रायपुर में किराएदार सत्यापन की सुस्त प्रक्रिया: 2 लाख में सिर्फ 4,300 का वेरिफिकेशन, दो बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार। Tenant Verification Moves Slowly in Raipur: Only 4,300 Verified Out of 2 Lakh, Two Bangladeshi Nationals Arrested। रायपुरे भाटकवासिनां सत्यापनकार्यं मन्दगत्या प्रवर्तते। द्विलक्षेषु भाटकवासिषु केवलं ४३०० जनानां सत्यापनं सम्पन्नम्, द्वौ बाङ्ग्लादेशीयौ नागरिकौ च निगृहीतौ।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 30 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर में दो लाख से ज्यादा किराएदार रहने के बावजूद पुलिस रिकॉर्ड में अब तक केवल करीब 4,300 किराएदारों का ही सत्यापन दर्ज है। इसके बाद पुलिस ने मकान मालिकों से किराएदारों का अनिवार्य सत्यापन कराने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर। राजधानी में 30 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क हो गई है। किराएदारों की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस ने अब सत्यापन अभियान तेज कर दिया है। शहर में दो लाख से अधिक किराएदार बताए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस के पास अब तक करीब 4,300 किराएदारों का ही रिकॉर्ड उपलब्ध है। इसी बीच, पिछले 24 घंटे के दौरान पुलिस ने दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
कई मकान मालिक किराया मिलने की जल्दबाजी में किराएदार की पहचान और स्थायी पते की उचित जांच किए बिना ही कमरा दे देते हैं। इससे संदिग्ध लोगों के लिए शहर में अपनी पहचान स्थापित करना आसान हो जाता है। पहले टिकरापारा, संतोषी नगर और संजय नगर इलाकों में पकड़े गए कुछ संदिग्धों के पास फर्जी दस्तावेज मिले थे, जिनके आधार पर उन्होंने स्थानीय पहचान तैयार कर ली थी। पुलिस के अनुसार, ऐसी स्थिति मकान मालिकों द्वारा किराएदार सत्यापन में बरती गई लापरवाही से जुड़ी हो सकती है।
रायपुर में संदिग्ध बांग्लादेशी नेटवर्क का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
रायपुर में पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिली है। टिकरापारा थाना क्षेत्र से दो संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों, शेख रेहान और उसके साथी जमाल करीम को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शेख रेहान वर्ष 2000 में अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था और संजय नगर में मोटर मैकेनिक के रूप में काम कर रहा था। वहीं, जमाल करीम करीब 15 वर्ष पहले रायपुर पहुंचा था और आरडीए कॉलोनी में रहकर कबाड़ का कारोबार करता था।
रेहान के कब्जे से बरामद हुए ये दस्तावेज
जांच के दौरान पता चला कि दोनों संदिग्धों ने भारत में रहते हुए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। रेहान के पास से भारतीय आधार कार्ड और पासपोर्ट बरामद किया गया है। बताया जा रहा है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर वह 4-5 बार बांग्लादेश की यात्रा कर चुका है। वहीं, जमाल के पास भारतीय पासपोर्ट नहीं मिला, लेकिन उसके पास भी कथित रूप से फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ है। फिलहाल एटीएस, पुलिस और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियां दोनों से विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद दोनों को डिटेंशन सेंटर भेजे जाने तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत बीएसएफ के माध्यम से बांग्लादेश वापस भेजे जाने की बात कही जा रही है।
सत्यापन की प्रक्रिया क्या है?
