रायगढ़ पुलिस ने सुलझाई ट्रेलर चोरी की गुत्थी300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर रायगढ़ पुलिस ने ट्रेलर चोरी के मामले का पर्दाफाश किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है।Raigarh Police Crack Trailer Theft CaseRaigarh Police solved a trailer theft case by examining footage from nearly 300 CCTV cameras. Three suspected members of a theft gang were arrested in connection with the crime। त्रिशतैः सीसीटीवी-कैमेरैः ट्रेलर-चौर्यस्य रहस्योद्घाटनम्रायगढ़-पुलिसया त्रिशतानां सीसीटीवी-कैमेरैः प्राप्तानि दृश्यचित्राणि परीक्ष्य ट्रेलर-चौर्यस्य प्रकरणं प्रकाशितम्। अस्मिन् प्रकरणे त्रयः कुशलाः चौराः गृहीताः।
10 दिन में खुला ट्रेलर डाला चोरी का राजरायगढ़ के सीएमओ तिराहा से ट्रेलर का डाला चोरी होने की वारदात का पुलिस ने महज 10 दिनों में खुलासा कर दिया। जांच के दौरान 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने बिलासपुर के बेलतरा से करीब 13 लाख रुपये मूल्य का चोरी हुआ डाला और इंजन बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, चोरी का सामान खरीदने वाला आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

सीसीटीवी ने खोली चोरों की पूरी करतूतरायगढ़। चोरों को भरोसा था कि रात का अंधेरा, सुनसान कच्चे रास्ते और टोल से बचने की कोशिश उन्हें पुलिस की पकड़ से दूर रखेगी। लेकिन शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों ने उनकी हर गतिविधि का सुराग जोड़ दिया। सीएमओ तिराहा से चोरी किए गए ट्रेलर डाला को इंजन से जोड़कर रायपुर ले जाते समय आरोपियों ने रास्ता साफ रखने के लिए आगे एक नीली कार को पायलट के तौर पर भेजा था।
नीली कार बनी सुराग, 10 दिन में खुला चोरी का राजकोतवाली पुलिस ने जांच के दौरान नीली कार को अहम सुराग मानकर 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से पड़ताल की। लगातार दस दिनों की जांच के बाद पुलिस ने ट्रेलर डाला चोरी की पूरी वारदात का पर्दाफाश कर दिया। जांच में पता चला कि चोरी का डाला रायपुर में 4 लाख 30 हजार रुपये में बेचा गया था। पुलिस ने इसे बिलासपुर के ग्राम बेलतरा से इंजन समेत बरामद कर लिया। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि डाला खरीदने वाला आरोपी अभी फरार है।
किनारे खड़ा ट्रेलर डाला हुआ चोरीरायगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड निवासी 41 वर्षीय धीरज कुमार सिंह ने 2 अगस्त 2026 को कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि ट्रेलर क्रमांक IG6 12 BK 3140 का इंजन बजरंग मोटर परिसर में रखा था, जबकि उसका डाला/ट्रीप उर्दना बैरियर से सीएमओ तिराहा के बीच सड़क किनारे खड़ा किया गया था। 27 जुलाई की शाम करीब 4 बजे डाला वहीं खड़ा किया गया था। अगले दिन 28 जुलाई को सुबह करीब 8 बजे जब धीरज मौके पर पहुंचे, तो वहां से डाला गायब था।
रायगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड निवासी 41 वर्षीय धीरज कुमार सिंह ने 2 अगस्त 2026 को कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि ट्रेलर क्रमांक IG6 12 BK 3140 का इंजन बजरंग मोटर परिसर में रखा था, जबकि उसका डाला/ट्रीप उर्दना बैरियर से सीएमओ तिराहा के बीच सड़क किनारे खड़ा किया गया था। 27 जुलाई की शाम करीब 4 बजे डाला वहीं खड़ा किया गया था। अगले दिन 28 जुलाई को सुबह करीब 8 बजे जब धीरज मौके पर पहुंचे, तो वहां से डाला गायब था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम गठित कर दी। टीम ने घटनास्थल के आसपास लोगों से पूछताछ करने के साथ सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। वारदात रात में होने के कारण चोरी किए गए डाला की तस्वीर फुटेज में साफ नजर नहीं आ रही थी। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग वाहनों की आवाजाही और उनके संभावित रूट को आपस में जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ाया।
300 CCTV फुटेज और नीली कार से खुला चोरी का राज
करीब 300 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के दौरान पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगा। रिकॉर्डिंग में चोरी किया गया डाला ट्रेलर क्रमांक CG 13 AS 8857 के इंजन से जुड़ा हुआ दिखाई दिया। उसके आगे CG 13 BA 7639 नंबर की नीली कार चलती नजर आई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आशंका जताई कि नीली कार चोरी के ट्रेलर को रास्ता दिखाते हुए पायलट वाहन की भूमिका निभा रही थी।
