राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति ने विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया। पारंपरिक लोकधुनों और सांस्कृतिक रंगों ने समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत की अनूठी झलक पेश की।Chhattisgarh’s vibrant folk culture came alive at Rashtrapati Bhavan, captivating foreign guests. Traditional folk melodies and cultural performances showcased the state’s rich heritage and left a lasting impression.। राष्ट्रपतिभवने छत्तीसगढस्य लोकसंस्कृतेः मनोहरा छटा विदेशीयान् अतिथीन् आकृष्टवती। पारम्परिकैः लोकस्वरैः सांस्कृतिकप्रस्तुतिभिश्च छत्तीसगढस्य समृद्धा सांस्कृतिकपरम्परा मनोहररूपेण प्रदर्शिता।

0

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में हुए ‘एट होम’ समारोह में छत्तीसगढ़ की लोकधुनों ने सांस्कृतिक रंग बिखेर दिए। संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित कलाकार राकेश तिवारी ने चार राज्यों के पारंपरिक वाद्य यंत्रों को एक साथ पिरोकर अनोखी संगीतमय प्रस्तुति दी। उनकी कला ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेशी मेहमानों को प्रभावित किया। सभी ने कलाकार की सराहना करते हुए उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘एट होम’ समारोह छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर नजर आया। वरिष्ठ लोक कलाकार और संगीत नाटक अकादमी सम्मानित राकेश तिवारी ने अपनी टीम के साथ पारंपरिक लोकधुनों की मनमोहक प्रस्तुति देकर समारोह में समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। खास बात यह रही कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के साथ चार अन्य राज्यों की लोक परंपराओं और संगीत का अनूठा मेल भी देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़ी पारंपरिक वाद्य परंपरा की मधुर ध्वनियों से हुआ। मोहरी, गुदुम, दफड़ा और दमऊ की मंगलधुनों के बाद महाराष्ट्र के संबल, गोवा के घुमट तथा मध्य प्रदेश के मांदर और झांझ की स्वर-लहरियां भी प्रस्तुति में जुड़ती गईं। विभिन्न राज्यों के इन लोकवाद्यों की संगति ने भारत की सांस्कृतिक विविधता में निहित एकता और आपसी समरसता का प्रभावशाली संदेश प्रस्तुत किया।

विदेशी अतिथियों ने प्रस्तुति की जमकर प्रशंसा की

इस शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति के साक्षी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति, केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य और विभिन्न देशों से आए विशिष्ट विदेशी मेहमान बने। लोक कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया और उन्हें खूब सराहना मिली। छत्तीसगढ़ की ओर से राकेश तिवारी के साथ बालोद के राधे सिंह गंधर्व और नारायणपुर के राम सिंह सलाम ने भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रपति ने सभी कलाकारों के साथ समूह फोटो खिंचवाकर उनका उत्साह बढ़ाया और उनकी कला की सराहना की।

English

Chhattisgarh’s folk melodies added a vibrant cultural touch to the Independence Day ‘At Home’ reception at Rashtrapati Bhavan. Sangeet Natak Akademi awardee Rakesh Tiwari delivered a unique musical performance by blending traditional instruments from four states. The captivating presentation impressed the President, Prime Minister and foreign guests, who praised the artist and posed for photographs with him.

Raipur. The Independence Day ‘At Home’ reception at Rashtrapati Bhavan witnessed a vibrant display of Chhattisgarh’s rich folk heritage. Veteran folk artist and Sangeet Natak Akademi awardee Rakesh Tiwari, along with his team, captivated the gathering with melodious traditional tunes. The performance created a memorable cultural atmosphere, bringing together the folk traditions of Chhattisgarh and four other states in a unique musical confluence.

The programme began with the auspicious sounds of Chhattisgarh’s traditional, soil-rooted instruments, including the Mohari, Gudum, Dafda and Damau. The performance was later enriched with Maharashtra’s Sambal, Goa’s Ghumot, and Madhya Pradesh’s Mandar and Jhanjh. The harmonious blend of these traditional instruments beautifully reflected India’s cultural diversity while conveying a powerful message of unity and harmony.

