महतारी वंदन योजना का बढ़ सकता है दायरा, 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को मिल सकता है लाभछत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में अब 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी शामिल किए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को इस संबंध में बड़ी घोषणा कर सकते हैं।Mahtari Vandan Yojana May Expand, Unmarried Women Above 40 Could Be IncludedThe scope of Chhattisgarh’s Mahtari Vandan Yojana may soon be expanded to include unmarried women above the age of 40. Chief Minister Vishnu Deo Sai is likely to make an announcement regarding the proposal on August 15.महतारी-वन्दन-योजनायाः विस्तारः सम्भाव्यते, चत्वारिंशदधिकवर्षीयाः अविवाहिताः महिलाः अपि लाभं प्राप्नुयुःछत्तीसगढ़स्य महतारी-वन्दन-योजनायां चत्वारिंशदधिकवर्षीयानाम् अविवाहितानां महिलानां समावेशस्य सम्भावना वर्तते। मुख्यमन्त्री विष्णुदेवसायः अगस्तमासस्य पञ्चदशे दिने अस्मिन् विषये महत्त्वपूर्णां घोषणां कर्तुं शक्नोति।

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महतारी वंदन योजना का बढ़ सकता है दायरा, 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को मिल सकता है लाभछत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में अब 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी शामिल किए जाने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को इस संबंध में बड़ी घोषणा कर सकते हैं।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना का लाभ अब 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं तक भी पहुंचाने की तैयारी है। प्रदेश में इस श्रेणी की करीब 65 हजार महिलाएं चिन्हित की गई हैं। इन्हें योजना में शामिल करने पर राज्य के खजाने पर सालाना लगभग 78 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में प्रारंभिक स्तर पर आंकलन किया गया है, जिसमें 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं की संख्या करीब 65 हजार पाई गई है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने पहले ही योजना के विस्तार के संकेत दिए थे।

पिछले दिनों महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना के विस्तार की संभावना के संकेत दिए थे। अब विभाग इस दिशा में विचार-विमर्श कर रहा है कि पात्रता संबंधी नियमों में किस तरह बदलाव या सरलीकरण किया जाए, ताकि 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को भी योजना का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 15 अगस्त को इस प्रस्ताव की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है। महतारी वंदन योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को वर्चुअल कार्यक्रम के जरिए की थी। योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र विवाहित महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

महतारी वंदन योजना के दायरे में विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी पहले से शामिल हैं। अब तक योजना के तहत 30 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और कुल 19,444.33 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में पहुंचाई गई है। योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है। कई महिलाएं इस राशि से बेटियों के नाम सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर रही हैं, जबकि कुछ ने सिलाई मशीन खरीदकर सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू किया है। विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव के अनुसार, नई श्रेणी की महिलाओं को लेकर प्रारंभिक स्तर पर गणना की गई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला राज्य सरकार ही करेगी।

हर वर्ग तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पांडे ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भाजपा सरकार की प्राथमिकता है। 40 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं को महतारी वंदन योजना के दायरे में लाने से विशेषकर दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को आर्थिक सहारा और नई उम्मीद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश की हर माता और बहन के सामाजिक, आर्थिक और समग्र विकास के लिए गंभीरता से प्रयासरत है। सरकार अपने संकल्पों को केवल घोषणा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें पूरा करके भी दिखाती है।

छूटे हुए पात्र महिलाओं के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने महतारी वंदन योजना में नए पात्र हितग्राहियों के पंजीयन की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि योजना को लागू हुए दो साल से अधिक का समय गुजर चुका है, बावजूद इसके बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी लाभ के लिए नए पंजीयन की प्रतीक्षा कर रही हैं। सिंह ने पात्र महिलाओं के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा शुरू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार करीब 70 लाख महिलाओं को योजना का लाभ देने की बात कहती है, लेकिन ई-केवाईसी की प्रक्रिया के दौरान लगातार कई हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।

English

The Chhattisgarh government is set to expand the coverage of the Mahtari Vandan Yojana. Under the proposed expansion, unmarried women above 40 years of age will also become eligible for the scheme.

Raipur: The Chhattisgarh government is preparing to expand the Mahtari Vandan Yojana to include unmarried women above 40 years of age. Around 65,000 women across the state are estimated to fall under this category. Their inclusion is expected to increase the government’s annual financial burden by approximately ₹78 crore. Officials of the Women and Child Development Department said a preliminary assessment has been carried out, which puts the estimated number of eligible unmarried women above 40 at around 65,000.

The Women and Child Development Minister had earlier hinted at expanding the scheme’s scope.

Recently, Women and Child Development Minister Laxmi Rajwade hinted at a possible expansion of the Mahtari Vandan Yojana. The department is currently deliberating on how the eligibility criteria can be modified or simplified to bring unmarried women above 40 years of age under the scheme.

Chief Minister Vishnu Deo Sai is expected to make a formal announcement on the proposal on August 15. The Mahtari Vandan Yojana was launched by Prime Minister Narendra Modi virtually on March 10, 2024. Under the scheme, eligible married women in the state receive monthly financial assistance of ₹1,000 to support their economic empowerment.

The Mahtari Vandan Yojana already covers widowed, divorced and abandoned women. So far, 30 installments have been released, with a total of ₹19,444.33 crore transferred to the bank accounts of beneficiary women. The scheme is helping women become financially independent. While some are investing the assistance in Sukanya Samriddhi accounts opened in their daughters’ names, others have purchased sewing machines and started tailoring and embroidery work. Dr. Renuka Srivastava, Director of the department, said that a preliminary assessment has been carried out regarding the proposed new category. However, the final decision will rest with the state government.

The government is committed to extending the benefits of the scheme to every section of society.

Senior state Congress spokesperson Satyaprakash Singh has demanded that registration for new eligible beneficiaries under the Mahtari Vandan Yojana be started immediately. He said that more than two years have passed since the scheme was implemented, yet a large number of women are still waiting for an opportunity to register and receive its benefits. Singh also called for both online and offline application facilities for eligible women. He alleged that while the government claims to be providing benefits to around 7 million women, the names of several beneficiaries are continuously being removed during the e-KYC process.

संस्कृत

छत्तीसगढ़-सर्वकारः महतारी-वन्दन-योजनायाः लाभार्थिनां परिधिं विस्तर्तुं सज्जा अस्ति। प्रस्तावित-विस्तारेण चत्वारिंशद्वर्षात् अधिकवयस्काः अविवाहिताः महिलाः अपि योजनायां समावेशं प्राप्स्यन्ति।

रायपुरम्। छत्तीसगढ़-सर्वकारस्य महतारी-वन्दन-योजनायाः विस्तारस्य योजना क्रियते। अस्यां योजनायां चत्वारिंशद्वर्षाधिकवयस्काः अविवाहिताः महिलाः अपि समावेशयितुं प्रस्तावः अस्ति। सम्पूर्णे प्रदेशे एतादृशीनां महिलानां संख्या प्रायः पञ्चषष्टिसहस्रम् अस्ति। तासां योजनायां समावेशेन सर्वकारस्य वार्षिक-वित्तीयभारः प्रायः अष्टसप्ततिः कोटिरूप्यकाणि वर्धिष्यते। महिला-बाल-विकास-विभागस्य अधिकारिणां मतानुसारं प्रारम्भिक-गणनायां चत्वारिंशद्वर्षाधिकवयस्कानां अविवाहितानां महिलानां संख्या प्रायः पञ्चषष्टिसहस्रम् निर्धारिताऽस्ति।

महिला-बाल-विकास-मन्त्रिणा पूर्वमेव योजनायाः विस्तारस्य संकेतः प्रदत्तः आसीत्।

विगतदिवसेषु महिला-बाल-विकास-मन्त्रिणी लक्ष्मी राजवाडे महतारी-वन्दन-योजनायाः विस्तारस्य सम्भावनां सूचितवती। अधुना विभागे विमर्शः प्रवर्तते यत् पात्रता-नियमान् कथं सरलीकर्तुं वा परिवर्तयितुं शक्यते, येन चत्वारिंशद्वर्षाधिकवयस्काः अविवाहिताः महिलाः अपि योजनायाः लाभं प्राप्तुं शक्नुयुः।

मुख्यमन्त्री विष्णुदेवसायः अगस्तमासस्य पञ्चदशे दिने अस्य प्रस्तावस्य औपचारिकां घोषणां कर्तुं शक्नोति। महतारी-वन्दन-योजनायाः शुभारम्भः प्रधानमन्त्री नरेन्द्रमोदिना २०२४ तमस्य वर्षस्य मार्चमासस्य दशम्यां तिथौ आभासीय-माध्यमेन कृतः आसीत्। अस्याः योजनायाः अन्तर्गतं राज्यस्य पात्राभ्यः विवाहिताभ्यः महिलाभ्यः आर्थिक-सशक्तीकरणाय प्रतिमासं सहस्ररूप्यकाणां वित्तीय-सहायता प्रदीयते।

महतारी-वन्दन-योजनायां विधवाः, विवाहित-विच्छिन्नाः तथा परित्यक्ताः महिलाः अपि पूर्वमेव सम्मिलिताः सन्ति। अधुना यावत् योजनायाः त्रिंशत् किस्तयः प्रदत्ताः सन्ति तथा च कुलं १९४४४.३३ कोटिरूप्यकाणि लाभार्थिनीनां बैंक-खातेषु प्रेषितानि सन्ति। अस्याः योजनायाः माध्यमेन महिलाः आर्थिकरूपेण सशक्ताः भवन्ति। काश्चित् महिलाः स्वदुहितॄणां नाम्ना सुकन्या-समृद्धि-योजनायां धनं निवेशयन्ति, अन्याः च सिलाई-यन्त्रं क्रीत्वा वस्त्र-सीवनस्य कशीदाकार्यस्य च व्यवसायं कुर्वन्ति। विभागस्य सञ्चालिका डॉ. रेणुका श्रीवास्तवा अवदत् यत् प्रस्तावित-नूतन-वर्गस्य महिलानां विषये प्रारम्भिक-गणना कृता अस्ति। तथापि अन्तिमः निर्णयः राज्य-सर्वकारेण एव करणीयः।

सर्वेषां वर्गाणां कृते योजनायाः लाभं प्रदातुं सर्वकारः प्रतिबद्धः अस्ति।

भाजपायाः प्रदेश-प्रवक्त्री शताब्दी पाण्डे अवदत् यत् समाजस्य प्रत्येकवर्गं प्रति सर्वकारीय-योजनानां लाभं प्रापयितुं भाजपासर्वकारः प्रतिबद्धः अस्ति। चत्वारिंशद्वर्षाधिकवयस्कानाम् अविवाहितानां महिलानां महतारी-वन्दन-योजनायां समावेशेन विशेषतः दूरस्थप्रदेशेषु निवसन्तीनां महिलानां जीवने नूतना आशा आर्थिकसुरक्षा च आगमिष्यति। सा अवदत् यत् भाजपासर्वकारः प्रदेशस्य प्रत्येकस्य मातुः भगिन्याश्च सामाजिक-आर्थिक-सर्वाङ्गीण-विकासाय पूर्णनिष्ठया कार्यं करोति। भाजपासर्वकारः यत् प्रतिजानाति, तत् पूर्णतया कार्यरूपेण परिणमयति।

वञ्चितानां पात्राणां महिलानां पञ्जीकरण-प्रक्रिया प्रारब्धा भवेत्।

प्रदेश-कांग्रेसस्य वरिष्ठः प्रवक्ता सत्यप्रकाशसिंहः महतारी-वन्दन-योजनायां नूतनानां पात्र-लाभार्थिनीनां पञ्जीकरण-प्रक्रियायाः शीघ्रं प्रारम्भस्य आग्रहं कृतवान्। सः अवदत् यत् योजनायाः प्रारम्भात् द्वाभ्यां वर्षाभ्यां अधिकः कालः व्यतीतः, तथापि बह्व्यः महिलाः अद्यापि लाभप्राप्त्यर्थं नूतन-पञ्जीकरणस्य प्रतीक्षां कुर्वन्ति। सिंहः पात्र-महिलानां कृते ऑनलाइन-सहितं ऑफलाइन-आवेदनस्य प्रक्रियामपि प्रारम्भयितुं आग्रहं कृतवान्। तेन आरोपितं यत् सर्वकारः प्रायः सप्ततिलक्षं महिलाभ्यः योजनायाः लाभं प्रददाति इति दावं करोति, किन्तु ई-केवाईसी-प्रक्रियायां निरन्तरं बहूनां लाभार्थिनीनां नामानि सूचीभ्यः अपसार्यन्ते।

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