छत्तीसगढ़ में 11 से 15 अगस्त तक भाजपा की तिरंगा यात्रा निकलेगी, जिसमें करीब 2,000 पूर्व माओवादी भी शामिल होकर राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश देंगे।In Chhattisgarh, the BJP will organize a Tiranga Yatra from August 11 to 15, with around 2,000 former Maoists expected to participate and convey a message of respect for the national flag.छत्तीसगढे अगस्त-मासस्य ११ दिनाङ्कात् १५ दिनाङ्कपर्यन्तं भाजपादलेन तिरङ्गायात्रा आयोज्यते। अस्यां यात्रायां प्रायः द्विसहस्रं पूर्वमाओवादीजनाः अपि सम्मिलिष्य राष्ट्रध्वजस्य सम्मानस्य सन्देशं प्रदास्यन्ति।

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छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में 11 से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। माओवादी प्रभाव से बाहर आए बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के दुर्गम गांवों में इस बार पहली बार तिरंगा शान से लहराएगा। अभियान में 2,000 से अधिक आत्मसमर्पित माओवादियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। उनकी मौजूदगी बस्तर में लोकतांत्रिक व्यवस्था के मजबूत होने और मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश देगी।

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी 11 से 15 अगस्त तक पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित करेगी। इस अभियान की जिम्मेदारी भारतीय जनता युवा मोर्चा को सौंपी गई है। खासतौर पर बस्तर के उन दुर्गम इलाकों को केंद्र में रखा गया है, जो करीब तीन दशक बाद माओवादी प्रभाव से बाहर आए हैं। इन गांवों में लंबे अंतराल के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। अभियान के दौरान 2,000 से अधिक आत्मसमर्पित माओवादी भी तिरंगा यात्रा में भाग लेकर राष्ट्रध्वज के सम्मान और लोकतांत्रिक मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश देंगे।सरकार का उद्देश्य क्षेत्र में शांति कायम करने के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश पहुंचाना है। केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक बस्तर समेत पूरे देश से माओवादी हिंसा के खात्मे का लक्ष्य पहले ही घोषित कर चुकी है

बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर के कई गांवों में पहली बार शान से लहराएगा तिरंगा।

राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, सरकारी प्रयासों के चलते बस्तर के दूरस्थ इलाकों में राष्ट्रभावना को नई मजबूती मिली है। इस वर्ष बीजापुर के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर के 9 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। कभी माओवादी गतिविधियों के लिए संवेदनशील माने जाने वाले पूवर्ती, सिलगेर और दरभा जैसे दुर्गम क्षेत्रों को इस अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की जा रही है। सरकार का कहना है कि इन इलाकों की पहचान अब ‘कुख्यात’ से ‘विख्यात’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

वीर जवानों के परिवारों तक पहुंच रहे भाजपा कार्यकर्ता।

बस्तर संभाग में देशभक्ति के संदेश के साथ भव्य बाइक रैलियों का आयोजन किया जाएगा। भारतीय जनता युवा मोर्चा और पार्टी कार्यकर्ता माओवादी विरोधी अभियान में शहीद हुए जवानों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें तिरंगा भेंट करके सम्मानित कर रहे हैं। वहीं, 15 अगस्त को संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, प्रमुख चौक-चौराहों और सामुदायिक भवनों का नाम अमर शहीदों की स्मृति में रखा जाएगा।

राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महानायकों के प्रति आभार: अरुण साव

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि यह अभियान राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने के साथ सामाजिक एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर वर्ष 2022 में शुरू हुआ यह अभियान युवाओं को देशभक्ति से जोड़ने तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। इस बार बस्तर के उन दुर्गम और माओवादी हिंसा से प्रभावित इलाकों में भी 15 अगस्त को तिरंगा फहराया जाएगा, जहां आजादी के बाद लंबे समय तक राष्ट्रध्वज फहराने की स्थिति नहीं बन पाई थी।

