आदिवासी नाबालिग छात्रा और युवती को बहला-फुसलाकर दिल्ली ले जा रहे थे आरोपी, सतर्क परिजनों ने रायगढ़ में दबोचा। Accused Caught in Raigarh While Allegedly Taking Tribal Minor Student and Young Woman to Delhi।आदिवासिन्याः नाबालिकछात्रायाः युवत्याश्च प्रलोभनपूर्वकं देहलीनगरं नयनौ आरोपी रायगढे स्वजनैः गृहीतौ।
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में मानव तस्करी से जुड़ा मामला सामने आया है। सीतापुर थाना क्षेत्र की केरजू पुलिस चौकी के अंतर्गत दो युवक कथित तौर पर 16 वर्षीय आदिवासी नाबालिग छात्रा और 19 वर्षीय युवती को बेहतर रोजगार व अधिक वेतन दिलाने का लालच देकर दिल्ली ले जा रहे थे। इसकी भनक लगते ही परिजन सतर्क हुए और रायगढ़ जिले तक पहुंचकर दोनों युवतियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। बाद में उन्हें पुलिस के सुपुर्द किया गया। मामले में पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में मानव तस्करी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवकों ने आदिवासी समुदाय की एक नाबालिग छात्रा और एक युवती को बेहतर रोजगार तथा अधिक वेतन दिलाने का लालच देकर दिल्ली ले जाने की कोशिश की। स्वजनों को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने सक्रियता दिखाई और रायगढ़ पहुंचकर दोनों युवतियों को ट्रेन में सवार होने से पहले सुरक्षित रोक लिया।मामले की सूचना मिलने पर केरजू पुलिस चौकी ने कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों के खिलाफ मानव तस्करी और अपहरण का प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
प्रकरणं सीतापुर-पुलिसस्थानकस्य केरजू-पुलिसचौकीक्षेत्रस्य अस्ति। प्राप्तविवरणानुसारं ढोढ़ाग्रामनिवासिनी दशमकक्षायां पठन्ती षोडशवर्षीया आदिवासिन्याः नाबालिका छात्रा तथा सरगाग्रामनिवासिनी नवदशवर्षीया युवती च षोडशतारिकातः स्वगृहाभ्यां लुप्ते आस्ताम्। उभयोः अकस्मात् लुप्तयोः सतोः स्वजनैः तयोः अन्वेषणं प्रारब्धं तथा पुलिसं सूचितम्।
दोनों युवतियों के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे थे। बिना किसी को बताए अचानक घर से गायब होने के कारण परिवार की चिंता बढ़ती जा रही थी। इसी बीच तलाश के दौरान स्वजनों को जानकारी मिली कि दोनों युवतियां रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र में मौजूद हैं। यह भी पता चला कि उन्हें वहां से दिल्ली ले जाने की तैयारी की जा रही है। सूचना मिलते ही परिजन तत्काल सक्रिय हुए और उनकी तलाश में रायगढ़ रवाना हो गए।
मिली जानकारी के आधार पर 18 अगस्त को परिजन रायगढ़ जिले के ग्राम केराकछार पहुंचे। वहां उन्होंने दोनों लापता युवतियों को दो युवकों के साथ पाया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों युवक उसी दिन ट्रेन के माध्यम से युवतियों को रायगढ़ से दिल्ली ले जाने की तैयारी में थे। समय रहते स्वजनों ने दोनों को सुरक्षित अपने साथ लिया और केरजू वापस लौट आए। इसके बाद उन्होंने केरजू पुलिस चौकी पहुंचकर घटना की पूरी जानकारी दी और मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।
केरजू पुलिस चौकी में नाबालिग छात्रा और युवती से पूछताछ के दौरान उन्हें दिल्ली ले जाने की कथित योजना का खुलासा हुआ। दोनों ने पुलिस को बताया कि सिहारजोर निवासी विद्याभूषण लकड़ा और रायगढ़ जिले के कापू क्षेत्र के कामोसिनडांड निवासी देवलाल तिग्गा ने उन्हें दिल्ली में बेहतर नौकरी दिलाने और अधिक वेतन मिलने का भरोसा दिलाया था। आरोप है कि इसी लालच में दोनों युवतियों को दिल्ली ले जाने की तैयारी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपितों के कथित झांसे में आने के बाद दोनों युवतियां बिना स्वजनों को बताए घर से निकल गईं और उनके साथ चली गईं। बताया गया कि दोनों युवकों ने उन्हें करीब दो दिनों तक अपने घर में रखा। इसके बाद उन्हें दिल्ली ले जाने की योजना बनाई जा रही थी। हालांकि, समय रहते स्वजनों को इसकी जानकारी मिल गई और उन्होंने दोनों युवतियों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
मामले में नाबालिग के पिता की शिकायत के आधार पर केरजू पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत अपहरण, धारा 143(1)(क) के तहत मानव तस्करी तथा धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केरजू चौकी प्रभारी राजेश्वर महंत ने बताया कि मामले में मानव तस्करी समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित विद्याभूषण लकड़ा और देवलाल तिग्गा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है।
सरगुजा-जशपुर क्षेत्र में आदिवासी युवतियों को दिल्ली और हरियाणा में रोजगार दिलाने के बहाने बाहर ले जाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए पुलिस ने परिवारों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि अनजान व्यक्तियों के नौकरी संबंधी वादों पर बिना जांच भरोसा न करें। बेटियों या परिवार के किसी सदस्य को बाहर काम के लिए भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति, रोजगार और स्थान की पूरी जानकारी जुटाने के साथ पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराया जाए।
