Ind vs sl :कोलंबो टेस्ट में जायसवाल-फर्नांडो की भिड़ंत पर ICC का एक्शन, जुर्माने के बाद दिग्गजों ने लगाई फटकार। Jaiswal-Fernando Clash in Colombo Test Draws ICC Penalty, Cricket Legends Slam the Incident। कोलम्बो-कसोट्यां जायसवाल-फर्नान्डोयोः विवादे ICC-दण्डः, वरिष्ठक्रिकेटपटुभिः घटना निन्दिता।

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श्रीलंकाई तेज गेंदबाज फर्नांडो ने जायसवाल का विकेट लेने के बाद कथित तौर पर कुछ टिप्पणी की। इस पर जायसवाल ने पलटकर गेंदबाज का सामना किया और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मैदान पर खिलाड़ियों की इस नोकझोंक को देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

कोलंबो टेस्ट में जायसवाल-फर्नांडो के बीच हुई तीखी नोकझोंक, मैदान पर गरमाया माहौल।

नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का अंतिम मुकाबला कोलंबो में जारी है। मैच के दौरान भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। जायसवाल का विकेट लेने के बाद फर्नांडो ने कुछ कहा, जिस पर भारतीय बल्लेबाज ने पलटकर गेंदबाज का सामना किया। देखते ही देखते दोनों खिलाड़ियों के बीच बहस शुरू हो गई और मैदान पर माहौल गरमा गया। इस अप्रत्याशित घटना ने वहां मौजूद दर्शकों और खिलाड़ियों का ध्यान खींच लिया।

बहस के दौरान जायसवाल और फर्नांडो के बीच मामला इतना बढ़ गया कि दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और उनके सिर आपस में टकरा गए। स्थिति बिगड़ती देख साथी खिलाड़ियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया। भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मैदान पर बहस हो सकती है, लेकिन किसी भी तरह का शारीरिक संपर्क स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

पुजारा ने जताई नाराजगी, बोले- मैदान पर बहस के बीच शारीरिक टकराव स्वीकार्य नहीं।

सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क से बातचीत में पुजारा ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए मैदान पर अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने माना कि मुकाबले के दौरान गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन हर खिलाड़ी को अपनी मर्यादा और सीमाओं का ध्यान रखना चाहिए। पुजारा के मुताबिक, किसी भी बहस को शारीरिक टकराव तक पहुंचाना उचित नहीं है और ऐसी स्थिति के लिए क्रिकेट में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

जब दोनों खिलाड़ियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि वे आमने-सामने आकर एक-दूसरे से टकरा गए, तो यह खेल भावना के अनुरूप नहीं है। मैदान पर किसी भी बहस का इस तरह शारीरिक टकराव तक पहुंचना स्वीकार्य नहीं माना जा सकता।

पूर्व विकेटकीपर ने घटना पर जताई नाराजगी, खिलाड़ियों को लगाई फटकार।

भारत के पूर्व विकेटकीपर और कमेंटेटर सबा करीम ने भी जायसवाल और फर्नांडो के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों का आचरण क्रिकेट के लिए अच्छी मिसाल पेश नहीं करता। करीम ने याद दिलाया कि क्रिकेट कोई कॉन्टैक्ट स्पोर्ट नहीं है और खिलाड़ियों को एक-दूसरे से शारीरिक रूप से उलझने से बचना चाहिए। उन्होंने सिर से टकराने की घटना को बेहद बचकाना और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया।

आईसीसी ने लगाया भारी जुर्माना, खिलाड़ियों पर हुई सख्त कार्रवाई।

गौरतलब है कि इस विवाद के बाद आईसीसी ने यशस्वी जायसवाल और असिथा फर्नांडो के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दोनों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया। इसके अलावा, दोनों खिलाड़ियों के खाते में एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया। पहली पारी में जायसवाल ने 53 गेंदों का सामना करते हुए 45 रन बनाए थे। फर्नांडो ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया, जिसके बाद दोनों के बीच मैदान पर तीखी बहस देखने को मिली।

(English)

After dismissing Jaiswal, Sri Lankan pacer Fernando reportedly made a remark that prompted the Indian batter to turn around and confront him. A heated exchange followed between the two players, leaving everyone on the field surprised by the unexpected confrontation.

