सिवनी के SNCU में पांच महीनों में 80 नवजातों की मौत, जांच के लिए चार सदस्यीय दल गठित; भाजपा विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र.80 Infants Die at Seoni SNCU in Five Months; Four-Member Probe Team Formed, BJP MLA Writes to Chief Minister. सिवनी-नगरस्य एस्.एन्.सी.यू.-केन्द्रे पञ्चसु मासेषु अष्टाशीतिः नवजातशिशवः मृताः इति सूचना, अन्वेषणाय चतुर्सदस्यीयदलस्य गठनम्; भाजपाविधायकः मुख्यमन्त्रिणं पत्रं लिखितवान्।

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मध्य प्रदेश के सिवनी जिला अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में बीते पांच महीनों के दौरान 80 नवजात शिशुओं की मौत का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में कार्रवाई की गई है। इकाई के प्रभारी को उनके पद से हटा दिया गया है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिवनी के भाजपा विधायक दिनेश राय ने रविवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले पर ध्यान देने और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया। नवजातों की मौत के मामले में अब जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं पर सबकी नजरें टिकी हैं।

SNCU के प्रभारी की जिम्मेदारी अब शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद दहायत को सौंपने के संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

सिवनी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पंकज दुबे ने नवजात शिशुओं की मौत के मामले की जांच के लिए दल का गठन किया था। जांच के बाद मंगलवार को एसएनसीयू के प्रभार में बदलाव करते हुए नया आदेश जारी किया गया। इसके तहत डॉ. पारस पटेरिया के स्थान पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद दहायत को एसएनसीयू की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सिवनी SNCU में 1,088 भर्ती नवजातों में से 80 की मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

सिवनी जिला अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में शिशुओं की मौत के मामले की जांच के दौरान महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पंकज दुबे और सिविल सर्जन डॉ. विनोद नावकर की जांच में पता चला कि 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक कुल 1,088 शिशुओं को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। इनमें से 80 शिशुओं की मृत्यु हो गई।

जांच में यह भी सामने आया कि मृत शिशुओं में से 60 का वजन सामान्य से कम था। इनमें 44 नवजात ऐसे थे, जिनका वजन 400 से 1,500 ग्राम के बीच था। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद नवजात शिशुओं की स्वास्थ्य स्थिति और उनकी देखभाल से जुड़े पहलुओं की जांच पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

रक्त संचार में बाधा के चलते नवजातों को SNCU में कराया गया भर्ती।

मध्य प्रदेश के सिवनी जिला अस्पताल की विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में मृत 80 शिशुओं के मामलों से जुड़ी जानकारी सामने आई है। इनमें 58 शिशु समय से पहले जन्मे थे, जबकि 22 शिशुओं को जन्म के दौरान मस्तिष्क में ऑक्सीजन की गंभीर कमी और रक्त संचार में बाधा जैसी समस्याओं के कारण एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। मृत शिशुओं में से 39 का जन्म सिवनी जिला अस्पताल में ही हुआ था।

भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन के अनुसार, एसएनसीयू वार्ड में नवजात शिशुओं की मौत और उनकी देखभाल में कथित लापरवाही को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के मद्देनजर उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर मामले को गंभीरता से उठाया। अब इस प्रकरण में जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

सिवनी SNCU के 16 प्रतिशत शिशुओं की हालत गंभीर, बेहतर उपचार के लिए जबलपुर किया गया रेफर.

बीते पांच माह में जिले के एसएनसीयू वार्ड में हुई नवजात शिशुओं की मौत मामले की जांच करने सीएमएचओ डा. पंकज दुबे ने चार सदस्यीय जांच दल गठित किया है। सीएमएचओ ने बताया कि दल में मेडिकल कालेज में सहायक प्राध्यापक और शिशु रोग विभागाध्यक्ष डाॅ. गौरव प्रजापति के अलावा अन्य तीन डाक्टरों को शामिल किया गया है।

सीएमएचओ के अनुसार, जांच टीम में मेडिकल कॉलेज के सहायक प्राध्यापक एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव प्रजापति के साथ तीन अन्य चिकित्सकों को भी शामिल किया गया है। यह दल नवजात शिशुओं की मौत से जुड़े मामलों की जांच करेगा, ताकि घटनाओं के कारणों और संबंधित परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

English

Action has been taken by the health department following reports of 80 newborn deaths at the Special Newborn Care Unit (SNCU) of Seoni District Hospital in Madhya Pradesh over the past five months. The unit’s in-charge has been removed from the post.

