रायपुर रेलवे स्टेशन पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे से जुड़ी कंपनी की करीब 500 किलो संदिग्ध पनीर की खेप जब्त की गई। प्रतिबंध लागू होने के बावजूद यह खेप शहर तक पहुंचने पर सवाल खड़े हो गए हैं।Around 500 kg of suspected paneer linked to a company associated with Union Minister Shivraj Singh Chouhan’s son was seized at Raipur Railway Station. The arrival of the consignment despite the ban has raised serious questions.रायपुर-रेलस्थानके केन्द्रीयमन्त्री शिवराजसिंहचौहानस्य पुत्रसम्बद्धायाः कम्पन्याः प्रायः ५०० किलोग्रामपरिमितं सन्दिग्धपनीरस्य प्रेषणं जप्तम्। प्रतिबन्धे प्रवर्तमानेऽपि एषा खेप नगरे प्राप्ता इति विषयः प्रश्नान् जनयति।

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स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिबंध के बावजूद रायपुर रेलवे स्टेशन के रास्ते बड़े पैमाने पर संदिग्ध और कथित नकली पनीर की तस्करी किए जाने का मामला सामने आया है। बीते 24 घंटों में स्टेशन से करीब 600 किलो पनीर बरामद किया गया। जांच में यह भी पता चला कि 100 किलो पनीर की एक खेप बिना बुकिंग के ही अंबिकापुर भेजने के लिए प्लेटफॉर्म तक पहुंच गई थी।

भोपाल से रायपुर पहुंची करीब 500 किलो पनीर की यही खेप रेलवे स्टेशन पर बरामद की गई। स्टेशन परिसर में इसी पनीर से भरी कई बोरियां भी मिलीं।

रायपुर। रायपुर रेलवे स्टेशन पर संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए अमरकंटक एक्सप्रेस से भोपाल से लाई गई करीब 500 किलो प्रतिबंधित एनालॉग पनीर की खेप जब्त की है। यह पनीर 10 बड़े डिब्बों में भरकर स्टेशन तक पहुंचाया गया था। अधिकारियों ने पनीर के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। प्रारंभिक जानकारी में इस खेप को केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिक से जुड़ी कंपनी ‘सुधामृत’ का बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप शहर के होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सप्लाई किए जाने के लिए मंगाई गई थी। विभाग अब इस बात की पड़ताल कर रहा है कि पनीर की खेप किस व्यापारी ने ऑर्डर की थी और इसे किन-किन जगहों पर पहुंचाया जाना था। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी रायपुर रेलवे स्टेशन पर इसी तरह की बड़ी कार्रवाई की गई थी। वहीं, प्रदेश में इसी महीने की शुरुआत से एनालॉग पनीर की बिक्री पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लागू किया गया है।

बिना बुकिंग भेजे गए पनीर के पार्सल की जांच करते सुरक्षा बल के जवान।

रायपुर रेलवे स्टेशन से तस्करी का सिलसिला लगातार जारी

रायपुर रेलवे स्टेशन अब केवल सुरक्षा व्यवस्था में खामियों को लेकर ही नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों और तस्करी के बढ़ते मामलों को लेकर भी सवालों के घेरे में है। हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश में एनालॉग यानी नकली पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद आरोप है कि रायपुर स्टेशन से ट्रेनों के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों किलो संदिग्ध पनीर दूसरे शहरों तक पहुंचाया जा रहा है।

बीते दो दिनों में रायपुर रेलवे स्टेशन से कुल 600 किलो पनीर की खेप जब्त की गई है। इनमें 100 किलो पनीर को बिना बुकिंग के अंबिकापुर भेजने की तैयारी की जा रही थी। वहीं, बुधवार सुबह भोपाल से रायपुर पहुंची 500 किलो पनीर की एक अन्य खेप को भी अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए जब्त कर लिया।

न बारकोड, न लेबल

अंबिकापुर भेजी जाने वाली पनीर की खेप में शामिल पार्सलों पर न तो कोई बारकोड मिला और न ही रेलवे का कोई अधिकृत लेबल लगा था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि बिना बुकिंग की करीब 100 किलो पनीर की पेटियां प्लेटफॉर्म नंबर 5 तक कैसे पहुंच गईं। मामले में पक्ष जानने के लिए सीनियर डीएससी रमण किरण से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