ऑनलाइन सत्यापन सुविधा: मकान मालिकों को किराएदार के सत्यापन के लिए बार-बार पुलिस थाने जाने की आवश्यकता नहीं है। स्थानीय पुलिस के आधिकारिक पोर्टल या वेबसाइट पर जाकर किराएदार का नाम, स्थायी पता और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज या अपलोड की जा सकती है।
जरूरी दस्तावेज: किराएदार की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या पासपोर्ट जैसे वैध पहचान पत्र लेना आवश्यक है।
सतर्कता बढ़ी: औद्योगिक इलाकों, निर्माण स्थलों और श्रमिक बस्तियों में पुलिस निगरानी बढ़ा रही है। ठेकेदारों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने यहां काम करने वाले सभी श्रमिकों की पहचान और आवश्यक जानकारी पुलिस के पास दर्ज कराएं।
नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत
पुलिस ने साफ कर दिया है कि किराएदार सत्यापन में लापरवाही बरतने, जांच में सहयोग न करने या महत्वपूर्ण जानकारी छिपाने वाले मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर की कॉलोनियों और औद्योगिक क्षेत्रों में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम लगातार जांच और सत्यापन अभियान चला रही है। ऐसे में नागरिकों की सतर्कता भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। किराएदार की पहचान और दस्तावेजों की सही जांच करना केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि मकान मालिक और पूरे शहर की सुरक्षा से जुड़ा जरूरी कदम है।
निर्माण स्थलों और श्रमिक बस्तियों में बढ़ी निगरानी
बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिकों के रायपुर आने को देखते हुए पुलिस ने निर्माण स्थलों और श्रमिक बस्तियों को भी सत्यापन अभियान के दायरे में शामिल कर लिया है। निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों से उनके यहां कार्यरत श्रमिकों का विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है। पुलिस टीमों द्वारा श्रमिकों के नाम, पते और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को इस विशेष सत्यापन अभियान में तैनात किया गया है।
इससे पहले भी पुलिस कर चुकी है कार्रवाई
रायपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए रहने वाले संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। फरवरी 2025 में पुलिस ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा था। इसके बाद जून 2025 में टिकरापारा इलाके में एक संदिग्ध बांग्लादेशी दंपती पर कार्रवाई की गई। उसी महीने छत्तीसगढ़ नगर, संतोषी नगर और संजय नगर से 10 अन्य संदिग्ध नागरिकों को हिरासत में लिया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने उनके पास से आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट समेत कई अन्य दस्तावेज जब्त किए थे।
English
The identification of 30 suspected Bangladeshi nationals in Raipur, the capital of Chhattisgarh, has raised serious concerns over the city’s security arrangements. More than two lakh tenants are reportedly living in the city, while police records contain verification details of only around 4,300 tenants. Following this, police have urged landlords to complete tenant verification and warned that strict action will be taken against those who fail to comply with the rules.
Raipur: The recent detention of 30 suspected Bangladeshi nationals in the capital has heightened security concerns. Considering the large number of tenants living in the city, police have now intensified the tenant verification drive. Raipur reportedly has more than two lakh tenants, but police records contain details of only around 4,300 of them. Meanwhile, two Bangladeshi nationals have been arrested by police in the past 24 hours.
Many landlords, driven primarily by the prospect of earning rent, reportedly rent out rooms without properly checking the tenant’s identity documents or permanent address. This can make it easier for suspicious individuals to establish a local identity. In the past, some suspects detained in areas such as Tikrapara, Santoshi Nagar and Sanjay Nagar were found using forged documents to create a local identity. Such incidents highlight the importance of proper tenant verification by landlords.
Suspected Bangladeshi Network Busted in Raipur, Two Arrested
Police in Raipur have achieved a significant breakthrough with the arrest of two suspected Bangladeshi nationals, Sheikh Rehan and his associate Jamal Karim, from the Tikrapara police station area. According to preliminary information, Sheikh Rehan reportedly came to Raipur with his parents in 2000 and had been working as a motor mechanic in the Sanjay Nagar area. His associate Jamal Karim is said to have arrived in Raipur around 15 years ago and was living in the RDA Colony, where he worked in the scrap business.
These Documents Were Recovered From Rehan’s Possession
The investigation has reportedly revealed that both suspects allegedly obtained forged documents while living in India. An Indian Aadhaar card and passport were recovered from Rehan, and he is said to have travelled to Bangladesh four or five times using these documents. No Indian passport was found in Jamal’s possession, although he allegedly had a forged Aadhaar card. The ATS, police and several central agencies are currently conducting detailed questioning of both men. After the investigation, they are expected to be placed in a detention centre and deported to Bangladesh through the BSF in accordance with the applicable legal procedure.