Taking the matter seriously, Seoni BJP MLA Dinesh Rai conducted a surprise inspection of the district hospital on Sunday. Following the inspection, he wrote to the Chief Minister, urging attention to the issue and appropriate action. The circumstances surrounding the newborn deaths and the functioning of healthcare services are now under scrutiny.

An official order has been issued to hand over the responsibility of the SNCU to paediatric specialist Dr. Vinod Dahayat.

Seoni Chief Medical and Health Officer (CMHO) Dr. Pankaj Dubey constituted an inquiry team to investigate the deaths of newborns at the hospital’s Special Newborn Care Unit (SNCU). Following the inquiry, a fresh order was issued on Tuesday, transferring the unit’s responsibility from Dr. Paras Pateria to paediatric specialist Dr. Vinod Dahayat.

80 of 1,088 Infants Admitted to Seoni SNCU Die Over Five Months.

An inquiry into infant deaths at the Special Newborn Care Unit (SNCU) of Seoni District Hospital has revealed significant figures. Chief Medical and Health Officer (CMHO) Dr. Pankaj Dubey and Civil Surgeon Dr. Vinod Navkar found that 1,088 infants were admitted to the unit between April 1 and September 30, of whom 80 died.

The inquiry also revealed that 60 of the deceased infants weighed less than normal. Among them, 44 weighed between 400 and 1,500 grams. These findings have brought renewed attention to the health conditions of the newborns and the care provided at the facility.

Newborns Admitted to the SNCU Due to Impaired Blood Circulation.

Details have emerged regarding the 80 infant deaths reported at the Special Newborn Care Unit (SNCU) of Seoni District Hospital in Madhya Pradesh. Of the 80 infants, 58 were born prematurely, while 22 had been admitted to the unit due to serious complications during birth, including a severe lack of oxygen to the brain and impaired blood circulation. Thirty-nine of the deceased infants were born at Seoni District Hospital itself.

According to BJP MLA Dinesh Rai Munmun, repeated complaints had been received about newborn deaths and alleged negligence in their care at the SNCU ward. In response to these concerns, he inspected the hospital and raised the issue. The case has brought the unit’s functioning and newborn care arrangements under scrutiny.

16% of Infants Referred from Seoni SNCU to Jabalpur in Critical Condition for Advanced Treatment.

The health department has initiated an inquiry into the deaths of newborns reported at the Special Newborn Care Unit (SNCU) in Seoni district over the past five months. Chief Medical and Health Officer (CMHO) Dr. Pankaj Dubey has constituted a four-member team to investigate the cases.

According to the CMHO, the panel includes Dr. Gaurav Prajapati, an assistant professor and head of the Department of Paediatrics at the medical college, along with three other doctors. The team will examine the cases to determine the circumstances surrounding the newborn deaths.

sanskrit

मध्यप्रदेशस्य सिवनी-जनपदचिकित्सालये स्थिते विशेषनवजातशिशु-परिचर्याकक्षे (SNCU) विगतेषु पञ्चसु मासेषु अष्टाशीतिः नवजातशिशूनां मृत्युः अभवत् इति प्रकरणे स्वास्थ्यविभागेन कार्यवाही कृता। अस्य कक्षस्य प्रभारी स्वपदात् अपसारितः।

अस्य घटनायाः गाम्भीर्यं दृष्ट्वा सिवनी-नगरस्य भाजपाविधायकः दिनेश रायः रविवासरे जनपदचिकित्सालयस्य आकस्मिकनिरीक्षणं कृतवान्। निरीक्षणानन्तरं सः मुख्यमन्त्रिणं पत्रं लिखित्वा अस्मिन् विषये आवश्यककार्यवाहीं कर्तुं निवेदितवान्। नवजातशिशूनां मृत्योः कारणानां तथा चिकित्सासेवाव्यवस्थानां विषये अधुना अन्वेषणं क्रियते।

एस्.एन्.सी.यू.-केन्द्रस्य दायित्वं शिशुरोगविशेषज्ञाय डॉ. विनोद दहायत-महोदयाय समर्पयितुं आदेशः निर्गतः।

सिवनी-नगरस्य मुख्यचिकित्सा-स्वास्थ्याधिकारी डॉ. पङ्कज दुबे नवजातशिशूनां मृत्युप्रकरणस्य अन्वेषणार्थं दलस्य गठनं कृतवान्। अन्वेषणानन्तरं मङ्गलवासरे नूतनः आदेशः निर्गतः। तदनुसारं एस्.एन्.सी.यू.-केन्द्रस्य दायित्वं डॉ. पारस पटेरिया-महोदयस्य स्थाने शिशुरोगविशेषज्ञाय डॉ. विनोद दहायत-महोदयाय समर्पितम्।