मास्टरमाइंड की चैट ने खोले तस्करी के पुराने नेटवर्क के राज

मामले की गहराई से पड़ताल करने के लिए जब नईदुनिया की टीम पार्सल कार्यालय पहुंची, तो वहां टीम की गतिविधियों पर नजर रख रहे एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। आरपीएफ अधिकारियों की मौजूदगी में पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान कटनी निवासी प्रांशु राय के रूप में बताई। प्रांशु के अनुसार, वह आशीष जायसवाल के कहने पर बिना बुकिंग के नकली पनीर की दो पेटियां, जिनका कुल वजन करीब 100 किलो था, ट्रेन में चढ़ाने पहुंचा था। उसने यह भी बताया कि वह सौरभ शर्मा और आशीष जायसवाल के लिए पनीर की सप्लाई का काम करता है।

हर दिन बड़े स्तर पर नकली पनीर की अवैध सप्लाई का खेल

प्रांशु के मोबाइल फोन की जांच के दौरान आशीष जायसवाल का संपर्क नंबर और सौरभ शर्मा नामक व्यक्ति के साथ वर्ष 2024 से लगातार हुई चैट सामने आई। इन बातचीत के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि रायपुर रेलवे स्टेशन के रास्ते लंबे समय से प्रतिदिन बड़े पैमाने पर कथित नकली पनीर की अवैध सप्लाई की जा रही थी।

एक साल पहले खाद्य विभाग के कार्यालय से 2,400 किलो पनीर हुआ था गायब

इस पूरे कथित फर्जीवाड़े के तार करीब एक वर्ष पुराने चर्चित मामले से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। उस समय खाद्य सुरक्षा विभाग के कार्यालय से लगभग 2,400 किलो जब्त पनीर चोरी होने का मामला सामने आया था। सूत्रों के मुताबिक, उस प्रकरण में भी सौरभ शर्मा नामक पनीर कारोबारी या कथित दलाल की भूमिका की चर्चा हुई थी। अब प्रांशु के मोबाइल फोन से मिले चैट रिकॉर्ड के आधार पर पनीर की अवैध सप्लाई से जुड़े इस कथित नेटवर्क के दोबारा सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है।

खाद्य विभाग की टीम ने नमूने लेकर पनीर की खेप को किया जब्त

सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी विनोद गुप्ता और संतोष ध्रुव मौके पर पहुंचे। प्रांशु राय की मौजूदगी में अधिकारियों ने पनीर के नमूने लेकर आवश्यक कार्रवाई दर्ज की और पूरी खेप को जब्त कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया।

रायपुर स्टेशन से जब्त 500 किलो पनीर से भरी बोरियां।

अमरकंटक एक्सप्रेस से भोपाल की 500 किलो पनीर खेप रायपुर पहुंची

बुधवार को रायपुर रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 500 किलो संदिग्ध एनालॉग पनीर की खेप पकड़ी गई। बताया जा रहा है कि यह खेप भोपाल से अमरकंटक एक्सप्रेस के माध्यम से रायपुर पहुंची थी। सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर पूरी खेप को जब्त कर लिया। पनीर के नमूने भी जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।

एनालॉग पनीर की बिक्री और निर्माण पर राज्य सरकार की रोक

राज्य के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आदेश के तहत छत्तीसगढ़ की पूरी सीमा में ऐसे “डेयरी एनालॉग” और गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो उपभोक्ताओं को असली दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम पैदा कर सकते हैं। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 और 18 के प्रावधानों के तहत की गई है। आदेश में विशेष रूप से पनीर, क्रीम और मक्खन जैसे अमानकीकृत उत्पादों पर रोक लगाई गई है, जिनके निर्माण में दूध की जगह वनस्पति वसा या वनस्पति तेल का उपयोग किया जाता है।

किन उत्पादों पर लागू होगा प्रतिबंध

  • ऐसे उत्पाद, जो वास्तविक दूध से बने उत्पाद नहीं हैं।
  • ऐसे उत्पाद, जिनके निर्माण में दूध के स्थान पर वनस्पति वसा, वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है।
  • ऐसे उत्पाद, जिनकी भ्रामक लेबलिंग, पैकेजिंग या प्रस्तुति उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकती है।
  • फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज़ और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे निर्धारित मानकों वाले उत्पादों को इस प्रतिबंध के दायरे से अलग रखा गया है।

English

Despite the ban imposed by the Health Minister, large-scale smuggling of suspected and allegedly fake paneer through Raipur Railway Station has come to light. Around 600 kg of paneer was recovered from the station over the past 24 hours. The investigation also revealed that a 100-kg consignment had reached the platform for transportation to Ambikapur without any booking.