सीसीटीवी ट्रैक से रायपुर तक पहुंची पुलिसनीली कार और ट्रेलर की गतिविधियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने दोनों वाहनों के गुजरने वाले हर रास्ते की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग बारी-बारी से जांची। इससे चोरी के बाद डाला किस रास्ते से रायपुर पहुंचा, इसकी पूरी कड़ी पुलिस के हाथ लग गई। इसके बाद पुलिस ने जसविन्दर सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने पवनदीप सिंह और संदीप कुमार खत्री के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों के मुताबिक, 27 जुलाई की रात करीब 2:30 बजे डाला चोरी किया गया। इसके बाद उसे ट्रेलर के इंजन से जोड़कर रायपुर ले जाया गया, जहां चोरी के डाला का सौदा 4 लाख 30 हजार रुपये में किया गया।
रायगढ़ से उड़ाया डाला, रायपुर में किया सौदा
चोरी का डाला बरामद, तीन आरोपी न्यायिक रिमांड परपूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि चोरी किया गया डाला रायपुर के मोहबा नगर, थाना कबीरनगर निवासी हरचरण सिंह सरदार को 4 लाख 30 हजार रुपये में बेचा गया था। उसकी बताई जगह पर डाला इंजन समेत बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बेलतरा में रखा गया था। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बेलतरा में दबिश देकर डाला और इंजन दोनों बरामद कर लिए। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजे गएपुलिस ने मामले में जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल (26), पिता कलवन्त सिंह, निवासी बोइरदादर, मां बिहार कॉलोनी, चक्रधरनगर, रायगढ़; पवनदीप सिंह (32), पिता अवतार सिंह, निवासी भगवानपुर, थाना कोतरारोड़, रायगढ़; और संदीप कुमार खत्री (29), पिता अशोक कुमार खत्री, निवासी मंगलूडीपा, थाना कोतरारोड़, रायगढ़ को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
4.30 लाख में बेचा चोरी का डाला, बिलासपुर से पुलिस ने बरामद किया
4.30 लाख में हुआ चोरी के डाला का सौदा, बिलासपुर से 13 लाख का माल बरामदपूछताछ में आरोपितों ने खुलासा किया कि चोरी किए गए डाला को रायपुर के मोहबा नगर, थाना कबीरनगर निवासी हरचरण सिंह सरदार को 4 लाख 30 हजार रुपये में बेच दिया गया था। उसके निर्देश पर चोरी का डाला इंजन समेत बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलतरा में रखा गया था। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने बेलतरा में दबिश देकर चोरी का ट्रेलर डाला और इंजन बरामद कर लिया। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई गई है।
चोरी के दौरान पायलटिंग में इस्तेमाल कार और मोबाइल जब्त
पुलिस ने चोरी के ट्रेलर को रास्ता दिखाने के लिए इस्तेमाल की गई नीले रंग की कार क्रमांक CG 13 BA 7639 को जसविन्दर सिंह के कब्जे से जब्त किया है। कार की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा, वारदात से जुड़ी आपसी बातचीत की जांच के लिए पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
तीनों आरोपी ड्राइविंग से जुड़े, एक का पुराना चोरी का रिकॉर्ड
ड्राइविंग का अनुभव बना चोरी का जरिया, खरीदार की तलाश जारीपुलिस की जांच में पता चला कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी ड्राइविंग के काम से जुड़े हैं। वाहनों और अलग-अलग रास्तों की जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने कथित तौर पर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी संदीप कुमार खत्री करीब दो महीने पहले मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। वहीं, चोरी का डाला खरीदने वाला रायपुर के मोहबा नगर, कबीरनगर निवासी हरचरण सिंह सरदार फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
हाईवे से बचकर कच्चे रास्ते के जरिए रायपुर पहुंचे
हाईवे से बचकर कच्चे रास्तों से रायपुर पहुंचे, आरटीओ रिकॉर्ड से खुली पहचानजांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस की निगरानी और टोल रिकॉर्ड से बचने के लिए मुख्य हाईवे का इस्तेमाल नहीं किया। चोरी के डाला को लेकर वे बाईपास और कच्चे रास्तों के जरिए रायपुर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से वाहन की लोकेशन रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र तक ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस ने ट्रेलर क्रमांक CG 13 AS 8857 के आधार पर आरटीओ रिकॉर्ड की जांच की। दस्तावेजों से वाहन मालिक की पहचान 26 वर्षीय जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल, पिता कलवन्त सिंह, निवासी बोइरदादर, मां बिहार कॉलोनी, चक्रधरनगर, रायगढ़ के रूप में हुई।
English
Trailer Body Theft Case Cracked in 10 DaysPolice in Raigarh solved the theft of a trailer body from CMO Tiraha within just 10 days after examining footage from more than 300 CCTV cameras. The stolen trailer body and engine, valued at around ₹13 lakh, were recovered from Beltara in Bilaspur. Three accused have been arrested, while the alleged buyer is still absconding.
CCTV Trail Exposes the Thieves’ RouteRaigarh. The thieves believed that darkness, deserted dirt roads and avoiding toll routes would help them escape police detection. However, CCTV cameras installed across the city traced their movements and revealed the entire route. After stealing the trailer body from CMO Tiraha and attaching it to an engine to transport it towards Raipur, the accused allegedly used a blue car as a pilot vehicle ahead of them.
Blue Car Leads Police to Trailer Theft GangThe Kotwali Police treated the blue car as a key lead and examined more than 300 CCTV recordings. After a 10-day investigation, the police cracked the entire trailer body theft case. Investigators found that the stolen trailer body had been sold in Raipur for ₹4.30 lakh. It was later recovered along with the engine from Beltara village in Bilaspur. Three accused have been arrested, while the alleged buyer remains absconding.
Trailer Body Stolen While Parked by RoadsideDheeraj Kumar Singh, 41, a resident of Transport Nagar near Sarangarh Bus Stand in Raigarh, filed a theft complaint at Kotwali Police Station on August 2, 2026. He told the police that the engine of trailer number IG6 12 BK 3140 was kept inside Bajrang Motors, while its trailer body was parked along the roadside between Urdana Barrier and CMO Tiraha. The trailer body had been parked there around 4 pm on July 27. When Singh reached the spot at around 8 am the next morning, July 28, he found that the trailer body was missing.
Vehicle Routes Helped Police Connect the CluesBased on the complaint, police registered a case under Section 303(2) of the BNS and began the investigation. Considering the seriousness of the case, Kotwali Station House Officer Inspector Amit Tiwari deployed a police team to trace the suspects. Investigators questioned people in the vicinity and examined CCTV footage from nearby locations. Since the theft occurred at night, the stolen trailer body was not clearly visible in the recordings. Police therefore tracked vehicle movements and linked their routes to piece together the sequence of events.
300 CCTV Recordings and a Blue Car Became the Breakthrough Clues
Blue Car Emerges as Key Clue in Trailer TheftWhile examining more than 300 CCTV recordings, police found a crucial lead. The footage showed the stolen trailer body attached to the engine of trailer number CG 13 AS 8857. A blue car bearing registration number CG 13 BA 7639 was seen travelling ahead of it. Based on the footage, police suspected that the car was being used as a pilot vehicle to guide the stolen trailer along the route.
CCTV Tracking Led Police to RaipurThe police team examined CCTV recordings along the routes taken by both vehicles, tracing their movements one location at a time. This helped investigators track the stolen trailer body’s journey from the scene of the theft to Raipur. Police then detained Jaswinder Singh for questioning. During interrogation, he allegedly admitted to carrying out the theft along with his associates Pawandeep Singh and Sandeep Kumar Khatri. According to the accused, they stole the trailer body at around 2:30 am on July 27, attached it to a trailer engine and transported it to Raipur, where it was allegedly sold for ₹4.30 lakh.
Trailer Body Stolen in Raigarh and Sold in Raipur
Stolen Trailer Body Recovered, Three Accused Sent to Judicial RemandDuring interrogation, police learned that the stolen trailer body had allegedly been sold for ₹4.30 lakh to Harcharan Singh Sardar, a resident of Mohba Nagar under Kabir Nagar Police Station in Raipur. At his direction, the stolen trailer body was kept along with its engine in Beltara village, under Ratanpur Police Station in Bilaspur district. Acting on the information, the police team reached Beltara and recovered both the trailer body and engine. After gathering sufficient evidence, police arrested the three accused and produced them before the court, which sent them to judicial remand.
Three Accused Arrested and Sent to JailPolice arrested three accused in the case: Jaswinder Singh alias Rahul, 26, son of Kalwant Singh, a resident of Boirdadar, Maa Bihar Colony, Chakradharnagar, Raigarh; Pawandeep Singh, 32, son of Avtar Singh, a resident of Bhagwanpur under Kotraroad Police Station, Raigarh; and Sandeep Kumar Khatri, 29, son of Ashok Kumar Khatri, a resident of Mangludipa under Kotraroad Police Station, Raigarh. All three were produced before the court and sent to judicial custody.
Stolen Trailer Body Sold for ₹4.30 Lakh, Recovered from Bilaspur
Stolen Trailer Body Sold for ₹4.30 Lakh, Property Worth ₹13 Lakh RecoveredDuring interrogation, the accused revealed that the stolen trailer body had allegedly been sold for ₹4.30 lakh to Harcharan Singh Sardar, a resident of Mohba Nagar under Kabir Nagar Police Station in Raipur. On his instructions, the stolen trailer body was kept along with its engine in Beltara village, under Ratanpur Police Station in Bilaspur district. Acting on the information, the police team reached Beltara and recovered the stolen trailer body and engine. The recovered property is estimated to be worth around ₹13 lakh.
Car and Mobile Phone Used for Piloting During Theft Seized
Blue Car and Mobile Phones Seized in Theft CasePolice seized the blue car bearing registration number CG 13 BA 7639, allegedly used to pilot the stolen trailer during the crime. The vehicle, recovered from accused Jaswinder Singh, is estimated to be worth around ₹8 lakh. Police also seized the accused persons’ mobile phones to examine their conversations allegedly related to the theft.
All Three Accused Were Drivers, One Had a Previous Theft Record
Driving Experience Allegedly Helped in the Theft, Buyer Still on the RunPolice investigation revealed that all three arrested accused are involved in driving-related work. Investigators suspect that they used their knowledge of vehicles and routes to carry out the theft. One of the accused, Sandeep Kumar Khatri, had been released on bail around two months ago in connection with a motorcycle theft case. Meanwhile, Harcharan Singh Sardar of Mohba Nagar, Kabir Nagar, Raipur, who allegedly purchased the stolen trailer body, remains absconding. Police are continuing efforts to trace him.
Avoiding the Highway, They Reached Raipur via Dirt Roads
Thieves Avoided the Highway and Took Rural Routes to RaipurThe investigation revealed that the accused deliberately avoided the main highway to evade police surveillance and toll records. They transported the stolen trailer body to Raipur through bypasses and unpaved roads. CCTV footage helped police trace the vehicle up to the Kabir Nagar area of Raipur. Investigators then checked RTO records using trailer registration number CG 13 AS 8857. The records identified the vehicle owner as 26-year-old Jaswinder Singh alias Rahul, son of Kalwant Singh, a resident of Boirdadar, Maa Bihar Colony, Chakradharnagar, Raigarh.
संस्कृत
दशदिनेषु ट्रेलर-चौर्यप्रकरणस्य उद्घाटनम्रायगढ़स्य सीएमओ-तिराहातः ट्रेलरस्य डाला-भागस्य चौर्यस्य प्रकरणं पुलिसया दशदिनेषु एव उद्घाटितम्। अन्वेषणकाले त्रिशताधिकानां सीसीटीवी-कैमेरा-दृश्यचित्राणि परीक्षितानि। बिलासपुरस्य बेलतरातः त्रयोदश-लक्षरुप्यकमूल्यं चौर्यं डाला-भागः तथा इञ्जिनं च पुनः प्राप्तम्। प्रकरणे त्रयः अभियुक्ताः गृहीताः, किन्तु क्रेता अद्यापि फरारः अस्ति।
सीसीटीवी-दृश्यचित्रैः चौराणां मार्गः प्रकाशितःरायगढ़। चौराः अन्धकारस्य, निर्जनानां कच्चमार्गाणां तथा शुल्कमार्गात् परिहारस्य साहाय्येन पुलिस-दृष्टेः परं गन्तुं शक्नुमः इति मन्यन्ते स्म। किन्तु नगरे स्थापितैः सीसीटीवी-कैमेरैः तेषां सम्पूर्णः मार्गः ज्ञातः। सीएमओ-तिराहातः चोरितं ट्रेलर-डाला-भागम् इञ्जिनेन संयोज्य रायपुरं नयन्तः अभियुक्ताः अग्रे मार्गदर्शनार्थं नीलवर्णीयां कारं प्रेषितवन्तः।
नीलवर्णी कारया चौर्यस्य रहस्योद्घाटनम्कोतवाली-पुलिसया नीलवर्णी कार प्रमुखं सूत्रं कृत्वा त्रिशताधिकानां सीसीटीवी-दृश्यचित्राणां सूक्ष्मतया परीक्षणं कृतम्। दशदिनानां अन्वेषणानन्तरं ट्रेलर-डाला-चौर्यस्य सम्पूर्णं रहस्यं प्रकाशितम्। अन्वेषणे ज्ञातं यत् चोरितः डाला-भागः रायपुरे चतुर्लक्षत्रिंशत्-सहस्ररुप्यकैः विक्रीतः आसीत्। पुलिसया सः बिलासपुरस्य बेलतरा-ग्रामात् इञ्जिनेन सह पुनः प्राप्तः। प्रकरणे त्रयः अभियुक्ताः गृहीताः, किन्तु डाला-क्रेता अद्यापि पलायितः अस्ति।
मार्गपार्श्वे स्थापितः ट्रेलर-भागः चोरितःरायगढ़स्य ट्रांसपोर्ट-नगरस्य सारंगढ़-बसस्थानक-निवासी एकचत्वारिंशतिवर्षीयः धीरजकुमारसिंहः २ अगस्त २०२६ दिनाङ्के कोतवाली-पुलिसस्थानके चौर्यस्य अभियोगं पञ्जीकृतवान्। सः पुलिसं सूचितवान् यत् IG6 12 BK 3140 इति क्रमाङ्कितस्य ट्रेलरस्य इञ्जिनं बजरंग-मोटर-परिसरे स्थितम् आसीत्, तस्य डाला-भागः च उर्दना-बैरियरतः सीएमओ-तिराहापर्यन्तं मार्गपार्श्वे स्थापितः आसीत्। २७ जुलाई सायं प्रायः चतुर्वादने डाला-भागः तत्र स्थापितः आसीत्। २८ जुलाई प्रातः प्रायः अष्टवादने स्थलं प्राप्ते सति सः डाला-भागः तत्र न दृष्टः।
वाहनमार्गैः पुलिसया सूत्राणि संयोजितानिशिकायतस्य आधारेण पुलिसया बीएनएसस्य ३०३(२) धारायाः अन्तर्गतं प्रकरणं पञ्जीकृत्य अन्वेषणं प्रारब्धम्। प्रकरणस्य गाम्भीर्यं दृष्ट्वा कोतवाली-थानाध्यक्षः निरीक्षकः अमिततिवारी अभियुक्तानां अन्वेषणार्थं पुलिस-दलं नियुक्तवान्। अन्वेषणदलेन घटनास्थलस्य समीपे जनैः सह पृच्छा कृता तथा सीसीटीवी-दृश्यचित्राणि परीक्षितानि। रात्रौ घटना घटितत्वात् चोरितस्य डाला-भागस्य चित्रं दृश्यचित्रेषु स्पष्टं नासीत्। अतः पुलिसया वाहनानां गमनागमनं तेषां मार्गांश्च परस्परं संयोज्य अन्वेषणं अग्रे नीतम्।
त्रिशतं सीसीटीवी-दृश्यचित्राणि नीलवर्णी च कार च अभवतां निर्णायकं सूत्रम्
नीलवर्णी कार अभवत् चौर्यप्रकरणस्य प्रमुखं सूत्रम्त्रिशताधिकानां सीसीटीवी-दृश्यचित्राणां परीक्षणकाले पुलिसया महत्त्वपूर्णं सूत्रं प्राप्तम्। दृश्यचित्रेषु चोरितः डाला-भागः CG 13 AS 8857 इति क्रमाङ्कितस्य ट्रेलरस्य इञ्जिनेन संयुक्तः दृश्यते स्म। तस्य अग्रे CG 13 BA 7639 इति क्रमाङ्किता नीलवर्णी कार अपि गच्छन्ती दृश्यते स्म। दृश्यचित्राणाम् आधारेण पुलिसया अनुमानितं यत् सा कार चोरितस्य ट्रेलरस्य मार्गदर्शक-वाहनरूपेण प्रयुक्ता आसीत्।
सीसीटीवी-अन्वेषणेन रायपुरपर्यन्तं मार्गः ज्ञातःपुलिस-दलेन उभयोः वाहनयोः गमनमार्गेषु स्थापितानां सीसीटीवी-दृश्यचित्राणां क्रमशः परीक्षणं कृतम्। एवं चौर्यस्य अनन्तरं डाला-भागः येन मार्गेण रायपुरं नीतः, सः सम्पूर्णः मार्गः पुलिसया ज्ञातः। ततः पुलिसया जसविन्दरसिंहः निगृहीत्वा पृष्टः। पृच्छायां सः पवनदीपसिंहेन तथा सन्दीपकुमारखत्रिणा सह मिलित्वा चौर्यं कृतवान् इति स्वीकृतवान्। अभियुक्तानां कथनानुसारं २७ जुलाई-रात्रौ प्रायः सार्धद्विवादने डाला-भागः चोरितः। ततः सः ट्रेलरस्य इञ्जिनेन संयोज्य रायपुरं नीतः, यत्र चोरितस्य डाला-भागस्य चतुर्लक्षत्रिंशत्सहस्ररुप्यकैः विक्रयः कृतः।
रायगढ़ात् चोरितः डाला-भागः रायपुरे विक्रीतः
चोरितः डाला-भागः पुनः प्राप्तः, त्रयः अभियुक्ताः न्यायिकबन्धने प्रेषिताःपृच्छायां पुलिसया ज्ञातं यत् चोरितः डाला-भागः रायपुरस्य मोहबा-नगर-निवासिने, कबीरनगर-पुलिसस्थानकक्षेत्रीयाय हरचरणसिंह-सरदाराय चतुर्लक्षत्रिंशत्सहस्ररुप्यकैः विक्रीतः आसीत्। तस्य निर्देशेन चोरितः डाला-भागः इञ्जिनेन सह बिलासपुर-मण्डलस्य रतनपुर-पुलिसस्थानकक्षेत्रे बेलतरा-ग्रामे स्थापितः आसीत्। सूचनाम् आधारीकृत्य पुलिसदलः बेलतरां गत्वा डाला-भागं तथा इञ्जिनं च पुनः प्राप्तवान्। पर्याप्तप्रमाणानि प्राप्तानि इति अनन्तरं पुलिसया त्रयः अभियुक्ताः गृहीत्वा न्यायालये उपस्थापिताः, ततः ते न्यायिकबन्धनाय प्रेषिताः।
त्रयः अभियुक्ताः गृहीत्वा कारागारे प्रेषिताःप्रकरणे पुलिसया त्रयः अभियुक्ताः गृहीताः। तेषु प्रथमः जसविन्दरसिंहः उर्फ राहुलः (२६), कलवन्तसिंहस्य पुत्रः, रायगढ़स्य बोइरदादर-मांबिहार-कॉलोनी-चक्रधरनगर-निवासी अस्ति। द्वितीयः पवनदीपसिंहः (३२), अवतारसिंहस्य पुत्रः, रायगढ़स्य भगवानपुर-निवासी, कोतरारोड़-पुलिसस्थानकक्षेत्रीयः अस्ति। तृतीयः सन्दीपकुमारखत्री (२९), अशोककुमारखत्रेः पुत्रः, रायगढ़स्य मंगलूडीपा-निवासी, कोतरारोड़-पुलिसस्थानकक्षेत्रीयः अस्ति। त्रयः अपि न्यायालये उपस्थापिताः अनन्तरं न्यायिकबन्धनाय कारागारे प्रेषिताः।
चोरितः डाला-भागः ४.३० लक्षरुप्यकैः विक्रीतः, बिलासपुरात् पुलिसया पुनः प्राप्तः
४.३० लक्षरुप्यकैः चोरितस्य डाला-भागस्य विक्रयः, १३ लक्षरुप्यकमूल्यस्य सामग्री पुनः प्राप्तापृच्छायां अभियुक्तैः कथितं यत् चोरितः डाला-भागः रायपुरस्य मोहबा-नगर-निवासिने कबीरनगर-पुलिसस्थानकक्षेत्रीयाय हरचरणसिंह-सरदाराय ४ लक्ष ३० सहस्ररुप्यकैः विक्रीतः आसीत्। तस्य निर्देशेन चोरितः डाला-भागः इञ्जिनेन सह बिलासपुर-मण्डलस्य रतनपुर-पुलिसस्थानकक्षेत्रे बेलतरा-ग्रामे स्थापितः आसीत्। सूचनाम् आधारीकृत्य पुलिसदलः बेलतरां गत्वा चोरितं ट्रेलर-डाला-भागं तथा इञ्जिनं च पुनः प्राप्तवान्। पुनः प्राप्तस्य सामानस्य अनुमानितं मूल्यं प्रायः १३ लक्षरुप्यकाणि अस्ति।
चौर्यकाले मार्गदर्शनाय प्रयुक्ता कार तथा चलदूरभाषः अपि जब्तौ
नीलवर्णी कार तथा अभियुक्तानां चलदूरभाषाः जब्ताःपुलिसया चौर्यकाले चोरितस्य ट्रेलरस्य मार्गदर्शनार्थं प्रयुक्ता CG 13 BA 7639 इति क्रमाङ्किता नीलवर्णी कार जसविन्दरसिंहस्य आधिपत्यात् जब्ता कृता। तस्याः कारस्य अनुमानितं मूल्यं प्रायः अष्टलक्षरुप्यकाणि अस्ति। अपि च, चौर्यसम्बद्धां परस्परं कृतां वार्तालापस्य जाँचार्थं पुलिसया अभियुक्तानां चलदूरभाषाः अपि जब्ताः।
राजमार्गं त्यक्त्वा कच्चमार्गेण रायपुरं प्राप्तवन्तः
राजमार्गं परित्यज्य कच्चमार्गैः रायपुरं प्राप्तवन्तः
अन्वेषणे ज्ञातं यत् अभियुक्ताः पुलिस-निगरानीं तथा शुल्कमार्गीय-अभिलेखान् परिहर्तुं मुख्यराजमार्गस्य उपयोगं न कृतवन्तः। ते चोरितं डाला-भागं बाईपास-मार्गैः कच्चमार्गैः च रायपुरं नीतवन्तः। सीसीटीवी-दृश्यचित्राणाम् आधारेण वाहनस्य गमनमार्गः रायपुरस्य कबीरनगर-क्षेत्रपर्यन्तं ज्ञातः। ततः पुलिसया CG 13 AS 8857 इति ट्रेलर-क्रमाङ्कस्य आधारेण आरटीओ-अभिलेखाः परीक्षिताः। अभिलेखैः वाहनस्वामिनः परिचयः २६ वर्षीयस्य जसविन्दरसिंहस्य उर्फ राहुलस्य, कलवन्तसिंहस्य पुत्रस्य, रायगढ़स्य बोइरदादर-मांबिहार-कॉलोनी-चक्रधरनगर-निवासिनः रूपेण ज्ञातः।


