree Jain’s achievement is a source of inspiration for the town’s daughters and young people. Rising from a modest family background, she consistently excelled in academics and went on to take up important responsibilities in the administrative service through her hard work and dedication. Her journey conveys a powerful message that with a clear goal, determination, perseverance and commitment, even the most challenging milestones can be achieved.
संस्कृत
कोयलानगरी विश्रामपुरस्य कृते एषः अत्यन्तं गौरवस्य क्षणः अस्ति। २०१६-वर्षीय भारतीयप्रशासनिकसेवायाः (IAS) अधिकारिणी जयश्री जैन शक्तिजिलस्य नूतना जिलाधिकारी नियुक्ता अस्ति। तस्याः एतया उपलब्ध्या विश्रामपुरक्षेत्रे हर्षस्य गौरवस्य च वातावरणं वर्तते। जिलाधिकारीरूपेण सा शिक्षायाः, स्वास्थ्यसेवानां तथा पर्यटनस्य विकासाय विशेषं महत्त्वं दास्यति तथा जनकल्याणसम्बद्धानां विकासकार्याणां गतिं वर्धयिष्यति
जयश्री जैन सम्प्रति रायपुर-मन्त्रालये वन-जलवायुपरिवर्तनविभागस्य संयुक्तसचिवरूपेण कार्यरतास्ति। सा २००५-वर्षे राज्यप्रशासनिकसेवायां उपजिलाधिकारिणीपदे चयनिता अभवत्। ततः परं सा विविधमहत्त्वपूर्णान् प्रशासनिकदायित्वान् निर्वहितवती। पदोन्नतेः अनन्तरं सा भारतीयप्रशासनिकसेवायां सम्मिलिता। अधुना राज्यशासनेन तस्याः प्रशासनिकानुभवं क्षमतां च दृष्ट्वा महत्त्वपूर्णस्य शक्तिजिलस्य प्रशासनिकदायित्वं तस्यै समर्पितम्।
जयश्री जैनस्य शैक्षणिकजीवनम् अपि तस्याः उपलब्धीनां समानमेव प्रेरणादायकम् आसीत्। सा विश्रामपुरस्थात् शासकीयकन्याउच्चतरमाध्यमिकविद्यालयात् गणितसङ्काये द्वादशकक्षायाः बोर्डपरीक्षायाम् उत्कृष्टं प्रदर्शनं कृत्वा प्रथमस्थानं प्राप्तवती। तदनन्तरम् अम्बिकापुरस्य होलीक्रास-महाविद्यालयात् बी.एससी. परीक्षायामपि सा सर्वोच्चस्थानं प्राप्तवती। उत्कृष्टशैक्षणिकप्रदर्शनस्य कृते सा स्वर्णपदकेन सम्मानिता। प्रशासनिकसेवायां चयनानन्तरमपि तया कार्यकुशलतया, अनुशासनेन दायित्वेषु दृढसमर्पणेन च प्रशासनिकक्षेत्रे स्वकीयः विशिष्टः परिचयः स्थापितः।
सर्वेषां पात्रजनानां पर्यन्तं शासकीययोजनानां लाभं प्रापयितुं भविष्यति प्रमुखं लक्ष्यं।
जिला प्रतिनिधि नरेंद्र जैन से विशेष बातचीत में सक्ती की नवपदस्थ कलेक्टर जयश्री जैन ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करना और उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सुनिश्चित करना रहेगा। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य को जिले की बुनियादी आवश्यकताएं बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में निरंतर सुधार की जरूरत है। सक्ती जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ और बेहतर बनाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।