English
A suspected human trafficking case has emerged from the Kerju police outpost area under Sitapur police station in Surguja district of Chhattisgarh. Two young men allegedly lured a 16-year-old tribal minor student and a 19-year-old woman with promises of better employment and higher wages and were taking them toward Delhi. After becoming aware of the situation, their families acted swiftly, reached Raigarh district and safely rescued both women before handing them over to the police. Further investigation and action are underway.
Ambikapur. A suspected human trafficking case has been reported from the Sitapur police station area of Surguja district. Two young men allegedly lured a tribal minor student and another young woman with promises of better employment and higher wages and attempted to take them to Delhi. After learning about the situation, their family members acted promptly and intercepted the two in Raigarh district before they could board a train.Following the complaint, Kerju Police Outpost registered a case of human trafficking and kidnapping against the two accused. Both were arrested, produced before the court and subsequently sent to jail.
The incident falls under the Kerju Police Outpost area of Sitapur police station. According to the information available, a 16-year-old tribal minor girl studying in Class 10 and residing in Dhodhagaon, along with a 19-year-old woman from Sarga village, had been missing from their respective homes since August 16. Their families began searching for them after they went missing and informed the police.
The families had been continuously searching for the two women since they went missing. Their sudden disappearance without informing anyone had caused considerable concern among relatives. During the search, the families received information that the two women had been spotted in the Kapu area of Raigarh district and that preparations were reportedly underway to take them to Delhi. Acting promptly on the information, the family members rushed to Raigarh to locate them.
Acting on the information received, the family members reached Kerakachhar village in Raigarh district on August 18. They found both missing women there with two young men. During questioning, it was learned that the two men were allegedly planning to take the women from Raigarh to Delhi by train on the same day. The family members safely brought both women back to Kerju and subsequently approached the Kerju Police Outpost, where they reported the entire incident.
During questioning at the Kerju Police Outpost, the minor girl and the young woman reportedly revealed details of an alleged plan to take them to Delhi. According to their statements, Vidyabhushan Lakra, a resident of Siharjor, and Devlal Tigga from Kamosindand in the Kapu area of Raigarh district had allegedly promised them better jobs and higher salaries in Delhi. The two were reportedly being taken to Delhi after being lured by these offers.
According to the police, the two women allegedly left their homes without informing their families after being lured by the accused and went with them. The two men reportedly kept them at their house for around two days before allegedly planning to take them to Delhi. However, their families learned about the situation in time and managed to bring both women back safely.
Based on a complaint filed by the minor girl’s father, Kerju Police registered a case against both accused. The case has been registered under Section 137(2) of the Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) for kidnapping, Section 143(1)(a) concerning human trafficking, and Section 3(5). Further investigation into the matter is underway.
Kerju Police Outpost in-charge Rajeshwar Mahant said that a case has been registered under provisions related to human trafficking and other applicable sections. Acting on the complaint, police arrested the accused, Vidyabhushan Lakra and Devlal Tigga, and produced them before the court. Both were subsequently sent to jail in judicial custody. A detailed investigation into the case is currently underway.