How Can Verification Be Done?
Online Verification Facility: Landlords no longer need to make repeated visits to the police station for tenant verification. They can use the local police department’s official website or online portal to submit the tenant’s details, including name, permanent address and identity documents.
Required Documents: Landlords must obtain a valid identity document from the tenant, such as an Aadhaar card, PAN card, or passport, to verify their identity.
Heightened Vigilance: Police are keeping a close watch on industrial areas, construction sites and workers’ settlements. Contractors have been instructed to provide the police with complete details and identification information of all workers employed by them.
Warning of Strict Action Against Rule Violators
The police department has made it clear that landlords who fail to cooperate with tenant verification or deliberately conceal important information may face legal action. A team of more than 100 police personnel is conducting intensive checks across residential colonies and industrial areas of the city. In such a situation, responsible citizens can also play an important role in strengthening public safety. Properly verifying a tenant’s identity and documents is not merely a legal formality; it is an important step toward protecting landlords as well as the wider community.
Heightened Surveillance at Construction Sites and Settlements
With a large number of workers arriving in Raipur from other states, construction sites and labour settlements have also been brought under the tenant and worker verification drive. Construction companies and contractors have been asked to provide complete records of the workers employed by them. Police teams are checking their names, addresses and identity documents. More than 100 police personnel have been deployed across different parts of the city to carry out the verification campaign.
Police Had Taken Action Earlier as Well
Raipur has previously witnessed cases involving suspected Bangladeshi nationals allegedly living in the city using forged documents. In February 2025, three Bangladeshi nationals were detained. Later, in June 2025, action was taken against a suspected Bangladeshi couple in the Tikrapara area. During the same month, 10 more suspected individuals were detained from Chhattisgarh Nagar, Santoshi Nagar and Sanjay Nagar. Police reportedly seized Aadhaar cards, PAN cards, passports and other documents from them during the investigation.