10 अगस्त को राजधानी में होगा इस अभियान का भव्य आगाज।

प्रदेशभर में 450 से अधिक भाजपा मंडल इकाइयों के साथ ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों और विकासखंड मुख्यालयों में तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी। अभियान की औपचारिक शुरुआत 10 अगस्त को सुबह 10 बजे रायपुर के मरीन ड्राइव से होगी। इस विशेष यात्रा में मुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधि, विद्यार्थी, एनसीसी कैडेट, पूर्व सैनिक, खिलाड़ी और विभिन्न समुदायों के लोग पारंपरिक परिधानों व वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगे। साथ ही इंटरनेट मीडिया के जरिए ‘डिजिटल तिरंगा’ अभियान को बढ़ावा देते हुए लोगों से अपने घरों और संस्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने तथा उसकी तस्वीरें ऑनलाइन साझा करने की अपील की गई है।

English

The ‘Har Ghar Tiranga’ campaign will be observed across the Bastar region of Chhattisgarh from August 11 to 15. For the first time, the national flag will be hoisted in several remote villages of Bijapur, Sukma and Narayanpur that have emerged from Maoist influence. More than 2,000 surrendered Maoists are also expected to participate, symbolizing the strengthening of democracy and their return to the mainstream in Bastar.

Raipur: The Bharatiya Janata Party will organize a statewide ‘Har Ghar Tiranga’ campaign in Chhattisgarh from August 11 to 15. The campaign will be led by the Bharatiya Janata Yuva Morcha. Special focus has been placed on remote areas of Bastar that have emerged from Maoist influence after nearly three decades. The national flag will be hoisted in these villages after many years. More than 2,000 surrendered Maoists are also expected to participate in the Tiranga Yatra, conveying a message of respect for the national flag and a return to the democratic mainstream.Along with restoring peace in the region, the government aims to send a clear message that democracy remains the highest priority. The central government has already set March 31, 2026, as the target for eliminating Maoist violence from Bastar and the rest of the country.

For the first time, the Tricolour will be proudly hoisted in several villages across Bijapur, Sukma and Narayanpur.

According to Chhattisgarh Deputy Chief Minister and Home Minister Vijay Sharma, government initiatives have strengthened the spirit of nationalism in the remote areas of Bastar. This year, the Tricolour will be hoisted for the first time in 33 villages of Bijapur, 50 villages of Sukma and 9 villages of Narayanpur. Remote and sensitive areas such as Puvarti, Silger and Darbha, once associated with Maoist activities, are being connected with the national mainstream through this campaign. The government says these areas are now moving from a ‘notorious’ identity towards becoming ‘well-known’ for positive reasons.

Party workers are reaching out to the families of brave soldiers.

Grand bike rallies will be organized across the Bastar division to promote a message of patriotism. Members of the Bharatiya Janata Yuva Morcha and party workers are visiting the families of soldiers who lost their lives in anti-Maoist operations and honoring them by presenting the Tricolour. On August 15, more than 500 schools, prominent intersections and community halls across the division will be named in memory of the brave martyrs.

Arun Sao expresses gratitude to the nation-builders for their invaluable contribution.

Chhattisgarh Deputy Chief Minister Arun Sao said the campaign will serve as a significant platform to express gratitude towards those who contributed to nation-building and to strengthen social harmony. He said the initiative, launched in 2022 following Prime Minister Narendra Modi’s call, aims to connect young people with patriotism and reinforce the spirit of ‘One India, Best India’. This year, the Tricolour will also be hoisted on August 15 in remote and Maoist-violence-affected areas of Bastar where the national flag had never been hoisted for several years after Independence.

A grand launch of the campaign will take place in the capital on August 10.

Tiranga Yatras will be organized across more than 450 BJP organizational units, along with gram panchayats, urban local bodies and development block headquarters across the state. The campaign will be formally launched at 10 a.m. on August 10 from Marine Drive in Raipur. The historic procession will feature the Chief Minister, ministers, public representatives, students, NCC cadets, ex-servicemen, sportspersons and citizens from different communities, many of whom will participate in traditional attire with musical instruments. Through the ‘Digital Tiranga’ campaign on social media, citizens have also been encouraged to hoist the national flag at their homes and institutions and upload photographs online.

