उफनती नदी भी नहीं रोक सकी सेवा का जज्बा, कांकेर में लकड़ी की नौका से पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा। Rising River Fails to Deter Spirit of Service; Officials Use Wooden Boat to Inspect Arrangements in Kanker। उद्भिन्नापि नदी सेवाभावं निवारयितुं न अशक्नोत्, कांकेरे काष्ठनौकया व्यवस्थायाः निरीक्षणम्।
कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और उफनती कोटरी नदी के बीच खंड शिक्षा अधिकारी देव कुमार शील ने कर्तव्यनिष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने जान जोखिम में डालकर लकड़ी की छोटी नाव के सहारे उफनती नदी पार की। बारिश के बीच सुदूरवर्ती इलाकों तक पहुंचकर उन्होंने वहां के विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र में लगातार बारिश और उफनती कोटरी नदी के बीच खंड शिक्षा अधिकारी देव कुमार शील ने अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की। उन्होंने जोखिम भरे हालात में लकड़ी की छोटी नाव के सहारे नदी पार की। इसके बाद बारिश के बीच सुदूरवर्ती इलाकों में पहुंचकर विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्कूलों की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की उपस्थिति का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और ऑनलाइन शैक्षणिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा न आने दी जाए। अधिकारी ने चेतावनी दी कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नेटवर्क बाधा दूर करने के लिए समाधान की पहल
नदी के उस पार के ग्रामीण इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की गंभीर समस्या है, जिसके कारण ऑनलाइन कामकाज और रिपोर्टिंग में भारी परेशानी आती है।
कांकेर कलेक्टर को अवगत कराया
खंड शिक्षा अधिकारी देव कुमार शील ने बताया कि उन्होंने इस समस्या से कांकेर कलेक्टर को भी अवगत करा दिया है। अधिकारी के इस समर्पित प्रयास की क्षेत्र में सराहना हो रही है। कहा जा रहा है कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति हो तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।
English
Amid continuous rainfall and the swelling Kotri River in the Pakhanjur region of Kanker district, Block Education Officer Dev Kumar Sheel set an inspiring example of dedication to duty. Risking his life, he crossed the raging river in a small wooden boat. Despite the heavy rain, he reached remote areas to conduct surprise inspections of schools and review the arrangements.
Review of School Facilities and Teachers’ Attendance
During the inspection, the Block Education Officer closely reviewed teachers’ attendance, students’ learning and online academic arrangements in the schools. He issued clear instructions that teachers’ regular attendance must be ensured even under adverse conditions and that students’ education should not be disrupted under any circumstances. He warned that strict action would be taken against anyone found negligent in educational responsibilities.
Initiative to Resolve Network Connectivity Issues
During the inspection, network connectivity problems were also reported in remote schools. In view of the issue, necessary steps were initiated to improve connectivity and ensure the smooth functioning of online academic activities.
Informed the Kanker Collector
Block Education Officer Dev Kumar Sheel said that he has informed the Kanker Collector about the problems being faced in remote areas. His initiative to reach schools and inspect the arrangements despite challenging conditions is being appreciated in the region. The effort highlights how strong administrative commitment and a sense of responsibility can help improve systems even in difficult circumstances.
संस्कृत
कांकेर-जनपदस्य पखांजूर-क्षेत्रे निरन्तरवृष्टेः तथा उद्भिन्नायाः कोटरी-नद्याः मध्ये खण्डशिक्षाधिकारी देवकुमार-शीलः कर्तव्यनिष्ठायाः अद्वितीयम् उदाहरणं प्रस्तुतवान्। सः स्वप्राणान् संकटे स्थापयित्वा लघुकाष्ठनिर्मितया नौकया उफनतीं नदीं तीर्तवान्। वृष्टौ अपि सुदूरक्षेत्रेषु गत्वा विद्यालयानाम् आकस्मिकनिरीक्षणं कृत्वा तत्रत्यव्यवस्थानां अवलोकनम् अकर
विद्यालय-व्यवस्थानां तथा शिक्षकाणाम् उपस्थितेः निरीक्षणम्
निरीक्षणकाले खण्डशिक्षाधिकारी विद्यालयेषु शिक्षकाणाम् उपस्थितिं, छात्राणाम् अध्ययनं तथा अन्तर्जालाधारितशैक्षणिकव्यवस्थानां सूक्ष्मतया निरीक्षणम् अकरोत्। तेन स्पष्टतया निर्देशाः प्रदत्ताः यत् प्रतिकूलपरिस्थितिष्वपि शिक्षकाणां नियमितोपस्थितिः सुनिश्चितं भवेत् तथा छात्राणाम् अध्ययनं कस्यापि प्रकारेण न बाध्येत। शिक्षाक्षेत्रे प्रमादं कुर्वतां विरुद्धं कठोरकार्यवाही भविष्यतीति चेतावनी अपि प्रदत्ता।
अन्तर्जाल-संपर्कस्य समस्यायाः समाधान प्रयासः
नद्याः परतः स्थितेषु ग्रामीणक्षेत्रेषु चलदूरभाष-जालसम्पर्कस्य गम्भीरा समस्या अस्ति, येन अन्तर्जालाधारितकार्येषु प्रतिवेदनेषु च महती कठिनता भवति।
कांकेर-जिलाधिकारिणं सूचितवान्।
खण्डशिक्षाधिकारी देवकुमार-शीलः अवदत् यत् सः अस्याः समस्यायाः विषये कांकेर-जिलाधिकारिणम् अपि अवगतं कृतवान्। प्रतिकूलपरिस्थितिष्वपि तस्य समर्पितप्रयासस्य क्षेत्रे प्रशंसा भवति। जनाः कथयन्ति यत् यदि प्रशासनस्य दृढा इच्छाशक्तिः भवेत्, तर्हि कठिनतमेऽपि परिस्थितौ व्यवस्थायाः सुधारः कर्तुं शक्यते।