With a significant number of workers arriving from other states, police have also brought construction sites and labour settlements under the verification drive. Construction companies and contractors are being asked to submit complete records of the workers employed by them. Police teams are verifying workers’ names, addresses and identity documents. More than 100 police personnel have been deployed across different parts of the city to carry out the campaign.
संस्कृत
छत्तीसगढराज्यस्य राजधानी रायपुरनगरे त्रिंशत् संदिग्धानां बाङ्ग्लादेशीयनागरिकाणां परिचयः प्राप्तः, येन नगरस्य सुरक्षाव्यवस्थां प्रति गम्भीराः चिन्ताः उत्पन्नाः। नगरे द्विलक्षाधिकाः भाटकाः निवसन्ति, किन्तु आरक्षिविभागस्य अभिलेखेषु केवलं ४३०० भाटकानां सत्यापनविवरणं विद्यते। अतः आरक्षिविभागेन गृहस्वामिभ्यः भाटकानां अनिवार्यसत्यापनं कर्तुं निर्देशः प्रदत्तः तथा नियमोल्लङ्घनकारिभ्यः कठोरकार्यवाही भविष्यतीति चेतावनी दत्ता।
रायपुरम्। राजधानीनगरे त्रिंशत् संदिग्धानां बाङ्ग्लादेशीयनागरिकाणां निग्रहणेन सुरक्षाव्यवस्थां प्रति चिन्ता वर्धिता। नगरे बहूनां भाटकानां निवासं दृष्ट्वा आरक्षिविभागेन भाटकसत्यापनाभियानं तीव्रतरं कृतम्। रायपुरनगरे द्विलक्षाधिकाः भाटकाः निवसन्ति, किन्तु आरक्षिविभागस्य अभिलेखेषु केवलं प्रायः ४३०० भाटकानां विवरणमेव उपलब्धम्। अस्मिन् एव काले गतचतुर्विंशतिघण्टासु आरक्षिभिः द्वौ बाङ्ग्लादेशीयनागरिकौ निगृहीतौ।
अनेकाः गृहस्वामिनः केवलं किरायप्राप्तेः इच्छया भाटकस्य परिचयपत्रं स्थायिपत्तनं च सम्यक् परीक्ष्य विना एव कक्षं प्रयच्छन्ति। एतादृशेन प्रमादेन संदिग्धजनानां नगरे मिथ्यापरिचयं स्थापयितुं सुकरं भवति। पूर्वं टिकरापारा, सन्तोषीनगर तथा सञ्जयनगर इत्यादिषु क्षेत्रेषु निगृहीतेषु केषुचित् संदिग्धेषु मिथ्याप्रमाणपत्राणि प्राप्तानि, येषां माध्यमेन तैः स्थानीयपरिचयः निर्मितः आसीत्। एते प्रसङ्गाः गृहस्वामिभिः भाटकसत्यापनस्य सम्यक् पालनस्य महत्त्वं दर्शयन्ति।
रायपुरनगरे संदिग्धस्य बाङ्ग्लादेशीयजालस्य भेदनम्, द्वौ आरोपी निगृहीतौ।
रायपुरनगरे आरक्षिभिः महत्त्वपूर्णा सफलता प्राप्ता। टिकरापारा-आरक्षिक्षेत्रात् द्वौ संदिग्धौ बाङ्ग्लादेशीयनागरिकौ—शेख रेहानः तस्य सहचरः जमाल करीमश्च—निगृहीतौ। प्रारम्भिकविवरणानुसारं शेख रेहानः वर्षे २००० स्वमातापितृभ्यां सह रायपुरनगरम् आगतः आसीत् तथा सञ्जयनगरक्षेत्रे यन्त्रवाहनमर्मज्ञस्य कार्यं करोति स्म। तस्य सहचरः जमाल करीमः प्रायः पञ्चदशवर्षपूर्वं रायपुरनगरम् आगतः आसीत् तथा आरडीए-आवासीयक्षेत्रे निवसन् कबाडव्यवसायं करोति स्म।
रेहानस्य समीपे एतानि प्रमाणपत्राणि प्राप्तानि।
अन्वेषणकाले ज्ञातं यत् उभाभ्यां संदिग्धाभ्यां भारतदेशे निवसद्भ्यां कथितरूपेण मिथ्याप्रमाणपत्राणि निर्मापितानि। रेहानस्य समीपे भारतीयं आधारपत्रं पासपोर्टपत्रं च प्राप्तम्। एतैः प्रमाणपत्रैः सः ४-५ वारं बाङ्ग्लादेशदेशं गतवान् इति कथ्यते। जमालस्य समीपे भारतीयं पासपोर्टपत्रं न प्राप्तम्, किन्तु तस्य समीपे अपि कथितं मिथ्याआधारपत्रं प्राप्तम्। सम्प्रति एटीएस, आरक्षिविभागः तथा विभिन्नाः केन्द्रीयाः अन्वेषणसंस्थाः ताभ्यां सह विस्तृतां पृच्छां कुर्वन्ति। अन्वेषणस्य अनन्तरं तौ निरोधकेन्द्रे स्थापयित्वा निर्धारितविधेः अनुसारं सीमा-सुरक्षाबलेन बाङ्ग्लादेशदेशं प्रति प्रत्यर्पयिष्येते इति कथ्यते।
सत्यापनं कथं करणीयम्?