Raipur: In a joint operation at Raipur Railway Station, authorities seized around 500 kg of banned analogue paneer that had reportedly arrived from Bhopal on the Amarkantak Express. The consignment was packed in 10 large containers. Officials collected samples and sent them to a laboratory for testing. According to preliminary information, the consignment is said to be linked to ‘Sudhamrit,’ a company associated with Kartik, the son of Union Agriculture Minister and former Madhya Pradesh Chief Minister Shivraj Singh Chouhan. However, official confirmation is still awaited.

Preliminary findings suggest that the consignment was intended to be supplied to hotels, roadside eateries, and other commercial establishments across the city. The department is now investigating which trader had ordered the stock and where it was supposed to be distributed. Notably, a similar major action was carried out at Raipur Railway Station a few days ago. The sale of analogue paneer has been banned across the state for one year since the beginning of this month.

Smuggling Continues Unabated Through Raipur Railway Station

Raipur Railway Station is facing questions not only over security lapses but also over the increasing cases of illegal activities and smuggling. Recently, Health Minister Shyam Bihari Jaiswal imposed a complete ban on the production and sale of analogue, or fake, paneer across the state. Despite the ban, allegations suggest that hundreds of kilograms of suspected paneer are being transported daily from Raipur Railway Station to other cities by train.

A total of 600 kg of paneer has been seized from Raipur Railway Station over the past two days. Of this, a 100-kg consignment was reportedly being prepared for dispatch to Ambikapur without any booking. Meanwhile, another 500-kg consignment that arrived in Raipur from Bhopal on Wednesday morning was also seized by officials during the operation.

No Barcode, No Label

The parcels in the paneer consignment bound for Ambikapur reportedly had neither barcodes nor any authorized railway labels. This has raised questions about how nearly 100 kg of unbooked paneer boxes reached Platform No. 5. Attempts were made to contact Senior DSC Raman Kiran for his response on the matter, but he could not be reached.

Mastermind’s Chats Expose an Old Smuggling Network

When the NaiDunia team reached the parcel office to investigate the matter further, a suspicious युवक allegedly monitoring the team’s activities was detained. In the presence of RPF officials, he identified himself as Pranshu Rai, a resident of Katni. According to Pranshu, he had come at the behest of a person named Ashish Jaiswal to load two unbooked boxes of alleged fake paneer, weighing around 100 kg in total, onto a train. He also stated that he worked in the paneer supply business for Saurabh Sharma and Ashish Jaiswal.

Large-Scale Smuggling of Fake Paneer Continues Every Day

During the examination of Pranshu’s mobile phone, investigators reportedly found Ashish Jaiswal’s contact number and a series of chats with a person named Saurabh Sharma dating back to 2024. Based on these conversations, it is suspected that large-scale illegal supply of allegedly fake paneer had been continuing daily through Raipur Railway Station for a long time.

2,400 kg of Paneer Went Missing from the Food Department Office a Year Ago

The alleged fraud appears to be linked to a high-profile case from nearly a year ago. At that time, around 2,400 kg of seized paneer was reportedly stolen from the Food Safety Department’s office. According to sources, the role of a paneer trader or alleged broker named Saurabh Sharma had also been discussed in that case. Now, chat records recovered from Pranshu’s mobile phone have raised suspicions that the alleged network involved in the illegal supply of paneer may have become active again.

Food Department Team Collects Samples and Seizes the Consignment

Following the information, Food Safety Department officials Vinod Gupta and Santosh Dhruv reached the spot. In the presence of Pranshu Rai, the officials collected paneer samples, completed the required documentation, and seized the entire consignment for laboratory testing.

500-kg Paneer Consignment Arrives from Bhopal on Amarkantak Express

On Wednesday, authorities once again intercepted a large consignment of around 500 kg of suspected analogue paneer at Raipur Railway Station. The consignment reportedly arrived in Raipur from Bhopal on the Amarkantak Express. Acting on the information, a joint team of Food Safety Department and railway officials seized the entire stock. Samples of the paneer were also sent to a laboratory for testing.

