ओंकारेश्वर मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर ठगी का आरोप, केंद्रीय मंत्री की अनुशंसा के बावजूद 37 श्रद्धालु दलालों के जाल में फंसे।Fraud in the Name of VIP Darshan at Omkareshwar Temple, 37 Devotees Allegedly Duped Despite Union Minister’s Recommendation. ओंकारेश्वरमन्दिरे विशिष्टदर्शनस्य नाम्ना कपटाचारस्य आरोपः, केन्द्रीयमन्त्रिणः अनुशंसायाः अनन्तरमपि ३७ भक्ताः दलालैः वञ्चिताः।
देश के 12 पवित्र ज्योतिर्लिंगों में प्रतिष्ठित भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। कोरोना महामारी के बाद से मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा दर्ज किया जा रहा है।

खंडवा। भगवान ओंकारेश्वर देश के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल हैं और उनके दर्शन के लिए रोजाना हजारों श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंचते हैं। कोरोना महामारी के बाद से यहां आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर प्रशासन ने सामान्य दर्शन के साथ ऑनलाइन वीआईपी दर्शन और प्रोटोकॉल दर्शन की सुविधा भी शुरू कर रखी है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं के बावजूद वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर कथित तौर पर श्रद्धालुओं से अतिरिक्त रकम वसूलने के मामले सामने आने का सिलसिला जारी है।
रविवार को केंद्रीय मंत्री की अनुशंसा के बावजूद 37 श्रद्धालुओं से VIP दर्शन के नाम पर कथित तौर पर अतिरिक्त रकम वसूले जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अब तक किसी भी श्रद्धालु की ओर से इस संबंध में आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
37 श्रद्धालुओं से कुल 25,900 रुपये अतिरिक्त वसूले जाने का दावा।
जानकारी के मुताबिक, 30 अगस्त को गुजरात से 37 श्रद्धालुओं का एक समूह केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया की अनुशंसा लेकर भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचा। समूह के सदस्यों ने मंदिर के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर मुकेश काशिव से मुलाकात की। उस समय मंदिर परिसर में भारी भीड़ मौजूद थी। ऐसे में श्रद्धालुओं को करीब एक घंटे बाद व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने की बात कही गई।
बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे इंतजार करने के बजाय श्रद्धालु कथित तौर पर एक दलाल के संपर्क में आ गए। जल्द दर्शन कराने के आश्वासन पर उन्होंने प्रति व्यक्ति 700 रुपये देने की सहमति जताई। श्रद्धालुओं के मुताबिक, 37 लोगों से कुल 25,900 रुपये लिए गए और इसके बाद उन्हें दर्शन के लिए बैंड उपलब्ध कराए गए।
बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे इंतजार करने के बजाय 37 श्रद्धालु कथित रूप से एक दलाल के संपर्क में आ गए। जल्द दर्शन कराने के आश्वासन पर श्रद्धालुओं ने प्रति व्यक्ति 700 रुपये देने की बात स्वीकार की। श्रद्धालुओं के अनुसार, इस आधार पर उनसे कुल 25,900 रुपये लिए गए और इसके बाद दर्शन के लिए बैंड उपलब्ध कराए गए।
ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था के बीच दलालों की सक्रियता पर उठे सवाल।
ओंकारेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए वीआईपी दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था पहले से संचालित है। मंदिर प्रशासन ने इस संबंध में परिसर में होर्डिंग और बैनर भी लगाए हैं, जिन पर बुकिंग की प्रक्रिया और आवश्यक जानकारी दी गई है। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क का भुगतान कर ऑनलाइन टिकट बुक करने के बाद वीआईपी दर्शन कर सकते हैं।जानकारी के मुताबिक, रोजाना बड़ी संख्या में भक्त निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन वीआईपी दर्शन का लाभ उठाते हैं। वहीं, प्रभावशाली व्यक्तियों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, केंद्रीय मंत्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा अन्य प्रोटोकॉल श्रेणी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग से निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत दर्शन की व्यवस्था रहती है।
श्रद्धालुओं की सुविधा और हित के लिए पारदर्शी दर्शन व्यवस्था की उठी मांग।
ओंकारेश्वर पहुंचने वाला हर भक्त भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन को अपनी आस्था और विश्वास से जोड़ता है। ऐसे में दर्शन के नाम पर कथित रूप से अतिरिक्त या अवैध राशि वसूले जाने की घटनाएं श्रद्धालुओं पर आर्थिक बोझ डालने के साथ-साथ देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार ओंकारेश्वर की प्रतिष्ठा और छवि पर भी असर डाल सकती हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन के लिए जरूरी है कि ऑनलाइन वीआईपी दर्शन, प्रोटोकॉल दर्शन और सामान्य दर्शन की पूरी प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही, निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ओंकारेश्वर संघर्ष समिति ने कलेक्टर ऋषभ गुप्ता से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। समिति का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में श्रद्धालुओं से दर्शन के नाम पर होने वाली कथित अतिरिक्त वसूली को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
(English)
Lord Omkareshwar, one of the country’s 12 revered Jyotirlingas, attracts thousands of devotees every day. Since the COVID-19 pandemic, the number of pilgrims visiting the temple has continued to rise steadily.