New Delhi: The final Test of the series between India and Sri Lanka is underway in Colombo. During the match, Indian opener Yashasvi Jaiswal and Sri Lankan pacer Asitha Fernando were involved in a heated exchange. After dismissing Jaiswal, Fernando reportedly made a remark, prompting the Indian batter to turn around and confront the bowler. The situation quickly escalated into a verbal altercation, leaving the atmosphere on the field tense and catching the attention of everyone present.

The argument between Jaiswal and Fernando intensified as the two players moved close to each other and their heads came into contact. Seeing the situation escalate, their teammates quickly stepped in and separated them. Former India batting great Cheteshwar Pujara criticised the incident, saying that while heated exchanges can happen on the field, any form of physical contact during an argument is unacceptable.

Pujara Slams the Incident, Says Physical Contact Has No Place During On-Field Arguments.

Speaking to Sony Sports Network, Pujara stressed that players must keep their emotions under control on the field. He acknowledged that frustration and anger can arise during an intense contest, but said every player should know where to draw the line. According to Pujara, an argument should never escalate into physical contact, as there is simply no place for such behaviour in cricket.

When the disagreement between the two players escalated to the point where they confronted each other and made physical contact, it crossed the line of acceptable conduct. Any on-field argument turning into physical confrontation is not in the spirit of the game.

Former Wicketkeeper Slams the Incident, Rebukes the Players.

Former India wicketkeeper and commentator Saba Karim strongly criticised Jaiswal and Fernando for their on-field conduct. He said their behaviour did not set a good example for the game. Karim pointed out that cricket is not a contact sport and players should never resort to physical confrontation. He described the incident involving the two players making head contact as immature and irresponsible.

ICC Imposes Fine, Takes Strict Action Against the Players.

It is worth noting that following the incident, the ICC took action against Yashasvi Jaiswal and Asitha Fernando, fining both players 25 percent of their match fees. Each player was also handed one ICC demerit point. Jaiswal scored 45 runs off 53 balls in the first innings before Fernando dismissed him clean bowled, which led to the heated exchange between the two players.

(संस्कृत)

श्रीलङ्कादेशस्य तीव्रगतिकः गोलन्दाजः फर्नान्डो जायसवालं बाद्ध्वा किमपि उक्तवान् इति कथ्यते। तस्य वचनस्य प्रत्युत्तरं दातुं जायसवालः परावृत्य गोलन्दाजेन सह विवादं कृतवान्। ततः उभयोः मध्ये तीव्रा वाक्यविनिमयः अभवत्, येन क्षेत्रे उपस्थिताः सर्वे आश्चर्यचकिताः अभवन्।

नवदिल्ली। भारत-श्रीलङ्कयोः मध्ये कसोटिक्रीडाशृङ्खलायाः अन्तिमः क्रीडास्पर्धः कोलम्बोनगरे प्रचलति। अस्मिन् क्रीडास्पर्धे भारतीयः प्रारम्भिकः फलन्दाजः यशस्वी जायसवालः श्रीलङ्कीयेन तीव्रगतिकेन गोलन्दाजेन असिथा फर्नान्डो इत्यनेन सह तीव्रं वाक्-विवादं कृतवान्। जायसवालस्य क्रीडाङ्गणे निष्कासनेन अनन्तरं फर्नान्डो किमपि उक्तवान् इति कथ्यते। तस्य प्रत्युत्तरं दातुं जायसवालः परावृत्य गोलन्दाजस्य सम्मुखे स्थितवान्। ततः उभयोः मध्ये तीव्रः वाक्-विवादः अभवत्, येन क्रीडाङ्गणस्य वातावरणमपि तनावपूर्णम् अभवत्।

