छत्तीसगढ़ में अगस्त से शुरू होगी ई-बस सेवा! 40 इलेक्ट्रिक बसों के साथ कॉलोनियों में दौड़ेंगी 20 मिनी ई-बसें, यात्रियों का सफर बनेगा अधिक सुविधाजनक।Chhattisgarh to Launch 40 E-Buses in August! Twenty Mini E-Buses to Improve Connectivity and Make Colony Travel Easier। छत्तीसगढराज्ये अगस्तमासात् ४० विद्युत्-बसयानानि मार्गेषु धाविष्यन्ति। उपनगरेषु २० लघु-विद्युत्-बसयानानि अपि सञ्चरिष्यन्ति, येन यात्रिकाणां यात्रा अधिका सुगमा भविष्यति।

शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 40 ई-बसों के संचालन की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं।
कोरबा। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्र सरकार से मंजूर 40 ई-बसों के संचालन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इनमें 20 बड़ी ई-बसें, जिनकी लंबाई 9 मीटर होगी, शहर के प्रमुख मार्गों पर चलाई जाएंगी। वहीं, 7 मीटर लंबी 20 ई-मिनी बसें कॉलोनियों और संकरी सड़कों पर संचालित होंगी। इस नई व्यवस्था से शहर के अंदरूनी और दूरस्थ इलाकों तक लोगों को बेहतर, सुविधाजनक और सुलभ सार्वजनिक परिवहन सेवा मिल सकेगी।
अगस्त के आखिर तक शहर में ई-बस सेवा शुरू होने की उम्मीद है। सभी इलेक्ट्रिक बसें प्रतिदिन शहरी और उपनगरीय इलाकों में करीब 400 किलोमीटर की दूरी तय करेंगी। इस नई परिवहन व्यवस्था से विद्यार्थियों, मरीजों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित, किफायती और आरामदायक यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं, डीजल के उपयोग में कमी आने से ईंधन की बचत होगी और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी।
प्रतीक्षा बस स्टैंड में 1.54 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ अत्याधुनिक ई-बस चार्जिंग सब-स्टेशन
दर्री के प्रतीक्षा बस स्टैंड में ई-बसों को चार्ज करने के लिए लगभग 1.54 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा सब-स्टेशन अब लगभग बनकर तैयार हो चुका है। इसके साथ ही ई-बसों के रखरखाव और तकनीकी देखरेख के लिए वर्कशॉप तथा प्रशासनिक भवन का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होते ही अगस्त के आखिर तक ई-बस सेवा शुरू की जा सकती है।
ई-मिनी बसों को खास तौर पर कॉलोनियों और संकरी सड़कों पर बेहतर आवागमन की सुविधा देने के उद्देश्य से शामिल किया गया है। ये बसें रविशंकर शुक्ल नगर, आरपी नगर, एमपी नगर और टीपी नगर के अंदरूनी मार्गों पर आसानी से चल सकेंगी। इससे स्कूली विद्यार्थियों, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पतालों सहित अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचने में अधिक सुविधा मिलेगी।
ई-बस रूट में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और रेलवे स्टेशन को दी गई विशेष प्राथमिकता
नगर निगम ने ई-बसों के संचालन के लिए रूट चार्ट को अंतिम रूप दे दिया है। नई इलेक्ट्रिक बसें नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ बांकीमोंगरा, दीपका, बालको और हरदीबाजार जैसे प्रमुख उपनगरीय इलाकों को भी आपस में जोड़ेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षा बस स्टैंड, पुराना बस स्टैंड और नया बस स्टैंड से नियमित ई-बस सेवाएं संचालित की जाएंगी।
ई-बसों के रूट तय करते समय पीएम स्कूल, पीजी कॉलेज, कमला नेहरू महाविद्यालय, मिनीमाता महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज और रेलवे स्टेशन तक बेहतर पहुंच को विशेष महत्व दिया गया है। इस नई व्यवस्था से विद्यार्थियों को आवागमन में आसानी होगी, वहीं उपचार के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों और रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी सुविधाजनक परिवहन सेवा का लाभ मिलेगा।
एक बार फुल चार्ज होने पर ई-बसें तय करेंगी 200 किलोमीटर तक का सफर
ई-बस सेवा शुरू होने से डीजल और पेट्रोल के उपयोग में कमी आएगी, जिससे वायु प्रदूषण को कम करने में भी सहायता मिलेगी। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के मजबूत होने पर लोगों की निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी। इससे यातायात का दबाव कम होगा और शहर का वातावरण अधिक स्वच्छ, हरित और स्वास्थ्य के अनुकूल बन सकेगा।
ई-बसें एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद करीब 200 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकेंगी। भविष्य में इसी चार्जिंग स्टेशन पर अन्य इलेक्ट्रिक चारपहिया वाहनों के लिए भी चार्जिंग सुविधा शुरू करने की योजना है। इस पहल से शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ परिवहन को भी गति मिलेगी।
48 पुरानी सिटी बसों की होगी नीलामी
नई ई-बस सेवा से शहरवासियों को आधुनिक और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, वहीं नगर निगम की आय में भी अतिरिक्त बढ़ोतरी होने की संभावना है। बसों के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। दूसरी ओर, कोरोना काल से पहले संचालित 48 पुरानी सिटी बसों की नीलामी की तैयारी की जा रही है, ताकि नई ई-बसों के संचालन और पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जा सके।