Cases of tribal women from the Surguja-Jashpur region allegedly being taken to Delhi and Haryana on the pretext of providing employment have surfaced in the past as well. In view of such incidents, police have urged families to remain cautious and not trust unknown persons offering jobs without proper verification. Before sending daughters or other family members outside the region for work, families should verify the person’s credentials, job details and destination, and ensure police verification is completed.
संस्कृत
छत्तीसगढस्य सरगुजामण्डले सीतापुर-पुलिसस्थानकस्य केरजू-पुलिसचौकीक्षेत्रात् मानवव्यापारसम्बद्धं प्रकरणं प्रकाशमागतम्। द्वौ युवकौ षोडशवर्षीयाम् आदिवासिन्याः नाबालिकां छात्रां तथा नवदशवर्षीयां युवतीं च उत्तमकार्यस्य उच्चवेतनस्य च प्रलोभनं दत्त्वा देहलीनगरं नेतुं प्रयतितवन्तौ। विषयस्य सूचना प्राप्त्वा सतर्काः स्वजनाः रायगढमण्डलं प्राप्य उभे युवत्यौ सुरक्षिते अरक्षन् तथा पुलिसाय समर्पितवन्तः। प्रकरणे पुलिसद्वारा अग्रिमान्वेषणं कार्यवाही च क्रियते।
अम्बिकापुरम्। सरगुजामण्डलस्य सीतापुर-पुलिसस्थानकक्षेत्रे मानवव्यापारसम्बद्धं प्रकरणं प्रकाशमागतम्। आदिवासीसमुदायस्य षोडशवर्षीया नाबालिका छात्रा एका च युवती द्वाभ्यां युवकाभ्यां उत्तमकार्यस्य उच्चवेतनस्य च प्रलोभनं दत्त्वा देहलीनगरं नेतुं प्रयत्नः कृतः इति आरोपः अस्ति। विषयस्य सूचना प्राप्त्वा स्वजनाः शीघ्रं सक्रियाः अभवन् तथा रायगढमण्डले रेलयानमारोहणात् पूर्वमेव उभे सुरक्षिते अरक्षितवन्तः।सूचनां प्राप्य केरजू-पुलिसचौकीया मानवव्यापारस्य अपहरणस्य च प्रकरणं पञ्जीकृत्य उभौ युवकौ अगृह्णात्। न्यायालये प्रस्तुतौ अनन्तरं तौ कारागारे प्रेषितौ।
प्रकरणं सीतापुर-पुलिसस्थानकस्य केरजू-पुलिसचौकीक्षेत्रस्य अस्ति। प्राप्तविवरणानुसारं ढोढ़ाग्रामनिवासिनी दशमकक्षायां पठन्ती षोडशवर्षीया आदिवासिन्याः नाबालिका छात्रा तथा सरगाग्रामनिवासिनी नवदशवर्षीया युवती च षोडशतारिकातः स्वगृहाभ्यां लुप्ते आस्ताम्। उभयोः अकस्मात् लुप्तयोः सतोः स्वजनैः तयोः अन्वेषणं प्रारब्धं तथा पुलिसं सूचितम्।
उभयोः युवत्योः लुप्ततायाः अनन्तरं स्वजनाः निरन्तरं तयोः अन्वेषणं कुर्वन्तः आसन्। कस्मैचित् अपि सूचनां न दत्त्वा तयोः सहसा गृहात् निर्गमनात् परिवारजनाः अत्यन्तं चिन्तिताः अभवन्। अन्वेषणकाले स्वजनानां ज्ञातं यत् उभे युवत्यौ रायगढमण्डलस्य कापूक्षेत्रे दृष्टे स्तः तथा च तयोः देहलीनगरं नयनस्य सज्जता क्रियते। सूचनां प्राप्य स्वजनाः शीघ्रं सक्रियाः भूत्वा रायगढं प्रति प्रस्थितवन्तः।