Khandwa. Thousands of devotees visit Omkareshwar every day to seek the blessings of Lord Omkareshwar, one of India’s 12 prominent Jyotirlingas. The number of pilgrims visiting the temple has steadily increased since the COVID-19 pandemic. To manage the growing crowd, the temple administration provides regular darshan along with online VIP darshan and protocol darshan facilities. Despite these arrangements, incidents involving the alleged collection of additional money from devotees in the name of VIP darshan continue to surface.
On Sunday, a case came to light in which 37 devotees were allegedly charged an additional amount in the name of VIP darshan despite a recommendation from a Union Minister. Following the incident, the temple trust and administration have initiated an inquiry. However, no official complaint has been filed by any of the devotees so far.
Claim of ₹25,900 Being Collected from 37 Devotees.
According to the information available, a group of 37 devotees from Gujarat arrived at Omkareshwar on August 30 to seek darshan of Lord Omkareshwar, carrying a recommendation from Union Minister Dr. Mansukh Mandaviya. The devotees met Mukesh Kashiv, the deputy collector in charge of the temple. As the temple was witnessing heavy crowds at the time, they were reportedly told that arrangements would be made for them to have an orderly darshan after about an hour.
It is reported that instead of waiting for nearly an hour, the devotees allegedly came into contact with a middleman. They reportedly agreed to pay ₹700 per person after being assured of an early darshan. According to the devotees, a total of ₹25,900 was collected from the 37-member group, following which they were provided darshan bands.
It is reported that instead of waiting for around an hour, the group of 37 devotees allegedly came into contact with a middleman. They reportedly agreed to pay ₹700 per person after being assured of an early darshan. According to the devotees, a total of ₹25,900 was collected from the group, after which they were provided darshan bands.
Questions Raised Over Middlemen’s Activity Despite Online Booking Facility.
An online booking facility for VIP darshan is already available at the Omkareshwar Temple. The temple administration has also installed hoardings and banners on the premises providing information about the official booking process. Devotees can book their tickets online by paying the prescribed fee and avail themselves of VIP darshan.According to the information available, a large number of devotees use the online VIP darshan facility every day after paying the prescribed charges. Apart from this, influential persons, ministers, MPs, MLAs, Union Ministers, administrative officials and other devotees falling under the protocol category are provided darshan according to the prescribed protocol arrangements.
Demand Raised for a Transparent Darshan System in the Interest of Devotees.
Every devotee visiting Omkareshwar considers the darshan of Lord Omkareshwar a deeply spiritual experience rooted in faith and devotion. In such a situation, alleged instances of illegal or additional charges in the name of darshan not only place an extra financial burden on devotees but may also affect the reputation and image of Omkareshwar, one of the country’s prominent religious destinations.
In the interest of devotees, the temple administration needs to make the entire process for online VIP darshan, protocol darshan and regular darshan more transparent and clearly defined. At the same time, an immediate investigation and strict action should be ensured against anyone found collecting more than the prescribed fee within the temple premises.
The Omkareshwar Sangharsh Samiti has urged Collector Rishabh Gupta to order a thorough and impartial inquiry into the matter. The committee has demanded appropriate action against anyone found guilty during the investigation. It has also called for effective measures to prevent alleged unauthorized collection of money from devotees in the name of darshan in the future.