ई-बस सेवा से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने की संभावना
शहर में लंबे समय से सार्वजनिक परिवहन के सीमित विकल्प के कारण लोगों को निजी वाहनों, आटो और अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई बस सेवा शुरू होने के बाद नियमित यात्रा करने वाले लोगों को एक व्यवस्थित विकल्प मिलने की उम्मीद है। खासकर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना बाजार आने-जाने वालों का समय और खर्च दोनों कम हो सकते हैं।
यदि ई-बसों की समय-सारिणी और निर्धारित ठहराव की व्यवस्था सुचारु व प्रभावी रही, तो विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को एक ही स्थान पर बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से राहत मिल सकती है। सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का विस्तार होने से प्रमुख सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या घटने और यातायात के दबाव में कमी आने की भी उम्मीद है।
ई-बस सेवा शुरू करने की दिशा में कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। चार्जिंग सब-स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि प्रशासनिक भवन और वर्कशॉप का काम भी जल्द पूर्ण होने की उम्मीद है। 40 ई-बसों के बेड़े में 20 ई-मिनी बसें शामिल हैं, जिनके संचालन से कॉलोनियों और शहर के अंदरूनी मार्गों तक आवागमन अधिक सुगम होगा। रूट चार्ट भी तैयार कर लिया गया है, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन और आसपास के कोयला क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। ई-बस सेवा शुरू होने के बाद शहरवासियों को सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन की बेहतर सुविधा मिलेगी।— राकेश मसीह, कार्यपालन अभियंता, नगर निगम
English
Preparations for operating the 40 e-buses approved by the Central Government are now in their final stage, aiming to make the city’s public transport system modern, convenient, and environmentally friendly.
Korba: A major initiative is underway to make the city’s public transport system modern, convenient, and environmentally friendly. Preparations to operate the 40 e-buses approved by the Central Government have now reached their final stage. Of these, 20 large e-buses, each measuring 9 metres in length, will operate on the city’s major routes. Meanwhile, 20 e-mini buses, each 7 metres long, will run through residential colonies and narrow roads. The new transport system is expected to provide better, easier, and more accessible public transportation to the city’s inner and remote areas.
The e-bus service is expected to begin in the city by the end of August. All the electric buses will collectively cover around 400 kilometres every day across urban and suburban areas. The new transport system will offer students, patients, employees, and the general public a safe, affordable, and comfortable travel option. It will also reduce diesel consumption, save fuel, and help lower air pollution.
State-of-the-Art E-Bus Charging Substation Built at Pratiksha Bus Stand at a Cost of ₹1.54 Crore
The construction of a charging substation for e-buses at the Pratiksha Bus Stand in Darri, being developed at an estimated cost of ₹1.54 crore, is nearly complete. Meanwhile, the construction of a workshop and an administrative building for the maintenance and operational management of the e-buses has also entered its final phase. According to officials, the e-bus service may be launched by the end of August once all the required arrangements are completed.
The e-mini buses have been introduced specifically to improve connectivity in residential colonies and on narrow roads. These buses will be able to operate smoothly on the inner routes of Ravishankar Shukla Nagar, RP Nagar, MP Nagar, and TP Nagar. This initiative will make it easier for schoolchildren, senior citizens, and patients to reach hospitals and other essential destinations.
Schools, Colleges, Hospitals, and Railway Stations Given Top Priority in E-Bus Routes
If the e-bus schedule and designated stopping arrangements are managed efficiently, passengers travelling from different areas may get relief from the inconvenience of changing vehicles repeatedly at the same location. As the public transport network expands, the number of private vehicles on major roads may decrease, helping reduce traffic congestion and ease the overall traffic pressure.
