छत्तीसगढ़ में ड्रॉपआउट बच्चों की डिजिटल पहचान बनेगी ‘लइका चिन्हारी’ से, स्कूल लौटने पर मिलेगा ₹500 प्रोत्साहन। Chhattisgarh to Digitally Track School Dropouts Through ‘Laika Chinhari’ App, ₹500 Incentive for Returning to School। छत्तीसगढ़े ‘लइका चिन्हारी’ अनुप्रयोगेन विद्यालयत्यागिनां बालकानां डिजिटल-परिचयः, विद्यालयं प्रत्यागतेभ्यः ₹500 प्रोत्साहनराशिः।

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स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर शिक्षा से जोड़ने में मदद करेगा ‘लइका चिन्हारी’ एप।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल से बाहर हो चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए डिजिटल तकनीक का सहारा लिया जाएगा। शाला अप्रवेशी, स्कूल छोड़ चुके और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान के लिए राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल एप तैयार किया गया है। इस एप के माध्यम से मैदानी अमला घर-घर जाकर सर्वे करेगा और चिन्हित बच्चों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे बच्चों की पहचान, निगरानी और उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

सर्वेक्षण के बाद चिन्हित किए गए बच्चों को स्कूल में दोबारा दाखिला दिलाने के साथ उनकी नियमित पढ़ाई पर भी नजर रखी जाएगी। शिक्षा विभाग का लक्ष्य सिर्फ स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान करना नहीं है, बल्कि उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा में लाकर पढ़ाई से जोड़े रखना है।

माध्यमिक कक्षाओं में ड्रॉपआउट दर 13.8 प्रतिशत, बच्चों को स्कूल से जोड़ने पर जोर।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में माध्यमिक स्तर पर बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर करीब 13.8 प्रतिशत है। इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, सर्वेक्षण और उनके दोबारा स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। सर्वे के लिए स्थानीय स्तर पर साक्षरता प्रेरकों और अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर योग्य स्थानीय लोगों के साथ नियमित शासकीय कर्मचारियों को भी सर्वे कार्य में लगाया जा सकेगा

लइका चिन्हारी’ एप पर होगा पंजीयन, संकुल समन्वयक करेंगे बच्चों के विवरण का सत्यापन

चयनित सर्वेकर्ताओं को अपने एंड्रॉयड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से ‘लइका चिन्हारी’ एप डाउनलोड कर पंजीयन करना होगा। पंजीयन के दौरान नाम, मोबाइल नंबर, बसाहट, स्कूल समेत आवश्यक विवरण दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद संबंधित संकुल समन्वयक अपनी संकुल आईडी के माध्यम से सर्वेकर्ता के चयन और पात्रता का ऑनलाइन सत्यापन करेंगे। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सर्वेकर्ता प्रोत्साहन राशि के लिए पात्र माने जाएंगे।

बच्चों की पहचान से लेकर स्कूल में पढ़ाई जारी रखने तक मिलेगा प्रोत्साहन

एप पर चिन्हित प्रत्येक बच्चे की जानकारी दर्ज करने और उसका सत्यापन पूरा होने पर सर्वेकर्ता को प्रति छात्र 20 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। वहीं, बच्चे का स्कूल में दाखिला कराने और कम से कम तीन महीने तक उसकी पढ़ाई जारी रहने पर प्राचार्य के सत्यापन के बाद 500 रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

माध्यमिक स्तर के बच्चों को छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के माध्यम से परीक्षा में शामिल कराने पर भी 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सभी प्रोत्साहन राशि का भुगतान जिलों के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए किया जाएगा।

English

‘Laika Chinhari’ App to Help Identify School Dropouts and Reconnect Them with Education

Raipur. Chhattisgarh is turning to digital technology to bring school dropouts and out-of-school children back into the mainstream of education. The State Project Office, Samagra Shiksha, has developed the ‘Laika Chinhari’ mobile app to identify children who have never enrolled in school, those who have dropped out, and children with special needs. Through the app, field teams will conduct door-to-door surveys and create digital records of identified children. The initiative is expected to make the identification, monitoring and re-enrolment process more systematic and effective.

After the survey, identified children will be enrolled in schools and their continued participation in education will also be monitored. The department’s objective is not merely to identify out-of-school children, but to bring them back into the education system and ensure that they remain connected with their studies.

Secondary-Level School Dropout Rate Stands at 13.8%, Focus on Keeping Children in Education

Raipur. The school dropout rate at the secondary level in Chhattisgarh is reported to be around 13.8 percent. In view of the situation, the Education Department has placed special emphasis on identifying dropout children, conducting surveys and facilitating their re-enrolment in schools. Literacy motivators and guest teachers at the local level will be given preference for the survey work. If required, eligible local residents as well as regular government employees may also be engaged in the survey.

Children to Be Registered on ‘Laika Chinhari’ App, Cluster Coordinators to Verify Details

Selected surveyors will have to download the ‘Laika Chinhari’ app from the Google Play Store on their Android phones and complete the registration process. They will be required to enter essential details such as their name, mobile number, habitation and school information. The concerned cluster coordinator will then verify the surveyor’s selection and eligibility online using the cluster ID. Surveyors will become eligible for the incentive amount only after successful verification.

Incentives to Be Provided from Child Identification to Continued Schooling

Surveyors will receive an incentive of ₹20 for each child whose details are entered and successfully verified through the app. An additional incentive of ₹500 will be provided after the child is enrolled in school and remains in education for at least three months, subject to verification by the school principal.