संस्कृत:

छत्तीसगढस्य बस्तरक्षेत्रे अगस्तमासस्य ११ दिनाङ्कात् १५ दिनाङ्कपर्यन्तं ‘हर घर तिरङ्गा’ अभियानं प्रचलिष्यति। माओवादीप्रभावात् मुक्तेषु बीजापुर-सुकमा-नारायणपुरजनपदेषु स्थितेषु दुर्गमग्रामेषु अस्मिन् वर्षे प्रथमवारं राष्ट्रध्वजः आरोप्यते। अस्मिन् अभियानकार्यक्रमे द्विसहस्राधिकाः आत्मसमर्पिताः पूर्वमाओवादीजनाः अपि भागं ग्रहीष्यन्ति। तेषां सहभागिता बस्तरक्षेत्रे लोकतन्त्रस्य सुदृढीकरणस्य मुख्यधारायां पुनःसमावेशस्य च सन्देशं प्रदास्यति।

रायपुरम्। भारतीयजनतापक्षः अगस्तमासस्य ११ दिनाङ्कात् १५ दिनाङ्कपर्यन्तं सम्पूर्णे छत्तीसगढराज्ये ‘हर घर तिरङ्गा’ अभियानं व्यापकस्तरेण आयोजयिष्यति। अस्य अभियानस्य दायित्वं भारतीयजनतायुवामोर्चायै प्रदत्तम् अस्ति। विशेषरूपेण बस्तरक्षेत्रस्य तेषां दुर्गमग्रामाणां प्रति ध्यानं दीयते, ये प्रायः त्रिंशद्वर्षाणाम् अनन्तरं माओवादीप्रभावात् मुक्ताः अभवन्। एतेषु ग्रामेषु दीर्घकालानन्तरं राष्ट्रध्वजः आरोपयिष्यते। अभियानकाले द्विसहस्राधिकाः आत्मसमर्पिताः पूर्वमाओवादीजनाः अपि तिरङ्गायात्रायां सहभागीभूत्वा राष्ट्रध्वजस्य सम्मानस्य लोकतान्त्रिकमुख्यधारायां पुनःसमावेशस्य च सन्देशं प्रदास्यन्ति।सर्वकारस्य उद्देश्यं क्षेत्रे शान्तेः स्थापनया सह लोकतान्त्रिकमूल्यानां सर्वोच्चप्राथम्यस्य सन्देशं प्रसारयितुम् अस्ति। केन्द्रसर्वकारेण २०२६ तमस्य वर्षस्य मार्च-मासस्य ३१ दिनाङ्कपर्यन्तं बस्तर-सहितसम्पूर्णदेशात् माओवादीहिंसायाः उन्मूलनस्य लक्ष्यं पूर्वमेव घोषितम् अस्ति।

बीजापुर-सुकमा-नारायणपुरजनपदानां बहुषु ग्रामेषु प्रथमवारं गौरवेण तिरङ्गध्वजः लहरिष्यति

राज्यस्य उपमुख्यमन्त्री गृहमन्त्री च विजयशर्मा इत्यस्य अनुसारं सर्वकारस्य प्रयासैः बस्तरस्य सुदूरक्षेत्रेषु राष्ट्रभावना सुदृढा अभवत्। अस्मिन् वर्षे बीजापुरस्य ३३, सुकमायाः ५० तथा नारायणपुरस्य ९ ग्रामेषु प्रथमवारं तिरङ्गध्वजः आरोपयिष्यते। पूर्वं माओवादीक्रियाकलापैः संवेदनशीलानि मन्यमानानि पूवर्ती-सिलगेर-दरभा इत्यादीनि दुर्गमक्षेत्राणि अस्य अभियानस्य माध्यमेन राष्ट्रियमुख्यधारायां संयोजितुं प्रयत्नः क्रियते। सर्वकारस्य मतानुसारं एतेषां क्षेत्राणां परिचयः अधुना ‘कुख्यात’ इत्यस्मात् ‘विख्यात’ इत्यस्य दिशि परिवर्तते।

