एमपी से छत्तीसगढ़ भेजी जा रही शराब तस्करी का यूपी में पर्दाफाश, पुलिस पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे। UP Police Bust MP-to-Chhattisgarh Liquor Smuggling Racket; Shocking Revelations Emerge During Interrogation। मध्यप्रदेशात् छत्तीसगढं प्रति मद्यस्य अवैधतस्करी उत्तरप्रदेशे उद्घाटिता, पुलिसप्रश्नोत्तरे च विस्मयजनकाः तथ्याः प्रकाशं गताः।

मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ पहुंचाई जा रही अवैध शराब की खेप सोनभद्र में पकड़ी गई, आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में अनपरा थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने एक महिंद्रा जाइलो कार से करीब 20 पेटियों में रखी 1,000 अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद कीं, जिनकी कुल मात्रा लगभग 180 लीटर बताई जा रही है। शराब की तस्करी के इस अलग तरीके और राज्यों के बीच कीमतों के अंतर का फायदा उठाने की योजना देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
सुनसान क्षेत्र में संदिग्ध हालत में मिला चालक, पुलिस ने लिया हिरासत में।
अनपरा थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव के निर्देशन में उपनिरीक्षक अशोक सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ नियमित गश्त पर निकले थे। इसी दौरान बैरपान मार्ग से अनपरा की ओर जाते समय ग्राम करहिया स्थित बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास एक संदिग्ध जाइलो वाहन खड़ा नजर आया। शक होने पर पुलिस ने वाहन की जांच की। तलाशी के दौरान चालक सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम मकबूल खान बताया।
सस्ती कीमत पर शराब खरीदकर उसे पड़ोसी राज्य में अधिक दामों पर बेचने की योजना बनाई गई थी।
पकड़ा गया आरोपी मकबूल खान छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले (सनावल थाना क्षेत्र) के ग्राम कुल्डीह का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि वह मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले स्थित विंध्यनगर थाना क्षेत्र (जयंत चौकी अंतर्गत दुद्धीचुआ) की एक शराब दुकान से कम कीमत पर शराब खरीदता था। इसके बाद वह इसे सीमा पार ले जाकर अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों में ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाता था।
आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई, जबकि तस्करी में इस्तेमाल वाहन को सीज कर दिया गया।
पुलिस ने बरामद अवैध शराब के साथ तस्करी में इस्तेमाल की जा रही जाइलो कार को भी कब्जे में ले लिया है। मामले में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी का चालान किया गया और उसे न्यायालय में पेश किया गया। वहीं, तस्करी में प्रयुक्त वाहन को सीज कर दिया गया है।
English
Anpara Police in Uttar Pradesh’s Sonbhadra district have uncovered a major case of illegal liquor smuggling. Around 1,000 bottles of Indian-made foreign liquor, packed in nearly 20 cartons and totaling approximately 180 litres, were seized from a Mahindra Xylo vehicle. The unusual method used for smuggling and the alleged attempt to exploit price differences between states reportedly surprised police officials.
The suspicious driver was apprehended from a deserted area.
Under the supervision of Anpara Station House Officer Pranay Prasun Srivastava, Sub-Inspector Ashok Singh and his team were conducting routine patrol duty. While travelling towards Anpara via the Bairpan route, they spotted a suspicious Mahindra Xylo parked near Saddam’s closed brick kiln in Karahiya village. Acting on suspicion, the police team searched the vehicle. During questioning, the man seated in the driver’s seat identified himself as Maqbool Khan.
The plan was to buy the liquor at a lower price and sell it in the neighbouring state at nearly double the rate.
The arrested accused, Maqbool Khan, is a resident of Kuldih village in the Sanawal police station area of Balrampur district, Chhattisgarh. During police questioning, it was revealed that he allegedly purchased liquor at lower prices from a liquor shop in Duddhichua, under the Jayant police outpost in the Vindhyanagar police station area of Singrauli district, Madhya Pradesh. He then allegedly transported the liquor across the state border and sold it at higher prices in his village and nearby areas to earn illegal profits
Legal action was initiated against the accused, and the vehicle used in the alleged smuggling was seized and impounded.
The police seized the recovered illegal liquor and the Mahindra Xylo allegedly used for smuggling, and registered a case under the relevant legal provisions. After completing the required legal formalities, the accused was produced before the court, while the vehicle was impounded.
संस्कृत:
उत्तरप्रदेशस्य सोनभद्रजनपदे अनपराथानापुलिसेन अवैध-मद्यतस्करीसम्बद्धस्य विशालस्य प्रकरणस्य उद्घाटनं कृतम्। महिन्द्रा-जाइलो-वाहनात् प्रायः विंशतिपेटिकासु स्थापिताः सहस्रं मद्यशीशीः, यासां कुलपरिमाणं प्रायः १८० लीटरमितम् आसीत्, जप्ताः। मद्यतस्कर्याः असाधारणः उपायः तथा राज्ययोः मूल्यभेदस्य लाभग्रहणस्य योजना दृष्ट्वा पुलिस-अधिकारीणोऽपि विस्मिताः अभवन्।
सन्दिग्धः चालकः निर्जनप्रदेशात् गृहीतः।
अनपराथानाध्यक्षस्य निरीक्षकस्य प्रणयप्रसूनश्रीवास्तवस्य मार्गदर्शने उपनिरीक्षकः अशोकसिंहः स्वदलसमेतः नियमितगश्तकार्ये नियुक्तः आसीत्। तस्मिन् समये बैरपानमार्गेण अनपरानगरस्य दिशि गच्छन् ग्राम-करहियायां सद्दामस्य बन्दस्य इष्टकाभट्टस्य समीपे एकं सन्दिग्धं जाइलो-वाहनं स्थितं दृष्टवान्। संशयवशात् पुलिसदलेन वाहनस्य तलाशी कृता। पृष्टः चालकासनस्थः पुरुषः स्वनाम मकबूलखान इति उक्तवान्।
अल्पमूल्येन मद्यं क्रीत्वा समीपस्थराज्ये द्विगुणमूल्येन विक्रयणस्य योजना आसीत्।
गृहीतः आरोपी मकबूलखानः छत्तीसगढ़राज्यस्य बलरामपुरजनपदस्य सनावलथानाक्षेत्रान्तर्गतस्य कुल्डीहग्रामस्य निवासी अस्ति। पुलिसेन कृते पृच्छाप्रश्ने ज्ञातं यत् सः मध्यप्रदेशस्य सिंगरौलीजनपदे विंध्यनगरथानाक्षेत्रस्य जयंतचौकी-अन्तर्गतस्थात् दुद्धीचुआप्रदेशस्य मद्यविक्रयालयात् न्यूनमूल्येन मद्यं क्रीणाति स्म। ततः सः तन्मद्यं राज्यसीमां पारं छत्तीसगढ़राज्यं नीत्वा स्वग्रामे समीपवर्तिषु च क्षेत्रेषु अधिकमूल्येन विक्रयन् अवैधं लाभं प्राप्नोति स्म।
आरोपिणः विरुद्धं विधिसम्मतं कार्यवाहीं कृत्वा तस्कर्यां प्रयुक्तं वाहनं जप्त्वा सीलितं कृतम्।
पुलिसदलेन बरामदं अवैधमद्यं तस्कर्यां प्रयुक्तं जाइलो-वाहनं च स्वाधीनं कृत्वा सम्बद्धविधिधारासु प्रकरणं पञ्जीकृतम्। आवश्यकविधिककार्यवाह्याः अनन्तरम् आरोपिणः चालानं कृत्वा सः न्यायालये प्रस्तुतः, वाहनं तु सीलितं कृतम्।


