• डिंडौरी में बवाल: ‘जय जोहार’ पर आपत्तिजनक टिप्पणी के खिलाफ आदिवासी समाज का उग्र प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग।• Outrage in Dindori: Sarva Adivasi Samaj Launches Massive Protest Over Alleged Derogatory Remarks on ‘Jai Johar’ Slogan.• डिंडोरीनगरे ‘जय जोहार’ इति उद्घोषे आक्षेपार्ह-टिप्पणीं प्रति सर्व-आदिवासी-समाजस्य तीव्रप्रतिरोधः।

• मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके में तनाव का माहौल है। थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए विभिन्न संगठनों और समाज के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की पुरजोर आवाज उठाई है।
मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला मुख्यालय स्थित रानी अवंतीबाई चौक पर बुधवार को सर्व आदिवासी समाज के नेतृत्व में एक विशाल और जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह आक्रोश भोपाल में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए आंदोलन से जुड़ा है। आरोप है कि उस आंदोलन के दौरान मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने ‘जय जोहार’ का नारा लगाने पर आदिवासी युवाओं के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसी अपमान के विरोध में आदिवासी समाज ने सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद की।

• डिंडौरी में पुलिस अधिकारी की कथित टिप्पणी को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब और बड़ा हो गया है। सर्व आदिवासी समाज के साथ अब ‘जय आदिवासी युवा शक्ति’ (जयस), भीम आर्मी और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने इसे सीधे तौर पर आदिवासी समाज के सम्मान और अस्मिता से जुड़ा मामला बताया है। आंदोलन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC-ST Act) के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
• प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि ‘जय जोहार’ सिर्फ एक अभिवादन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपरा और गरिमा का प्रतीक है। इस पर की गई कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी पूरे समाज की भावनाओं को आहत करती है। आंदोलनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। सर्व आदिवासी समाज, जयस, भीम आर्मी और युवा कांग्रेस ने संयुक्त रूप से यह साफ कर दिया है कि जब भी आदिवासी सम्मान, सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की बात आएगी, पूरा समाज इसी तरह एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
English
Demands for strict legal action against Misrod Station House Officer (SHO) Ratan Singh Parihar have intensified. A large group of agitators gathered to register their protest, raising slogans and demanding the immediate registration of an FIR under the provisions of the SC-ST Prevention of Atrocities Act.
A major demonstration erupted at the Rani Avantibai Chowk in Dindori district headquarters on Wednesday, led by the Sarva Adivasi Samaj. The protest stems from a recent agitation in Bhopal demanding the resignation of Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar. During that event, Misrod Station House Officer (SHO) Ratan Singh Parihar allegedly used highly objectionable language against tribal youths for chanting their traditional greeting, ‘Jai Johar’. In retaliation, the tribal community staged a massive protest demanding immediate accountability.
The ongoing agitation in Dindori has gained massive political and social momentum as activists from the Jai Adivasi Yuva Shakti (JAYAS), Bhim Army, and Youth Congress officially joined forces with the Sarva Adivasi Samaj. Terming the police officer’s alleged derogatory remarks a direct assault on tribal dignity and identity, the united front marched through the city. Following the demonstration, a formal memorandum was submitted to the authorities, strictly demanding the registration of an FIR under the SC-ST Prevention of Atrocities Act and immediate legal action against the accused official.
• Agitators strongly emphasized that ‘Jai Johar’ is an integral greeting rooted deeply in the culture, heritage, and honor of the tribal community. Any derogatory remark against it directly wounds the collective sentiment of the society. Demanding an impartial probe, they insisted on legal action against the responsible police official. Through this joint mobilization, the Sarva Adivasi Samaj, JAYAS, Bhim Army, and Youth Congress sent a clear message: the community will stand as an undivided front against any assault on their cultural identity, self-respect, and constitutional rights.
संस्कृति
• मिसरोद आरक्षक-स्थानकस्य (थाना) प्रभारिणः रतन सिंह परिहारस्य कार्यशैलीं विरुद्ध्य जनानां आक्रोशः वर्धितः। विरोधकर्तारः तस्य विरुद्धे अनुसूचितजाति-जनजाति अत्याचारनिवारक-अधिनियमस्य (SC-ST Act) अन्तर्गतं अभियोगं (FIR) पञ्जीकर्तुं उच्चैः आन्दोलनं कुर्वन्तः सन्ति।
• बुधवासरे डिंडोरी जनपदस्य मुख्य-केन्द्रे स्थिते ‘रानी अवंतीबाई चौक’ इति स्थाने सर्व आदिवासी समाजस्य आवाहनेन एकं विशालं प्रदर्शनं सञ्जातम्। एतत् आन्दोलनम् भोपालनगरे मुख्य-निर्वाचन-आयुक्तस्य ज्ञानेश कुमारस्य त्यागपत्रस्य याचनां कुर्वता आन्दोलनेन सह सम्बद्धम् अस्ति। तस्मिन् अवसरे मिसरोद आरक्षक-स्थानक प्रमुखेण रतन सिंह परिहारेण ‘जय जोहार’ इति उद्घोषं कुर्वतां आदिवासी यूनां कृते आक्षेपार्ह शब्दाः प्रयुक्ताः इति आरोपः अस्ति। एतस्य अपमानस्य प्रतिकारार्थम् अयं तीव्रप्रतिरोधः कृतः।
डिंडोरीनगरे प्रचलति अस्मिन् आन्दोलने सर्व-आदिवासी-समाजेन सह ‘जय आदिवासी युवा शक्ति’ (जयस), भीमसेना (भीम आर्मी) तथा च युवा काङ्ग्रेस दलस्य कार्यकर्ताराः अपि सम्मिलिताः अभवन्। प्रदर्शनकारिणः अवदन् यत् एषः विषयः आदिवासीसमाजस्य गौरवस्य आत्मसम्मानस्य च अस्ति। आन्दोलनान्तरं तैः अधिकारिभ्यः एकं ज्ञापनं (प्रार्थनापत्रम्) प्रदत्तम्। तस्मिन् ज्ञापने आक्षेपार्ह टिप्पणीं कृतवतः आरक्षक-अधिकारिणः विरुद्धे अनुसूचितजाति-जनजाति (अत्याचारनिवारण) अधिनियमस्य (SC-ST Act) अन्तर्गतं प्राथमिकिकीं (FIR) पञ्जीकर्तुं न्यायोचिता याचना कृता।
• प्रदर्शनकारिणः अवदन् यत् ‘जय जोहार’ इति अभिवादनं आदिवासी समाजस्य संस्कृतेः, परम्परायाः, आत्मसम्मानस्य च आधारः अस्ति। एतादृशे पवित्रे अभिवादने आक्षेपार्ह टिप्पणी समाजस्य भावनाः महतीं पीडयति। तैः निष्पक्षानुसन्धानस्य तथा च दोषारोपितस्य आरक्षक-अधिकारिणः विरुद्धे नियमानुसारं दण्डस्य याचना कृता। सर्व आदिवासी समाजः, जयस, भीमसेना, युवाकाङ्ग्रेसदलं च स्पष्टं अकुर्वन् यत् आदिवासीगौरवस्य, सांस्कृतिकपरिचयस्य, संवैधानिकअधिकारस्य च रक्षणाय अयं समाजः सर्वदा एकीभूय स्वरं प्रखरं करिष्यति।


