ग्रामीणों की मंजूरी के बिना नहीं खुलेगी शराब दुकान, मंत्री लखनलाल देवांगन के बयान से आंदोलन पर सियासी घमासान तेज। No Liquor Shop Without Villagers’ Approval: Minister Lakhan Lal Dewangan’s Statement Sparks Political Debate Over the Protest। ग्रामीणजनानाम् अनुमतिं विना मदिरालयं न उद्घाटयिष्यते: मन्त्री लखनलालदेवाङ्गनस्य वक्तव्येन आन्दोलनविषये राजनीतिविवादः तीव्रः अभवत्।
कोरबा के बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। दुकान खोलने के विरोध में आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल आमने-सामने हैं। आबकारी मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि महिलाओं की सहमति नहीं होगी, तो शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। वहीं, पूर्व मंत्री ने सरकार पर आंदोलन और जनदबाव के चलते अपने फैसले से पीछे हटने का आरोप लगाया है।

आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन।
कोरबा: बरबसपुर में शराब दुकान खोलने की योजना के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। गांव की महिलाओं और अन्य ग्रामीणों के लगातार आंदोलन के बाद आबकारी विभाग ने फिलहाल दुकान शुरू करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। वहीं, इस मुद्दे को लेकर आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन और पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के बीच आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजी तेज हो गई है।
रविवार को कोरबा में आयोजित नशामुक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि बरबसपुर में शराब दुकान खोलने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया था। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग के अधिकारी केवल संभावित स्थान का जायजा लेने पहुंचे थे। मंत्री ने कहा कि यदि गांव की महिलाएं शराब दुकान खोलने के पक्ष में नहीं हैं, तो वहां दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाएं फोन पर अपनी बात उनसे साझा कर सकती थीं, ऐसे में आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
आबकारी मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने उनकी मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बरबसपुर के ग्रामीण शराब दुकान खोलने के प्रस्ताव के विरोध में एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं। महिलाओं के सड़क पर उतरने और गांव में लगातार बढ़ते विरोध के दबाव में सरकार को पीछे हटना पड़ा। अग्रवाल ने आरोप लगाया कि अब मंत्री यह कहकर मामले को संभालने की कोशिश कर रहे हैं कि शराब दुकान खोलने को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दुकान खोलने की कोई योजना नहीं थी, तो आबकारी विभाग के अधिकारी बरबसपुर में संभावित स्थान का निरीक्षण करने क्यों पहुंचे थे। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले रामपुर क्षेत्र में शराब दुकान खोलने का प्रयास किया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण वह योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
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इसके बाद बरबसपुर में शराब दुकान शुरू करने की योजना बनाई गई, लेकिन यहां भी ग्रामीणों ने एकजुट होकर इसका कड़ा विरोध किया।
मंत्री लखनलाल देवांगन के बयान के बाद अब लोगों की निगाहें आबकारी विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बरबसपुर में शराब दुकान नहीं खोलने का स्पष्ट और अंतिम फैसला चाहिए।।
English
The proposed opening of a liquor shop in Barbaspur, Korba, has sparked a political confrontation between Excise Minister Lakhan Lal Dewangan and former minister Jai Singh Agrawal. Dewangan stated that the liquor shop would not be opened without the consent of local women. Meanwhile, Agrawal accused the government of backing down from its decision under pressure.
Korba: The villagers’ protest against the proposed opening of a liquor shop in Barbaspur has now turned into a political controversy. Following continued demonstrations by local women and other residents, the Excise Department has temporarily halted the process of opening the shop. Meanwhile, a war of words has intensified between Excise Minister Lakhan Lal Dewangan and former minister Jai Singh Agrawal over the issue.
During a de-addiction programme held in Korba on Sunday, Excise Minister Lakhan Lal Dewangan clarified while speaking to the media that no final decision had been taken to open a liquor shop in Barbaspur. He said that Excise Department officials had only visited the area to inspect a possible location. The minister stated that if the village women were opposed to the liquor shop, it would not be opened there. He also remarked that the women could have conveyed their concerns to him over the phone, and there would have been no need for a protest.
Reacting to the Excise Minister’s statement, former minister Jai Singh Agrawal questioned the minister’s intentions. He said that the residents of Barbaspur were united in their protest against the proposed liquor shop. According to Agrawal, the government was forced to step back after women took to the streets and opposition within the village continued to grow. He alleged that the minister was now trying to manage the situation by claiming that no final decision had been taken to open the shop. Agrawal questioned why Excise Department officials had visited Barbaspur to inspect a possible site if there had been no plan to open a liquor shop. He further alleged that an earlier attempt had been made to open a liquor shop in the Rampur area, but the proposal could not move forward due to strong public opposition.
After this, preparations were made to open a liquor shop in Barbaspur, but the villagers there also united and strongly opposed the move.
Following Minister Lakhan Lal Dewangan’s statement, all eyes are now on the Excise Department’s next move. The villagers say that they do not want mere assurances; they want a clear and final decision confirming that no liquor shop will be opened in Barbaspur.