Foreign Guests Applaud the Captivating Performance

The spectacular cultural performance was witnessed by the President, Prime Minister, Vice President, senior members of the Union Cabinet and distinguished foreign guests from across the world. The artists’ outstanding presentation won widespread appreciation. Representing Chhattisgarh, Rakesh Tiwari, along with Radhe Singh Gandharva from Balod and Ram Singh Salam from Narayanpur, showcased their remarkable talent on the national stage. At the conclusion of the programme, the President posed for a special group photograph with all the artists, encouraging and appreciating their contribution.

संस्कृत

स्वातन्त्र्यदिवसस्य अवसरे राष्ट्रपतिभवने आयोजिते ‘एट होम’ कार्यक्रमे छत्तीसगढस्य लोकधुनिभिः सांस्कृतिकवैभवं प्रस्फुटितम्। सङ्गीतनाटक-अकादमी-सम्मानितः कलाकारः राकेशः तिवारी चतुरः राज्यस्य पारम्परिकवाद्ययन्त्राणां समन्वयेन अद्वितीयां सङ्गीतप्रस्तुतिं कृतवान्। तस्य मनोहारिण्या प्रस्तुत्या राष्ट्रपतिः, प्रधानमन्त्री, विदेशीयाः अतिथयश्च अत्यन्तं प्रभाविताः अभवन् तथा कलाकारस्य प्रशंसां कृत्वा तेन सह छायाचित्राणि अपि गृहीतवन्तः।

रायपुर। स्वातन्त्र्यदिवसस्य पावनावसरे राष्ट्रपतिभवने आयोजिते भव्ये ‘एट होम’ कार्यक्रमे छत्तीसगढस्य समृद्धा लोकसंस्कृतिः मनोहररूपेण प्रस्तुतिता। वरिष्ठः लोककलाकारः सङ्गीतनाटक-अकादमी-सम्मानितश्च राकेशः तिवारी स्वीयेन दलसहितः मधुराभिः पारम्परिकलोकधुनिभिः उपस्थितानां जनानां मनांसि आकृष्टवान्। अस्याः विशेषप्रस्तुतेः माध्यमेन छत्तीसगढस्य लोकपरम्परया सह अन्येषां चतुरणां राज्याणां लोकसांस्कृतिकपरम्पराणां अद्भुतः सङ्गमः अपि दृष्टः।

कार्यक्रमस्य शुभारम्भः छत्तीसगढस्य भूमेः सह सम्बद्धैः पारम्परिकवाद्यैः मोहरी-गुदुम-दफडा-दमऊ-इत्येतैः वाद्यैः निष्पन्नाभिः मङ्गलमयाभिः ध्वनिभिः अभवत्। अनन्तरं महाराष्ट्रस्य सम्बलवाद्यं, गोवायाः घुमटवाद्यं, मध्यप्रदेशस्य मन्दर-झाञ्झवाद्ये च प्रस्तुतौ समाविष्टे। एतेषां विविधराज्यानां पारम्परिकवाद्यानां स्वर-लय-समन्वयेन भारतस्य सांस्कृतिकविविधतायां निहितायाः एकतायाः सौहार्दस्य च सशक्तः सन्देशः प्रसारितः

विदेशीय-अतिथिभिः मनोहारिणी प्रस्तुति प्रशंसिता

अस्याः मनोहारिण्याः सांस्कृतिकप्रस्तुतेः साक्षिणः राष्ट्रपतिः, प्रधानमन्त्री, उपराष्ट्रपतिः, केन्द्रीयमन्त्रिमण्डलस्य वरिष्ठाः सदस्याः तथा विश्वस्य विभिन्नेभ्यः देशेभ्यः आगताः विशिष्टाः विदेशीयाः अतिथयः आसन्। कलाकाराणां उत्कृष्टया प्रस्तुत्या सर्वे प्रभाविताः अभवन् तथा तेषां मुक्तकण्ठेन प्रशंसाम् अकुर्वन्। छत्तीसगढतः राकेशः तिवारी, बालोदतः राधेसिंहः गन्धर्वः, नारायणपुरतः रामसिंहः सलामः च राष्ट्रियमञ्चे स्वप्रतिभां प्रभावशालिरूपेण प्रदर्शितवन्तः। कार्यक्रमस्य समापनसमये राष्ट्रपतिना सर्वैः कलाकारैः सह विशेषं सामूहिकं छायाचित्रं गृहीत्वा तेषाम् उत्साहवर्धनं कृतम्।

Advertisement

Raja Saw Mill Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed