जंगलों में कार्रवाई के बाद अब विचारधारा पर प्रहार, बोले गृहमंत्री विजय शर्मा—लोगों के दिमाग से भी मिटेगा माओवाद।After Clearing Maoists from Forests, Chhattisgarh to Erase Maoist Ideology from People’s Minds: Home Minister Vijay Sharma।वनेभ्यः माओवादिनः निष्कासिताः, अधुना जनमनसः अपि माओवादः निर्मूलयिष्यते—गृहमन्त्री विजय शर्मा।
दुर्ग प्रवास पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने माओवाद के खिलाफ सरकार के अगले चरण की रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि जंगलों में माओवादी गतिविधियों को कमजोर करने के बाद अब सरकार का फोकस माओवादी विचारधारा को जड़ से समाप्त करने पर है। वंदे मातरम और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पुराने जेल मामलों की समीक्षा की जा रही है। शर्मा ने चेतावनी दी कि प्रदेश में अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने दुर्ग प्रवास के दौरान भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में भाग लिया। इसके बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने माओवाद के खिलाफ सरकार की रणनीति को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। शर्मा ने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और लगातार कार्रवाई के चलते जंगलों के बड़े हिस्से से माओवादियों को पीछे हटाने में सफलता मिली है। अब सरकार का अगला और महत्वपूर्ण लक्ष्य हिंसा पर आधारित माओवादी विचारधारा को जड़ से समाप्त करना है।
लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को सरकार से सवाल करने और उसकी नीतियों की आलोचना करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, विरोध की आड़ में हिंसा फैलाने, अराजकता पैदा करने या राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लंबित और पुराने प्रकरणों की गहन समीक्षा कर रही सरकार
बैठक के दौरान गृहमंत्री ने जेलों में बंद आरोपियों से जुड़े पुराने मामलों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि करीब 1,300 पुराने प्रकरणों की गहन जांच और समीक्षा की जा रही है। इन मामलों को जनहानि, केंद्रीय कानूनों के प्रावधान और अन्य कानूनी आधारों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
सरकार फिलहाल उन मामलों को प्राथमिकता दे रही है, जिनमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है और जिन पर केंद्रीय कानून भी लागू नहीं होते। ऐसे प्रकरणों की नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत जांच के बाद ही आगे की उचित कार्रवाई तय की जाएगी।
वंदे मातरम और तिरंगा देश के स्वाभिमान व गौरव का प्रतीक
गृहमंत्री ने वंदे मातरम और राष्ट्रध्वज तिरंगे को लेकर कहा कि ये किसी एक राजनीतिक दल की पहचान नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि देश अब तुष्टीकरण की राजनीति से आगे बढ़कर अपने राष्ट्रीय मान-बिंदुओं को मजबूती से स्थापित कर रहा है। उनके अनुसार, पहले वंदे मातरम का पूर्ण गायन किया जाता था, लेकिन बाद के दौर में इसे सीमित कर दिया गया। अब राष्ट्र अपने गौरव, सम्मान और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहा है।
English
During his visit to Durg, Chhattisgarh Deputy Chief Minister and Home Minister Vijay Sharma outlined the government’s next phase of action against Maoism. He said that after weakening Maoist activities in the forests, the government’s focus is now on eliminating Maoist ideology at its roots. Stressing the importance of Vande Mataram and nationalism, Sharma said that old jail-related cases are under review. He also warned that strict action would be taken against anyone attempting to create unrest in the state, with no one being spared.
Durg: Chhattisgarh Deputy Chief Minister and Home Minister Vijay Sharma attended a BJP core group meeting during his visit to Durg. Speaking to the media afterward, he outlined the government’s strategy against Maoism. Sharma said the courage and sustained operations of the security forces have helped push Maoists out of large parts of the forested regions. He added that the government’s next major objective is to eradicate the Maoist ideology rooted in violence.
In a democracy, every citizen has the full right to question the government and criticise its policies. However, any attempt to spread violence, create disorder, or damage national property under the guise of protest will not be tolerated. Strict action will be taken against those who disrupt law and order.
Government Begins Detailed Review of Old and Pending Cases
During the meeting, the Home Minister shared an important update regarding the review of old cases involving accused persons lodged in jails. He said that nearly 1,300 old cases are being examined in detail. The cases have been classified into different categories based on loss of life, applicability of central laws, and other legal grounds
At present, priority is being given to cases in which there has been no loss of life and no central law is applicable. Further appropriate action will be decided only after a proper examination of such cases under the relevant rules and legal provisions.