Work is progressing rapidly towards the launch of the e-bus service. The charging substation is nearly ready, while the construction of the administrative building and workshop is also expected to be completed soon. The fleet of 40 e-buses includes 20 e-mini buses, which will improve connectivity to residential colonies and the city’s inner routes. The route chart has also been finalized, with special priority given to schools, colleges, hospitals, the railway station, and nearby coal-producing areas. Once the e-bus service begins, city residents will have access to safer, more affordable, and environmentally friendly public transportation.— Rakesh Masih, Executive Engineer, Municipal Corporation
संस्कृत:
नगरस्य सार्वजनिक-परिवहनव्यवस्थां आधुनिकां, सुगमां पर्यावरणानुकूलां च कर्तुं केन्द्रसर्वकारेण अनुमोदितानां ४० विद्युत्-बसयानानां सञ्चालनस्य सज्जताः अधुना अन्तिमचरणं प्राप्ताः सन्ति।
कोरबा। नगरस्य सार्वजनिक-परिवहनव्यवस्थां आधुनिकां, सुगमां पर्यावरणानुकूलां च कर्तुं महत्त्वपूर्णं पादक्षेपं क्रियते। केन्द्रसर्वकारेण अनुमोदितानां ४० विद्युत्-बसयानानां सञ्चालनस्य सज्जताः अधुना अन्तिमचरणं प्राप्ताः सन्ति। तासु ९ मीटर-दीर्घाः २० बृहद्-विद्युत्-बसयानानि नगरस्य प्रमुखमार्गेषु सञ्चरिष्यन्ति। अपरतः ७ मीटर-दीर्घाः २० लघु-विद्युत्-बसयानानि आवासीय-क्षेत्रेषु संकीर्णमार्गेषु च धाविष्यन्ति। एतया नवीनया व्यवस्थया नगरस्य आन्तरिकेषु दूरस्थेषु च क्षेत्रेषु जनानां कृते अधिका सुगमा सुलभा च सार्वजनिक-परिवहनसेवा उपलब्धा भविष्यति।
अगस्तमासस्य अन्त्यपर्यन्तं नगरे विद्युत्-बससेवायाः आरम्भः सम्भाव्यते। सर्वाणि विद्युत्-बसयानानि प्रतिदिनं नगरीयेषु उपनगरीयेषु च क्षेत्रेषु प्रायः ४०० किलोमीटरपरिमितां दूरीं गमिष्यन्ति। एतया नवीनया परिवहनव्यवस्थया छात्रेभ्यः, रोगिभ्यः, कर्मचारिभ्यः सामान्यजनानां च कृते सुरक्षितः, मितव्ययी, सुविधाजनकः च यात्राविकल्पः उपलब्धः भविष्यति। तेन डीजल-इन्धनस्य उपभोगः न्यूनः भविष्यति तथा वायुप्रदूषणस्य अपि न्यूनीकरणे सहायता भविष्यति।
प्रतीक्षा-बसस्थानके १.५४ कोटि-रूप्यकाणां व्ययेन अत्याधुनिकं विद्युत्-बसयान-भारण-उपकेन्द्रं निर्मितम्।
दर्री-स्थिते प्रतीक्षा-बसस्थानके विद्युत्-बसयानानां भारणार्थं प्रायः १.५४ कोटि-रूप्यकाणां व्ययेन निर्मीयमाणस्य उपकेन्द्रस्य निर्माणकार्यं प्रायः सम्पन्नं जातम्। तथैव विद्युत्-बसयानानां परिरक्षणाय तकनीकी-परिचर्यायै च कार्यशालायाः प्रशासनिक-भवनस्य च निर्माणकार्यं अपि अन्तिमचरणं प्राप्तम्। अधिकारिणां मते सर्वासु आवश्यक-व्यवस्थासु पूर्णतां गतासु अगस्तमासस्य अन्त्यपर्यन्तं विद्युत्-बससेवा आरब्धुं शक्यते।
ई-लघुबसयानानि विशेषतया आवासीय-क्षेत्रेषु संकीर्णमार्गेषु च सुगम-यातायातस्य सुविधां प्रदातुं समाविष्टानि सन्ति। एतानि बसयानानि रविशङ्करशुक्लनगरस्य, आरपी-नगरस्य, एमपी-नगरस्य तथा टीपी-नगरस्य आन्तरिकमार्गेषु सुगमतया सञ्चरितुं समर्थानि भविष्यन्ति। अनेन विद्यालयीय-छात्राणां, वृद्धजनानां रोगिणां च चिकित्सालयान् अन्यानि आवश्यकस्थानानि च प्रति गमने अधिका सुविधा भविष्यति।