(संस्कृत)
देशस्य द्वादशसु पवित्रज्योतिर्लिङ्गेषु प्रतिष्ठितस्य भगवान् ओंकारेश्वरस्य दर्शनार्थं प्रतिदिनं सहस्रशः भक्ताः आगच्छन्ति। कोरोना-महामार्याः अनन्तरं मन्दिरं प्रति आगच्छतां श्रद्धालूनां संख्या निरन्तरं वर्धमाना अस्ति।
खण्डवा। भारतस्य द्वादशसु प्रमुखज्योतिर्लिङ्गेषु सम्मिलितस्य भगवान् ओंकारेश्वरस्य दर्शनार्थं प्रतिदिनं सहस्रशः श्रद्धालवः ओंकारेश्वरं प्राप्नुवन्ति। कोरोना-महामार्याः अनन्तरं अत्र आगच्छतां भक्तानां संख्या निरन्तरं वर्धिता अस्ति। वर्धमानां भक्तसमूहेषु दृष्ट्वा मन्दिरप्रशासनेन सामान्यदर्शनस्य सह ऑनलाइन-विशिष्टदर्शनस्य तथा प्रोटोकॉल-दर्शनस्य व्यवस्था अपि प्रवर्तिता अस्ति। तथापि एतासु व्यवस्थासु विद्यमानास्वपि विशिष्टदर्शनस्य नाम्ना श्रद्धालुभ्यः अतिरिक्तधनराशेः कथितरूपेण ग्रहणस्य घटनाः निरन्तरं प्रकाशं यान्ति।
रविवासरे केन्द्रीयमन्त्रिणः अनुशंसायाः सत्त्वेऽपि ३७ श्रद्धालुभ्यः विशिष्टदर्शनस्य नाम्ना कथितरूपेण अतिरिक्तधनराशिः गृहीतवती इति प्रकरणं प्रकाशम् आगतम्। प्रकरणस्य सूचना प्राप्ते मन्दिरन्यासेन प्रशासननेन च अस्य विषयस्य अन्वेषणं प्रारब्धम्। तथापि अद्यावधि कस्यापि श्रद्धालोः पक्षतः अस्मिन् विषये आधिकारिकशिकायतां न दत्ता अस्ति।
३७ श्रद्धालुभ्यः कुलतः २५,९०० रुप्यकाणि अतिरिक्ततया गृहीतानि इति दावा।
प्राप्तविवरणानुसार ३० अगस्त-दिने गुजरातराज्यात् ३७ श्रद्धालूनां समूहः केन्द्रीयमन्त्रिणः डॉ. मनसुख-माण्डवियस्य अनुशंसां गृहीत्वा भगवान् ओंकारेश्वरस्य दर्शनार्थम् आगतः। श्रद्धालुसमूहः मन्दिरस्य प्रभारी उपजिलाधिकारी मुकेश काशिवेन सह मिलितवान्। तस्मिन् समये मन्दिरे अत्यधिकजनसमूहो विद्यमानः आसीत्। अतः श्रद्धालुभ्यः प्रायः एकघण्टानन्तरं सुव्यवस्थितरूपेण दर्शनं कारयिष्यामः इति कथितम्।
कथ्यते यत् प्रायः एकघण्टां प्रतीक्षितुं स्थाने श्रद्धालवः कथितरूपेण एकस्य दलालस्य सम्पर्के आगतवन्तः। शीघ्रदर्शनस्य आश्वासनेन ते प्रतिव्यक्तिं ७०० रुप्यकाणि दातुं सम्मताः अभवन्। श्रद्धालूनां कथनानुसारं ३७ जनानां समूहात् कुलतः २५,९०० रुप्यकाणि गृहीत्वा तेभ्यः दर्शनार्थं बन्धानि प्रदत्तानि।
प्राप्तविवरणानुसारं प्रायः एकघण्टां प्रतीक्षितुं स्थाने ३७ श्रद्धालवः कथितरूपेण एकस्य दलालस्य सम्पर्के आगतवन्तः। शीघ्रदर्शनस्य आश्वासनं प्राप्य ते प्रतिव्यक्तिं ७०० रुप्यकाणि दातुं सम्मताः। श्रद्धालूनां कथनानुसारं तेषां समूहात् कुलतः २५,९०० रुप्यकाणि गृहीतानि, ततः तेभ्यः दर्शनार्थं बन्धानि प्रदत्तानि।