संस्कृत
दुर्गनगरस्य प्रवासकाले छत्तीसगढ़राज्यस्य उपमुख्यमन्त्री गृहमन्त्री च विजय शर्मा माओवादविरुद्धं शासनस्य आगामी रणनीतिं स्पष्टयामास। सः अवदत् यत् वनेषु माओवादी-गतिविधीनां न्यूनीकरणानन्तरम् अधुना शासनस्य लक्ष्यं माओवादी-विचारधारायाः मूलतः उन्मूलनम् अस्ति। वन्दे मातरम् राष्ट्रवादस्य च विषये बलं दत्त्वा सः उक्तवान् यत् पुरातन-कारागार-प्रकरणानां समीक्षा क्रियते। अराजकता प्रसारयितुं प्रयतमानानां विरुद्धं कठोरकार्यवाही भविष्यति तथा कश्चिदपि न क्षम्यते।
दुर्गम्। छत्तीसगढ़राज्यस्य उपमुख्यमन्त्री गृहमन्त्री च विजय शर्मा दुर्गप्रवासकाले भाजपायाः कोर-समूहस्य सभायां सहभागितां कृतवान्। ततः पत्रकारैः सह संवादं कुर्वन् सः माओवादविरुद्धं शासनस्य रणनीतिं स्पष्टयामास। शर्मा अवदत् यत् सुरक्षा-बलानां पराक्रमेण निरन्तरकार्यवाह्या च वनप्रदेशानां बृहद्भागेभ्यः माओवादी शक्तयः निष्कासिताः सन्ति। अधुना शासनस्य प्रमुखं लक्ष्यं हिंसाधारितायाः माओवादी-विचारधारायाः समूलं निर्मूलनम् अस्ति।
लोकतन्त्रे प्रत्येकस्य नागरिकस्य शासनं प्रति प्रश्नान् कर्तुं तस्य नीतीनां आलोचनां कर्तुं च पूर्णः अधिकारः अस्ति। किन्तु विरोधस्य आवरणेन हिंसां प्रसारयितुं, अराजकतां जनयितुं अथवा राष्ट्रीयसम्पत्तेः हानिं कर्तुं कृतः कश्चिदपि प्रयत्नः न सह्यते। ये विधिव्यवस्थां बाधन्ते, तेषां विरुद्धं कठोरकार्यवाही क्रियते।
पुरातनलम्बितप्रकरणानां सम्यक् समीक्षां करोति शासनम्
सभायाः समये गृहमन्त्री कारागारेषु निरुद्धानां आरोपितानां पुरातनप्रकरणानां समीक्षाविषये महत्त्वपूर्णं विवरणं प्रदत्तवान्। तेन उक्तं यत् प्रायः १३०० पुरातनप्रकरणानां सूक्ष्मतया समीक्षा क्रियते। एतानि प्रकरणानि जनहानिः, केन्द्रीयविधानानां प्रयोज्यता तथा अन्येषां कानूनीनां आधाराणां अनुसारं विभिन्नेषु वर्गेषु विभक्तानि सन्ति।
वर्तमानकाले तेषां प्रकरणानां प्राथमिकतया परीक्षणं क्रियते, येषु जनहानिः न अभवत् तथा येषु केन्द्रीयविधानं न प्रवर्तते। नियमानुसारं कानूनीपरीक्षणानन्तरमेव अग्रिमविषये उचितकार्यवाही निश्चितं भविष्यति।
वन्दे मातरम् राष्ट्रध्वजश्च राष्ट्रस्य गौरवस्वाभिमानयोः प्रतीकौ स्तः
गृहमन्त्री वन्दे मातरम्-गीतस्य राष्ट्रध्वजस्य च विषये अवदत् यत् एतौ न कस्यचित् एकस्य राजनैतिकदलस्य प्रतीकौ, अपितु सम्पूर्णराष्ट्रस्य गौरवस्य स्वाभिमानस्य च प्रतीकौ स्तः। तेन उक्तं यत् राष्ट्रम् अधुना तुष्टीकरणस्य राजनीतिं परित्यज्य स्वकीयैः राष्ट्रियमानबिन्दुभिः सह दृढतया अग्रे गच्छति। पूर्वं वन्दे मातरम्-गीतस्य पूर्णगायनं भवति स्म, किन्तु पश्चात् तस्य गायनं सीमितम् अभवत्। अधुना राष्ट्रं स्वगौरवं, सम्मानं सांस्कृतिकमूल्यानि च दृढतया धारयित्वा प्रगतिपथे अग्रसरति।