सङ्गणकीय-सत्यापनसुविधा: गृहस्वामिभिः भाटकस्य सत्यापनार्थं पुनः पुनः आरक्षिकेन्द्रं गन्तुं आवश्यकता नास्ति। स्थानीय-आरक्षिविभागस्य अधिकृत-जालस्थलं वा सङ्गणकीय-पोर्टलं गत्वा भाटकस्य नाम, स्थायिपत्तनं तथा परिचयपत्रसम्बद्धानि विवरणानि ऑनलाइन स्थापयितुं वा प्रेषयितुं शक्यते।
आवश्यकानि प्रमाणपत्राणि: भाटकस्य परिचयस्य सत्यापनार्थं आधारपत्रं, पैनपत्रं वा पासपोर्टपत्रं इत्यादिषु वैधेषु परिचयपत्रेषु एकस्य ग्रहणम् अनिवार्यम् अस्ति।
वर्धिता सावधानी: औद्योगिकक्षेत्रेषु, निर्माणस्थलेषु तथा श्रमिकनिवासेषु आरक्षिविभागेन विशेषनिरीक्षणं क्रियते। ठेकेदारेभ्यः निर्देशः प्रदत्तः यत् ते स्वकार्यस्थले नियोजितानां सर्वेषां श्रमिकाणां परिचयं आवश्यकविवरणानि च आरक्षिविभागाय प्रदद्युः।
नियमोल्लङ्घनकारिषु कठोरकार्यवाहीस्य चेतावनी।
आरक्षिविभागेन स्पष्टं कृतं यत् ये गृहस्वामिनः भाटकसत्यापने सहयोगं न कुर्वन्ति अथवा महत्त्वपूर्णानि विवरणानि गोपयन्ति, तेषां विरुद्धं वैधानिकी कार्यवाही क्रियते। नगरे शताधिकानां आरक्षिकर्मचारिणां दलं आवासीयक्षेत्रेषु औद्योगिकक्षेत्रेषु च सघननिरीक्षणं सत्यापनकार्यं च करोति। अतः जागरूकनागरिकानां सावधानता अपि नगरस्य सुरक्षाव्यवस्थां सुदृढीकर्तुं महत्त्वपूर्णं योगदानं दातुं शक्नोति। भाटकस्य परिचयस्य प्रमाणपत्राणां च सम्यक् सत्यापनं केवलं नियमपालनं न, अपितु गृहस्वामिनः समग्रनगरस्य च सुरक्षायै आवश्यकं कार्यम् अस्ति।
निर्माणस्थलेषु श्रमिकबस्तिषु च विशेषनिरीक्षणम्।
अन्येभ्यः राज्येभ्यः बहूनां श्रमिकाणां रायपुरनगरम् आगमनं दृष्ट्वा निर्माणस्थलानि श्रमिकबस्तयश्च सत्यापनाभियानस्य अन्तर्गतं समाविष्टानि। निर्माणसंस्थाभ्यः ठेकेदारेभ्यश्च तेषां अधीनं कार्यं कुर्वतां श्रमिकाणां सम्पूर्णविवरणं प्रदातुं निर्देशः दत्तः। आरक्षिकर्मचारिभिः श्रमिकाणां नाम, पत्तनं परिचयसम्बद्धानि प्रमाणपत्राणि च परीक्ष्यन्ते। नगरस्य विभिन्नेषु भागेषु शताधिकाः आरक्षिकर्मचारिणः विशेषसत्यापनाभियाने नियोजिताः सन्ति।
पूर्वमपि आरक्षिभिः कार्यवाही कृता आसीत्।
रायपुरनगरे मिथ्याप्रमाणपत्राणां साहाय्येन निवसतां संदिग्धानां बाङ्ग्लादेशीयनागरिकाणां विषये पूर्वमपि कार्यवाही कृता अस्ति। २०२५ तमस्य वर्षस्य फेब्रुवरी-मासे त्रयः बाङ्ग्लादेशीयनागरिकाः निगृहीताः आसन्। ततः जून-मासे टिकरापारा-क्षेत्रे एकस्य संदिग्धस्य बाङ्ग्लादेशीयदाम्पत्यस्य विरुद्धं कार्यवाही कृता। तस्मिन्नेव मासे छत्तीसगढनगर, सन्तोषीनगर तथा सञ्जयनगर-क्षेत्रेभ्यः दश अन्ये संदिग्धनागरिकाः अपि निरुद्धाः आसन्। अन्वेषणसमये आरक्षिभिः तेभ्यः आधारपत्राणि, पैनपत्राणि, पासपोर्टपत्राणि अन्यानि च विविधप्रमाणपत्राणि अधिगृहीतानि।