प्राप्तसूचनायाः आधारेण अगस्तमासस्य अष्टादशे दिने स्वजनाः रायगढमण्डलस्य केराकछारग्रामं प्राप्तवन्तः। तत्र ताभ्यां द्वाभ्यां युवकाभ्यां सह उभे लुप्ते युवत्यौ प्राप्ते। पृच्छायां ज्ञातं यत् तौ युवकौ तस्मिन्नेव दिने रायगढात् रेलयानेन युवत्यौ देहलीनगरं नेतुं सज्जौ आस्ताम्। स्वजनैः उभे युवत्यौ सुरक्षितरूपेण केरजूं प्रत्यानीते। ततः केरजू-पुलिसचौकीं गत्वा स्वजनैः सम्पूर्णघटनायाः सूचना दत्ता तथा प्रकरणस्य प्रतिवेदनं पञ्जीकृतम्।
केरजू-पुलिसचौक्याम् नाबालिका-छात्रायाः युवत्याश्च पृच्छां कृत्वा तयोः देहलीनगरं नयनस्य कथितयोजनायाः विवरणं प्राप्तम्। तयोः कथनानुसारं सिहारजोरनिवासी विद्याभूषण लकड़ा तथा रायगढमण्डलस्य कापूक्षेत्रे कामोसिनडांडनिवासी देवलाल तिग्गा च ताभ्यां देहलीनगरे उत्तमकार्यस्य अधिकवेतनस्य च प्रलोभनं दत्तवन्तौ। तयोः प्रलोभनेन उभे युवत्यौ देहलीं नेतुं योजना कृता इति कथितम्।
पुलिसस्य अनुसारं आरोपितयोः कथितप्रलोभनेन प्रभाविते उभे युवत्यौ स्वजनान् अनूक्त्वा गृहात् निर्गत्य ताभ्यां सह गतवत्यौ। तौ युवकौ तयोः द्वयोः युवत्योः स्वगृहे द्वौ दिवसौ यावत् निवासं कारितवन्तौ इति कथ्यते। अनन्तरं तयोः देहलीनगरं नयनस्य योजना कृता आसीत्। किन्तु समये एव स्वजनैः विषयः ज्ञातः तथा उभे युवत्यौ सुरक्षितरूपेण प्रत्यानीते।
नाबालिकायाः पितुः शिकायतायाः आधारेण केरजू-पुलिसद्वारा द्वयोः आरोपितयोः विरुद्धं प्रकरणं पञ्जीकृतम्। भारतीयन्यायसंहितायाः १३७(२) धारायाः अन्तर्गतं अपहरणस्य, १४३(१)(क) धारायाः अन्तर्गतं मानवव्यापारस्य, तथा ३(५) धारायाः अन्तर्गतं प्रकरणं पञ्जीकृत्य पुलिसद्वारा अन्वेषणं प्रारब्धम्।
केरजू-पुलिसचौकीप्रभारी राजेश्वर महन्तः अवदत् यत् प्रकरणे मानवव्यापारसम्बद्धैः अन्यैः च धाराभिः अन्तर्गतं प्रकरणं पञ्जीकृतम् अस्ति। पुलिसद्वारा कार्यवाहीं कृत्वा विद्याभूषण लकड़ा तथा देवलाल तिग्गा इत्येतौ आरोपितौ निगृहीतौ तथा न्यायालये प्रस्तुतौ। न्यायालयस्य आदेशानुसारं उभौ न्यायिकबन्धनाय कारागारे प्रेषितौ। प्रकरणस्य विस्तृतम् अन्वेषणं प्रचलति।
सरगुजा-जशपुरक्षेत्रे आदिवासियुवतीनां देहली-हरियाणयोः रोजगारं प्रदास्यते इति प्रलोभनं दत्त्वा बहिः नयनस्य घटनाः पूर्वमपि प्रकाशं प्राप्तवन्तः। एतादृशघटनानां दृष्ट्या पुलिसद्वारा स्वजनाः विशेषतया सावधानतां कर्तुं प्रेरिताः। पुलिसस्य कथनम् अस्ति यत् अपरिचितजनानां रोजगारसम्बद्धेषु वचनेषु सम्यक् परीक्षणं विना विश्वासः न करणीयः। पुत्रीभ्यः अथवा परिवारस्य सदस्येभ्यः बहिः कार्याय प्रेषणात् पूर्वं सम्बन्धितव्यक्तेः, कार्यस्य, स्थानस्य च पूर्णविवरणं ज्ञात्वा पुलिस-सत्यापनं अवश्यं कारयेत्।