क्रीडाङ्गणे वादः तीव्रतां गतः, तदा जायसवालस्य फर्नान्डोस्य च शिरसि परस्परं सम्पृक्ते अभवताम्। परिस्थितिं गम्भीरां दृष्ट्वा सहक्रीडकाः शीघ्रं मध्ये प्रविश्य उभौ अपि पृथक् कृतवन्तः। भारतस्य पूर्वप्रसिद्धः क्रिकेटक्रीडकः चेतेश्वरः पुजाराः अस्य घटनायाः आलोचनां कृत्वा अवदत् यत् क्रीडाङ्गणे वाक्-विवादः भवितुं शक्नोति, किन्तु विवादसमये शारीरिकः सम्पर्कः कदापि स्वीकार्यः नास्ति।

पुजारस्य आपत्तिः—क्रीडाङ्गणे विवादसमये शारीरिकस्पर्शस्य स्थानं नास्ति।

सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क इत्यस्मिन् माध्यमे वार्तालापं कुर्वन् पुजारः अवदत् यत् क्रीडकैः क्रीडाङ्गणे स्वभावेगाः भावनाश्च नियन्त्रिताः स्थापनीयाः। तीव्रप्रतिस्पर्धायां कदाचित् क्रोधः जायते इति सः स्वीकृतवान्, किन्तु प्रत्येकः क्रीडकः स्वसीमां मर्यादां च अवश्यं पालयेत्। पुजारस्य मतानुसारं विवादः कदापि शारीरिकसंघर्षपर्यन्तं न गन्तव्यः, क्रिकेटक्रीडायां च एतादृशस्य व्यवहारस्य स्थानं नास्ति।

यदा उभयोः क्रीडकयोः विवादः एतावता वर्धितः यत् तौ परस्परं सम्मुखौ स्थित्वा शारीरिकसम्पर्कं कृतवन्तौ, तदा एतत् क्रीडाभावनायाः अनुकूलं नास्ति। क्रीडाङ्गणे कस्यापि विवादस्य एवं शारीरिकसंघर्षरूपेण परिणतिः सर्वथा अस्वीकार्यः अस्ति।

पूर्वगोलरक्षकस्य नाराजगी, क्रीडकयोः आचरणस्य कड़ी आलोचना।

भारतस्य पूर्वगोलरक्षकः तथा टिप्पणीकारः सबा करीमः अपि जायसवालस्य फर्नान्डोस्य च आचरणस्य तीव्रां आलोचनां कृतवान्। तेन उक्तं यत् उभयोः क्रीडकयोः व्यवहारः क्रिकेटक्रीडायै आदर्शरूपः नासीत्। करीमः स्मारितवान् यत् क्रिकेटक्रीडा शारीरिकसम्पर्कप्रधानः क्रीडा नास्ति, अतः क्रीडकैः परस्परं शारीरिकरूपेण विवादे न प्रवर्तितव्यम्। उभयोः शिरसि परस्परं सम्पर्कस्य घटनां सः अत्यन्तं बालिशं तथा अविवेकीयं च आचरणम् इति वर्णितवान्।

ICC द्वारा दण्डः, क्रीडकयोः विरुद्धं कठोरकार्यवाही।

उल्लेखनीयं यत् अस्य विवादस्य अनन्तरं ICC-संस्थया यशस्वी जायसवालस्य असिथा फर्नान्डोस्य च विरुद्धं कार्यवाही कृता। उभयोः क्रीडकयोः सामनशुल्कस्य पञ्चविंशतिः प्रतिशतं दण्डरूपेण निर्धारितम्। अपि च, प्रत्येकस्य क्रीडकस्य नाम्नि एकः ICC-अवगुणाङ्कः योजितः। प्रथमपल्यां जायसवालः त्रिपञ्चाशत् कन्दुकानि सम्मुखीकृत्य पञ्चचत्वारिंशत् धावनानि अर्जितवान्। फर्नान्डो तं क्लीन-बोल्ड् कृतवान्, ततः अनन्तरं उभयोः मध्ये क्रीडाङ्गणे तीव्रः विवादः अभवत्।

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