वीरजवानानां परिवाराणां गृहेषु कार्यकर्तारः गच्छन्ति।

बस्तरसम्भागे राष्ट्रभक्तेः सन्देशेन सह भव्याः द्विचक्रिकायात्राः आयोजयिष्यन्ते। भारतीयजनतायुवामोर्चायाः कार्यकर्तारः दलस्य अन्ये च कार्यकर्तारः माओवादीविरोधीकार्यक्रमेषु बलिदानं प्राप्तवतां वीरसैनिकानां स्वजनानां गृहेषु गत्वा तेषां सम्मानं कुर्वन्ति तथा तिरङ्गध्वजं समर्पयन्ति। अगस्तमासस्य १५ दिनाङ्के सम्भागस्य ५०० अधिकेषु विद्यालयेषु, प्रमुखेषु चतुष्पथेषु सामुदायिकभवनेषु च अमरवीराणां स्मरणार्थं नामकरणं करिष्यते।

राष्ट्रनिर्माणे योगदानं दत्तवद्भ्यः महानायकेभ्यः कृतज्ञतां प्रकटयति अरुणसावः।

प्रदेशस्य उपमुख्यमन्त्री अरुणसावः अवदत् यत् एतदभियानं राष्ट्रनिर्माणे योगदानं दत्तवद्भ्यः जनाभ्यः कृतज्ञतां प्रकटयितुं सामाजिकसमरसतां च सुदृढीकर्तुं महत्त्वपूर्णं माध्यमं भविष्यति। तेन उक्तं यत् प्रधानमन्त्रिणः नरेन्द्रमोदिनः आह्वानेन २०२२ तमे वर्षे प्रारब्धमिदम् अभियानं युवानः राष्ट्रभक्त्या सह संयोजयितुं ‘एकं भारतं श्रेष्ठं भारतम्’ इति भावनां च सुदृढीकर्तुं प्रवर्तते। अस्मिन् वर्षे बस्तरस्य तेषु दुर्गमेषु माओवादीहिंसाप्रभावितेषु च क्षेत्रेष्वपि अगस्तमासस्य १५ दिनाङ्के तिरङ्गध्वजः आरोपयिष्यते, यत्र स्वातन्त्र्यप्राप्तेः अनन्तरं दीर्घकालपर्यन्तं राष्ट्रध्वजः कदापि न आरोहितः आसीत्।

अगस्तमासस्य १० दिनाङ्के राजधानीनगरे अस्य अभियानस्य भव्यः शुभारम्भः भविष्यति।

प्रदेशस्य ४५० अधिकेषु भाजपामण्डलकेन्द्रेषु, ग्रामपञ्चायतेषु, नगरीयनिकायेषु विकासखण्डमुख्यालयेषु च तिरङ्गायात्राः आयोजयिष्यन्ते। अभियानस्य औपचारिकः शुभारम्भः अगस्तमासस्य १० दिनाङ्के प्रातः १० वादने रायपुरनगरस्य मरीनड्राइवस्थलात् भविष्यति। अस्यां ऐतिहासिकयात्रायां मुख्यमन्त्री, मन्त्रिणः, जनप्रतिनिधयः, छात्राः, एनसीसी-कैडेट्-सदस्याः, पूर्वसैनिकाः, क्रीडकाः तथा विभिन्नसमुदायानां नागरिकाः पारम्परिकवस्त्रैः वाद्ययन्त्रैश्च सह भागं ग्रहीष्यन्ति। अन्तर्जालमाध्यमेषु ‘डिजिटल तिरङ्गा’ अभियानस्य माध्यमेन नागरिकेभ्यः स्वगृहेषु संस्थानेषु च राष्ट्रध्वजं आरोप्य तस्य छायाचित्राणि अन्तर्जाले प्रकाशयितुं च आग्रहः कृतः।

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