State Government Imposes Ban on the Sale and Production of Analogue Paneer

Under an order issued by the state’s Department of Public Health and Family Welfare, the manufacture, processing, storage, transportation, distribution, and sale of “dairy analogue” and non-dairy products across Chhattisgarh have been banned with immediate effect if they may mislead consumers into believing they are genuine milk products. The action has been taken under Sections 30 and 18 of the Food Safety and Standards Act, 2006. The order specifically prohibits substandard products such as paneer, cream, and butter that are made using vegetable fat or vegetable oil instead of milk.

Which Products Will the Ban Apply To?

  • Products that are not genuine dairy products.
  • Products made using vegetable fat, vegetable oil, or other non-dairy ingredients instead of milk.
  • Products whose misleading labeling, packaging, or presentation may deceive consumers.
  • Standardized products such as frozen desserts, processed cheese, and mixed-fat spreads have been exempted from this ban..

संस्कृत:

स्वास्थ्यमन्त्रिणा कृतस्य प्रतिबन्धस्यापि उपेक्षया रायपुर-रेलस्थानकमार्गेण विशालमात्रायां सन्दिग्धस्य कथितनकलीपनीरस्य अवैधपरिवहनस्य प्रकरणं प्रकाशम् आगतम्। विगतेषु चतुर्विंशतिघण्टासु रेलस्थानकात् प्रायः ६०० किलोग्रामपरिमितं पनीरं बरामदम् अभवत्। अन्वेषणे एतदपि ज्ञातं यत् १०० किलोग्रामपरिमिता एका खेप बुकिंगं विना एव अम्बिकापुरं प्रेषयितुं मञ्चपर्यन्तं प्राप्तवती।

रायपुरम्। रायपुर-रेलस्थानके संयुक्तदलस्य कार्यवाह्यां अमरकण्टक-एक्सप्रेसयानमार्गेण भोपालतः आनीता प्रायः ५०० किलोग्रामपरिमिता प्रतिबन्धिता एनालॉग-पनीरस्य खेप जप्ताभवत्। सा खेप दशसु विशालपात्रेषु पूरयित्वा आनीता आसीत्। अधिकारिभिः पनीरस्य नमूनानि गृहीत्वा परीक्षणार्थं प्रयोगशालां प्रेषितानि। प्रारम्भिकसूचनानुसारम् एषा खेप केन्द्रीयकृषिमन्त्रिणः तथा मध्यप्रदेशस्य पूर्वमुख्यमन्त्रिणः शिवराजसिंहचौहानस्य पुत्रेण कार्तिकेन सम्बद्धायाः ‘सुधामृत’ इति कम्पन्याः इति कथ्यते। तथापि अस्य विषयस्य आधिकारिकपुष्टिः अद्यापि अपेक्षिता अस्ति।

प्रारम्भिकजाँचायां ज्ञातं यत् एषा खेप नगरे स्थितेषु होटेलेषु, भोजनालयेषु तथा अन्येषु वाणिज्यिकप्रतिष्ठानेषु आपूर्त्यर्थम् आनीता आसीत्। विभागः सम्प्रति एतस्य विषयस्य अन्वेषणं करोति यत् एतां खेपं केन व्यापारीणा आदेशितम् तथा सा केषु-केषु स्थानेषु प्रेषणीया आसीत्। उल्लेखनीयं यत् कतिपयदिनपूर्वमपि रायपुर-रेलस्थानके एतादृशी महती कार्यवाही कृता आसीत्। अस्मिन् मासस्य आरम्भात् प्रदेशे एनालॉग-पनीरस्य विक्रयः एकवर्षपर्यन्तं प्रतिबन्धितः कृतः अस्ति।

रायपुर-रेलस्थानकात् तस्करी-क्रमः निरन्तरं प्रवर्तते

रायपुर-रेलस्थानकं सम्प्रति केवलं सुरक्षाव्यवस्थायाः न्यूनताभिः एव न, अपितु अवैधक्रियाकलापानां तस्करीप्रकरणानां च वर्धमानसंख्यया अपि प्रश्नचिह्नस्य अधीनं जातम्। अधुना स्वास्थ्यमन्त्री श्यामबिहारी-जायसवालः प्रदेशे एनालॉग अर्थात् कृत्रिमपनीरस्य निर्माणे विक्रये च पूर्णप्रतिबन्धम् अकरोत्। तथापि आरोपः अस्ति यत् रायपुर-रेलस्थानकात् रेलयानैः प्रतिदिनं शतशः किलोग्रामपरिमितं सन्दिग्धपनीरम् अन्यनगराणि प्रति प्रेष्यते।

विगतयोः द्वयोः दिने रायपुर-रेलस्थानकात् कुलं ६०० किलोग्रामपरिमितं पनीरस्य प्रेषणं जप्तम्। तत्र १०० किलोग्रामपरिमिता खेप बुकिंगविना अम्बिकापुरं प्रेषयितुं सज्जीक्रियमाणा आसीत्। अपरतः बुधवासरे प्रातःकाले भोपालतः रायपुरं प्राप्ता ५०० किलोग्रामपरिमिता अन्यापि पनीरस्य खेप अधिकारिभिः कार्यवाहीं कृत्वा जप्ताभवत्।

न बारकोडः, न च लेबलम्

अम्बिकापुरं प्रेष्यमाणायां पनीर-खेपायां स्थितेषु पार्सलेषु न कश्चित् बारकोडः आसीत्, न च रेलविभागस्य किमपि अधिकृतचिह्नम् अथवा लेबलम् आसीत्। अतः प्रश्नः उत्पद्यते यत् बुकिंगविना प्रायः १०० किलोग्रामपरिमिताः पनीरपेटिकाः कथं मञ्चसङ्ख्या ५ पर्यन्तं प्राप्ताः। अस्मिन् विषये पक्षं ज्ञातुं वरिष्ठ-डीएससी रमणकिरणमहाभागेन सह सम्पर्कस्य प्रयासः कृतः, किन्तु तेन सह सम्पर्कः न अभवत्।

मुख्यसूत्रधारस्य सन्देशसंवादैः पुरातनतस्करीजालस्य रहस्यानि उद्घाटितानि

प्रकरणस्य गहनतया अन्वेषणार्थं यदा नईदुनिया-दलः पार्सल-कार्यालयं प्राप्तः, तदा तत्र दलस्य गतिविधीनां निरीक्षणं कुर्वन् एकः सन्दिग्धयुवकः गृहीतः। आरपीएफ-अधिकारिणां उपस्थितौ पृष्टः सन् सः स्वपरिचयं कटनीनिवासी प्रांशु राय इति अकरोत्। प्रांशु-वचनानुसारम्, आशीष-जायसवालस्य निर्देशेन सः बुकिंगविना नकलीपनीरस्य द्वे पेटिके, ययोः कुलभारः प्रायः १०० किलोग्रामः आसीत्, रेलयाने आरोपयितुं आगतः आसीत्। सः एतदपि अवदत् यत् सौरभशर्मणः आशीषजायसवालस्य च कृते पनीरस्य आपूर्तिकार्यं करोति।

प्रतिदिनं विशालस्तरे कृत्रिमपनीरस्य अवैधापूर्तेः क्रमः निरन्तरं प्रवर्तते

प्रांशोः चलदूरवाण्याः परीक्षणकाले आशीषजायसवालस्य सम्पर्कसङ्ख्या तथा सौरभशर्मा-नामकव्यक्तिना सह वर्ष २०२४ तः निरन्तरं जाताः सन्देशसंवादाः प्राप्ताः। एतेषां संवादानाम् आधारेण एषा आशङ्का व्यक्तीक्रियते यत् रायपुर-रेलस्थानकमार्गेण दीर्घकालात् प्रतिदिनं विशालमात्रायां कथितकृत्रिमपनीरस्य अवैधापूर्तिः प्रवर्तमाना आसीत्।

एकवर्षपूर्वं खाद्यविभागस्य कार्यालयात् २,४०० किलोग्रामपरिमितं पनीरम् अन्तर्धानम् अभवत्

अस्य सम्पूर्णस्य कथितकपटप्रकरणस्य सम्बन्धः प्रायः एकवर्षपूर्वस्य चर्चितप्रकरणेन सह अपि दृश्यते। तस्मिन् समये खाद्यसुरक्षाविभागस्य कार्यालयात् प्रायः २,४०० किलोग्रामपरिमितं जप्तपनीरं चोरितम् इति प्रकरणं प्रकाशम् आगतम्। सूत्राणाम् अनुसारं तस्मिन् प्रकरणेऽपि सौरभशर्मा-नामकस्य पनीरव्यापारिणः अथवा कथितदलालस्य भूमिकायाः चर्चा अभवत्। अधुना प्रांशोः चलदूरवाण्याः प्राप्तसन्देशसंवादानाम् आधारेण पनीरस्य अवैधापूर्त्या सम्बद्धं एतत् कथितजालं पुनः सक्रियं जातम् इति आशङ्का व्यक्तीक्रियते।

खाद्यविभागीयदलेन नमूनानि गृहीत्वा पनीरस्य खेप जप्ता

सूचनां प्राप्य खाद्यसुरक्षाविभागस्य अधिकारी विनोदगुप्तः तथा सन्तोषध्रुवः घटनास्थलं प्राप्तवन्तौ। प्रांशुरायस्य उपस्थितौ अधिकारिभ्यां पनीरस्य नमूनानि गृहीत्वा आवश्यककार्यवाही अभिलेखिता तथा सम्पूर्णा खेप प्रयोगशालापरीक्षणार्थं जप्त्वा प्रेषिता।

अमरकण्टक-एक्सप्रेसयानमार्गेण भोपालतः ५०० किलोग्रामपरिमिता पनीर-खेप रायपुरं प्राप्ता

बुधवासरे रायपुर-रेलस्थानके पुनः महती कार्यवाही कृता, यस्यां प्रायः ५०० किलोग्रामपरिमिता सन्दिग्ध-एनालॉग-पनीरस्य खेप गृहीता। एषा खेप भोपालतः अमरकण्टक-एक्सप्रेसयानमार्गेण रायपुरं प्राप्ता इति कथ्यते। सूचनां प्राप्य खाद्यसुरक्षाविभागस्य तथा रेलविभागस्य संयुक्तदलेन कार्यवाही कृत्वा सम्पूर्णा खेप जप्ता। पनीरस्य नमूनान्यपि परीक्षणार्थं प्रयोगशालां प्रेषितानि।

एनालॉग-पनीरस्य निर्माणे विक्रये च राज्यसर्वकारेण प्रतिबन्धः आरोपितः

राज्यस्य लोकस्वास्थ्य-परिवारकल्याणविभागस्य आदेशानुसारं छत्तीसगढ़प्रदेशस्य सम्पूर्णसीमायां तेषां “डेयरी-एनालॉग” तथा दुग्धरहित-उत्पादानां निर्माणं, प्रसंस्करणं, भण्डारणं, परिवहनं, वितरणं विक्रयश्च तत्क्षणप्रभावेण निषिद्धः कृतः, ये उपभोक्तृषु एते वास्तविकदुग्धोत्पादाः सन्तीति भ्रमम् उत्पादयितुं शक्नुवन्ति। एषा कार्यवाही खाद्यसुरक्षा-मानकाधिनियमस्य, २००६ तमवर्षस्य, धारा ३० तथा १८ इत्येतयोः प्रावधानानुसारं कृता अस्ति। आदेशे विशेषतया पनीर, क्रीम तथा मक्खनादीनां अमानकीकृतोत्पादानां निषेधः कृतः, येषां निर्माणे दुग्धस्य स्थाने वनस्पतिवसा अथवा वनस्पतितैलस्य उपयोगः क्रियते।

प्रतिबन्धः केषु उत्पादेषु प्रवर्तिष्यते?

  • ये उत्पादाः वास्तविक-दुग्धोत्पादाः न सन्ति।
  • ये उत्पादाः येषां निर्माणे दुग्धस्य स्थाने वनस्पतिवसा, वनस्पतितैलं अथवा अन्यानि दुग्धरहितद्रव्याणि उपयुज्यन्ते।
  • ये उत्पादाः येषां भ्रामकं लेबलं, आवरणं वा प्रस्तुतीकरणं उपभोक्तृन् भ्रमयितुं शक्नोति।
  • फ्रोजन-डेजर्ट, प्रोसेस्ड-चीज़ तथा मिक्स्ड-फैट-स्प्रेड इत्यादयः मानकीकृत-उत्पादाः अस्मात् प्रतिबन्धात् बहिष्कृताः सन्ति।

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