विद्युत्-बसयानमार्गेषु विद्यालयाः, महाविद्यालयाः, चिकित्सालयाः तथा रेलस्थानकानि विशेषप्राथमिकतया समाविष्टानि।
नगरनिगमेन विद्युत्-बसयानानां सञ्चालनार्थं मार्ग-योजनापत्रं अन्तिमरूपेण सज्जीकृतम्। नवीनानि विद्युत्-बसयानानि नगरनिगम-क्षेत्रं बांकीमोंगरा, दीपका, बालको तथा हरदीबाजार इत्यादिभिः प्रमुखोपनगरीय-क्षेत्रैः सह संयोजयिष्यन्ति। यात्रिकाणां सुविधार्थं प्रतीक्षा-बसस्थानकात्, पुरातन-बसस्थानकात् तथा नवीन-बसस्थानकात् नियमित-विद्युत्-बससेवाः सञ्चालिताः भविष्यन्ति।
विद्युत्-बसयानानां मार्गनिर्धारणसमये पीएम-विद्यालयः, पीजी-महाविद्यालयः, कमला-नेहरू-महाविद्यालयः, मिनीमाता-महाविद्यालयः, चिकित्सामहाविद्यालयः तथा रेलस्थानकम् इत्येतेषु स्थानेषु सुगम-सम्पर्कस्य व्यवस्थायै विशेषं महत्त्वं दत्तम्। एतया नवीनया परिवहनव्यवस्थया छात्राणां गमनागमनं सुकरं भविष्यति, तथा उपचारार्थं चिकित्सालयं गच्छतां रोगिणां रेलयात्रिकाणां च कृते सुविधाजनका परिवहनसेवा अपि उपलब्धा भविष्यति।
एकवारं पूर्णतया विद्युत्-भारणं कृत्वा बसयानानि २०० किलोमीटरपर्यन्तं यात्रां करिष्यन्ति।
विद्युत्-बससेवायाः आरम्भेण डीजल-पेट्रोलयोः उपभोगः न्यूनः भविष्यति, येन वायुप्रदूषणस्य नियन्त्रणाय अपि सहायता भविष्यति। सार्वजनिक-परिवहनव्यवस्थायाः सुदृढीकरणेन जनानां निजवाहनेषु निर्भरता अपि न्यूना भविष्यति। अनेन यातायातस्य भारः न्यूनः भविष्यति तथा नगरस्य वातावरणं अधिकं स्वच्छं, हरितं स्वास्थ्यकरं च भविष्यति।
विद्युत्-बसयानानि एकवारं पूर्णतया विद्युत्-भारणं कृत्वा प्रायः २०० किलोमीटरपर्यन्तं यात्रां कर्तुं समर्थानि भविष्यन्ति। भविष्ये अस्मिन्नेव भारणकेन्द्रे अन्येषां विद्युत्-चतुःचक्रवाहनानामपि विद्युत्-भारणस्य सुविधा प्रदातुं योजना अस्ति। एतया पहलया नगरे विद्युत्-वाहनानां उपयोगः प्रोत्साहितः भविष्यति तथा स्वच्छ-परिवहनस्य अपि विकासः भविष्यति।
नवीनया विद्युत्-बससेवया नगरवासिभ्यः आधुनिकतरा उत्तमा च सार्वजनिक-परिवहनसुविधा प्राप्स्यते, तथा नगरनिगमस्य अतिरिक्तायस्य वृद्धेः अपि सम्भावना वर्तते। बसयानानां सञ्चालनात्, परिरक्षणात् तथा प्रबन्धनात् स्थानीयस्तरे रोजगारस्य नवीनाः अवसराः अपि सृज्यन्ते। अपरतः कोरोना-महामारीकालात् पूर्वं सञ्चालितानां ४८ पुरातन-नगरबसयानानां नीलामस्य सज्जता क्रियते, येन नवीनानां विद्युत्-बसयानानां सञ्चालनाय स्थापनाय च पर्याप्तं स्थानम् उपलब्धं भवेत्।
विद्युत्-बससेवया निजवाहनेषु निर्भरता न्यूनभविष्यतीति अपेक्षा।
यदि विद्युत्-बसयानानां समयसारिणी तथा निर्धारित-विश्रामस्थानानां व्यवस्था सुचारुरूपेण प्रभाविरूपेण च सञ्चालिता भविष्यति, तर्हि विविधक्षेत्रेभ्यः आगच्छन्तः यात्रिकाः एकस्मिन् स्थाने पुनः पुनः वाहनपरिवर्तनस्य समस्यायाः राहतिं प्राप्स्यन्ति। सार्वजनिक-परिवहनजालस्य विस्तारात् प्रमुखमार्गेषु निजवाहनानां संख्या न्यूनभविष्यति तथा यातायातस्य दबावः अपि न्यूनीभविष्यतीति अपेक्षा अस्ति।