जिलाप्रतिनिधिना नरेन्द्रजैनेन सह विशेषवार्तालापे शक्तिजिलस्य नवनियुक्ता जिलाधिकारिणी जयश्री जैन स्वकीयप्राथमिकताः स्पष्टतया प्रतिपादितवती। तया उक्तं यत् शासनस्य जनकल्याणकारीयोजनाः धरातलस्तरे प्रभावीरूपेण कार्यान्विताः भवेयुः तथा च तेषां लाभः प्रत्येकं पात्रहितग्राहिणं प्रति प्राप्नुयात्, इति प्रशासनस्य प्रमुखं लक्ष्यं भविष्यति। तया शिक्षा स्वास्थ्यं च मूलभूतावश्यकते इति कथयित्वा उक्तं यत् उभयोः क्षेत्रयोः निरन्तरं सुधारस्य आवश्यकता वर्तते। अतः शक्तिजिले शिक्षा-स्वास्थ्यसेवानां सुदृढीकरणाय तयोः गुणवत्तायाश्च उन्नयनाय प्राथमिकतया कार्यं करिष्यते।
जयश्री जैन उक्तवती यत् प्रशासनस्य वास्तविकं प्रयोजनं तदैव सफलं भवति, यदा शासकीययोजनानां जनकल्याणकार्यक्रमाणां च लाभः समाजस्य अन्तिमजनपर्यन्तं प्रभावीरूपेण प्राप्नोति। ग्रामीणक्षेत्रेषु मूलभूतसुविधानां वास्तविकस्थितिं ज्ञात्वा आवश्यकाः सुधाराः क्रियन्ते इति तया प्रतिपादितम्। विकासकार्याणि अधिकं प्रभावीणि परिणामदायकानि च कर्तुं विभिन्नविभागानां मध्ये उत्तमसमन्वयेन कार्यं करणम् अपि तस्याः प्राथमिकतासु भविष्यति।
पर्यटनस्य सम्भावनां प्रति जयश्री जैन उक्तवती यत् अस्मिन् जनपदे पर्यटनविकासस्य व्यापकाः सम्भावनाः विद्यन्ते।
जयश्री जैन उक्तवती यत् शक्तिजिलस्य प्राकृतिकसौन्दर्यस्य ऐतिहासिकधरोहराणां च सुव्यवस्थितरूपेण विकासं कृत्वा पर्यटनगतिविधीनां प्रोत्साहनाय विशेषप्रयासाः क्रियन्ते। पर्यटनस्थलानां विकासेन न केवलं जिलस्य नूतना परिचितिः सुदृढा भविष्यति, अपितु स्थानीयजनानां कृते रोजगारस्य आजीविकायाश्च नूतनाः अवसराः अपि सृज्यन्ते।
विश्रामपुरेण सह अद्यापि गाढः आत्मीयसम्बन्धः
जयश्री जैनस्य विश्रामपुरेण सह गाढः पारिवारिकः आत्मीयश्च सम्बन्धः अस्ति। सा सीए जयन्तभूरस्य पत्नी तथा विश्रामपुरस्य प्रतिष्ठितव्यापारिणः तोलारामजैनस्य कमलादेव्याश्च पुत्री अस्ति। तस्याः भ्रातरः सुशीलजैनः, सुरेन्द्रजैनः, नरेन्द्रजैनः, सुनीलजैनः, राजेशजैनः, राजकुमारजैनश्च सन्ति। विश्रामपुरात् भारतीयप्रशासनिकसेवां प्राप्तवती सा प्रथमाधिकारिणी इति नगरवासिभिः गौरवेन मन्यते। शक्तिजिलस्य जिलाधिकारिपदे तस्याः नियुक्तेः वार्ता ज्ञात्वा नगरे हर्षस्य वातावरणं जातम् तथा तस्यै शुभकामनां प्रदातुं जनानां क्रमः प्रारब्धः।
जयश्री जैन नगरस्य गौरवं वर्धयित्वा युवानां कृते प्रेरणास्रोतस्वरूपा अभवत्।
विश्रामपुरवासिनः कथयन्ति यत् जयश्री जैनस्य उपलब्धिः नगरस्य पुत्रीणां युवानां च कृते प्रेरणादायिनी अस्ति। साधारणपारिवारिकपरिवेशात् आगत्य तया शिक्षाक्षेत्रे निरन्तरम् उत्कृष्टं प्रदर्शनं कृतम् तथा परिश्रमेण प्रशासनिकसेवायां महत्त्वपूर्णानि दायित्वानि प्राप्तानि। तस्याः जीवनयात्रा एतत् सन्देशं ददाति यत् स्पष्टलक्ष्येन, परिश्रमेण, लग्नतया समर्पणेन च महान् उपलब्धयः अपि प्राप्तुं शक्यन्ते।


