हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केके श्रीवास्तव गिरफ्तार, ईडी को मिली आठ दिन की रिमांड। ED Arrests KK Srivastava in Alleged Hawala and Money-Laundering Case; Gets Eight-Day Remand। हवाला-धनशोधनप्रकरणे केके श्रीवास्तवस्य ईडीद्वारा गिरफ्तारी, अष्टदिनात्मकं अभिरक्षणम्।

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले कृष्ण कुमार (केके) श्रीवास्तव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाले और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया है। विशेष अदालत में पेश किए जाने के बाद अदालत ने उन्हें 7 अगस्त तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।

कोर्ट में पेश करने केके श्रीवास्तव को लेकर पहुंची ईडी की टीम।

ईडी ने श्रीवास्तव की नौ दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने पूछताछ के लिए आठ दिन की अनुमति दी। इससे पहले भी केके श्रीवास्तव शराब घोटाले के मामले में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया के साथ रायपुर केंद्रीय जेल में बंद रह चुके हैं।

मार्च 2026 में हाई कोर्ट से जमानत मिलने और अप्रैल में ईओडब्ल्यू द्वारा चालान पेश किए जाने के बाद दोनों को जेल से रिहा कर दिया गया था। हालांकि, ईडी की ताजा कार्रवाई के बाद केके श्रीवास्तव एक बार फिर जांच एजेंसी की गिरफ्त में आ गए हैं।

उन पर 15 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी करने का आरोप है।

केके श्रीवास्तव पर स्मार्ट सिटी और नवा रायपुर से जुड़ी लगभग 500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में काम दिलाने का आश्वासन देकर करीब 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी करने का आरोप भी है। इस मामले में रायपुर के तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत के अनुसार, दिल्ली की एक कंपनी से जुड़े कारोबारियों से परियोजनाएं दिलाने के नाम पर रकम ली गई थी।

बैंक खातों में करीब 300 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है।

जांच एजेंसियां श्रीवास्तव से संबंधित बैंक खातों में करीब 300 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं। ईडी रिमांड के दौरान कथित हवाला नेटवर्क, धन के स्रोत, बैंकिंग लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ करेगी। एजेंसी यह भी जानने का प्रयास करेगी कि कथित वित्तीय नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

English

The Enforcement Directorate (ED) has arrested Krishna Kumar, popularly known as KK Srivastava and considered close to former Chhattisgarh Chief Minister Bhupesh Baghel, in connection with the alleged liquor scam and money-laundering cases. After being produced before a special court, Srivastava was remanded to ED custody until August 7.

The ED had sought a nine-day remand, but the court granted the agency eight days to question him. Srivastava had earlier been lodged in Raipur jail along with Saumya Chaurasia, a former deputy secretary in the Chief Minister’s Secretariat during the previous Congress government, in connection with the liquor scam case.

Both were released from jail after receiving bail from the High Court in March 2026 and after the EOW filed its charge sheet in April. However, following the ED’s latest action, Srivastava has once again come under the agency’s custody.

He has been accused of allegedly defrauding people of ₹15 crore.

Srivastava is also accused of allegedly cheating people of around ₹15 crore by promising to secure contracts worth nearly ₹500 crore under Smart City and Naya Raipur projects. An FIR has been registered at the Telibandha police station in Raipur in connection with the allegations. According to the complaint, money was allegedly collected from businesspersons associated with a Delhi-based company in exchange for assurances of securing project-related work.

Investigators are examining suspicious transactions worth nearly ₹300 crore in the bank accounts.

Investigating agencies are also examining approximately ₹300 crore in suspected transactions linked to bank accounts associated with Srivastava. During the ED remand, investigators are expected to question him in detail about the alleged hawala network, the source of funds, banking transactions and possible money-laundering links. The agency will also try to determine the scale of the alleged financial network and identify the individuals who may have been involved. The investigation is currently underway.

संस्कृत

छत्तीसगढ़स्य पूर्वमुख्यमन्त्रिणः भूपेशबघेलस्य निकटवर्ती इति मन्यमानः कृष्णकुमारः, यः केके श्रीवास्तव इति प्रसिद्धः, मद्यघोटालासम्बद्धे धनशोधनप्रकरणे प्रवर्तननिदेशालयेन (ईडी) गुरुवासरे गृहीतः। विशेषन्यायालये प्रस्तुते सति न्यायालयेन सः अगस्तमासस्य सप्तमदिनपर्यन्तम् ईडी-अभिरक्षणे प्रेषितः।

ईडी संस्थया नवदिनात्मकम् अभिरक्षणं याचितम् आसीत्, किन्तु न्यायालयेन अष्टदिनपर्यन्तं पृच्छापरिपृच्छायाः अनुमतिः प्रदत्ता। अस्मात् पूर्वम् अपि श्रीवास्तवः मद्यघोटालाप्रकरणे पूर्वकाङ्ग्रेसशासनकाले मुख्यमन्त्रिसचिवालयस्य उपसचिवा सौम्या चौरसिया इत्यनया सह रायपुरकारागारे निरुद्धः आसीत्।

मार्च 2026 मासे उच्चन्यायालयात् जामिनं प्राप्त्वा तथा अप्रैलमासे ईओडब्ल्यू संस्थया आरोपपत्रं समर्पिते सति उभौ कारागारात् मुक्तौ अभवताम्। किन्तु ईडी संस्थायाः नवीनकार्यवाह्याः अनन्तरं श्रीवास्तवः पुनः अन्वेषणसंस्थायाः अभिरक्षणे आगतः।

तस्य उपरि पञ्चदशकोटिरूप्यकाणां कथितवञ्चनायाः आरोपः अस्ति।

श्रीवास्तवस्य उपरि स्मार्टसिटी तथा नवरायपुरपरियोजनासु प्रायः पञ्चशतकोटिरूप्यकाणां कार्याणि प्रदास्यामीति आश्वासनं दत्त्वा पञ्चदशकोटिरूप्यकाणां कथितवञ्चनायाः आरोपोऽपि अस्ति। अस्मिन् विषये रायपुरनगरस्य तेलीबांधा-आरक्षिकस्थाने प्राथमिकी पञ्जीकृता अस्ति।

बैंकखातेषु प्रायः त्रिशतकोटिरूप्यकाणां सन्दिग्धवित्तीयव्यवहाराणां अन्वेषणं प्रचलति।

अन्वेषणसंस्थाभिः श्रीवास्तवेन सम्बद्धेषु बैंकखातेषु प्रायः त्रिशतकोटिरूप्यकाणां सन्दिग्धवित्तीयव्यवहाराणाम् अपि परीक्षणं क्रियते। ईडी-अभिरक्षणकाले कथितहवालाजालस्य, धनस्य स्रोतसः, बैंकव्यवहाराणां तथा धनशोधनसम्बद्धविषयाणां विषये विस्तृतपृच्छा भविष्यति। अन्वेषणसंस्था एतस्य कथितवित्तीयजालस्य विस्तारं तथा तस्मिन् सम्मिलितानां व्यक्तीनां भूमिकाम् अपि ज्ञातुं प्रयतिष्यते। सम्प्रति प्रकरणस्य अन्वेषणं प्रचलति।

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