सिवनी-नगरस्य एस्.एन्.सी.यू.-केन्द्रे प्रवेशितेषु १०८८ शिशुषु ८० शिशूनां मृत्युः।

सिवनी-जनपदचिकित्सालयस्य विशेषनवजातशिशु-परिचर्याकक्षे शिशुमृत्युप्रकरणस्य अन्वेषणकाले महत्त्वपूर्णानि तथ्यानि प्रकाशं प्राप्तानि। मुख्यचिकित्सा-स्वास्थ्याधिकारी डॉ. पङ्कज दुबे तथा सिविल-सर्जन डॉ. विनोद नावकर इत्येताभ्यां कृते अन्वेषणे ज्ञातं यत् अप्रैलमासस्य प्रथमदिनाङ्कात् सितम्बरमासस्य त्रिंशद्दिनाङ्कपर्यन्तं १०८८ शिशवः अस्मिन् केन्द्रे प्रवेशिताः। तेषु ८० शिशूनां मृत्युः अभवत्।

अन्वेषणेन एतदपि ज्ञातं यत् मृतशिशुषु ६० शिशूनां भारः सामान्यस्तरात् न्यूनः आसीत्। तेषु ४४ शिशूनां भारः ४०० ग्रामतः १५०० ग्रामपर्यन्तम् आसीत्। एतेषां तथ्यानां प्रकाशनानन्तरं नवजातशिशूनां स्वास्थ्यस्थितेः परिचर्यायाश्च विषये विशेषं ध्यानं दीयते।

रक्तप्रवाहे अवरोधकारणात् नवजातशिशवः एस्.एन्.सी.यू.-कक्षे प्रवेशिताः।

मध्यप्रदेशस्य सिवनी-जनपदचिकित्सालयस्य विशेषनवजातशिशु-परिचर्याकक्षे मृतानां ८० शिशूनां विषये विवरणानि प्राप्तानि। तेषु ५८ शिशवः समयात् पूर्वं जाताः आसन्। अन्ये २२ शिशवः जन्मकाले मस्तिष्के प्राणवायोः गम्भीराभावात् तथा रक्तप्रवाहे अवरोधात् एस्.एन्.सी.यू.-कक्षे प्रवेशिताः आसन्। मृतशिशुषु ३९ शिशवः सिवनी-जनपदचिकित्सालये एव जाताः आसन्।

भाजपाविधायकस्य दिनेश राय मुनमुन-महोदयस्य अनुसारम्, एस्.एन्.सी.यू.-कक्षे नवजातशिशूनां मृत्युविषये तथा तेषां परिचर्यायां कथितलापरवाहीविषये निरन्तरं शिकायताः प्राप्यन्ते स्म। अतः तेन चिकित्सालयस्य निरीक्षणं कृत्वा अस्य विषयस्य गम्भीरतया विचारः कृतः। अधुना अस्मिन् प्रकरणे अन्वेषणस्य तथा स्वास्थ्यसेवाव्यवस्थायाः परीक्षणस्य आवश्यकता वर्तते।

सिवनी-एस्.एन्.सी.यू.-केन्द्रात् १६ प्रतिशताः शिशवः गम्भीरावस्थायां समुन्नतचिकित्सार्थं जबलपुर-नगरं प्रेषिताः।

सिवनी-मण्डलस्य विशेषनवजातशिशु-परिचर्याकक्षे विगतेषु पञ्चसु मासेषु जातानां नवजातशिशूनां मृत्युप्रकरणानां अन्वेषणार्थं स्वास्थ्यविभागेन प्रक्रिया प्रारब्धा। मुख्यचिकित्सा-स्वास्थ्याधिकारी डॉ. पङ्कज दुबे अन्वेषणाय चतुर्सदस्यीयदलस्य गठनं कृतवान्।

मुख्यचिकित्सा-स्वास्थ्याधिकारिणः अनुसारं, अस्मिन् अन्वेषणदले चिकित्सामहाविद्यालयस्य सहायकप्राध्यापकः तथा शिशुरोगविभागाध्यक्षः डॉ. गौरव प्रजापतिः, अन्ये त्रयः चिकित्सकाश्च समाविष्टाः सन्ति। एतत् दलं नवजातशिशूनां मृत्युसम्बद्धानां प्रकरणानां परीक्षणं कृत्वा मृत्योः कारणानि तथा तत्सम्बद्धपरिस्थितीः ज्ञास्यति।

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