संस्कृत:
कोरबाजनपदस्य बरबसपुरक्षेत्रे प्रस्तावितस्य मदिरालयस्य उद्घाटनविषये राजनैतिकविवादः तीव्रः अभवत्। आबकारीमन्त्री लखनलालदेवाङ्गनः पूर्वमन्त्री जयसिंहअग्रवालश्च अस्मिन् विषये आमने-सामने स्थितौ। देवाङ्गनः स्पष्टतया उक्तवान् यत् स्थानीयमहिलानां सम्मतिं विना मदिरालयं न उद्घाटयिष्यते। अपरतः जयसिंहअग्रवालः दबाववशात् शासनं स्वनिर्णयात् पश्चात् हटितमिति आरोपम् अकरोत्।
कोरबा: बरबसपुरग्रामे मदिरालयस्य उद्घाटनस्य प्रस्तावस्य विरोधे ग्रामीणजनानाम् आन्दोलनम् अधुना राजनैतिकविवादस्य रूपं प्राप्तवान्। ग्रामस्य महिलाभिः अन्यैश्च ग्रामीणजनैः निरन्तरं कृतस्य आन्दोलनस्य अनन्तरम् आबकारीविभागेन सम्प्रति मदिरालयस्य उद्घाटनप्रक्रिया स्थगिता कृता। अस्मिन् विषये आबकारीमन्त्री लखनलालदेवाङ्गनस्य पूर्वमन्त्रिणा जयसिंहअग्रवालेन च सह वाक्युद्धं तीव्रम् अभवत्।
रविवासरे कोरबानगरे आयोजिते नशामुक्तिकार्यक्रमे उपस्थितः आबकारीमन्त्री लखनलालदेवाङ्गनः पत्रकारैः सह वार्तालापसमये स्पष्टतया उक्तवान् यत् बरबसपुरग्रामे मदिरालयस्य उद्घाटनविषये कश्चन अन्तिमनिर्णयः न कृतः आसीत्। तेन उक्तं यत् आबकारीविभागस्य अधिकारिणः केवलं सम्भावितस्थानस्य निरीक्षणार्थं तत्र गतवन्तः आसन्। मन्त्री अवदत् यत् यदि ग्रामस्य महिलाः मदिरालयस्य उद्घाटनं न इच्छन्ति, तर्हि तत्र मदिरालयः न उद्घाटयिष्यते। सः अपि उक्तवान् यत् महिलाः दूरभाषमाध्यमेन स्वविचारान् तस्मै कथयितुं शक्नुवन्ति स्म, तस्मात् आन्दोलनस्य आवश्यकता न भवेत्।
आबकारीमन्त्रिणः वक्तव्यस्य प्रतिक्रियां दत्त्वा पूर्वमन्त्री जयसिंहअग्रवालः मन्त्रिणः अभिप्राये प्रश्नान् उत्थापितवान्। सः उक्तवान् यत् बरबसपुरग्रामस्य जनाः मदिरालयस्य उद्घाटनप्रस्तावस्य विरोधे एकतया आन्दोलनं कुर्वन्ति। महिलानां मार्गे अवतरणात् ग्रामे च वर्धमानस्य विरोधस्य कारणात् शासनं स्वपदम् पश्चात् नेतुं बाध्यं जातम्। अग्रवालः आरोपम् अकरोत् यत् अधुना मन्त्री “मदिरालयस्य उद्घाटनविषये कश्चन अन्तिमनिर्णयः न कृतः” इति वदन् परिस्थितिं नियन्त्रयितुं प्रयतते। सः प्रश्नम् अकरोत् यत् यदि मदिरालयस्य उद्घाटनस्य कापि योजना नासीत्, तर्हि आबकारीविभागस्य अधिकारिणः बरबसपुरग्रामे सम्भावितस्थानस्य निरीक्षणार्थं किमर्थं गतवन्तः। सः अपि आरोपम् अकरोत् यत् पूर्वं रामपुरक्षेत्रे मदिरालयस्य उद्घाटनस्य प्रयासः कृतः आसीत्, किन्तु स्थानीयजनानां विरोधात् सा योजना अग्रे न गता।
तदनन्तरं बरबसपुरग्रामे मदिरालयस्य उद्घाटनस्य योजना कृता, किन्तु तत्रापि ग्रामीणजनाः एकतया संगठिताः भूत्वा अस्य प्रबलं विरोधम् अकुर्वन्।
मन्त्री लखनलालदेवाङ्गनस्य वक्तव्यानन्तरम् अधुना सर्वेषां दृष्टिः आबकारीविभागस्य अग्रिमनिर्णये स्थिरा अस्ति। ग्रामीणजनाः वदन्ति यत् ते केवलम् आश्वासनं न इच्छन्ति, अपितु बरबसपुरग्रामे मदिरालयं न उद्घाटयिष्यते इति स्पष्टम् अन्तिमं च निर्णयं इच्छन्ति।