ऑनलाइन-आरक्षणव्यवस्थायाः सत्त्वेऽपि दलालानां सक्रियतायां प्रश्नाः उत्थिताः।
ओंकारेश्वरमन्दिरे श्रद्धालूनां कृते विशिष्टदर्शनस्य ऑनलाइन-आरक्षणव्यवस्था पूर्वमेव प्रचलिता अस्ति। मन्दिरप्रशासनेन अस्याः व्यवस्थायाः सम्बन्धे मन्दिरपरिसरे होर्डिङ्ग-पट्टिकाः तथा बैनर-पट्टिकाः अपि स्थापिताः सन्ति, येषु आरक्षणस्य प्रक्रिया आवश्यकसूचनाः च प्रदत्ताः सन्ति। श्रद्धालवः निर्धारितं शुल्कं दत्त्वा ऑनलाइन-माध्यमेन प्रवेशपत्रस्य आरक्षणं कृत्वा विशिष्टदर्शनं कर्तुं शक्नुवन्ति।प्राप्तविवरणानुसारं प्रतिदिनं बहवः श्रद्धालवः निर्धारितं शुल्कं दत्त्वा ऑनलाइन-विशिष्टदर्शनस्य सुविधां प्राप्नुवन्ति। अपरतः प्रभावशालिनः जनाः, मन्त्रिणः, सांसदाः, विधायकाः, केन्द्रीयमन्त्रिणः, प्रशासनिकाधिकारिणः तथा अन्ये प्रोटोकॉल-श्रेण्यां समाविष्टाः श्रद्धालवः निर्धारितप्रोटोकॉलानुसारं दर्शनस्य सुविधां प्राप्नुवन्ति।
श्रद्धालूनां हिताय पारदर्शिनः दर्शनव्यवस्थायाः मागः उत्थापितः।
ओंकारेश्वरं प्रति आगच्छन् प्रत्येकः श्रद्धालुः भगवान् ओंकारेश्वरस्य दर्शनं स्वकीयया श्रद्धया विश्वासेन च सम्बद्धं मन्यते। अतः दर्शनस्य नाम्ना कथितरूपेण अतिरिक्तधनस्य अथवा अवैधधनस्य वसूलिः न केवलं श्रद्धालूनां आर्थिकभारं वर्धयति, अपितु देशस्य प्रमुखेषु धार्मिकस्थलेषु गण्यमानस्य ओंकारेश्वरस्य प्रतिष्ठां छविं च अपि प्रभावितं कर्तुं शक्नोति।
श्रद्धालूनां सुविधां हितं च दृष्ट्वा मन्दिरप्रशासनेन ऑनलाइन-विशिष्टदर्शनस्य, प्रोटोकॉल-दर्शनस्य, सामान्यदर्शनस्य च सम्पूर्णां प्रक्रियां अधिकं स्पष्टां पारदर्शिनीं च कर्तुं आवश्यकम् अस्ति। निर्धारितशुल्कात् अधिकधनराशिं गृह्णतः कस्यापि व्यक्तेः विरुद्धं तत्क्षणं अन्वेषणं कृत्वा कठोरकार्यवाही सुनिश्चितकर्तव्या।
ओंकारेश्वर-सङ्घर्षसमित्याः कलेक्टर ऋषभ गुप्तं प्रति सम्पूर्णप्रकरणस्य निष्पक्षान्वेषणं कारयितुं आग्रहः कृतः। अन्वेषणे यः कश्चित् दोषी इति सिद्ध्यति, तस्य विरुद्धं नियमानुसारं कार्यवाही कर्तुं समित्या आग्रहः कृतः। भविष्ये च दर्शनस्य नाम्ना श्रद्धालुभ्यः कथितरूपेण अतिरिक्तधनवसूलिं निवारयितुं प्रभावी उपायाः क्रियेरन् इति अपि समित्या अपेक्षा व्यक्ता।