An incentive of ₹500 will also be provided for helping secondary-level children appear for examinations through the Chhattisgarh State Open School. All incentive payments will be transferred directly to the beneficiaries’ bank accounts through DBT via the respective districts.

संस्कृत

विद्यालयत्यागिनां बालकानां परिचयं कृत्वा तान् शिक्षायां पुनः संयोजयिष्यति ‘लइका चिन्हारी’ अनुप्रयोगः

रायपुरम्। छत्तीसगढ़े विद्यालयात् बहिः स्थितान् बालकान् पुनः शिक्षायाः मुख्यधारायां संयोजयितुं डिजिटल-प्रौद्योगिक्याः उपयोगः करिष्यते। विद्यालये अप्रविष्टानां, विद्यालयत्यागिनां तथा विशेषावश्यकतायुक्तानां बालकानां परिचयाय राज्य-परियोजना-कार्यालयेन ‘समग्र-शिक्षा’ इत्यस्य माध्यमेन ‘लइका चिन्हारी’ चलदूरभाष-अनुप्रयोगः निर्मितः। अस्य अनुप्रयोगस्य माध्यमेन क्षेत्रीयकर्मचारिणः गृहे गृहे गत्वा सर्वेक्षणं करिष्यन्ति तथा च चिन्हितानां बालकानां डिजिटल-अभिलेखः निर्मीयते। अनेन बालकानां परिचयः, अनुवीक्षणं तथा पुनः विद्यालये प्रवेशः अधिकं व्यवस्थितः प्रभावश्च भविष्यति।

सर्वेक्षणानन्तरं चिन्हितानां बालकानां विद्यालयेषु पुनः प्रवेशः कारयिष्यते तथा तेषां निरन्तर-अध्ययनस्यापि निरीक्षणं भविष्यति। विभागस्य उद्देश्यं केवलं विद्यालयात् बहिः स्थितानां बालकानां परिचयः न, अपितु तान् पुनः शिक्षायाः मुख्यधारायां संयोज्य निरन्तरं अध्ययनं कारयितुं भवति।

माध्यमिकस्तरे विद्यालयत्यागिनां बालकानां दरः १३.८ प्रतिशतं, शिक्षायां निरन्तरता स्थापयितुं विशेषः प्रयासः

छत्तीसगढ़े माध्यमिकस्तरे विद्यालयत्यागिनां बालकानां प्रतिशतं प्रायः १३.८ प्रतिशतं अस्ति। एतां स्थितिं दृष्ट्वा शिक्षा-विभागेन विद्यालयत्यागिनां बालकानां परिचयाय, सर्वेक्षणाय तथा तेषां पुनः विद्यालयप्रवेशाय विशेषं प्राधान्यं प्रदत्तम्। सर्वेक्षणकार्याय स्थानीयस्तरे साक्षरता-प्रेरकानां अतिथिशिक्षकाणां च प्राथमिकता भविष्यति। आवश्यकतायां योग्यस्थानीयजनैः सह नियमित-शासकीय-कर्मचारिणः अपि सर्वेक्षणकार्ये नियोजयितुं शक्यन्ते।

‘लइका चिन्हारी’ अनुप्रयोगे बालकानां पञ्जीकरणं, संकुल-समन्वयकैः विवरणस्य सत्यापनं करिष्यते

चयनिताः सर्वेक्षकाः स्वकीयेषु एण्ड्रॉयड्-चलदूरभाषेषु गूगल्-प्ले-भण्डारात् ‘लइका चिन्हारी’ अनुप्रयोगं अवतारयित्वा पञ्जीकरणं करिष्यन्ति। पञ्जीकरणसमये नाम, चलदूरभाष-सङ्ख्या, निवासस्थानं, विद्यालयः इत्यादीनि आवश्यकविवरणानि प्रविष्टानि भविष्यन्ति। ततः सम्बन्धितः संकुल-समन्वयकः स्वकीयया संकुल-सङ्केतसङ्ख्यया सर्वेक्षकस्य चयनस्य पात्रतायाश्च ऑनलाइन-सत्यापनं करिष्यति। सत्यापनं सम्पन्नं भवति तदनन्तरमेव सर्वेक्षकः प्रोत्साहनराशेः पात्रः भविष्यति।

बालकानां परिचयात् विद्यालये अध्ययनस्य निरन्तरतापर्यन्तं प्रोत्साहनम्

अनुप्रयोगे चिन्हितस्य प्रत्येकस्य बालकस्य विवरणस्य प्रविष्टिं सत्यापनं च सम्पन्नं कृत्वा सर्वेक्षकाय प्रति बालकं २० रुप्यकाणि प्रोत्साहनरूपेण प्रदास्यन्ते। बालकस्य विद्यालये प्रवेशं कारयित्वा न्यूनातिन्यूनं त्रिमासपर्यन्तं तस्य अध्ययनं निरन्तरं भवति चेत्, प्राचार्यस्य सत्यापनानन्तरं ५०० रुप्यकाणां अतिरिक्त-प्रोत्साहनराशिः प्रदास्यते।

माध्यमिकस्तरीय-बालकानां छत्तीसगढ़-राज्य-मुक्तविद्यालयस्य माध्यमेन परीक्षायां सहभागितायै अपि ५०० रुप्यकाणां प्रोत्साहनराशिः प्रदास्यते। सर्वाः प्रोत्साहनराशयः जिल्लामाध्यमेन प्रत्यक्ष-लाभान्तरण-व्यवस्थया (डीबीटी) लाभार्थिनां बैंक-खातेषु प्रेषयिष्यन्ते।

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